बवासीर के मस्से बाहर निकलते हैं? ग्रेड 1 से 4 का मतलब समझें

Information By Dr. VD Aggarwal     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

शौच के दौरान गुदा के पास कोई गांठ बाहर आ जाए और कुछ देर बाद अपने आप अंदर चली जाए, तो क्या इसे सामान्य समझना चाहिए? और अगर वही गांठ बाहर रह जाए, तो क्या इसका मतलब है कि बवासीर गंभीर हो चुकी है?

बहुत से लोग बवासीर के मस्सों को देखकर घबरा जाते हैं। कुछ लोग शर्म या डर की वजह से डॉक्टर को नहीं बताते, जबकि कुछ बिना जांच के इसे आखिरी स्टेज की बवासीर मान लेते हैं।

असल में, बवासीर के अंदरूनी मस्सों को उनकी स्थिति के अनुसार चार ग्रेड में बांटा जाता है। इन ग्रेड का संबंध मुख्य रूप से इस बात से है कि मस्सा गुदा से बाहर आता है या नहीं और बाहर आने पर वापस कैसे जाता है।

बवासीर के मस्से बाहर क्यों निकलने लगते हैं?

बवासीर वह समस्या है जिसमें मलद्वार के अंदर या बाहर की नसें सूज कर फूल जाती हैं, जिससे दर्द या परेशानी होती है।

बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है: अंदरूनी (Internal Hemorrhoids) और बाहरी (External Hemorrhoids)।

अंदरूनी बवासीर गुदा नली और मलाशय के निचले हिस्से में होती है। जब ये सूजे हुए ऊतक (Tissues) नीचे खिसककर गुदा के बाहर आने लगते हैं, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Prolapse कहते हैं।

कब्ज़, शौच के दौरान बार-बार ज़ोर लगाना और टॉयलेट में लंबे समय तक बैठना बवासीर से जुड़े महत्वपूर्ण जोखिम कारक हैं। हालांकि, हर बाहर दिखने वाली गांठ अंदरूनी बवासीर का मस्सा नहीं होती। 

बाहरी बवासीर, स्किन टैग या मलाशय के बाहर आने जैसी दूसरी समस्याओं में भी गांठ महसूस हो सकती है। इसीलिए केवल गांठ देखकर उसका ग्रेड तय नहीं किया जा सकता।

ग्रेड 1 से 4: आपकी बवासीर किस स्थिति में हो सकती है?

इंटरनल बवासीर की ग्रेडिंग को आसान उदाहरण से समझिए।

Grade 1: मस्से अंदर होते हैं, बाहर नहीं निकलते

इस स्थिति में अंदरूनी बवासीर के ऊतक (Tissues) गुदा नली के भीतर ही रहते हैं। मरीज़ को मल त्याग के समय चमकीला लाल खून दिखाई दे सकता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि दर्द या कोई बाहरी गांठ महसूस हो। कुछ लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं होते।

Grade 2: मस्से बाहर आते हैं, लेकिन अपने आप अंदर चले जाते हैं

मान लीजिए, शौच के समय ज़ोर लगाने पर कोई छोटी गांठ बाहर आती है। लेकिन शौच के बाद बिना हाथ लगाए अपने आप अंदर चली जाती है। यह Grade 2 बवासीर की पहचान हो सकती है। मरीज़ को कभी-कभी असुविधा, खुजली या रक्तस्राव (Bleeding) की शिकायत भी हो सकती है।

Grade 3: मस्से बाहर आने के बाद अपने आप अंदर नहीं जाते

इस ग्रेड में बवासीर के मस्से बाहर आ जाते हैं और उन्हें वापस अंदर करने के लिए हाथ से मदद की ज़रूरत पड़ सकती है। ऐसा शौच के दौरान या कभी-कभी अन्य गतिविधियों में भी हो सकता है। कुछ मरीज़ों को बार-बार गांठ बाहर आने, नमी, जलन या सफाई में परेशानी महसूस होती है। अगर आपको ऐसा हो रहा है, तो खुद से Grade 3 तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाएं।

Grade 4: मस्से बाहर रहते हैं और अंदर नहीं जा पाते

इस स्थिति में अंदरूनी बवासीर के मस्से लगातार बाहर रहते हैं और उन्हें हाथ से भी वापस अंदर नहीं किया जा सकता। इसमें सूजन, असुविधा और सफाई से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। कुछ मामलों में तेज़ दर्द या रक्त प्रवाह प्रभावित होने जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं।

इसलिए Grade 4 की आशंका होने पर जल्द चिकित्सकीय मूल्यांकन ज़रूरी है।

याद रखने का आसान तरीका:

  • Grade 1: मस्सा बाहर नहीं आता।
  • Grade 2: बाहर आता है, अपने आप अंदर चला जाता है।
  • Grade 3: वापस अंदर करने के लिए हाथ की ज़रूरत पड़ती है।
  • Grade 4: बाहर रहता है, अंदर नहीं जा पाता।

ये ग्रेड मुख्य रूप से अंदरूनी बवासीर के लिए हैं। बाहरी बवासीर को इसी तरीके से Grade 1 से 4 में बांटना सही नहीं है।

मस्से को हाथ से अंदर करना सही है या गलत?

यह सवाल मरीज़ों के बीच काफी आम है।

Reddit के एक बवासीर संबंधी discussion में एक व्यक्ति ने बताया कि शौच के बाद मस्से को अंदर करने की कोशिश करने पर उसे और ज़्यादा दबाव तथा भारीपन महसूस होता था। वह समझ नहीं पा रहा था कि मस्से को अंदर रखना बेहतर है या बाहर छोड़ देना।

यह व्यक्तिगत अनुभव है, मेडिकल सलाह नहीं। लेकिन इससे एक ज़रूरी समस्या सामने आती है। Grade 3 बवासीर की परिभाषा में हाथ की मदद से मस्से का वापस अंदर जाना शामिल है। इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को खुद ऐसा करने की कोशिश करनी चाहिए।

अगर गांठ बहुत दर्दनाक, सख्त, अधिक सूजी हुई है या खून आ रहा है, तो उसे जबरदस्ती अंदर धकेलना उचित नहीं है। इससे चोट या रक्तस्राव हो सकता है। यह भी संभव है कि बाहर निकली गांठ बवासीर के बजाय कोई दूसरी समस्या हो।

अगर मस्सा बार-बार बाहर आता है, अंदर करने में दर्द होता है या वापस नहीं जाता, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

क्या Grade 3 और 4 में ऑपरेशन ही एकमात्र रास्ता है?

बवासीर का ग्रेड जानने के बाद बहुत से लोगों को सबसे ज़्यादा ऑपरेशन का डर लगता है।

लेकिन केवल ग्रेड के आधार पर हर मरीज़ का इलाज तय नहीं किया जा सकता।

2024 में प्रकाशित American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS) की clinical guidelines के अनुसार, Grade 1 और 2 के अधिकांश मरीज़ों तथा Grade 3 के कुछ चुने हुए मरीज़ों में, जब शुरुआती उपचार पर्याप्त न हो, तो डॉक्टर क्लिनिक में की जाने वाली प्रक्रियाओं पर विचार कर सकते हैं।

इनमें Rubber Band Ligation, Sclerotherapy और Infrared Coagulation जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

वहीं Grade 3-4 के कुछ मरीज़ों, खासकर जब अंदरूनी और बाहरी दोनों प्रकार की बवासीर मौजूद हों, सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।

इसका मतलब है कि Grade 3 होने पर हर व्यक्ति को ऑपरेशन ज़रूरी नहीं होता, लेकिन केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना भी ठीक नहीं है।

सही विकल्प लक्षणों, रक्तस्राव (bleeding), बाहर निकले ऊतक (tissues), जांच के परिणाम और पहले किए गए उपचार पर निर्भर करता है।

मस्सों की सूजन और कब्ज़ में क्या सुधार किया जा सकता है?

बवासीर का ग्रेड चाहे जो भी हो, कब्ज़ और मल त्याग की आदतों पर ध्यान देना ज़रूरी है।

अमेरिका के National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ और शौच के दौरान ज़ोर लगाने से बचना बवासीर की देखभाल में मदद कर सकता है।

अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव उपयोगी हो सकते हैं:

  • भोजन में दाल, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं, अगर डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने को नहीं कहा है।
  • मल त्याग की इच्छा को बार-बार न रोकें।
  • टॉयलेट में ज़रूरत से ज़्यादा देर न बैठें।
  • मल निकालने के लिए अनावश्यक ज़ोर लगाने से बचें।

ये आदतें कब्ज़ और बवासीर से जुड़ी असुविधा कम करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन बाहर निकले मस्से को हमेशा के लिए अंदर करने की गारंटी नहीं देतीं।

एक ज़रूरी सावधानी: अगर मस्से का रंग अचानक गहरा या नीला पड़ जाए, बहुत तेज़ दर्द हो, बुखार आए या खून ज़्यादा निकले, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। साथ ही मलद्वार से खून आने को हमेशा बवासीर का लक्षण मानना सही नहीं है। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनकी जांच ज़रूरी है।

बवासीर के मस्से बार-बार बाहर आते हैं? Jiva Ayurveda से सलाह लें

अगर शौच के समय बवासीर के मस्से बाहर आने लगे हैं, बार-बार सूजन होती है या बैठने और चलने में परेशानी महसूस होती है, तो केवल घरेलू उपायों से समस्या संभालने के बजाय सही जांच और परामर्श लेना ज़रूरी है।

आयुर्वेद में बवासीर को अर्श कहा जाता है। Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी परेशानी, कब्ज़, पाचन, खानपान और दैनिक आदतों पर परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार आयुर्वेदिक देखभाल, जीवनशैली में बदलाव और उपयुक्त उपचार विकल्पों पर मार्गदर्शन दे सकते हैं। गंभीर या जटिल बवासीर में अन्य विशेषज्ञ की जांच अथवा सर्जिकल उपचार की ज़रूरत भी हो सकती है।

अगर आपको भी बवासीर के मस्से बाहर आने, दर्द या बार-बार सूजन की शिकायत है, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए फॉर्म भरें और अपनी समस्या बताएं और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर।04:35 PM

मस्सा बाहर आना ज़रूरी नहीं कि हमेशा सबसे गंभीर स्थिति का संकेत हो। लेकिन उसे नजरअंदाज करना या बिना जांच के उसका ग्रेड मान लेना भी सही नहीं है। समय पर जांच से यह समझने में मदद मिलती है कि परेशानी कितनी है और किस तरह की देखभाल ज़रूरी है।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। बवासीर के ग्रेड की पुष्टि और उचित उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से जांच कराएं।

Medical Sources & Research References

  1. University Hospitals Plymouth NHS Trust: Haemorrhoids

Source: https://www.plymouthhospitals.nhs.uk/display-pil/pil-haemorrhoids-8096

Content Reference: अंदरूनी बवासीर के Grade 1 से 4 की चिकित्सकीय परिभाषाएं, बाहर निकले मस्सों के लक्षण और Prolapse की स्थिति।

  1. American Society of Colon and Rectal Surgeons: Clinical Practice Guidelines (2024)

Research: Management of Hemorrhoids

Source: https://www.guidelinecentral.com/guideline/9150/

Content Reference: Grade 1, 2 और चयनित Grade 3 मरीज़ों में office-based procedures तथा Grade 3–4 के कुछ मामलों में सर्जिकल उपचार की सिफारिशें।

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK): Symptoms & Causes of Hemorrhoids

Source: Symptoms & Causes of Hemorrhoids - NIDDK

Content Reference: अंदरूनी और बाहरी बवासीर के लक्षण, कब्ज़, रक्तस्राव और मल त्याग के दौरान ज़ोर लगाने से जुड़े जोखिम कारक।

  1. NIDDK: Diagnosis of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/diagnosis

Content Reference: बवासीर की पुष्टि के लिए शारीरिक जांच, Digital Rectal Examination और ज़रूरत पड़ने पर अंदरूनी जांच।

  1. NIDDK: Treatment of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/treatment

Content Reference: फाइबर, पानी, शौच की आदतों में बदलाव और बवासीर के विभिन्न चिकित्सकीय उपचार।

Patient Forum Research

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: Is there a proper way to push them in?

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1mmssxk/is_there_a_proper_way_to_push_them_in/

Content Reference: शौच के बाद बाहर आए मस्से को अंदर करने में परेशानी, दबाव महसूस होना और Grade 2–3 को लेकर मरीज़ों के सवाल।

  1. Reddit: r/hemorrhoid

Discussion: Anyone else have a partial/mild prolapse with their hemorrhoids?

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1hrhuky/anyone_else_have_a_partialmild_prolapse_with/

Content Reference: Grade 3 में बार-बार बाहर आने वाले ऊतकों (Tissues) और Prolapse के लक्षणों को लेकर वास्तविक मरीज़ों की चिंता।

Research Note: Reddit discussions का इस्तेमाल केवल मरीज़ों के अनुभव और सवाल समझने के लिए किया गया है। इनमें दी गई व्यक्तिगत उपचार सलाह को चिकित्सकीय प्रमाण नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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