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बवासीर दूर करने के पाँच उत्कृष्ट घरेलू उपचार

  • category-iconPublished on 21 Jan, 2020
  • category-iconUpdated on 25 May, 2026
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बवासीर के होने से गुदा क्षेत्र के आसपास की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है और जलन होने लगती है। यह बीमारी सबसे अधिक 45 से 65 साल के लोगों को होती है। परन्तु आजकल, पाइल्स बच्चों और नौजवानों को भी परेशान करने लगा है। खराब खानपान और पाचनतंत्र इसके फैलने के मुख्य कारण हैं।

खराब पचाने की क्षमता के अलावा वंशानुगत रोग, कब्ज, मोटापा, गर्भावस्था और सुस्त जीवनशैली भी इसके कारण हो सकते हैं।

बवासीर दो प्रकार का होता है:

  • आंतरिक, जो गुदा क्षेत्र के अंदर होता है।

  • बाहरी, जो गुदा क्षेत्र के आस-पास होता है।

बवासीर के कुछ मुख्य कारण:

  • मल त्याग के समय रक्तस्राव होना।

  • गुदा क्षेत्र मे खुजली, दर्द व जलन

  • शौच के समय अजीब-सी झनझनाहट

  • अगर इसका समय से इलाज न कराया जाये, तो हालत और भी गंभीर हो सकती है। इससे अत्यधिक रक्तस्राव, खून की कमी (एनीमिया), जानलेवा पाइल्स और यहाँ तक कि कैंसर तक होने की संभावना है।

बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि इसका अंतिम इलाज शल्य चिकित्सा, यानी कि सर्जरी ही है, जो कि पूरी तरह सच नहीं है (सर्जरी के बाद भी इसके दुबारा हो जाने की सम्भावना है)।आयुर्वेद इस बीमारी का जड़ से सफाया करके इसके दुबारा होने की सारी सम्भावनाएँ खत्म कर देता है।

अपनी रसोई में उपलब्ध वस्तुओं का प्रयोग करके पाएँ राहत:

नींबू का रस:

नींबू के रस में पोषक-तत्व होते हैं जो कोशिकाओं और रक्तवाहिकाओं को ताकत देते हैं। इसी कारण यह बवासीर का उपचार करने में भी उपयोगी है।

नींबू का प्रयोग इस प्रकार करें:

  • नींबू को निचोड़ें और एक रुई के टुकड़े पर लगा लें। अब इसे सीधा अपने अर्श रोग के स्थान पर लगायें। हो सकता है कि आपको इससे थोड़ी जलन हो, पर इससे दर्द में बहुत ही जल्दी आराम मिल जाएगा।

  • नींबू का रस शहद, अदरक या पुदीने के रस में मिलाकर दिन में एक बार जरूर पिएँ।

साबुत अनाज:

साबुत अनाज में भरपूर फाइबर पाया जाता है और यह रक्तस्राव से राहत देने में अत्यधिक प्रभावी होते हैं। आप ब्राउन राइस, जई, सेम, मसूर और जौ जैसे अन्नों का सेवन कर सकते हैं।

बर्फ:

यह पाइल्स ख़त्म करने का सबसे आसान और असरदार नुस्खा है। यह कोशिकाओं को जकड़ने में मदद करता है और साथ ही दर्द से आराम भी देता है।

छाछ:

करेले के जूस में छाछ मिलाकर पिएँ और देखें कि कैसे कुछ ही दिनों में आपके बवासीर का निवारण हो जाता है। इसके अलावा छाछ के साथ अदरक और काली मिर्च भी लाभकारी रहेगी।

मूली का जूस:

दिन में दो बार मूली का जूस पिएँ और यह आपको जल्द से जल्द बवासीर से मुक्ति दिलाएगा।

तो अब जान जोखिम में डालकर सर्जरी क्यों कराएँ, जब आपकी रसोई में ही इतने गुणकारी उपचार उपलब्ध हैं, है कि नहीं?

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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