कभी कब्ज़, कभी दस्त? बार-बार बदलती पेट की आदतों को कैसे समझें

Information By Dr. VD Aggarwal     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

सोमवार को पेट साफ नहीं हुआ। मंगलवार को भी शौच के लिए काफी जोर लगाना पड़ा। लेकिन बुधवार की सुबह अचानक तीन बार टॉयलेट जाना पड़ा और मल बिल्कुल पतला था।

अब समझ नहीं आता कि आपको कब्ज है या दस्त।

कभी पेट भारी रहता है, तो कभी खाने के तुरंत बाद टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है। ऑफिस निकलने से पहले यही चिंता रहती है कि आज पेट किस तरह परेशान करेगा।

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो यह समझना जरूरी है कि बार-बार बदलती मल त्याग की आदतों के पीछे क्या वजह हो सकती है।

कभी कब्ज और कभी दस्त होना IBS का एक पैटर्न हो सकता है, लेकिन हर ऐसे व्यक्ति को IBS नहीं होता।

कब्ज और दस्त बारी-बारी से होना क्या IBS-M का संकेत है?

Irritable Bowel Syndrome यानी IBS में पेट दर्द के साथ मल त्याग की आदतों में बदलाव हो सकता है।

कुछ लोगों को ज्यादातर कब्ज होती है, कुछ को बार-बार दस्त होते हैं और कुछ लोगों में दोनों तरह की परेशानी दिखाई देती है।

जब IBS वाले व्यक्ति में सख्त, गांठदार मल और पतला या पानी जैसा मल दोनों बार-बार आते हैं, तो डॉक्टर इस पैटर्न को IBS-M (Irritable Bowel Syndrome–Mixed) कह सकते हैं।

लेकिन इसके लिए केवल एक दिन कब्ज और अगले दिन दस्त होना पर्याप्त नहीं है।

IBS की पहचान में बार-बार पेट दर्द, मल त्याग से उसका संबंध और लंबे समय से मौजूद लक्षणों का पैटर्न भी महत्वपूर्ण होता है।

NIDDK के अनुसार, IBS के लिए इस्तेमाल होने वाले Rome IV diagnostic criteria में आमतौर पर पिछले तीन महीनों में औसतन सप्ताह में कम-से-कम एक दिन पेट दर्द तथा लक्षणों की शुरुआत कम-से-कम छह महीने पहले होने जैसी बातों को देखा जाता है।

इसलिए कुछ दिनों तक पेट खराब रहने पर खुद को IBS-M का मरीज मान लेना सही नहीं होगा।

एक दिन सख्त मल और दूसरे दिन पतला मल क्यों आता है?

यह सवाल Reddit के IBS forums में भी देखने को मिलता है।

एक उपयोगकर्ता ने बताया कि उसे कई दिनों तक कब्ज रहती थी, लेकिन उसके बाद अचानक दस्त शुरू हो गए। वह समझ नहीं पा रहा था कि आखिर ऐसा बदलाव क्यों हो रहा है।

दूसरे व्यक्ति ने बताया कि कई बार एक ही दिन पहले सख्त मल आता है और कुछ समय बाद पतला मल निकलने लगता है।

इन अनुभवों से एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है-क्या कब्ज और दस्त हमेशा दो अलग समस्याएं होती हैं?

जरूरी नहीं।

मल का स्वरूप भोजन, तरल पदार्थ, दवाओं, आंतों की गतिविधि और कुछ बीमारियों के कारण बदल सकता है।

IBS में आंतों की संवेदनशीलता और आंत-मस्तिष्क के बीच संकेतों से जुड़ी प्रक्रियाएं भी लक्षणों को प्रभावित कर सकती हैं।

लेकिन कभी-कभी कब्ज के बावजूद पतला मल निकलने की एक दूसरी वजह भी हो सकती है।

कब्ज होने के बावजूद दस्त कैसे हो सकते हैं?

मान लीजिए, किसी व्यक्ति को कई दिनों से पेट पूरी तरह साफ नहीं होने का एहसास हो रहा है।

मल सख्त है, पेट फूला हुआ है और शौच के दौरान जोर लगाना पड़ता है।

इसके बाद अचानक थोड़ा पतला मल निकलने लगता है।

कुछ परिस्थितियों में यह Overflow Diarrhea का संकेत हो सकता है।

यह स्थिति तब होती है जब बहुत सख्त मल मलाशय में जमा होकर फंस जाता है। उसके आसपास से तरल मल निकल सकता है, जिसे मरीज दस्त समझ सकता है।

NHS के अनुसार, लंबे समय की कब्ज से कभी-कभी Faecal Impaction हो सकता है, जिसमें जमा हुए सख्त मल के आसपास से तरल मल रिसने लगता है।

यह IBS-M से अलग स्थिति है और इसका उपचार भी अलग हो सकता है।

हर कब्ज के बाद होने वाला दस्त Overflow Diarrhea नहीं होता। यह विशेष रूप से गंभीर या लंबे समय की कब्ज में ध्यान देने वाली संभावना है।

अगर आपको कई दिनों से ठीक से मल नहीं आया, पेट बहुत फूला है और अब थोड़ा-थोड़ा पतला मल निकल रहा है, तो अपनी तरफ से दस्त रोकने की दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराएं।

मल का आकार भी बताता है कुछ जरूरी बातें

डॉक्टर केवल यह नहीं पूछते कि दिन में कितनी बार टॉयलेट जाते हैं। वे यह भी जानना चाहते हैं कि मल का स्वरूप कैसा है।

इसके लिए Bristol Stool Chart उपयोगी होता है।

इसमें मल को सात प्रकारों में बांटा गया है।

  • Type 1–2: मल बहुत सख्त, छोटी गांठों जैसा या गांठदार होता है। यह कब्ज से जुड़ा हो सकता है।
  • Type 3–4: मल अपेक्षाकृत सामान्य आकार और बनावट में होता है।
  • Type 5: नरम टुकड़ों के रूप में मल निकलता है।
  • Type 6–7: मल बहुत नरम, बिखरा हुआ या पूरी तरह पानी जैसा होता है। यह दस्त से जुड़ा हो सकता है।

IBS-M के मूल्यांकन में डॉक्टर खासतौर पर सख्त मल वाले और बहुत ढीले मल वाले दिनों का अनुपात देखते हैं।

Clinical classification में असामान्य मल त्याग के कम-से-कम 25% अवसरों पर Type 1–2 और कम-से-कम 25% पर Type 6–7 होना IBS-M की पहचान में इस्तेमाल किया जाता है, बशर्ते व्यक्ति IBS के अन्य diagnostic criteria भी पूरे करता हो।

यह गणना घर पर खुद diagnosis करने के लिए नहीं, बल्कि डॉक्टर को सही जानकारी देने के लिए समझना उपयोगी है।

खाने के बाद तुरंत टॉयलेट जाना पड़े तो क्या खाना ही वजह है?

मान लीजिए, आपने दोपहर में राजमा-चावल खाया और आधे घंटे बाद पेट में मरोड़ शुरू हो गई।

अगले दिन दूध वाली चाय पीने के बाद भी कुछ ऐसा ही हुआ।

ऐसी स्थिति में लोग अक्सर एक-एक करके कई खाद्य पदार्थ बंद करना शुरू कर देते हैं।

लेकिन हर बार खाने के बाद शौच की जरूरत होना किसी एक भोजन से एलर्जी या IBS का प्रमाण नहीं है।

भोजन करने के बाद आंतों की गतिविधि बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया होती है, जिसे Gastrocolic Reflex कहते हैं। कुछ लोगों में यह प्रतिक्रिया अधिक महसूस हो सकती है।

IBS में कुछ खाद्य पदार्थ गैस, पेट फूलने या मल त्याग की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

भारतीय IBS guidelines में भी कुछ मरीजों में FODMAP carbohydrates और पाचन संबंधी लक्षणों के बीच संबंध का उल्लेख किया गया है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि IBS वाले हर व्यक्ति को दूध, गेहूं, प्याज, लहसुन या दाल बंद कर देनी चाहिए।

अगर आपको किसी विशेष खाद्य पदार्थ से बार-बार परेशानी महसूस होती है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन के साथ उसकी समीक्षा करें।

कभी कब्ज, कभी दस्त हो तो दवा कैसे चुनें?

यहीं पर सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है।

मान लीजिए, आपको सोमवार को कब्ज हुई और आपने अपनी तरफ से कब्ज की दवा ले ली।

अगले दिन पतला मल आने लगा, तो दस्त रोकने वाली दवा ले ली।

फिर दो दिन बाद दोबारा कब्ज हो गई।

इस तरह बिना सही कारण समझे बार-बार दवा बदलने से परेशानी और उलझ सकती है।

NICE की IBS guidelines के अनुसार, दवा का चुनाव मरीज के प्रमुख लक्षणों और उनकी गंभीरता के आधार पर होना चाहिए।

कब्ज प्रधान IBS और दस्त प्रधान IBS में उपयोग होने वाली दवाएं अलग हो सकती हैं।

IBS-M में उपचार तय करते समय यह देखना जरूरी है कि किस समय कौन-सा लक्षण ज्यादा परेशान कर रहा है।

साथ ही कुछ दवाएं स्वयं कब्ज या दस्त का कारण बन सकती हैं।

इसलिए कब्ज और दस्त की दवाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के बार-बार बदलना उचित नहीं है।

अगर आपके लक्षण अक्सर बदलते हैं, तो Gastroenterologist से अपनी दवाओं और bowel pattern की समीक्षा कराएं।

सात दिनों तक पेट की इन चार बातों पर ध्यान दें

अगर आपको बार-बार बदलती मल त्याग की आदतें परेशान कर रही हैं, तो डॉक्टर से मिलने से पहले एक छोटी डायरी उपयोगी हो सकती है।

सात दिनों तक ये बातें लिखें:

  • मल का स्वरूप: Bristol Stool Chart के अनुसार सख्त, सामान्य या पतला।
  • शौच की आवृत्ति: दिन में कितनी बार टॉयलेट गए और क्या जोर लगाना पड़ा?
  • पेट दर्द: कब हुआ, कितना था और शौच के बाद कम हुआ या नहीं?
  • खानपान और दवाएं: किस दिन क्या खाया और कौन-सी दवा या supplement लिया?

इसके साथ पेट फूलना, पूरी तरह पेट साफ न होने का एहसास और तनाव या नींद में बदलाव भी नोट कर सकते हैं।

सात दिन का रिकॉर्ड IBS का diagnosis नहीं करता, लेकिन आपके लक्षणों का पैटर्न समझने में मदद कर सकता है।

कब इसे केवल IBS समझना गलत हो सकता है?

हर बार कब्ज और दस्त के बीच बदलाव IBS की वजह से नहीं होता।

आंतों में संक्रमण, Celiac Disease, Inflammatory Bowel Disease, दवाओं के प्रभाव और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी मल त्याग की आदतें बदल सकती हैं।

अगर पहले से IBS है, तब भी नए या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

खासकर इन स्थितियों में डॉक्टर से जांच कराएं:

  • मल में खून आना या काला, तारकोल जैसा मल होना।
  • बिना कोशिश के वजन कम होना।
  • लगातार बुखार या बार-बार उल्टी होना।
  • अचानक मल त्याग की आदतों में बड़ा बदलाव होना।
  • रात में नींद से जगाने वाले लगातार दस्त होना।
  • पेट में लगातार बढ़ता दर्द या गंभीर कमजोरी होना।

अगर तेज पेट दर्द के साथ पेट बहुत फूल रहा है, उल्टी हो रही है और गैस या मल बिल्कुल नहीं निकल रहा, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

डॉक्टर लक्षणों के अनुसार खून की जांच, Celiac Disease की जांच या अन्य आवश्यक परीक्षण सुझा सकते हैं। हर व्यक्ति को Colonoscopy की जरूरत नहीं होती।

कब्ज और दस्त की बदलती परेशानी है? Jiva Ayurveda से सलाह लें

कभी पेट साफ न होना और कभी बार-बार टॉयलेट जाना आपकी नौकरी, सफर और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकता है।

ऐसी स्थिति में केवल अलग-अलग दवाएं लेने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आपके लक्षण किस पैटर्न में आ रहे हैं और उनके पीछे कौन-से कारण हो सकते हैं।

Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी पाचन संबंधी परेशानी, खानपान, मल त्याग की आदतों और दैनिक दिनचर्या पर परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टर आपकी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार आहार, जीवनशैली और उपयुक्त आयुर्वेदिक देखभाल के विकल्पों पर मार्गदर्शन दे सकते हैं। यदि IBS या किसी दूसरी बीमारी की आशंका हो, तो उचित चिकित्सकीय जांच और gastroenterologist की सलाह भी जरूरी हो सकती है।

अगर कब्ज और दस्त की बदलती परेशानी बार-बार आपकी दिनचर्या प्रभावित कर रही है, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श के लिए फॉर्म भरें और अपने लक्षण विस्तार से बताएं और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर।

पेट की परेशानी को समझने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि दस्त हैं या कब्ज। दर्द, मल का स्वरूप, लक्षणों की अवधि और उनके बदलने का पैटर्न भी उतना ही जरूरी है।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। बार-बार कब्ज और दस्त होने पर खुद को IBS-M का मरीज न मानें। निर्धारित दवाएं बिना चिकित्सकीय सलाह के शुरू, बंद या बदलें नहीं।

Medical Sources & Research References

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) - Diagnosis of IBS

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/irritable-bowel-syndrome/diagnosis

Content Reference: IBS diagnosis में पेट दर्द, मल त्याग की आवृत्ति या स्वरूप में बदलाव, लक्षणों की अवधि और जरूरत पड़ने पर दूसरी बीमारियों की जांच।

  1. Cleveland Clinic - Irritable Bowel Syndrome: Symptoms, Causes & Treatment

Source: https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/4342-irritable-bowel-syndrome-ibs

Content Reference: IBS-C, IBS-D और IBS-M के बीच अंतर। Mixed IBS में सख्त तथा पतले दोनों प्रकार के मल का पैटर्न।

  1. Cleveland Clinic Journal of Medicine - IBS With Diarrhea: Treatment Is a Work in Progress (2020)

Source: https://www.ccjm.org/content/87/8/501

Content Reference: Rome IV diagnostic criteria, Bristol Stool Form Scale और IBS-M classification में सख्त एवं पतले मल की निर्धारित श्रेणियां।

  1. NHS - Constipation

Source: https://www.nhs.uk/conditions/constipation/

Content Reference: कब्ज के लक्षण, Faecal Impaction और जमा हुए सख्त मल के आसपास से पतला मल निकलने यानी Overflow Diarrhea की स्थिति।

  1. NICE - Irritable Bowel Syndrome in Adults: Diagnosis and Management

Source: https://www.nice.org.uk/guidance/cg61/chapter/recommendations

Content Reference: IBS में symptom-based assessment, Bristol Stool Chart, आहार और जीवनशैली, कब्ज तथा दस्त के अनुसार दवाओं का चुनाव और red flags होने पर आगे की जांच।

  1. Indian Consensus Statements on Irritable Bowel Syndrome in Adults (2023)

Journal: Indian Journal of Gastroenterology

Supported by: Indian Neurogastroenterology and Motility Association तथा Indian Society of Gastroenterology

Source: https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10036984/

Content Reference: भारतीय मरीजों में IBS diagnosis, विभिन्न प्रकार, भोजन से संबंधित triggers, FODMAP carbohydrates और व्यक्तिगत उपचार के विकल्प।

  1. NIDDK - Eating, Diet & Nutrition for IBS

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/irritable-bowel-syndrome/eating-diet-nutrition

Content Reference: Soluble Fiber, Low-FODMAP diet, धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाना और आहार में बदलाव के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन के मार्गदर्शन का महत्व।

Patient Forum Research

  1. Reddit - r/ibs

Discussion: For those with Alternating/Mixed type: Are your symptoms chaotic?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/5lk2t4/

Content Reference: कुछ मरीजों में एक दिन कब्ज और अगले दिन दस्त, जबकि अन्य में कई दिनों तक कब्ज के बाद दस्त होने का अनुभव। बदलते लक्षणों के कारण रोजमर्रा की परेशानी।

  1. Reddit - r/ibs

Discussion: Constipation followed by diarrhea?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/xo0jes/

Content Reference: कई दिनों की कब्ज के तुरंत बाद दस्त शुरू होने, IBS-M और Overflow Diarrhea के बीच भ्रम तथा symptom diary की उपयोगिता को लेकर वास्तविक सवाल।

  1. Reddit - r/ibs

Discussion: Has anyone's IBS changed from constipation to combined or diarrhoea?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/1s82k4a/

Content Reference: पहले लंबे समय तक कब्ज रहने और फिर दस्त के लक्षण शुरू होने पर मरीजों की चिंता, उपचार में बदलाव और diagnosis की दोबारा समीक्षा।

  1. Reddit - r/ibs

Discussion: Constant fluctuating between IBS-D and IBS-C

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/1wpdggb/

Content Reference: हर सप्ताह कब्ज और दस्त के बीच बदलाव, दवाओं से पर्याप्त राहत न मिलने और किसी दूसरी बीमारी की आशंका को लेकर मरीज के अनुभव।

Research Note: Reddit पर साझा किए गए अनुभव व्यक्तिगत हैं। इन्हें IBS के निदान, किसी उपचार की प्रभावशीलता या बीमारी के कारण का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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