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सीढ़ियाँ चढ़ते ही सांस फूलना हमेशा fitness की कमी ही क्यों नहीं होता?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

सीढ़ियाँ चढ़ते समय अगर आपकी सांस फुले या भारीपन महसूस हो तो इसे लोग ज़्यादातर शारीरिक निष्क्रियता, थकान, या उम्र बढ़ने की वजह से सोच कर ताल देते है। लेकिन ऐसा हो यह ज़रूरी नहीं, यह किसी गंभीर समस्या को और इशारा हो सकता है जिसे नज़रअंदाज़ करना आपके लिए भारी हो सकता है।    

सीढ़ियाँ चढ़ने से शरीर पर, खासकर हमारे फेफड़ों, मांसपेशियों और हृदय पर बहुत दबाव पड़ता है। अगर आपको अपने सांस फूलने के कारण, लक्षण और इसे कम करने के उपाय के बारे में जानना है तो इस लेख के माध्यम से हम यह सब जानेंगे।  

सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलना कब सामान्य है और कब नहीं? 

सीढ़ियाँ चढ़ते समय हल्का सा हाँफना या सांस फूलना तब सामान्य होता है जब आप बहुत तेज़ी से सीढ़ियाँ चढ़ रहे हों, शारीरिक रूप से फिट न हों या फिर आपका वज़न अधिक हो। अगर आपकी सांस कुछ ही देर में नॉर्मल हो जाती है तो यह एकदम सामान्य है लेकिन अगर आप धीरे-धीरे  या अपनी सामान्य गति में सीढ़ियाँ चढ़ रहे हो और फिर भी आपकी सांस फूलती है और साथ की साथ आपके सीने में जलन, सांस लेने में परेशानी व सीने में जकड़न महसूस हो तो यह गंभीर हो सकता है और किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। 

सीढ़ियाँ चढ़ने के बाद सांस फूलना कब गंभीर है उसके संकेत

अगर सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलने के साथ-साथ आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हों, तो नज़रअंदाज़ न करे और तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ:

इस समस्या के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं?

अगर आपकी सांस सीढ़ियाँ चढ़ते वक़्त फूलती है और वह कुछ देर में नॉर्मल नहीं होती तो उसके पीछे यह कारण हो सकते है:

  • खून की कमी: अगर आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी है जिसे मेडिकल भाषा में एनीमिया कहते है तो आपको सीढ़ियाँ चढ़ते है वक़्त सांस लेने में परेशानी हो सकती है। 
  • अस्थमा या COPD: यह बीमारी हमारे फेफड़ो से जुड़ी होती है अगर इनकी कार्यक्षमता में कमी आ जाए तो भी आपको सांस की बीमारी हो सकती है।
  • दिल से जुड़ी समस्या: अगर किसी को ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, या दिल में कमज़ोरी है तो इस वजह से ऑक्सीजन की कमी हो सकती है जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।  
  • अत्यधिक वज़न: अगर आपका वज़न बहुत ज़्यादा है तो यह हृदय और फेफड़ों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे सीढ़ियाँ चढ़ना व उतरना कठिन हो जाता है।
  • शरीर में पोषक तत्वों की कमी: अगर आपके शरीर में विटामिन, आयरन या अन्य मिनरल्स की कमी हो तो इस वजह से भी ऊर्जा घट जाती है।

इन कारणों पर समय पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है वरना यह आगे जाके गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। 

आयुर्वेद इस समस्या को कैसे देखता है?

आयुर्वेद किसी भी बीमारी को सिर्फ संकेतो के आधार पर ठीक नहीं करता बल्कि वह रुट-कॉज को ढूंढ़ कर उसपे जड़ से वार करता है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में यह समस्या तब होती है जब:

वात दोष में असुंतलन हो: वात हमारे शरीर में गति व हवा को नियंत्रित करता है, अगर यह असंतुलित हो जाए तो शरीर में असुंतलन होना निश्चित है जिसकी वजह से सांस फूलने जैसी समस्या या सीने में जकड़न हो सकती है।  

कफ दोष का बढ़ना: शरीर में कफ बढ़ने से फेफड़ों में बलगम जमा हो जाती है या रुकावट पैदा होती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। 

कमज़ोर पाचन अग्नि: हमारे शरीर में एक अग्नि होती है जिसे पाचन अग्नि कहते है जिसका काम हमारे पाचन को ठीक रखना होता है अगर यह कमज़ोर हो जाए तो शरीर में विषैले तत्त्व (आम) बनने लगते है जो थकान और सांस फूलने की समस्या पैदा करते हैं।

आयुर्वेद कहता है की हमारा शरीर हमें छोटे-छोटे संकेत पहले देता रहता है जिससे हम यह अंदाज़ा लगा सकते है की शरीर में कोई परेशानी पनप रही है।

सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या को कम करने के लिए उपाय

सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय आप अपना सकते हैं:

  • अपने वज़न को नियंत्रित रखें: अगर आपका वज़न बहुत अधिक या बहुत कम है तो उसे अपनी उम्र, लम्बाई और अन्य कारको के हिसाब से नियंत्रित रखे। 
  • धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़ें: अगर आपको यह परेशानी ज़्यादा होती है तो अपनी गति पर काबू रखे और धीरे-धीरे सीढियाँ चढ़े व उतरे। 
  • नियमित व्यायाम करें: अपने शरीर को दुरुस्त रखने के लिए रोज़ कम से कम 30-40 मिनट नियमित व्यायाम करे। 
  • अच्छा खाना खाये: बहार के खाने से दूरी बनाये, सिर्फ घर का बना ताज़ा भोजन खाए।  
  • अनुलोम-विलोम करे: नाक से गहरी सांस लें और होंठों को थोड़ा सिकोड़कर धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें और यह रोज़ करे। 
  • पूरा आराम ले: अपने शरीर को अच्छे से आराम दे और इस्पे दबाव ना बनाए।

क्या हमारी जीवनशैली भी हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती है?

जी हाँ बिलकुल, आयुर्वेद मानता है की हमारी जीवनशैली हमारे स्वास्थ्य को ठीक बनाए रखने में गहरी भूमिका निभाती है। हमारा खानपान, हम कितना तनाव लेते है, कितना सोते है और दिन भर में कितना पानी पिते है यह सभी बाते बहुत महत्व रखती है। अगर हमारी जीवनशैली ठीक है और हम अपने खानपान, नींद, तनाव, अदि चीज़ो को नियंत्रित रखते है तो हमारी सेहत ऐसी ही लौट आती है और आगे कोई परेशानी नहीं होती। 

डॉक्टर से कब मिले?

यदि निम्नलिखित लक्षण दिखे तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें: 

  • सीने में बेचैनी, दर्द या अधिक दबाव महसूस हो 
  • हल्की-फुल्की गतिविधि के बाद सांस फूलना 
  • गले में जकड़न या खांसी होना 
  • खांसते वक्त खून आना 
  • रात को सोते वक्त सांस का भारी होना या रुक जाना
  • सांस लेने में तकलीफ होना 
  • थोड़ी देर बाद भी सांस का नार्मल ना होना  

निष्कर्ष

सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलना कमज़ोरी, उम्र, या शारीरक निष्क्रियता का एक साधारण लक्षण लग सकता है, लेकिन यह हमारे दिल, फेफड़ो, शरीर में खून की कमी या अधिक वज़न की वजह से भी हो सकता है जिसे नज़रअंदाज़ करना गंभीर बीमारी की और इशारा हो सकता है।

आयुर्वेद में यह वात, कफ और कमज़ोर पाचन से संबंधित गंभीर असंतुलन को दर्शाता है। 

नियमित व्यायाम, अच्छा खानपान, वज़न को नियंत्रित रखना, रोज़ अनुलोम-विलोम व अपनी जीवनशैली में सुधार लाने से इसे काबू किया जा सकता है। 

References

Breathlessness, fatigue and the respiratory muscles - PMC 

Breathlessness: From Bodily Symptom to Existential Experience 

Tackling chronic respiratory diseases to improve lung health

Defining Impaired Respiratory Health. A Paradigm Shift for Pulmonary Medicine - PMC

Acute respiratory infection: care-seeking for children with symptoms (%)    

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

सीढ़ियाँ चढ़ते समय सांस फूलने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि, शारीरिक कमज़ोरी, खराब फिटनेस, मोटापा, अस्थमा या फेफड़ों की समस्या, खून की कमी, और दिल का रोग आदि। 

हाँ, शरीर में वात दोष, जो की शरीर में हवा व गति के लिए मुख्य माना जाता है, के असंतुलन से भी सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है। 

नहीं, केवल फेफड़ो के कमज़ोर होने से सांस लेने में दिक्कत हो यह ज़रूरी नहीं, यह अन्य कारण जैसे कि, शारीरिक कमज़ोरी, मोटापा, खराब फिटनेस, खून की कमी, और दिल का रोग आदि से भी हो सकता है। 

अगर आपकी सांस सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने पर फूलने लगे तो आप थोड़ी देर तक चलते रहें, गहरी-गहरी सांस लें, और पेट से सांस ले। 

हाँ, हो सकती है, अगर आप अच्छा खाना नहीं कहते जिसमें पर्याप्त विटामिन, आयरन, या मिनरल्स ना हो तो आपको यह समस्या हो सकती है। 

हाँ, अगर आपका वज़न अधिक है तो आपको भी यह परेशानी हो सकती है। 

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