बहुत low-calorie डाइट लेने पर वज़न कम होने के साथ शरीर में कुछ बदलाव जल्दी नज़र आने लगते हैं। इसका कारण यह है कि शरीर को रोज़ाना ऊर्जा के साथ protein , healthy fats, vitamins और minerals भी चाहिए होते हैं। जब खाना ज़रुरत से बहुत काम हो जाता है, तो शरीर ज़रूरी कामो को प्राथमिकता देने लगता है इसका असर एनर्जी,स्किन और हेयर पर दिखाई दे सकता है थकान त्वचा का रूखपन या बालो का झड़ना जैसे बदलाव कुछ लोगों में देखने को मिलते हैं। इसलिए वज़न घटाने के लिए बहुत ज़्यादा calorie restrictions के बजाय संतुलित और पर्याप्त पोषण वाली डाइट पर ध्यान देना ज़रूरी है
बहुत कम कैलोरी लेने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
बहुत काम कैलोरी का सेवन करने शरीर से शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते है सबसे पहले शरीर ऊर्जा बचने के लिए अपने मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देता है, जिससे आगे चलकर वज़न घटना बहुत मुश्किल हो जाता है ऊर्जा की कमी के कारण लगातार थकान आना और चिड़चिड़ाहट महसूस होता है। सही टाइम पर और अच्छा खाना न मिलने पर शरीर शरीर फैट के बजाय मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा बनाने लगता है जिससे मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती है। लंबे टाइम तक ऐसा करने से बाल झड़ने लगते हैं। और हड्डियां कमज़ोर होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
low-calorie diet से एनर्जी क्यों घटती है?
खाना हमारे शरीर का प्राथमिक ईंधन है। जब आप लौ कैलोरी डाइट लेते हैं तो आप शरीर को उसकी ज़रुरत से काफी काम ऊर्जा दे रहे होते हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए शरीर सबसे पहले मांसपेशियों में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग करता है जब यह ख़त्म हो जाता है तो ब्लड शुगर लेवल गिरने लगता है जिससे तुरंत थकान और कमज़ोरी महसूस होती है। इसके आलावा लगातार काम भोजन मिलने पर शरीर खुद को बचने के लिए सर्वाइकल मोड में चला जाता है वह ऊर्जा को बचने के लिए अपने मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देता है और बची हुई ऊर्जा का इस्तेमाल केवल ह्रदय और मानसिक जैसे ज़रूरी अंगो को चलाने के लिए करता है। इसी धीमे मेटाबॉलिज़्म और ईंधन की कमी के कारण शरीर को जी साडी एनर्जी घट जाती है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण क्या है?
आयुर्वेद में शरीर को सही रखने के लिए अच्छा खानपान और सही पोषण ज़रूरी माना गया है। बहुत काम कैलोरी वाली डाइट लेने से शरीर को पोषक तत्त्व और ऊर्जा नहीं मिल पाती जिससे कमज़ोरी और थकान महसूस हो सकती है। आयुर्वेदिक नज़रिए से लम्बे टाइम तक बहुत कम खाना वाट दोष के असंतुलन को बढ़ा सकता है, जिसका असर त्वचा के रूखेपन और बालों की सेहत पर दखाई दे सकता है शरीर की प्रकर्ति और पाचन के अनुसार भोजन लेना इसलिए ज़रूरी माना जाता है। वज़न घटाने के दौरान भी भोजन पूरी तरह काम करने के बजाय अच्छे और संतुलित भोजन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
कम खाना बालों को कैसे प्रभावित करता है?
कम खाने या बहुत कम कैलोरी लेने से शरीर को ज़रूरी पोषण नहीं मिलता है।इससे बाल कमजोर होने लगते हैं, उनका झड़ना बढ़ जाता है और बालों की चमक खत्म हो जाती है।
- बालों का झड़ना: कम खाने से शरीर आवश्यक अंगों को पोषण देता है और बालों को कम मिलता है, जिससे बाल तेज़ी से झड़ते हैं।
- कमज़ोर जड़ें: प्रोटीन, आयरन और जिंक की कमी से बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं।
- विकास रुकना: नए बाल उगने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
- रूखापन: बालों में नमी कम होती है और वे आसानी से टूटने लगते हैं।
dieting में hair fall क्यों बढ़ जाता है?
डाइट में अचानक कम कैलोरी या पोषक तत्वों की कमी से बाल झड़ने लगते हैं। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, और विटामिन न मिलने पर बाल कमज़ोर होकर 'टेलोजन एफ्लुवियम' अवस्था में चले जाते हैं, जिससे बाल तेज़ी से गिरने लगते हैं।
- प्रोटीन की कमी: बाल केराटिन नामक प्रोटीन से बनते हैं। डाइट में प्रोटीन कम होने पर बालों की ग्रोथ रुक जाती है।
- आयरन और विटामिन की कमी: आयरन, जिंक, और विटामिन B-12 की कमी से बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है।
- अचानक वज़न घटना: बहुत कम कैलोरी लेने से शरीर तनाव में आ जाता है और ज़रूरी ऊर्जा बालों की बजाय अंगों को देने लगता है।
- हार्मोनल बदलाव: पोषण घटने से शरीर में हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे स्कैल्प कमज़ोर होता है।
healthy fats कम होने से skin पर असर
आहार में स्वस्थ फैट की मात्रा बहुत कम होने पर स्किन की नमी और मुलायमपन कम हो सकता है। शरीर को फैट की ज़रुरत ऊर्जा के साथ-साथ कई ज़रूरी शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए भी होती है। जब भोजन में फैट बहुत काम हो जाता है तो स्किन रूखी, खिंची हुई या बेजान महसूस होने लगती है कुछ लोगों में स्किन की प्राकर्तिक देखभाल वाली परत भी कमज़ोर हो जाती है जिससे संवेदनशीलता बढ़ जाती है इसलिए वज़न कम करने दौरान फैट को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है घी, मेवे और अन्य चीज़ों को अपनी ज़रुरत और स्वास्थ्य के अनुसार संतुलित मात्रा में आहार में शामिल करना बेहतर माना जाता है।
डाइट में कैलोरी के साथ न्यूट्रिएंट्स का महत्व
- कैलोरी शरीर को मुख्य रूप से ऊर्जा प्रदान करती है जबकि न्यूट्रिएंट्स शरीर के सही विकास के लिए आवश्यक हैं।
- केवल कैलोरी कम करने से वज़न घट सकता है, लेकिन पोषक तत्वों की कमी से इम्युनिटी कमज़ोर होती है और बीमार होने का खतरा बढ़ता है।
- सही पोषण आपके मेटाबॉलिज्म को तेज़ करता है और शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है।
- पौष्टिक भोजन आपको लंबे समय तक ऊर्जावान और भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती।
- अच्छे न्यूट्रिएंट्स से आपकी त्वचा, बाल और हड्डियां स्वस्थ व मज़बूत रहते हैं।
वज़न कम करने के लिए कैलोरी में कमी
- सुरक्षित और प्रभावी तरीके से वज़न घटाने के लिए अपनी दैनिक कैलोरी की ज़रूरत से 500 कैलोरी कम करने की सलाह दी जाती है।
- रोज़ाना 500 कैलोरी की कमी करने से एक सप्ताह में लगभग 0.5 किलोग्राम वज़न कम होता है, जिसे स्वस्थ माना जाता है।
- बहुत ज़्यादा कैलोरी एकदम से कम करने से शरीर में कमजोरी, थकान और मांसपेशियों का नुकसान हो सकता है।
- कैलोरी की यह ज़रूरत आपकी उम्र, लिंग, वर्तमान वज़न और फिजिकल एक्टिविटी पर निर्भर करती है।
- स्वस्थ रहने के लिए महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम 1200 और पुरुषों को 1500 कैलोरी का सेवन ज़रूर करना चाहिए।
निष्कर्ष:
वज़न घटाने के लिए केवल कैलोरी कम करना सही तरीका नहीं है। बहुत कम कैलोरी वाली डाइट से शरीर ऊर्जा बचाने के लिए सर्वाइवल मोड में चला जाता है, जिससे थकान बालों का झड़ना और रूखी त्वचा जैसी समस्याएं होने लगती हैं। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों यह मानते हैं कि स्वस्थ शरीर के लिए कैलोरी के साथ-साथ प्रोटीन, विटामिन्स और हेल्दी फैट्स का संतुलन बेहद ज़रूरी है। सुरक्षित तरीके से वज़न कम करने के लिए रोज़ाना केवल 500 कैलोरी की कमी करें। खाना छोड़ने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं, ताकि वज़न भी घटे और शरीर की ऊर्जा, सुंदरता व ताकत भी रहे।
References:
https://www.health.harvard.edu/topics/skin-and-hair
https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1357303909000723















