थायरॉइड की दवा शुरू करने के बाद लोग यह मान लेते हैं कि अब वे जो चाहें खा-पी सकते हैं। लेकिन सच यही है कि केवल दवा लेना ही काफी नहीं होता। थायरॉइड ग्रंथि हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और वज़न को सही करती है। जब आप दवा के साथ अपनी डाइट को नज़रअंदाज़ करते हैं, तो दवा का असर धीमा हो सकता है। गलत खानपान से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे थकान और वज़न बढ़ने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इसलिए दवा के साथ सही डाइट लेना बहुत ही ज़रूरी है।
थायरॉइड की दवा के साथ सही डाइट क्यों ज़रूरी है?
थायरॉइड की दवा के साथ सही डाइट लेना बहुत ज़रूरी है क्योंकि सिर्फ दवाई खाने से बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती। कुछ खाने की चीज़ें जैसे सोयाबीन, कच्ची पत्तागोभी और ज़्यादा फाइबर, दवा को शरीर में घुलने से रोकते हैं। इससे दवा का असर धीमा हो जाता है। इसके अलावा, थायरॉइड ग्रंथि को अच्छे तरीके से काम करने के लिए आयोडीन, सेलेनियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, जो केवल अच्छे खानपान से ही मिलते हैं। गलत खानपान से वज़न बढ़ता है और थकान जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इसलिए दोनों का संतुलन ज़रूरी है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं ?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि थायरॉइड की दवा शुरू करने के बाद डाइट का बहुत ज़्यादा ध्यान रखना चाहिए। डाइट को नज़रअंदाज़ करना इसलिए गलत है क्योंकि कुछ खाने की चीज़ें दवा के असर को धीमा करते हैं और सही पोषण मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दवा के साथ सही खानपान ही हार्मोन को संतुलित रखता है।
थाइराइड: सही डाइट न लेने से कितने प्रतिशत लोग परेशान हैं ?
मेडिकल रिसर्च और डॉक्टरों के सर्वे के अनुसार,थाइराइड की दवा लेने के बावजूद लगभग 50% से 60% मरीज़ सही खान पान न रहने की वजह से परेशान रहते है डॉक्टरों के अनुसार, कई लोग दवा के तुरंत बाद चाय, कॉफी या फाइबर वाला भोजन कर लेते हैं, जिससे शरीर में दवा का असर 30% से 50% तक घट जाता है। इससे शरीर को दवा की पूरी खुराक नहीं मिल पाती और हाइपोथायरॉइड के करीब 80% मरीजों का वज़न लगातार बढ़ता रहता है। संतुलित आहार और ज़रूरी पोषक तत्वों के अभाव में 60% से अधिक लोग दिनभर थकान, सुस्ती और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं।
आयुर्वेदिक दृश्टिकोण क्या है
आयुर्वेद के अनुसार थाइराइड की समस्या मुख्य रूप से शरीर की अग्नि के कमज़ोर होने और वात-कफ दोष के बिगड़ने की वजह से होती है। जब पाचन ठीक से काम नहीं करता है, तो शरीर में आम जमा होने लगता है, जो थाइराइड ग्रंथि के काम में रूकावट डालता है।
आयुर्वेद मानता है कि सिर्फ दवा से इस रुकावट को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है। इनमें जमा गंदगी को बाहर निकालने और पाचन अग्नि को तेज़ करने के लिए सही आहार बहुत ज़रूरी है। इसलिए आयुर्वेद में हमेशा हल्का,ताज़ा और आसानी से पचने वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है, ताकि पाचन सही हो और थाइराइड प्राकर्तिक रूप से संतुलित रहे।
थायरॉइड में सही डाइट न लेने के क्या नुकसान हैं?
थायरॉइड में सही डाइट न लेने के नुकसान इस प्रकार हैं:
- दवा का असर होना : गलत खानपान थायरॉइड की दवा को शरीर में ठीक से काम नहीं करने देता, जिससे दवा का असर कम हो जाता है।
- ज़्यादा वजन: थायरॉइड में मेटाबॉलिज्म पहले ही धीमा होता है। ऐसे में खराब डाइट लेने से शरीर का वज़न बहुत तेज़ी से बढ़ने लगता है।
- पोषक तत्वों की कमी: संतुलित आहार न लेने से शरीर में जिंक, सेलेनियम और आयोडीन जैसे ज़रूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जो थायरॉइड ग्रंथि के लिए ज़रूरी हैं।
- लगातार थकान: जब शरीर को अच्छा खानपान नहीं मिलता है तो शरीर में ऊर्जा का स्तर गिर जाता है, जिससे आपको दिनभर थकान और सुस्ती महसूस होती है।
थाइराइड के लिए महत्वपूर्ण जड़ी बूटियाँ
थायरॉइड को संतुलित रखने के लिए ये जड़ी-बूटियाँ सबसे असरदार मानी जाती हैं:
- अश्वगंधा: यह तनाव कम करती है और थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय कर हार्मोन लेवल बढ़ाती है।
- गुग्गुल: यह धीमे मेटाबॉलिज्म को तेज़ करता है, जिससे वज़न और कोलेस्ट्रॉल सही रहता है।
- कांचनार: इसका प्रयोग गले की ग्रंथियों की सूजन और थायरॉइड के असंतुलन को ठीक करने के लिए होता है।
थाइराइड की समस्या होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए ?
क्या खाना चाहिए?
- साबुत अनाज: हल्का भोजन जैसे ओट्स, भूरा, चावल और दलिया खाना चाहिए। यह पाचन को सही रखता है।
- ताज़े फल और सब्ज़ियाँ: ताज़े फल जामुन, सेब, संतरा और मौसमी सब्ज़ियाँ खानी चाहिए।
- पानी: दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी ज़रूर पिएं ताकि शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहे।
क्या नहीं खाना चाहिए ?
- मैदा और चीनी: बिस्कुट, केक, मैदा और ज़्यादा मीठी चीज़ों से बचें, क्योंकि इनसे वज़न तेज़ी से बढ़ता है।
- कच्ची गोभी और ब्रोकली : पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली और मूली को कच्चा या सलाद में बिल्कुल न खाएं। इनमें गोइट्रोजन होते हैं जो थायरॉइड हार्मोन बनने से रोकते हैं। बल्कि, इन्हें अच्छी तरह उबालकर या पकाकर खाया जा सकता है।
- कैफीन और एनर्जी ड्रिंक्स: चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और चॉकलेट न खाएं। ये घबराहट, नींद न आना और दिल की धड़कन को तेज़ कर सकता है।
थाइराइड की समस्या से बचने के उपाय
थायरॉइड से बचने के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
- आयोडीन: खाने में पर्याप्त आयोडीन वाला नमक लें।
- सही आहार: हरी सब्ज़ियाँ, फल, और ड्राई फ्रूट्स खाएं।
- योग और व्यायाम: रोज प्राणायाम करें।
- तनाव से बचाव: कम तनाव लें और पूरी नींद लें।
- जंक फूड से दूरी: प्रोसेस्ड और अत्यधिक मीठा खाना छोड़ें।
डॉक्टर से कब मिलें
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।
- बिना वजह वज़न बढ़ना या कम होना
- लगातार थकान और कमज़ोरी महसूस होना
- बाल झड़ना या स्किन का रूखा होना
- नींद की समस्या होना
- दिल की धड़कन तेज़ या धीमी होना
निष्कर्ष :
थाइराइड की दवा तभी असर करती है सही खानपान और सही लाइफस्टाइल अपनाई जाए। केवल दवा पर निर्भर रहकर डाइट को नज़रअंदाज़ करना दवाई का असर कम कर सकता है। इसलिए अच्छा खानपान और नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और टाइम से जाँच करने से थाइराइड को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें।
References:
https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC11451952/
https://www.btf-thyroid.org/diets-and-supplements-for-thyroid-disorders

























