बवासीर के विज्ञापन और घरेलू “पक्के इलाज”: किन दावों से सावधान रहें?

Information By Dr. VD Aggarwal     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

“सिर्फ 7 दिन में बवासीर जड़ से खत्म।”

“बिना ऑपरेशन हर तरह के मस्सों का पक्का इलाज।”

“एक बार हमारी दवा खाएं, ज़िन्दगी में दोबारा बवासीर नहीं होगी।”

अगर आपको बवासीर की परेशानी है, तो आपने YouTube, Facebook या किसी वेबसाइट पर ऐसे विज्ञापन ज़रूर देखे होंगे।

दर्द, जलन और शौच के समय खून आने से परेशान व्यक्ति के लिए ऐसे वादे आकर्षक लग सकते हैं। खासकर तब, जब वह ऑपरेशन से डरता हो या कई घरेलू उपाय आजमाने के बाद भी आराम न मिला हो।

लेकिन क्या कोई एक दवा हर व्यक्ति की बवासीर हमेशा के लिए ठीक कर सकती है? और अगर कोई ऐसा दावा करे, तो उसकी सच्चाई कैसे जांचें

“7 दिन में बवासीर जड़ से खत्म”: इस दावे में क्या समस्या है?

बवासीर हर मरीज़ में एक जैसी नहीं होती।

किसी को हल्की अंदरूनी बवासीर होती है, जिसमें कभी-कभी रक्तस्राव (bleeding) होता है। किसी को बाहरी बवासीर की दर्दनाक गांठ होती है। वहीं कुछ मरीज़ों में अंदरूनी बवासीर के मस्से शौच के दौरान बाहर आने लगते हैं। इन स्थितियों का उपचार भी अलग हो सकता है।

अमेरिका के National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, हल्की बवासीर में खानपान, मल त्याग की आदतों में बदलाव और कुछ दवाओं से लक्षणों में राहत मिल सकती है।

लेकिन ज़्यादा बाहर निकली या लगातार रक्तस्राव (bleeding) करने वाली बवासीर में सही जाँच की ज़रूरत पड़ सकती है। इसलिए किसी विज्ञापन में अगर बिना मरीज़ की जांच किए सभी प्रकार की बवासीर सात दिन में ठीक करने की गारंटी दी जा रही है, तो उस दावे पर सवाल उठाना ज़रूरी है।

दर्द कम होना, मस्से की सूजन कम होना और बीमारी का पूरी तरह समाप्त होना: तीनों एक जैसी बातें नहीं हैं।

किसी क्रीम से खुजली कम हो सकती है, लेकिन इसका मतलब नहीं कि बाहर निकले मस्से भी स्थायी रूप से खत्म हो गए।

आयुर्वेदिक दवाओं के झूठे विज्ञापनों पर सरकार का क्या कहना है?

यह समस्या केवल सोशल मीडिया पर दिखने वाले कुछ विज्ञापनों तक सीमित नहीं है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 9 अगस्त 2024 को संसद से संबंधित एक आधिकारिक जानकारी में बताया था कि आयुष औषधियों के फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के तहत उस समय तक 38,539 भ्रामक विज्ञापनों की रिपोर्ट की गई थी।

ध्यान रखें, यह आयुष दवाओं से संबंधित कुल रिपोर्ट किए गए विज्ञापनों की संख्या थी, केवल बवासीर की दवाओं का आंकड़ा नहीं। इसे दोषसिद्ध होने वाले मामलों की संख्या भी नहीं समझना चाहिए।

इसके बाद आयुष मंत्रालय ने अक्टूबर 2024 में एक सार्वजनिक सूचना जारी करके लोगों को चमत्कारी या अलौकिक प्रभाव वाले इलाज के विज्ञापनों से सावधान किया।

भारत में Drugs and Magic Remedies (Objectionable Advertisements) Act, 1954 सहित संबंधित कानून दवाओं के कुछ प्रकार के भ्रामक और आपत्तिजनक विज्ञापनों को नियंत्रित करते हैं।

जुलाई 2025 में सरकार ने भी स्पष्ट किया कि ऐसे विज्ञापनों की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई के लिए व्यवस्थाएं मौजूद हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर आयुर्वेदिक विज्ञापन गलत है। 

सोशल मीडिया पर वायरल घरेलू नुस्खों पर कितना भरोसा करें?

बवासीर के घरेलू इलाज खोजने पर कई तरह के वीडियो और पोस्ट दिखाई देते हैं।

कहीं अरंडी (castor) का तेल लगाने की सलाह मिलती है, कहीं लहसुन की भाप लेने को कहा जाता है, तो कहीं एलोवेरा और टी ट्री ऑयल मिलाकर लगाने का तरीका बताया जाता है।

Reddit के बवासीर संबंधी forums में भी ऐसे अनुभव मिलते हैं।

एक discussion में उपयोगकर्ता ने अरंडी के तेल से आराम मिलने का दावा किया। दूसरे में एलोवेरा, विच हेज़ल और टी ट्री ऑयल के मिश्रण को बवासीर ठीक करने वाला बताया गया।

लेकिन व्यक्तिगत अनुभव वैज्ञानिक अध्ययन का विकल्प नहीं है।

संभव है कि किसी व्यक्ति की बवासीर की सूजन समय के साथ अपने आप कम हुई हो। यह भी संभव है कि उसने उसी दौरान कब्ज़ कम करने, खानपान बदलने या दूसरी दवा का इस्तेमाल किया हो।

ऐसी स्थिति में केवल एक घरेलू नुस्खे को पूरा श्रेय देना सही नहीं होगा।

खासतौर पर गुदा के अंदर या आसपास बिना चिकित्सकीय सलाह के लहसुन, तेज तेल, फिटकरी या जलन पैदा करने वाले पदार्थ लगाने से बचें।

संवेदनशील त्वचा पर इनसे जलन, चोट या एलर्जी हो सकती है। राहत न मिलने पर सही उपचार में देरी भी हो सकती है।

किसी ने कहा, “मेरी बवासीर हमेशा के लिए ठीक हो गई”: क्या यह प्रमाण है?

मान लीजिए, किसी वीडियो में एक व्यक्ति कहता है कि उसने एक खास क्रीम इस्तेमाल की और तीन दिन में उसकी बवासीर लगभग खत्म हो गई।

वीडियो के नीचे सैकड़ों लोग पूछ रहे हैं कि क्रीम कहां मिलेगी, कितने दिन लगानी है और क्या इससे Grade 4 बवासीर भी ठीक होगी।

ऐसी चर्चाएं Reddit पर भी देखने को मिलती हैं। एक लोकप्रिय पोस्ट में किसी विशेष क्रीम को चमत्कारी राहत देने वाला बताया गया, जबकि दूसरे discussion में लोगों ने उसी तरह के बड़े दावों पर सवाल उठाए: उसके ingredients क्या हैं, लंबे समय तक इस्तेमाल सुरक्षित है या नहीं और डॉक्टर इसकी सलाह क्यों नहीं देते?

यहां सबसे ज़रूरी सवाल है: क्या अनुभव साझा करने वाले व्यक्ति की बीमारी की सही जांच हुई थी?

अगर किसी को यह भी नहीं पता कि उसकी गांठ अंदरूनी बवासीर थी, बाहरी बवासीर थी या कोई दूसरी समस्या, तो उसका अनुभव दूसरे मरीज़ के उपचार का आधार नहीं बन सकता।

अच्छे clinical evidence में केवल किसी एक व्यक्ति के अनुभव के बजाय व्यवस्थित अध्ययन, उपचार के संभावित नुकसान और उसके परिणामों को भी देखा जाता है।

इसलिए किसी testimonial को देखकर दवा खरीदने से पहले उसकी वास्तविक चिकित्सकीय उपयोगिता समझना ज़रूरी है।

क्या बिना ऑपरेशन बवासीर का इलाज संभव है?

हां, कई मरीज़ों में बिना सर्जरी के लक्षणों को संभालना संभव है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर प्रकार की बवासीर केवल दवाओं से पूरी तरह ठीक हो जाएगी।

2024 की American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS) guidelines के अनुसार, बवासीर के शुरुआती उपचार में भोजन और मल त्याग की आदतों में सुधार महत्वपूर्ण है।

Grade 1 और Grade 2 तथा चयनित Grade 3 के कुछ मरीज़ों में, शुरुआती उपचार पर्याप्त न होने पर Rubber Band Ligation जैसी क्लिनिक में की जाने वाली प्रक्रियाएं उपयोगी हो सकती हैं।

वहीं गंभीर Grade 3–4 या अंदरूनी और बाहरी बवासीर के कुछ मामलों में सर्जरी की ज़रूरत हो सकती है।

इसलिए “बिना ऑपरेशन इलाज संभव है” और “कभी किसी को ऑपरेशन की ज़रूरत नहीं पड़ती”: दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं।

जो विज्ञापन हर मरीज़ को एक ही उपचार देकर 100% सफलता की गारंटी देता है, उससे सावधान रहें।

बवासीर की दवा खरीदने से पहले ये पांच सवाल ज़रूर पूछें

किसी विज्ञापन या ऑनलाइन testimonial से प्रभावित होकर दवा खरीदने से पहले थोड़ी जांच आपको गलत फैसला लेने से बचा सकती है।

  1. दवा में क्या-क्या है?

उसके ingredients, निर्माता, लेबल, इस्तेमाल की विधि और ज़रूरी चेतावनियों को देखें। पूरी जानकारी न मिलने पर सावधानी बरतें।

  1. क्या दवा मेरी समस्या के लिए सही है?

बवासीर जैसी दिखने वाली गांठ कई बार फिशर, फोड़े या दूसरी समस्या भी हो सकती है। बिना सही diagnosis के दवा चुनना उचित नहीं है।

  1. क्या दवा के नुकसान भी हो सकते हैं?

हर दवा के संभावित side effects, interactions या इस्तेमाल की सीमाएं हो सकती हैं। प्राकृतिक और हर्बल उत्पाद भी इस नियम से बाहर नहीं हैं।

  1. क्या दावा किसी अध्ययन पर आधारित है?

सिर्फ before-after फोटो, सेलिब्रिटी का प्रचार या मरीज़ का वीडियो वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। अध्ययन किस बीमारी, कितने मरीज़ों और कितनी अवधि पर हुआ था, यह महत्वपूर्ण है।

  1. क्या डॉक्टर जांच और follow-up की सलाह दे रहे हैं?

अगर कोई केवल पैसे लेकर दवा भेजने पर जोर दे रहा है और लक्षणों की गंभीरता जानने में रुचि नहीं दिखाता, तो सावधानी रखें।

साथ ही, यदि विज्ञापन डर पैदा करके तुरंत खरीदने का दबाव डालता है, तो फैसला करने से पहले स्वतंत्र चिकित्सकीय राय लें।

घरेलू देखभाल में क्या वास्तव में मदद कर सकता है?

संदिग्ध नुस्खों के बजाय ऐसे उपायों पर ध्यान देना बेहतर है जिनके लिए विश्वसनीय medical guidance उपलब्ध है।

NIDDK के अनुसार, भोजन में फाइबर बढ़ाना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना, मल त्याग के दौरान जोर न लगाना और टॉयलेट में ज़रूरत से ज़्यादा समय न बिताना बवासीर की देखभाल में मदद कर सकता है।

हल्के गर्म पानी में बैठना यानी Sitz Bath भी कुछ लोगों में दर्द और असुविधा कम कर सकता है।

डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ क्रीम और suppositories हल्के लक्षणों में अस्थायी राहत दे सकते हैं। लेकिन कई OTC उत्पादों को लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

अगर लगभग एक सप्ताह की घरेलू देखभाल से राहत नहीं मिलती, तो जांच कराएं।

मलद्वार से खून आने को हमेशा बवासीर मानना भी सही नहीं है। इसके दूसरे कारण हो सकते हैं।

बहुत तेज दर्द, ज़्यादा रक्तस्राव (bleeding), बुखार, पस या चक्कर आने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

बवासीर के इलाज को लेकर उलझन है? Jiva Ayurveda से सलाह लें

बवासीर के इतने सारे विज्ञापन और घरेलू नुस्खे देखकर सही उपचार चुनना मुश्किल हो सकता है। लेकिन किसी भी दवा को शुरू करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि आपकी परेशानी वास्तव में किस प्रकार की है और उसके लिए कौन-सी देखभाल उपयुक्त होगी।

आयुर्वेद में बवासीर को अर्श कहा जाता है। Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी समस्या, कब्ज़, पाचन, खानपान और दिनचर्या पर परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत देखभाल, ज़रूरी जीवनशैली बदलाव और आयुर्वेदिक उपचार के उपयुक्त विकल्पों पर मार्गदर्शन दे सकते हैं। गंभीर या जटिल बवासीर में अन्य विशेषज्ञ की जांच या सर्जिकल उपचार आवश्यक हो सकता है।

अगर आप भी अलग-अलग दवाएं और घरेलू उपाय आजमाकर परेशान हैं, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श के लिए फॉर्म भरें और अपनी समस्या विस्तार से बताएं और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर।

किसी भी उपचार की सबसे बड़ी पहचान उसका बड़ा वादा नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक उपयोगिता, सुरक्षा और आपके लिए उपयुक्त होना है। बवासीर में “पक्के इलाज” के विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले सही जांच को प्राथमिकता दें।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी विज्ञापन, घरेलू नुस्खे या ऑनलाइन testimonial के आधार पर दवा शुरू या बंद न करें। बवासीर के लक्षणों, विशेषकर रक्तस्राव (bleeding) और तेज दर्द में योग्य चिकित्सक से जांच कराएं।

Medical Sources & Research References

  1. Ministry of AYUSH, Government of India: Steps Taken for Misleading Herbal and AYUSH Product Advertisements (2024)

Published: 9 August 2024

Source: https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=2043756&lang=2&reg=48

Content Reference: आयुष औषधियों से संबंधित 38,539 रिपोर्ट किए गए भ्रामक विज्ञापन, pharmacovigilance कार्यक्रम और संबंधित नियामक कार्रवाई। यह आंकड़ा केवल बवासीर की दवाओं का नहीं है।

  1. Ministry of Ayush: Government Strengthens Measures for Consumer Protection (2025)

Published: 25 July 2025

Source: https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2148433

Content Reference: आयुष उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी, सरकारी सार्वजनिक सूचना, Drugs and Magic Remedies Act तथा Ayush Suraksha portal से संबंधित जानकारी।

  1. Ministry of Ayush: Public Notice Regarding Misleading ASU&H Medicine Advertisements

Source: https://aiia.gov.in/wp-content/uploads/2024/09/Public-Notice-ASU-H-medicines.pdf

Content Reference: आयुर्वेदिक एवं अन्य आयुष दवाओं के चमत्कारी प्रभावों वाले विज्ञापनों से सावधानी, बिना चिकित्सकीय सलाह के औषधि न लेने और मंत्रालय द्वारा सीधे उत्पादों को प्रमाणित किए जाने की गलत धारणा का स्पष्टीकरण।

  1. American Society of Colon and Rectal Surgeons: Clinical Practice Guidelines (2024)

Research: Management of Hemorrhoids

Source: https://fascrs.org/ascrs/media/files/2024-Hemorrhoids-CPG.pdf

Content Reference: बवासीर में खानपान और मल त्याग संबंधी बदलाव, दवाओं से संभावित राहत, office-based procedures और चयनित गंभीर मामलों में सर्जरी की सिफारिशें।

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK): Treatment of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/treatment

Content Reference: फाइबर, stool softeners, Sitz Bath, OTC creams और ज़रूरत पड़ने पर चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के विकल्प।

  1. NIDDK: Symptoms & Causes of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/symptoms-causes

Content Reference: बवासीर के लक्षण, कब्ज़, रक्तस्राव (bleeding), बाहर निकले मस्से और अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते लक्षण।

Patient Forum Research

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: Anyone else skeptical of Mayinglong cream?

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1gg8jii/anyone_else_skeptical_of_mayinglong_cream/

Content Reference: किसी क्रीम के बड़े दावों, ingredients, संभावित side effects और लंबे समय तक इस्तेमाल की सुरक्षा को लेकर उपयोगकर्ताओं के सवाल।

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: Miracle Cure for Hemorrhoids

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1bxro88

Content Reference: कुछ ही दिनों में बहुत अधिक राहत मिलने के व्यक्तिगत दावे और अन्य उपयोगकर्ताओं द्वारा अलग प्रकार की बवासीर में उसी परिणाम की उम्मीद करना।

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: This is really a great cure for what I wasn't expecting

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1eoonrl

Content Reference: अरंडी के तेल से बवासीर ठीक होने के व्यक्तिगत दावे और ऐसे घरेलू नुस्खों को लेकर लोगों की रुचि।

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: Potential treatment/cure for hemorrhoids

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/11snwxf

Content Reference: एलोवेरा, विच हेज़ल और टी ट्री ऑयल के मिश्रण को बवासीर का इलाज बताने वाले व्यक्तिगत अनुभव। इस तरह के मिश्रण की सुरक्षा या प्रभावशीलता स्थापित नहीं मानी गई है।

Research Note: Reddit के अनुभवों का इस्तेमाल केवल मरीज़ों की वास्तविक चिंताओं और इंटरनेट पर फैलने वाले उपचार संबंधी दावों को समझने के लिए किया गया है। ये clinical evidence नहीं हैं। लेख में किसी विशेष उत्पाद, घरेलू मिश्रण या ब्रांड को प्रभावी उपचार के रूप में endorse नहीं किया गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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