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Fatty liver को हल्के में लेना क्यों सही नहीं है

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 06 Aug, 2026
  • category-iconUpdated on 06 Aug, 2026
  • category-iconLiver and Gall
  • blog-view-icon5009

किसी का भी अल्ट्रासाउंड करवाते हैं तो उसमें फैटी लिवर की दिक्कत ज़्यादातर लोगों में निकलती है। हम ज़्यादातर इसे अनदेखा कर देते हैं। कि ये तो खराब खानपान या गलत लाइफस्टाइल की वजह से हो ही जाता है। लिवर हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है। 

इसमें फैटी लिवर की वजह से भले ही कोई परेशानी महसूस न हो, लेकिन अंदर ही अंदर यह हमारे लिवर को डैमेज कर रहा होता है। अगर टाइम से इस पर ध्यान न दिया गया, तो यह लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी में बदल जाती है। इसलिए फैटी लिवर को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।  

फैटी लिवर क्या है और क्यों बढ़ रही है समस्या?

लिवर में बहुत ज़्यादा चर्बी जमा हो जाना ही फैटी लीवर है।अगर थोड़ा बहुत फैट है तब तो नार्मल है पर जब यह 5%  से ज़्यादा बढ़ जाए  तो लीवर कि काम में रूकावट आने लगती है।आजकल यह समस्या तेज़ी से इसलिए बढ़ रही है क्योंकि हमारी लाइफस्टाइल पूरी तरह बिगड़ चुकी है। 

लोग घंटों कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं और फिज़िकल एक्टिविटी ज़ीरो हो गई है। ऊपर से जंक फ़ूड  जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर ,मोमोज़, पैकेट बंद चीज़ें और कोल्ड ड्रिंक जैसे जंक फ़ूड का क्रेज़ बढ़ बहुत गया है। बढ़ता वज़न पेट की चर्बी ढुगर की बीमारी, खराब कोलेस्ट्रॉल और शराब पिने की आदत भी लीवर पे ज़्यादा दबाव डाल रही है, जिससे लीवर फैट को पचा नहीं पाता।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

फैटी लिवर को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में नहीं दिखते। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि फैटी लिवर में लापरवाही करने पर यह लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी लाइलाज बीमारियों में बदल सकता है। यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा भी काफी बढ़ा देता है। जीवनशैली और खानपान बदलकर इसे शुरुआत में ही ठीक करना बेहद ज़रूरी है।

फैटी लीवर के शुरूआती संकेत 

शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षण बहुत मामूली होते हैं, जिन्हें पहचान कर टाइम पर ध्यान देना ज़रूरी है। शरीर में दिखने वाले इसके कुछ प्रमुख संकेत इस प्रकार हैं:

  • हर वक्त थकान: बिना ज़्यादा मेहनत किए भी शरीर में हमेशा सुस्ती, कमजोरी और भारीपन महसूस होना।
  • पेट में भारीपन: पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या खिंचाव रहना।
  • भूख कम होना: खाने की इच्छा खत्म हो जाना और थोड़ा सा खाते ही पेट भरा हुआ लगना।
  • अचानक वज़न बढ़ना: बिना वजह वज़न बढ़ना, खासकर पेट और कमर के आसपास चर्बी का जमा होना।
  • पाचन का खराब होना: खाना ठीक से न पचना, गैस बनना, एसिडिटी और सुबह जी मिचलाने जैसी दिक्कतें होना।
  • स्किन में बदलाव: गर्दन या बगल के आसपास की त्वचा का रंग अचानक गहरा या काला पड़ने लगना।

आयुर्वेदिक दृश्टिकोण :

आयुर्वेद के अनुसार लीवर हमारे शरीर की अग्नि और खून को साफ़ रखता है। जब हम बहुत ज़्यादा तला भुना या मीठा खा लेते है तो शरीर में कफ और चर्बी बढ़कर लीवर की पाचक अग्रि को धीमा कर देते हैं। इससे लीवर में खतरनाक टॉक्सिन जमा होने लगते हैं , जिसे फैटी लीवर कहते हैं। 

इसे हल्के में लेना बहुत ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि अगर लीवर का संतुलन बिगड़ा तो शरीर का पूरा मेटाबॉलिज़्म खराब हो जाता है, लापरवाही करने से यह दूसित कफ और पित्त आगे चलकर पीलिया, पेट में पानी भरना और लीवर के सिकुड़ने जैसी बड़ी बिमारियों का रूप ले सकती है।  

फैटी लीवर के मुख्य कारण क्या है ?

आजकल की खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण फैटी लीवर की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • खराब खानपान: ज़्यादा तला-भुना, जंक फूड, मैदा और मीठे ड्रिंक्स पीना।
  • मोटापा: वज़न बढ़ना, खासकर पेट और कमर के आसपास चर्बी जमना।
  • टाइप-2 डायबिटीज़: शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड शुगर अनियंत्रित होना।
  • शराब का सेवन: अत्यधिक मात्रा में अल्कोहल पीने से लीवर सेल्स डैमेज होना।
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट्स: कुछ लंबे समय तक चलने वाली स्टेरॉयड दवाइयाँ।
  • फिजिकल एक्टिविटी न होना: घंटों बैठे रहना और व्यायाम बिल्कुल न करना।

फैटी लीवर में क्या खाएं और क्या न खाएं ?

फैटी लीवर में खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है आपके लिए क्या खाना सही है और किन चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए,

क्या खाएं:

  • हरी सब्ज़ियाँ: ब्रोकली, पालक और मेथी लीवर का फैट कम करती हैं।
  • साबुत अनाज: ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस का सेवन करें।
  • ग्रीन टी: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लीवर को सही रखते हैं।

क्या न खाएं:

  • मीठी चीज़ें: कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, मिठाई और पैकेटबंद जूस।
  • जंक फूड: पिज़्ज़ा, बर्गर, समोसा और ज़्यादा तला-भुना खाना।
  • शराब: यह लीवर को पूरी तरह डैमेज कर सकती है।

फैटी लीवर के लिए महत्त्वपूर्ण जड़ी-बूटियाँ 

फैटी लीवर को ठीक करने के लिए आयुर्वेद की ये महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियाँ बहुत ही असरदार मानी जाती हैं:

  • हल्दी: इसमें मौजूद करक्यूमिन लीवर में फैट के जमने से रोकता है।
  • पुनर्नवा: लीवर की सूजन और शरीर में वाटर रिटेंशन को तेज़ी से कम करती है।
  • कुटकी: लीवर से खतरनाक टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर एंजाइम्स को सुधारती है।
  • कालमेघ: यह पाचन को सही करती है और लीवर को इंफेक्शन से बचाती है।

फैटी लीवर से बचाव के आसान तरीके 

फैटी लीवर से बचने और लीवर को स्वस्थ रखने के आसान तरीके नीचे दिए गए हैं:

  • वज़न कंट्रोल रखें: पेट और कमर के आसपास की चर्बी को कम करें।
  • सही डाइट लें: खाने में हरी सब्ज़ियाँ, फल, ओट्स और साबुत अनाज शामिल करें।
  • जंक फूड छोड़ें: ज़्यादा मीठी चीज़ें, कोल्ड ड्रिंक्स, मैदा और तला-भुना खाना बंद करें।
  • रोज़ाना एक्सरसाइज करें: दिन में कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या कसरत ज़रूर करें।
  • शराब से दूरी बनाएं: अल्कोहल का सेवन पूरी तरह बंद कर दें।

डॉक्टर से सलाह कब लें ?

फैटी लीवर की समस्या में इन संकेतों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:

  • पेट में तेज़ दर्द: पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लगातार तेज़ दर्द या भारीपन होना।
  • पीलिया के लक्षण: आँखों और स्किन का रंग पीला पड़ना और पेशाब का रंग गहरा होना।
  • अचानक सूजन: पैरों, टखनों या पेट में असामान्य रूप से पानी भरना और सूजन आना।
  • कमज़ोरी होना : बिना वजह बहुत ज़्यादा थकान रहना और अचानक वज़न कम होना।

निष्कर्ष:

फैटी लीवर को एक आम समस्या समझकर अनदेखा न करें टाइम से ध्यान न दिया गया तो यह लीवर डैमेज का कारण बन सकता है। ज़रूरी बात यह है कि इसे हम खुद ठीक कर सकते हैं। अपनी जीवनशैली सही करें, और घर का सादा खाना खाएं, रोज़ एक्सरसाइज़ करें और जंक फ़ूड व् शराब से दूरी बनाएं। कोई भी दिक्कत लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

References:

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK441992/

https://liverfoundation.org/liver-diseases/fatty-liver-disease/nonalcoholic-fatty-liver-disease-nafld/

https://www.health.harvard.edu/blog/fatty-liver-disease-what-it-is-and-what-to-do-about-it-2019011015746

https://www.healthline.com/health/fatty-liver

https://www.healthline.com/health/fatty-liver-diet

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

इसका मतलब है कि आपके लिवर के ऊपर ज़रूरत से ज़्यादा चर्बी  जमा हो गई है। यह दिक्कत ज़्यादातर गलत खानपान, खराब लाइफस्टाइल या ज़्यादा शराब पीने की वजह से होती है।

शुरुआत में इसके कोई पक्के लक्षण नहीं दिखते, जिनसे बीमारी का पता चल सके। फिर भी अगर आपको हर वक्त थकान रहती है या पेट के ऊपर दाहिने हिस्से में भारीपन लगे, तो अलर्ट हो जाएं।

हाँ, अगर बीमारी पहली या दूसरी स्टेज पर है, तो यह ठीक हो सकती है। इसके लिए आपको बस अपनी डाइट सुधारनी होगी, वज़न कम करना होगा और रोज़  एक्सरसाइज़ करनी होगी।

खाने में हरी सब्ज़ियाँ, सलाद, फल और चोकर वाले आटे की रोटी जैसी फाइबर से भरपूर चीज़ें बढ़ाएं। खाना बनाने के लिए रिफाइंड तेल का इस्तेमाल बंद करें और उसकी जगह बहुत कम मात्रा में सरसों या जैतून का तेल यूज़ करें।

शराब, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, समोसे-पकौड़े जैसी तली-भुनी चीज़ें और मैदे से बनी  चीज़ें तुरंत बंद कर दें। इसके अलावा मिठाई और चाय-कॉफी में ऊपर से चीनी लेना लिवर के लिए ज़हर जैसा है।

हाँ, आ सकता है क्योंकि फैटी लिवर होने से शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। खून में गंदा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है, जिससे नसें ब्लॉक हो सकती हैं और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है।

अगर आप अच्छे से परहेज़ और रोज़ 30-40 मिनट एक्सरसाइज़ करते हैं, तो माइल्ड फैटी लिवर 1 से 3 महीने में ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर लिवर ज़्यादा डैमेज हो चुका है, तो उसे रिकवर होने में काफी लंबा समय लग सकता है।

लिवर पर ज़्यादा चर्बी जमने से शरीर की नसें  प्रभावित होती हैं, जिससे पैर के तलवों और हथेलियों में हर वक्त तेज़ जलन या सूइयां चुभने जैसा अहसास होता है।

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