डिलीवरी के बाद बवासीर क्यों हो सकती है? राहत के सुरक्षित तरीके समझें

Information By Dr. Sapna Bhargava     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 19 Oct, 2026
  • category-iconUpdated on 19 Oct, 2026
  • category-iconWomen's Health
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बच्चे के जन्म के बाद माँ का पूरा ध्यान उसकी देखभाल में लग जाता है। लेकिन इसी दौरान कई महिलाओं को एक ऐसी परेशानी होने लगती है, जिसके बारे में वे खुलकर बात भी नहीं कर पातीं- बवासीर।

शौच के समय तेज दर्द, गुदा के पास सूजन या गांठ, बैठकर बच्चे को दूध पिलाने में तकलीफ। कई बार परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि नई माँ को बाथरूम जाने से भी डर लगने लगता है।

मन में सवाल उठता है- क्या डिलीवरी के दौरान जोर लगाने से बवासीर हुई? क्या सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी ऐसा हो सकता है? और अगर बच्चे को स्तनपान करा रही हैं, तो कौन-से उपाय सुरक्षित हैं?

अच्छी बात यह है कि डिलीवरी के बाद होने वाली बवासीर के लक्षण कई महिलाओं में समय के साथ कम हो जाते हैं। लेकिन हर दर्द या रक्तस्राव (bleeding) को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिलीवरी के बाद अचानक बवासीर क्यों हो जाती है?

बवासीर, जिसे पाइल्स भी कहते हैं, गुदा और मलाशय के निचले हिस्से में मौजूद रक्त वाहिकाओं और आसपास के ऊतकों की सूजन से जुड़ी समस्या है।

प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ते गर्भाशय का दबाव, हार्मोन में बदलाव और कब्ज जैसी परेशानियां बवासीर के विकसित होने में योगदान दे सकती हैं।

कई बार गर्भावस्था के दौरान बवासीर के लक्षण बहुत कम होते हैं, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद दर्द और सूजन ज्यादा महसूस होने लगती है।

American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) के अनुसार, गर्भावस्था में मौजूद बवासीर डिलीवरी के तुरंत बाद अधिक परेशान कर सकती है। बच्चें के जन्म के दौरान जोर लगाने की वजह से भी बवासीर पहली बार दिखाई दे सकती है।

खासकर नॉर्मल डिलीवरी में बच्चे को जन्म देते समय बार-बार और लंबे समय तक जोर लगाना पड़ सकता है। इससे गुदा के आसपास की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर नॉर्मल डिलीवरी के बाद बवासीर होगी।

क्या सिजेरियन डिलीवरी के बाद भी बवासीर हो सकती है?

हां। यह एक आम गलतफहमी है कि बवासीर केवल नॉर्मल डिलीवरी के बाद होती है।

सिजेरियन डिलीवरी यानी C-section के बाद भी इसकी समस्या हो सकती है, क्योंकि बवासीर के जोखिम कारक गर्भावस्था के दौरान पहले से मौजूद हो सकते हैं।

इसके अलावा ऑपरेशन के बाद कुछ महिलाओं को कब्ज की परेशानी होने लगती है।

दर्द की कुछ दवाएं, खासकर opioid प्रकार की दवाएं, कब्ज बढ़ा सकती हैं। शारीरिक गतिविधि कम होना और मल त्याग के दौरान जोर लगाना भी परेशानी बढ़ा सकते हैं।

मान लीजिए, किसी महिला की सिजेरियन डिलीवरी हुई है। पेट में टांके होने के कारण वह शौच करते समय जोर लगाने से डर रही है। दूसरी तरफ मल सख्त हो गया है और बाथरूम जाने में दर्द हो रहा है।

ऐसी स्थिति में कब्ज और बवासीर दोनों परेशान कर सकते हैं।

इसलिए डिलीवरी का तरीका चाहे कोई भी हो, कब्ज को संभालना postpartum recovery का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डिलीवरी के बाद पहली बार शौच करने से डर लग रहा है?

यह परेशानी जितनी सामान्य लगती है, उतनी ही तनावपूर्ण हो सकती है।

कुछ महिलाओं को डर रहता है कि शौच करते समय टांके खुल जाएंगे। वहीं जिन महिलाओं को बवासीर या गुदा में दरार है, उन्हें दर्द बढ़ने की चिंता होती है।

NHS के अनुसार, डिलीवरी के बाद कुछ दिनों तक मल त्याग न होना संभव है। अगर पेरिनियम में टांके लगे हैं, तो सामान्य मल त्याग से उनके खुलने की संभावना बहुत कम होती है।

फिर भी शौच के दौरान जोर लगाने से बचना जरूरी है।

मल को नरम रखने के लिए भोजन में फाइबर शामिल करें और पर्याप्त तरल पदार्थ लें। अगर डॉक्टर ने आराम से चलने की अनुमति दी है, तो थोड़ी-थोड़ी देर चलना भी मददगार हो सकता है।

अगर टांकों की वजह से डर लग रहा है, तो अपनी नर्स या डॉक्टर से सही तरीके के बारे में पूछें। कुछ महिलाओं को शौच करते समय टांकों के आसपास साफ पैड से हल्का सहारा देने में आराम महसूस होता है।

सबसे जरूरी बात: दर्द के डर से मल त्याग की इच्छा को बार-बार न रोकें। इससे कब्ज और बढ़ सकती है।

बवासीर की सूजन और दर्द में घर पर क्या सुरक्षित उपाय करें?

बच्चे के जन्म के बाद शरीर को ठीक होने के लिए समय चाहिए। ऐसे में बवासीर की देखभाल भी आराम और सावधानी के साथ करनी चाहिए।

ठंडी सिकाई से सूजन में राहत

अगर गुदा के बाहर सूजन या दर्दनाक गांठ है, तो साफ तौलिये में लपेटकर ठंडी सिकाई करने से असुविधा कम हो सकती है।

बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं। बहुत देर तक लगातार ठंडी सिकाई करने से भी बचें।

हल्के गर्म पानी में बैठना

गुनगुने पानी में कुछ देर बैठने को Sitz Bath कहते हैं। इससे गुदा के आसपास दर्द और खुजली में अस्थायी राहत मिल सकती है।

पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना उसमें फिटकरी, डेटॉल या दूसरे तेज पदार्थ न मिलाएं।

अगर डिलीवरी के दौरान टांके लगे हैं या ऑपरेशन हुआ है, तो सिट्ज़ बाथ कब शुरू करना है, यह अपनी डॉक्टर या नर्स से पूछें।

सफाई करते समय रगड़ने से बचें

शौच के बाद पानी से हल्के हाथों से सफाई करें और मुलायम तौलिये से थपथपाकर सुखाएं।

तेज खुशबू वाले साबुन या बार-बार रगड़कर सफाई करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है।

बैठने में दर्द है तो पोजिशन बदलें

अगर लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से दर्द होता है, तो बीच-बीच में पोजीशन बदलें। स्तनपान कराते समय करवट लेकर लेटने वाली पोजिशन कुछ महिलाओं के लिए आरामदायक हो सकती है, लेकिन इसे सही तरीके से सीखना जरूरी है।

क्या स्तनपान कराने वाली माँ बवासीर की क्रीम इस्तेमाल कर सकती है?

Reddit के postpartum forums में नई माताओं का एक बड़ा सवाल यही है: बवासीर की क्रीम या दर्द की दवा इस्तेमाल करने से बच्चे पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा?

इस चिंता को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

स्तनपान के दौरान किसी दवा की सुरक्षा इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें कौन-सा ingredient है, उसकी मात्रा कितनी है और उसे कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है।

उदाहरण के लिए, LactMed के अनुसार त्वचा पर लगाई जाने वाली Hydrocortisone के सीमित समय और छोटे हिस्से पर इस्तेमाल से स्तनपान करने वाले बच्चे को नुकसान होने की संभावना कम मानी जाती है। हालांकि, इसके प्रत्यक्ष अध्ययन सीमित हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि Hydrocortisone वाली हर क्रीम या बवासीर की हर दवा बिना सलाह के इस्तेमाल की जा सकती है।

कुछ उत्पादों में कई दवाएं एक साथ होती हैं।

इसलिए क्रीम, suppository, painkiller, stool softener या आयुर्वेदिक औषधि शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट को जरूर बताएं कि आप breastfeeding करा रही हैं।

प्राकृतिक या आयुर्वेदिक लिखा होने का मतलब भी अपने आप स्तनपान के लिए सुरक्षित होना नहीं है।

कितने दिनों में राहत मिलती है और कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

NHS के अनुसार, डिलीवरी के बाद बवासीर काफी सामान्य है और कई महिलाओं में कुछ दिनों या हफ्तों के भीतर लक्षण कम हो जाते हैं।

लेकिन हर महिला की recovery अलग होती है।

किसी को हल्की सूजन रहती है, जबकि किसी को बहुत दर्दनाक गांठ या बार-बार रक्तस्राव की परेशानी हो सकती है।

एक postpartum Reddit discussion में एक महिला ने बताया कि बच्चे के जन्म के कई महीने बाद भी शौच के दौरान दर्द बना हुआ था। वह समझ नहीं पा रही थी कि यह कब ठीक होगा और breastfeeding के दौरान पानी की जरूरत का इससे कोई संबंध है या नहीं।

यह व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन एक जरूरी सवाल सामने लाता है- अगर परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो क्या उसे केवल डिलीवरी का सामान्य असर मानना चाहिए?

जवाब है, नहीं।

इन लक्षणों में चिकित्सकीय जांच जरूरी है:

  • गुदा के पास अचानक बहुत दर्दनाक या सख्त गांठ बनना।
  • मल त्याग के दौरान बार-बार खून आना।
  • दर्द इतना ज्यादा हो कि बैठना या बच्चे की देखभाल करना मुश्किल हो जाए।
  • बुखार, पस या तेजी से बढ़ती सूजन।
  • घरेलू देखभाल के बावजूद परेशानी बने रहना या बढ़ना।

खासतौर पर यह समझना जरूरी है कि डिलीवरी के बाद होने वाला योनि से रक्तस्राव और मलद्वार से आने वाला खून अलग समस्याएं हैं।

बहुत ज्यादा रक्तस्राव, चक्कर, बेहोशी या गंभीर कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

डिलीवरी के बाद बवासीर की परेशानी है? Jiva Ayurveda से सलाह लें

बच्चे के जन्म के बाद माँ की अपनी सेहत पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है जितना बच्चे की देखभाल करना। अगर बवासीर के कारण बैठना, स्तनपान कराना या शौच करना मुश्किल हो रहा है, तो केवल दर्द सहते रहने के बजाय सही सलाह लें।

आयुर्वेद में बवासीर को अर्श कहा जाता है। Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से कब्ज, पाचन, खानपान और बवासीर के लक्षणों को लेकर परामर्श कर सकती हैं। डॉक्टर आपकी डिलीवरी और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त देखभाल तथा जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन दे सकते हैं। स्तनपान के दौरान किसी भी आयुर्वेदिक औषधि की सुरक्षा की अलग से जांच आवश्यक है। गंभीर दर्द, रक्तस्राव या संक्रमण के लक्षणों में प्रसूति विशेषज्ञ या संबंधित चिकित्सक से तत्काल जांच जरूरी हो सकती है।

अगर डिलीवरी के बाद बवासीर की सूजन, दर्द या कब्ज बार-बार परेशान कर रही है, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श के लिए फॉर्म भरें और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर।

नई माँ बनने के बाद हर परेशानी को चुपचाप सहना जरूरी नहीं है। सही देखभाल, कब्ज पर ध्यान और जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार आपकी recovery को ज्यादा आरामदायक बना सकते हैं।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। प्रसव के बाद किसी भी दवा, क्रीम, सप्लीमेंट या आयुर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खासकर यदि आप बच्चे को स्तनपान करा रही हैं। तेज दर्द, बुखार या अधिक रक्तस्राव को सामान्य postpartum लक्षण समझकर नजरअंदाज न करें।

Medical Sources & Research References

  1. American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) - Postpartum Pain Management

Source: https://www.acog.org/womens-health/faqs/postpartum-pain-management

Content Reference: डिलीवरी के बाद बवासीर के लक्षण, प्रसव के दौरान जोर लगाना, कब्ज, Sitz Bath, cold compress और डॉक्टर की सलाह से stool softener के इस्तेमाल की जानकारी।

  1. ACOG - What Can I Do for Hemorrhoids During Pregnancy?

Source: https://www.acog.org/womens-health/experts-and-stories/ask-acog/what-can-i-do-for-hemorrhoids-during-pregnancy

Content Reference: गर्भावस्था के दौरान बवासीर के जोखिम, डिलीवरी के तुरंत बाद लक्षण बढ़ना, फाइबर, तरल पदार्थ, ठंडी सिकाई और गर्म पानी में बैठने जैसे उपाय।

  1. NHS - Your Body After the Birth

Source: https://www.nhs.uk/pregnancy/labour-and-birth/your-body/

Content Reference: डिलीवरी के बाद कब्ज, मल त्याग के समय टांकों की सावधानी, बवासीर का कुछ दिनों या हफ्तों में कम होना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता।

  1. National Library of Medicine - LactMed: Hydrocortisone, Topical

Source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK501276/

Content Reference: स्तनपान के दौरान त्वचा पर लगाई जाने वाली Hydrocortisone के सीमित उपयोग संबंधी जानकारी, उपलब्ध प्रमाणों की सीमाएं और शिशु के संपर्क से बचाव की सावधानियां।

  1. NHS - Piles (Haemorrhoids)

Source: https://www.nhs.uk/conditions/piles-haemorrhoids/

Content Reference: बवासीर में ठंडी सिकाई, पर्याप्त फाइबर, तरल पदार्थ, गुनगुने पानी में बैठना और गंभीर लक्षणों में चिकित्सकीय सहायता।

Patient Forum Research

  1. Reddit - r/beyondthebump

Discussion: How did you get rid of post-partum hemorrhoids?

Source: https://www.reddit.com/r/beyondthebump/comments/1bzbhx0/

Content Reference: डिलीवरी के बाद बवासीर ठीक होने में लगने वाले समय, दर्दनाक मल त्याग, फाइबर वाले भोजन और breastfeeding के दौरान दवाओं को लेकर नई माताओं की चिंताएं।

  1. Reddit - r/beyondthebump

Discussion: Postpartum hemorrhoids

Source: https://www.reddit.com/r/beyondthebump/comments/190a7qo/

Content Reference: डिलीवरी के शुरुआती दिनों में बड़ी और दर्दनाक गांठ, बैठने में परेशानी, cold compress और medical consultation से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव।

  1. Reddit - r/beyondthebump

Discussion: What do postpartum hemorrhoids feel like?

Source: https://www.reddit.com/r/beyondthebump/comments/1mvjmc1/

Content Reference: डिलीवरी के बाद मल त्याग के दौरान कटने जैसे दर्द और बवासीर तथा एनल फिशर के लक्षणों के बीच भ्रम।

Research Note: Reddit पर साझा किए गए अनुभव मरीजों की चिंताओं को समझने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। इन्हें चिकित्सकीय अध्ययन, दवा की सुरक्षा या किसी उपचार के निश्चित परिणाम का प्रमाण नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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