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नाश्ता skip करके सीधे lunch करना शाम की cravings को कैसे बदल सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

आजकल के busy लाइफस्टाइल में सुबह के नाश्ते से लेकर शाम के खाने का कोई एक टाइम नहीं होता है जिसके चलते हमारी बहुत सी आदते खराब हो रही है उनमें से एक है नाश्ता स्कीप करके सीधा लंच करना |जब हम रात को सो जाते हैं तो लगभग 10 से 12 घंटा हमारे अंदर कुछ भी खाने का नहीं जाता है जिसकी वजह से सुबह हमारा शरीर रिज़र्व एनर्जी के ऊपर चल रहा होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह का नाश्ता स्कीप करके सीधा लंच करना कैसे हमारी शाम की क्रेविंग को या कैसे हमारे शरीर को शाम तक इफेक्ट करता है यह हमारी खाने की circadium rhytm साइकिल को खराब करता है

नाश्ता ना करने से शरीर पर क्या होता है

नाश्ता न करने से आपका शरीर रिज़र्व एनर्जी पर चलता है जिससे आपको ताकत कम महसूस होती है

इसी के साथ-साथ आपके शरीर का शुगर लेवल कम होता है |

हमें भूख लगती है लेकिन हम अपने काम में इतना बिजी रह जाते हैं कि हम अपने पेट की नहीं सुनते |जिससे हमें बाद में मानसिक तनाव और बहुत ज्यादा गुस्सा भी आने लगता है तो अगली बार अगर आपको काम करते हुए ऐसा लगे कि आप बहुत चिड़चिड़ा हो रहे हैं आपको गुस्सा आ रहा है तो हो सकता है कि आपने खाना सही से नहीं खाया सुबह या फिर नाश्ता करना भूल गए हो

इन सब बातों के साथ-साथ आपको यह भी ध्यान रखना है कहीं नाश्ता न खाने पर आपके शरीर में डाइजेशन से रिलेटेड दिक्कत ना हो इसी के साथ-साथ आपको सर में दर्द और पेट में गैस बनने की शिकायत भी हो सकती है , अपने ब्लड प्रेशर पर भी ध्यान दे हो सकता है आपका ब्लड प्रेशर काफी को हो जाए जिसकी वजह से आपको चक्कर या फिर उल्टी जैसा भी फील हो सकता है |

चलिए जानते हैं नाश्ता न करने से आपकी शाम की क्रेविंग पर कैसे असर पड़ सकता है

जब हम सुबह का नाश्ता नहीं कर पाते हैं तो हमारे शरीर को यह सिग्नल हमारा दिमाग देता है कि हमारे शरीर को रिजर्व एनर्जी पर चलने की जरूरत है जो कि हमारे शरीर को थोड़ा डाउन करता है,आपका जो पाचन होता है या आपका जो पेट में hydrochloric acid होता है वह आपको यह सिग्नल देता है कि आपको खाने की आवश्यकता बहुत ज्यादा है जिसकी वजह से आपको भूख और तेज लगने लगती हैऔर जहां पर आपकी भूख दो रोटी खाने की थी आप ज्यादा से ज्यादा खाने की कोशिश करते हैं जिसकी वजह से आप ओवरईटिंग  भी कर देते हैं ,जिससे आपकी बॉडी अगर सक्षम नहीं है तो वह खाना ढंग से पचता भी नहीं है दूसरी बात आप ओवरईटिंग  करते हैं तो आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट जमा होने की प्रक्रिया चलती है जिससे आपको मोटापा बड़ी जल्दी आ सकता है इसी के साथ-साथ अगर हम नाश्ते का, दोपहर के खाने का और शाम के खाने का बैलेंस न रखें तो यह हमारी शाम की क्रेविंग को और बढ़ा देता है जिससे हम snacks के तौर पर ताला और भुना हुआ खाना खाने की तीव्र इच्छा होती है|

अगर आप अपना खाने का समय सही ना करें तो आपको क्या दिक्कतें आ सकती है 

खाना स्कीप करने से आपकी बॉडी को बहुत सी दिक्कतों का सामना कर करना पड़ सकता है जैसे कि कुछ बीमारियां इस प्रकार है:

शाम में कुछ भी उल्टा सीधा खा लेना और तला भुना चटपटा और तीखाखाने की तीव्र इच्छा होना भी आपके पाचन के लिए हानिकारक है 

क्या हम इस आदत को बदल सकते हैं

अगर आपको कुछ असुविधा हो रही है ऊपर दिए हुई बातों में से तो उसको ठीक करने के लिए पहले तो किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाएं और अगर आप अभी इतना कुछ महसूस नहीं कर रहे हैं , तो कुछ आसान नुस्खे से भी आपको ठीक कर सकते हैं

  • सुबह उठकर गुनगुने पानी में शहद डालकर या नींबू डालकर पिए
  • कोशिश करें सुबह का नाश्ता जरूर करें 
  • काम पर जाते समय थोड़ा बहुत खाने का कुछ ले जिससे आपका मुंह चला रहे
  • कोशिश करें सुबह का नाश्ता ,दोपहर का खाना और शाम का खाना टाइम से हो
  • खाने के बाद थोड़ा टहलना 
  • शरीर में पानी की पूर्ति सही से करें 
  • तला हुआ भुना हुआ और मिर्च मसाले वाला खाना खाना कम करें ,यह आपकी पेट की अग्नि को भड़कता है 

इन सब बातों का ध्यान रखें और कोशिश करें अपने शरीर को ज्यादा से ज्यादा स्ट्रेस से दूर रखें और पाचन से संबंधित दिक्कतों के लिए अगर घरेलू उपचार काम ना करें तो किसी चिकित्सा से संपर्क करें 

निष्कर्ष 

नाश्ता स्किप करना सही नहीं है , इससे आपकी बॉडी पे गहरा असर पड़ता है जिससे आपको पाचन में दिक्कत ,पेट में दर्द ,उलटी जैसा लगना , चटपटा और तीखा खाने की तीव्र इच्छा होती है , और इसका इलाज यह है की आप अपनी आदतों को बदलने की कोशिश करे , अगर आपको लक्षण ऐसे लगरे है की आप की बॉडी सेह नहीं पारी तोह तुरंत किसी डॉक्टर की दिखाए ,और कोशिश करे की आप टाइम से भोजन करे , काम में इतने व्यस्त न हो की आप अपने शरीर की देखभाल न कर पाए , अगर फिर भी आपको दिक्कत आरी तो आज ही किसी अच्छे विशेषयज्ञ को दिखाए और अपनी बॉडी की प्रवर्ति को पहचाने | 

References

Skipping Breakfast and Its Association with Health Risk Behaviour and Mental Health Among University Students in 28 Countries - PMC

Skipping Breakfast and Academic Grades, Persistent Feelings of Sadness or Hopelessness, and School Connectedness Among High School Students , Youth Risk Behavior Survey, United States, 2023 | MMWR

8 tips for healthy eating - NHS

Effect of skipping breakfast on cardiovascular risk factors: a grade-assessed systematic review and meta-analysis of randomized controlled trials and prospective cohort studies - PMC

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

क्योंकि शरीर शुद्ध रिजर्व एनर्जी के संकेत पाता है, पाचन धीमा होता है और शाम तक भूख तेजी से बढ़कर तले-चटपते विकल्पों की cravings बढ़ा देता है।

निर्भर करता है, यदि आप पूरे दिन संतुलित आहार नहीं लेते तो ओवरईटिंग से वजन बढ़ सकता है; अगर संतुलित पोषण का ध्यान रखा जाए तो प्रभाव कम होता है।

भोजन का समय circadian rhythm को प्रभावित कर सकता है; अनियमित खाने से चयापचय ढीला पड़ सकता है और शाम की ऊर्जा दिशाहीन हो सकती है।

शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज़ पर निर्भर है; खाली पेट रहने से ग्लूकोज़ कम, ऊर्जा घटती है और काम में फोकस गिर सकता है।

हाँ, अचानक खाने के समय में बदलाव पाचन संस्थान पर दबाव डाल सकता है, गैस, पेट में असुविधा और जलन बढ़ सकती है।

नियमित छोटे-छोटे संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, पर्याप्त फाइबर-प्रोटीन, सही सोने का समय और अनावश्यक ब्रेड-चिप्स से बचना।

प्रोटीन-युक्त लंच (चने, दाल, पनीर/टॉफू), साबुत अनाज (ब्राउन राइस/रोटी), सब्जियाँ, एक मौसमी फल और एक हेल्दी फैट (जैसे अवाकाडो)।

गुनगुना पानी with नींबू/शहद, पानी अधिक पीना, सुबह हल्की एक्सरसाइज, और तला- seasoned खाने से बचना मददगार है।

धीरे-धीरे नाश्ता उनके समय पर शुरू करें (10–15 मिनिट पहले उठें), सरल हेल्दी नाश्ता पहले दिन, फिर क्रम बढ़ाएं।

अस्थिर ब्लड-शुगर हो सकता है; कभी-कभी हाई-लो ब्लड शुगर के झटके महसूस हो सकते हैं, खासकर शाम को।

हाँ, भोजन की कमी से मूड, irritability और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं।

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