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Aloe vera juice लेने से पहले कौन सी सावधानी रखें?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

रोज सुबह जब आप अपनी बालकनी में जाते हैं, तो उस गमले में लगे हरे-भरे, कटीले और मोटे पत्तों वाले एलोवेरा के पौधे को देखकर मन में सबसे पहले क्या आता है? ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि यह प्रकृति का दिया हुआ एक ऐसा जादुई वरदान है, जिसे बस जब चाहो काटो, मिक्सी में घुमाओ और आंख बंद करके गटक जाओ। आजकल तो सोशल मीडिया खोलते ही सुबह खाली पेट एलोवेरा का जूस पीने के इतने सारे फायदे गिना दिए जाते हैं कि हमें लगता है कि अगर हमने यह जूस नहीं पिया, तो हम सेहत की रेस में बहुत पीछे छूट जाएंगे।

हम अक्सर यह मान बैठते हैं कि चूंकि यह घर में उगाया हुआ एक सीधा-साधा पौधा है, इसलिए इसका कोई भी नुकसान या साइड इफेक्ट हो ही नहीं सकता। हमारा पुराना आयुर्वेद भी इस बात को बहुत गहराई से समझाता है कि प्रकृति की हर शक्तिशाली औषधि जितनी फायदेमंद होती है, उसे इस्तेमाल करने के नियम भी उतने ही कड़े होते हैं। अगर एलोवेरा को गलत तरीके से या बिना जानकारी के लिया जाए, तो यह पेट को साफ करने के बजाय उसे बीमार कर सकता है। 

पत्ते से निकलने वाला हानिकारक पीला पदार्थ और सही जूस की पहचान

जब आप एलोवेरा की एक ताजी हरी पत्ती को पौधे से अलग करते हैं, तो आपने जरूर ध्यान दिया होगा कि उसके कटे हुए हिस्से से एक गाढ़ा, हल्के पीले रंग का और बेहद कड़वा तरल धीरे-धीरे टपकने लगता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह भी इस पौधे का मुख्य अर्क है और इसे भी जूस में मिला लेना चाहिए क्योंकि दवा जितनी कड़वी होगी, उतनी अच्छी होगी। लेकिन सच मानिए, यहीं पर सबसे बड़ी और गंभीर चूक होती है। इस पीले पदार्थ को 'अलोइन' कहा जाता है, जो असल में पेट के लिए एक बेहद तेज और हानिकारक तत्व साबित होता है।

अगर यह पीला रस बिना साफ किए सीधे आपके पेट के अंदर चला जाए, तो यह आपकी आंतों की नाजुक अंदरूनी परत को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इससे आंतों में अचानक एक तेज खिंचाव होता है, जिसके कारण पेट में भयंकर मरोड़, असहनीय दर्द और एकदम से दस्त की समस्या शुरू हो सकती है। 

गर्भावस्था और महिलाओं के लिए विशेष नियम

महिलाओं के पूरे जीवनकाल में कुछ पड़ाव ऐसे आते हैं जहां उन्हें अपने खान-पान को लेकर दोगुनी सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे समय में एलोवेरा जूस का सेवन इन वजहों से बिल्कुल मना माना गया है:

  • गर्भाशय में खिंचाव: एलोवेरा के भीतर कुछ ऐसे गुण होते हैं जो गर्भाशय की मांसपेशियों में एक अजीब सी मरोड़ या संकुचन पैदा कर सकते हैं।
  • पेट में दर्द और गैस: मां द्वारा इसका सेवन करने से दूध पीने वाले छोटे बच्चे के पेट में भयंकर दर्द, गैस और हरे दस्त की शिकायत हो सकती है।

पुरानी बीमारियों की दवाइयों के साथ इसका टकराव

अगर आप पहले से ही किसी बीमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर या दिल की दवाइयां रोजाना खा रहे हैं, तो बिना अपने डॉक्टर से पूछे सुबह का यह एलोवेरा जूस कभी शुरू मत कीजिए। एलोवेरा में एक प्राकृतिक गुण होता है कि यह खून में मौजूद शक्कर के स्तर को तेजी से नीचे गिराता है, जो कि शुगर के मरीजों के लिए वैसे तो अच्छा माना जाता है, लेकिन आपकी रोज की दवाइयों के साथ मिलकर यह एक बड़ी मुसीबत बन सकता है।

सोचिए, आप पहले से ही शुगर को कम करने वाली डॉक्टर की दी हुई दवा खा रहे हैं और ऊपर से आपने सुबह खाली पेट भारी मात्रा में एलोवेरा जूस भी पी लिया। ऐसी स्थिति में आपकी शुगर अचानक इतनी ज्यादा नीचे गिर सकती है कि आपको घबराहट होने लगेगी, चक्कर आने लगेंगे और आंखों के सामने अंधेरा छा जाएगा। इसी तरह, जो लोग खून पतला करने वाली दवाइयां खाते हैं, उनके शरीर में भी एलोवेरा जूस दवा के असर को बहुत ज्यादा बदल देता है।

आयुर्वेद के अनुसार शरीर की प्रकृति और तासीर का मेल

आयुर्वेद में एलोवेरा को 'घृतकुमारी' कहा गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है और यह स्वभाव से बहुत भारी और चिकना होता है। यह शरीर की अत्यधिक गर्मी और एसिडिटी को शांत करने के लिए बेहतरीन है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह भारी पड़ सकता है:

वात दोष: जिन लोगों के शरीर में पहले से ही गैस, जोड़ों का दर्द या पुरानी कब्ज ज्यादा रहती है, उन्हें इसके अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए।

कफ प्रकृति: जिन लोगों को बहुत जल्दी सर्दी, खांसी या बलगम की शिकायत हो जाती है, उनके लिए ठंडे मौसम में इसे पीना जकड़न बढ़ा सकता है।

मंद पाचन: अगर आपकी भूख पहले से ही बहुत कमजोर है, तो यह भारी जूस पेट की पाचक अग्नि को और ज्यादा ठंडा कर सकता है।

ऋतु अनुसार: बरसात के दिनों में या कड़ाके की ठंड में इसका सेवन बिना गुनगुने पानी के करने से शरीर में दर्द बढ़ सकता है।

पेट की संवेदनशीलता और लगातार इस्तेमाल से दूरी

क्या आप जानते हैं कि किसी भी हर्बल जूस को महीनों तक लगातार बिना रुके पीते रहना आपके शरीर को उसका आदी बना देता है? बहुत से लोग जिन्हें पुरानी कब्ज की शिकायत होती है, वे अपना पेट साफ करने के लिए रोज सुबह एलोवेरा जूस पर पूरी तरह निर्भर हो जाते हैं। शुरुआत में तो पेट बहुत अच्छे से साफ होता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से हमारी आंतें बेहद सुस्त हो जाती हैं और वे इस जूस के सहारे के बिना खुद से काम करना बंद कर देती हैं।

इसके अलावा, जिन लोगों को पेट की संवेदनशील बीमारियां जैसे आंतों में घाव या सूजन की शिकायत होती है, उनके लिए एलोवेरा जूस नुकसानदेह हो सकता है।  

निष्कर्ष

प्रकृति ने हमें जो भी चीजें दी हैं, वे बहुत अनमोल हैं, लेकिन वे कोई खिलौना नहीं हैं कि जैसे चाहा इस्तेमाल कर लिया। एलोवेरा जूस बेशक आपकी त्वचा, बालों और पेट के लिए एक बेहतरीन टॉनिक साबित हो सकता है, बशर्ते आप इसे एक समझदार इंसान की तरह नियमों के दायरे में रहकर इस्तेमाल करें।

अपनी सेहत की स्थिति को पहचानिए, अपने शरीर की प्रकृति को समझिए और मात्रा का हमेशा ख्याल रखिए। सुबह उठकर आंख बंद करके जूस का पूरा ग्लास गटकने के बजाय, पत्ती के उस पीले हिस्से को तसल्ली से साफ करना और केवल दो चम्मच जूस को गुनगुने पानी में मिलाकर पीना ही आपको सुरक्षित रखेगा। सही और पूरी जानकारी के साथ आगे बढ़िए, और इस सुंदर से पौधे का पूरा आनंद उठाइए!

References

Ministry of Ayush, Government of India

National Health Portal of India

Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

नहीं, इसे लगातार दो से तीन सप्ताह से ज्यादा नहीं पीना चाहिए, बीच में कुछ दिनों का गैप देना शरीर के लिए जरूरी है।

सीधे निकालते समय उसका पीला जहरीला पदार्थ साफ करना बेहद जरूरी है, वरना पेट खराब हो सकता है।

हाँ, सुबह खाली पेट हल्के गुनगुने पानी के साथ इसे लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

अगर आपको दस्त या पेट की कोई गंभीर बीमारी है, तो इसे बिल्कुल न पिएं क्योंकि यह समस्या को बढ़ा सकता है।

हाँ, कुछ संवेदनशील लोगों को इसे पीने से त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली या पेट में मरोड़ हो सकती है।

बारहे साल से कम उम्र के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के एलोवेरा जूस बिल्कुल नहीं देना चाहिए।

हमेशा पैकेट पर 'अलोइन-फ्री' या 'प्यूरीफाइड इनर लीफ जूस' लिखा हुआ जरूर check करें।

सर्दियों में इसकी ठंडी तासीर के कारण इसे हमेशा गुनगुने पानी के साथ ही लेना बेहतर होता है।

यह पाचन को सुधारकर और मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर वजन कंट्रोल करने में मदद जरूर करता है, लेकिन मात्रा सीमित रखें।

बीपी या पेशाब बढ़ाने वाली दवा खाने वाले लोगों को डॉक्टर से पूछकर ही इसे लेना चाहिए क्योंकि यह पोटेशियम कम कर सकता है। 

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