क्या खूनी बवासीर में ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प है? इलाज के विकल्प समझें

Information By Dr. VD Aggarwal     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

सुबह शौच के बाद टॉयलेट में खून दिखाई दिया। पहले लगा कि कब्ज की वजह से ऐसा हुआ होगा। लेकिन जब यह परेशानी दोबारा हुई, तो डॉक्टर को दिखाया। जांच में बवासीर होने की बात सामने आई।

अब मन में अगला सवाल है-क्या इसका ऑपरेशन करवाना पड़ेगा?

कई लोगों के लिए बवासीर से ज्यादा डर उसके ऑपरेशन का होता है। कोई सर्जरी के दर्द को लेकर परेशान रहता है, तो किसी को अस्पताल में भर्ती होने और काम से छुट्टी लेने की चिंता होती है।

लेकिन खूनी बवासीर होने का मतलब यह नहीं कि हर मरीज को ऑपरेशन करवाना ही पड़ेगा।

इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बवासीर अंदरूनी है या बाहरी, उसका ग्रेड क्या है, रक्तस्राव कितना होता है और पहले किए गए उपचार से कितनी राहत मिली है।

पहले समझें, क्या हर बार शौच में खून आना बवासीर है?

बवासीर में गुदा या मलाशय के निचले हिस्से की रक्त वाहिकाओं से जुड़े ऊतक सूजकर परेशान करने वाले लक्षण पैदा कर सकते हैं।

अंदरूनी बवासीर में कई बार शौच के दौरान या उसके बाद चमकीला लाल खून दिखाई देता है। कुछ लोगों को दर्द नहीं होता, जबकि दूसरों को गुदा के बाहर मस्सा निकलने की परेशानी भी हो सकती है।

लेकिन चमकीला लाल खून केवल बवासीर में नहीं आता।

गुदा में दरार यानी Anal Fissure, आंतों में सूजन, पॉलिप्स और कुछ दूसरी बीमारियों में भी मलद्वार से रक्तस्राव हो सकता है।

American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS) की 2024 clinical guidelines स्पष्ट करती हैं कि मलद्वार से खून आने को अपने आप बवासीर नहीं मानना चाहिए।

इसलिए यदि अभी तक बवासीर की पुष्टि नहीं हुई है, तो सबसे पहले डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

लक्षणों और जोखिम के अनुसार डॉक्टर गुदा की जांच, Anoscopy या जरूरत पड़ने पर Colonoscopy जैसी जांच सुझा सकते हैं।

खूनी बवासीर में कब दवा और खानपान से राहत मिल सकती है?

मान लीजिए, किसी व्यक्ति को शुरुआती ग्रेड की अंदरूनी बवासीर है। शौच के दौरान थोड़ा खून आता है और लंबे समय से कब्ज की भी परेशानी है।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर सबसे पहले कब्ज और मल त्याग की आदतों को सुधारने पर ध्यान दे सकते हैं।

ASCRS की 2024 guidelines के अनुसार, फाइबर और तरल सेवन में उचित सुधार तथा शौच की आदतों में बदलाव बवासीर के शुरुआती उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

फाइबर मल को नरम और आसानी से बाहर निकलने योग्य बनाने में मदद कर सकता है।

एक systematic review में सात clinical trials के आधार पर पाया गया कि फाइबर सप्लीमेंट लेने वालों में लगातार बने रहने वाले बवासीर के लक्षणों का जोखिम लगभग 53% और रक्तस्राव का जोखिम लगभग 50% कम था, तुलना में उन मरीजों के जिन्होंने फाइबर नहीं लिया था।

यह समूह-आधारित अध्ययन का परिणाम है, किसी एक मरीज में इतनी राहत मिलने की गारंटी नहीं।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार कब्ज की दवा या कुछ समय के लिए बवासीर के लक्षण कम करने वाली क्रीम भी सुझा सकते हैं।

लेकिन क्रीम लगाने से हर तरह की बवासीर खत्म हो जाती है, ऐसा नहीं है।

अगर रक्तस्राव बार-बार हो रहा है, तो केवल क्रीम या घरेलू उपाय से काम चलाने के बजाय दोबारा जांच जरूरी है।

बवासीर के ग्रेड से इलाज कैसे बदलता है?

अंदरूनी बवासीर को आमतौर पर चार ग्रेड में समझा जाता है।

ग्रेड 1: बवासीर का ऊतक बाहर नहीं निकलता, लेकिन रक्तस्राव हो सकता है।

ग्रेड 2: शौच के दौरान मस्सा बाहर आ सकता है, लेकिन अपने आप अंदर चला जाता है।

ग्रेड 3: मस्सा बाहर आता है और उसे हाथ से वापस अंदर करना पड़ सकता है।

ग्रेड 4: मस्सा लगातार बाहर रहता है और सामान्य रूप से वापस अंदर नहीं किया जा सकता।

शुरुआती ग्रेड में आहार, शौच की आदतों और जरूरत के अनुसार दवा या OPD procedure से राहत मिल सकती है।

ग्रेड 3 के कुछ मरीजों में भी सर्जरी के बिना उपचार संभव होता है।

वहीं ग्रेड 3 या 4 के अधिक परेशान करने वाले मामलों में, विशेषकर जब बाहरी बवासीर भी मौजूद हो या दूसरे उपाय काम न करें, डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

ध्यान रखें कि ये ग्रेड मुख्य रूप से अंदरूनी बवासीर के बाहर निकलने के आधार पर निर्धारित होते हैं। केवल खून की मात्रा देखकर ग्रेड तय नहीं होता।

Rubber Band Ligation क्या है? क्या इसमें बड़ा ऑपरेशन होता है?

अगर बवासीर की पुष्टि हो चुकी है और सामान्य उपचार के बाद भी खून आता है, तो डॉक्टर कुछ मरीजों को Rubber Band Ligation यानी RBL की सलाह दे सकते हैं।

यह एक office-based procedure है, जिसे कई परिस्थितियों में OPD या outpatient setting में किया जा सकता है।

इसमें डॉक्टर अंदरूनी बवासीर के ऊतक के आधार के पास विशेष रबर बैंड लगाते हैं। इससे उस हिस्से की रक्त आपूर्ति बंद हो जाती है और समय के साथ वह ऊतक सिकुड़कर अलग हो जाता है।

NIDDK के अनुसार, बैंड लगाया हुआ ऊतक अक्सर लगभग एक सप्ताह के भीतर अलग हो जाता है।

यह प्रक्रिया अंदरूनी बवासीर के लिए होती है। बाहरी बवासीर पर इसी तरह बैंड लगाना उपयुक्त नहीं है।

ASCRS की 2024 guidelines में ग्रेड 1 और 2 तथा चुने हुए ग्रेड 3 मरीजों के लिए RBL को सबसे प्रभावी office-based procedures में माना गया है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर मरीज को पहली बार में स्थायी राहत मिल जाएगी।

कुछ लोगों को दोबारा procedure की जरूरत पड़ सकती है। दर्द, रक्तस्राव या दुर्लभ लेकिन गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं।

अगर आप खून पतला करने वाली दवा लेते हैं, तो डॉक्टर को जरूर बताएं, क्योंकि procedure से जुड़े रक्तस्राव का जोखिम अलग हो सकता है।

Rubber Band Ligation केवल प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा किया जाना चाहिए। इसे घर पर करने की कोशिश कभी न करें।

रबर बैंड के अलावा क्या दूसरे गैर-सर्जिकल विकल्प भी हैं?

हां। कुछ अंदरूनी बवासीर के मामलों में डॉक्टर दूसरे office-based treatments पर भी विचार कर सकते हैं।

Sclerotherapy: इसमें अंदरूनी बवासीर के ऊतक में विशेष घोल का इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे ऊतक में बदलाव आता है और बवासीर सिकुड़ सकती है।

Infrared Coagulation: इसमें नियंत्रित इन्फ्रारेड ऊर्जा का उपयोग करके ऊतक पर प्रभाव डाला जाता है, जिससे बवासीर में रक्तस्राव कम करने में मदद मिल सकती है।

कौन-सी प्रक्रिया बेहतर होगी, यह बवासीर के प्रकार, ग्रेड, रक्तस्राव, दूसरे स्वास्थ्य जोखिमों और चिकित्सक के मूल्यांकन पर निर्भर करता है।

हर procedure एक जैसा प्रभावी नहीं होता। कुछ में बार-बार उपचार की जरूरत हो सकती है।

इसीलिए किसी विज्ञापन में केवल “बिना ऑपरेशन 100% इलाज” लिखा देखकर उपचार चुनना सही नहीं है।

फिर बवासीर का ऑपरेशन कब जरूरी हो सकता है?

कुछ परिस्थितियों में सर्जरी अधिक उपयुक्त विकल्प होती है।

उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति को बड़ा बाहरी मस्सा है, अंदरूनी बवासीर बार-बार बाहर निकलती है और दवाओं या office-based procedures के बावजूद लगातार परेशानी होती है।

ऐसी स्थिति में Hemorrhoidectomy यानी बवासीर के ऊतक को शल्यक्रिया द्वारा हटाने की सलाह दी जा सकती है।

ASCRS guidelines के अनुसार, अधिक गंभीर बाहरी बवासीर या ग्रेड 3–4 की संयुक्त अंदरूनी-बाहरी बवासीर वाले चुनिंदा मरीजों में Excisional Hemorrhoidectomy एक प्रभावी उपचार विकल्प है।

सर्जरी अधिक टिकाऊ राहत दे सकती है, लेकिन इसके साथ ऑपरेशन के बाद दर्द, रक्तस्राव, कुछ समय तक मल त्याग में परेशानी और अन्य संभावित जटिलताएं भी जुड़ी हो सकती हैं।

कुछ स्थितियों में डॉक्टर Hemorrhoidal Artery Ligation जैसी दूसरी प्रक्रियाओं पर भी विचार कर सकते हैं।

Stapled Hemorrhoidopexy भी एक तकनीक है, लेकिन ASCRS इसे अंदरूनी बवासीर के लिए नियमित first-line surgical treatment के रूप में अनुशंसित नहीं करती, क्योंकि इसकी प्रभावशीलता और जोखिम से जुड़ी सीमाएं हैं।

इसलिए हर मरीज के लिए एक ही ऑपरेशन या तकनीक सबसे अच्छी नहीं होती।

Reddit पर मरीजों की बड़ी चिंता—अगर सर्जरी के बाद भी बवासीर लौट आई तो?

Reddit के r/hemorrhoid community में एक व्यक्ति ने बताया कि उसे कई वर्षों से अंदरूनी बवासीर थी। क्रीम और फाइबर से कुछ राहत मिलती थी, लेकिन परेशानी लौट आती थी।

वह Rubber Band Ligation के बारे में दूसरे मरीजों से जानना चाहता था—क्या यह स्थायी समाधान है?

एक अन्य चर्चा में ग्रेड 3 की बवासीर वाले मरीज ने बताया कि बार-बार रक्तस्राव के बाद उसे सर्जरी की सलाह मिली थी। लेकिन ऑपरेशन के बाद दर्द और काम पर लौटने में लगने वाले समय को लेकर वह चिंतित था।

कुछ मरीजों ने Rubber Band Ligation से राहत मिलने के अनुभव साझा किए, जबकि दूसरे लोगों ने बताया कि उन्हें दोबारा procedure करवाना पड़ा।

ये व्यक्तिगत अनुभव हैं, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं।

लेकिन इनमें एक जरूरी बात सामने आती है।

उपचार चुनने से पहले केवल यह पूछना पर्याप्त नहीं है कि ऑपरेशन होगा या नहीं। यह भी समझना चाहिए कि राहत कितनी संभावित है, उपचार दोहराना पड़ सकता है या नहीं, और recovery कैसी होगी।

डॉक्टर से अपनी बवासीर के प्रकार, उपचार के विकल्प, संभावित लाभ और जटिलताओं के बारे में खुलकर पूछें।

अगर खूनी बवासीर में ऑपरेशन नहीं कराना चाहते, तो डॉक्टर से क्या पूछें?

मान लीजिए, डॉक्टर ने सर्जरी की सलाह दी है, लेकिन आप यह समझना चाहते हैं कि गैर-सर्जिकल उपचार संभव है या नहीं।

ऐसी स्थिति में ये सवाल पूछना उपयोगी हो सकता है:

  • क्या जांच में रक्तस्राव का कारण निश्चित रूप से बवासीर पाया गया है?
  • बवासीर अंदरूनी है, बाहरी है या दोनों?
  • इसका ग्रेड क्या है?
  • क्या मेरे लिए Rubber Band Ligation या दूसरी OPD प्रक्रिया उपयुक्त है?
  • अगर अभी सर्जरी नहीं करवाऊं, तो इसके क्या जोखिम हो सकते हैं?
  • क्या मुझे खून की कमी यानी एनीमिया की जांच की जरूरत है?
  • चुने गए उपचार के बाद दोबारा परेशानी होने की कितनी संभावना है?

इन सवालों के जवाब से आप डॉक्टर के साथ बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

सर्जरी की सलाह मिलने पर जरूरत के अनुसार colorectal surgeon से second opinion लेना भी उचित हो सकता है।

लेकिन अगर रक्तस्राव बहुत ज्यादा है या गंभीर जटिलता है, तो केवल ऑपरेशन से बचने के लिए जरूरी उपचार टालना सुरक्षित नहीं है।

खूनी बवासीर में कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?

कुछ लोग बार-बार खून आने को सामान्य समझकर महीनों तक नजरअंदाज करते रहते हैं।

लेकिन अधिक या लगातार रक्तस्राव से खून की कमी जैसी समस्या हो सकती है।

इन स्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता लें:

  • टॉयलेट में काफी मात्रा में खून निकल रहा हो या रक्तस्राव रुक नहीं रहा हो।
  • खून के साथ चक्कर, बेहोशी, ठंडा पसीना या बहुत कमजोरी हो।
  • गुदा में तेज दर्द के साथ बुखार या पेट दर्द हो।
  • मल काला, तारकोल जैसा या गहरे लाल रंग का दिखाई दे।
  • रक्तस्राव के साथ अचानक गंभीर पेट दर्द हो।

अगर रक्तस्राव कम मात्रा में है लेकिन बार-बार हो रहा है, तो भी जल्द डॉक्टर से जांच करवाएं।

बिना दर्द के खून आना भी जांच की जरूरत को खत्म नहीं करता।

खूनी बवासीर में Jiva Ayurveda से परामर्श कब लें?

अगर डॉक्टर ने बवासीर की पुष्टि की है और आपको कब्ज, मल त्याग में जोर लगने या बार-बार सूजन जैसी परेशानी होती है, तो खानपान और दैनिक आदतों की देखभाल उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।

Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से बवासीर, कब्ज, भोजन और जीवनशैली से संबंधित समस्याओं पर परामर्श ले सकते हैं। आयुर्वेद में बवासीर को पारंपरिक रूप से अर्श और रक्तस्राव से जुड़ी बवासीर को रक्तार्श के संदर्भ में समझा जाता है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत आहार, दिनचर्या और उपयुक्त आयुर्वेदिक देखभाल के विकल्पों पर मार्गदर्शन दे सकते हैं।

हालांकि, खूनी बवासीर में आयुर्वेदिक उपचार से रक्तस्राव बंद होने या ऑपरेशन टलने की गारंटी नहीं है। बार-बार खून आने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है और कुछ मरीजों को procedure या सर्जरी की जरूरत हो सकती है। आवश्यक उपचार को केवल वैकल्पिक उपायों के भरोसे टालना उचित नहीं है।

अगर बवासीर की परेशानी बार-बार लौटती है या कब्ज के कारण लक्षण बढ़ते हैं, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श के लिए फॉर्म भरें और अपनी समस्या विस्तार से बताएं और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर।

खूनी बवासीर में ऑपरेशन हमेशा पहला या एकमात्र विकल्प नहीं होता। लेकिन सही उपचार चुनने के लिए बवासीर के प्रकार, ग्रेड और रक्तस्राव की वजह की पुष्टि जरूरी है। कुछ मरीजों को आहार और दवा से राहत मिल सकती है, कुछ को OPD procedure की जरूरत होती है और कुछ के लिए सर्जरी अधिक उपयुक्त विकल्प हो सकती है।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। मलद्वार से रक्तस्राव का कारण हमेशा बवासीर नहीं होता। बिना जांच के खून को बवासीर मानकर उपचार न करें। अधिक रक्तस्राव, बेहोशी, चक्कर, तेज दर्द या बुखार की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

Medical Sources & Research References

  1. American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS) - Clinical Practice Guidelines for the Management of Hemorrhoids (2024)

Source: https://fascrs.org/ascrs/media/files/2024-Hemorrhoids-CPG.pdf

Alternative reading: https://www.ascrsu.com/ascrs/view/ASCRS-Evidence-Based-Guidelines-and-Expert-Consensus/3982022/0/Management_of_Hemorrhoids__2024_

Content Reference: बवासीर में फाइबर और व्यवहार संबंधी बदलाव, 7 trials के आधार पर रक्तस्राव और लगातार लक्षणों में कमी, Rubber Band Ligation, Sclerotherapy, Infrared Coagulation तथा Excisional Hemorrhoidectomy के indications। मलद्वार से खून आने को बिना जांच बवासीर न मानने की सिफारिश।

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) - Treatment of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/treatment

Content Reference: आहार में फाइबर, कब्ज कम करने के उपाय, अल्पकालिक symptom relief, Rubber Band Ligation, Sclerotherapy, Infrared Coagulation और जरूरत पड़ने पर सर्जरी।

  1. NIDDK - Symptoms & Causes of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/symptoms-causes

Content Reference: अंदरूनी बवासीर में चमकीला लाल रक्तस्राव, मस्से का बाहर निकलना, बाहरी बवासीर में दर्द तथा मलद्वार से रक्तस्राव होने पर अन्य बीमारियों की जांच की जरूरत।

  1. NHS - Piles (Haemorrhoids)

Source: https://www.nhs.uk/conditions/piles-haemorrhoids/

Content Reference: बवासीर में घरेलू देखभाल, कब्ज कम करना, दवा और specialist treatment की जरूरत, ज्यादा रक्तस्राव या गंभीर दर्द में चिकित्सकीय सहायता।

  1. Mayo Clinic - Hemorrhoids: Diagnosis and Treatment

Source: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/hemorrhoids/diagnosis-treatment/drc-20360280

Content Reference: बवासीर की जांच, घरेलू उपायों की सीमाएं, office procedures और hemorrhoid surgery के विकल्प।

Patient Forum Research

  1. Reddit - r/hemorrhoid

Discussion: Internal Hemorrhoid and thinking of rubber band ligation procedural option

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1u1g0ry/internal_hemorrhoid_and_thinking_of_rubber_band/

Content Reference: क्रीम से अस्थायी राहत मिलने के बाद RBL करवाने, स्थायी राहत की संभावना और procedure के अनुभव को लेकर मरीजों के सवाल।

  1. Reddit - r/hemorrhoid

Discussion: Surgery scheduled… is it worth it? (Grade 3 internal/external)

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1rwrgcc/surgery_scheduled_is_it_worth_it_grade_3/

Content Reference: लंबे समय से ग्रेड 3 बवासीर, बार-बार रक्तस्राव, ऑपरेशन के बाद दर्द और recovery को लेकर व्यक्तिगत चिंता।

  1. Reddit - r/hemorrhoid

Discussion: Treatment options for external hemorrhoids

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/18caqqq

Content Reference: बाहरी बवासीर में क्रीम से पर्याप्त लाभ न मिलने और अंदरूनी बवासीर के RBL जैसे विकल्प बाहरी बवासीर के लिए क्यों उपयुक्त नहीं होते, इस बारे में मरीजों की उलझन।

  1. Reddit - r/hemorrhoid

Discussion: Got Rubber Band ligation today. Sharing my experience

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/15z3bck/got_rubber_band_ligation_today_sharing_my/

Content Reference: RBL के बाद दबाव, असुविधा और शुरुआती recovery से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव।

Research Note: Reddit पर साझा अनुभव केवल मरीजों की वास्तविक चिंताओं और उपचार संबंधी सवालों को समझने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। इन्हें किसी procedure की प्रभावशीलता, जोखिम या उपचार की सफलता का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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