सुबह खाली पेट और अधिक व्यायाम हर महिला के लिए उचित नहीं है क्योंकि इससे कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ने के कारण थायराइड और ओवरी के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त यह वात और पित्त दोषों को असंतुलित कर सकता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं और शारीरिक थकान उत्पन्न हो सकती है।इससे महिलाओं में हार्मोन का असंतुलन कोर्टिसोल का बढ़ना शुगर का अचानक कम होना चक्कर आना और मांसपेशियों का नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। महिलाओं का शरीर हार्मोन के मामले में बहुत संवेदनशील होता है।
सुबह खाली पेट वर्कआउट करने से क्या होता है?
सुबह खाली पेट व्यायाम करने से शरीर में जमा फैट ऊर्जा के लिए तेज़ी से जलता है। लेकिन इससे कमजोरी, चक्कर आना और स्टैमिना में भी कमी आ सकती है। यह हल्के कार्डियो के लिए ठीक हो सकता है। लेकिन भारी या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान नुकसान भी हो सकता है। अगर आपका लक्ष्य मांसपेशियों को बढ़ाना है, तो खाली पेट ट्रेनिंग करना अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। मांसपेशियों को आराम करने के लिए ऊर्जा और प्रोटीन मिलने वाले अमीनो एसिड की आवश्यकता होती है। टाइम से भोजन न लेने की वजह से आपका शरीर ज़्यादा व्यायाम नहीं कर सकता है इससे विकास और मांसपेशियों की प्रगति धीमी हो जाती है।
एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार सुबह खाली पेट वर्कआउट हर महिला के लिए सही नहीं है। महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम पुरुषों की तुलना में अलग होता है और भूखे पेट ज़्यादा कसरत करने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है।
हर महिला के लिए fasted workout सही क्यों नहीं?
महिलाओं का शरीर हार्मोन्स की वजह से पुरुषों से अलग तरह से काम करता है खली पेट या बिना कुछ खाए एक्सरसाइज़ करने से महिलाओं में कोर्टिसोल बढ़ सकता है जिससे हार्मोन असंतुलन मासिक धर्म में गड़बड़ी और थकान जैसी समस्याएँ हो सकती है
हॉर्मोनल असंतुलन और तनाव
- कॉर्टसोल का बढ़ना: सुबह के समय तनाव हॉर्मोन (कॉर्टसोल) पहले से ही उच्च होता है। खाली पेट एक्सरसाइज़ करने से यह और बढ़ जाता है, जिससे थकान और कमज़ोरी महसूस होती है।
- मासिक धर्म पर असर: लगातार ऊर्जा की कमी से हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है जिससे पीरियड्स अनियमित होने का खतरा रहता है।
ऊर्जा और सेहत पर प्रभाव
- कमज़ोरी और चक्कर: बिना कुछ खाए वर्कआउट करने से ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है। इससे चक्कर आना और ध्यान केंद्रित न होना जैसी समस्याएं होती हैं।
- थायरॉइड पर असर: शरीर इसे 'भुखमरी' का संकेत मानकर मेटाबॉलिज्म और थायरॉइड गतिविधि को धीमा कर देता है।
- मांसपेशियों का नुक्सान : शरीर ऊर्जा पाने के लिए फैट की जगह मांसपेशियों को तोड़ने लगता है।
Workout से पहले क्या खाएं और क्या नहीं ?
वर्कआउट से पहले खाना शरीर को ऊर्जा देने और थकान से बचने के लिए ज़रूरी है। यह मांसपेशियों को बचाता है और क्षमता बढ़ाता है। खाली पेट रहने से कमज़ोरी या चक्कर आ सकते हैं, खासकर भारी या लंबे वर्कआउट से पहले।
Workout से पहले क्या खाएं?
- केला: तुरंत ऊर्जा और मांसपेशियों की ऐंठन रोकने के लिए।
- भीगे हुए बादाम और किशमिश: जल्दी पचने वाले कार्बोहाइड्रेट और ताकत के लिए।
- ब्लैक कॉफी: जिम में फोकस और स्टैमिना बढ़ाने के लिए बिना चीनी-दूध की।
- ओट्स: अगर आपके पास वर्कआउट से 1 घंटा पहले का समय है।
- पीनट बटर और ब्राउन ब्रेड: हल्के और कार्ब्स-प्रोटीन से भरपूर।
Workout से पहले क्या न खाएं?
- जिम जाने से ठीक पहले भारी या तला-भुना खाना न खाएं।
- पेट में भारीपन या गैस से बचने के लिए दूध या भारी पराठे तुरंत खाने से बचें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसलिए कुछ घूंट सादा पानी जरूर पिएं।
intense workout हर महिला में नुक्सान क्यों करता है?
Intense workout हर महिला के लिए नुकसानदेह नहीं होता है बल्कि अत्यधिक या बिना संतुलन के किया जाने वाला भारी वर्कआउट महिलाओं के हॉर्मोनल और शारीरिक ढांचे को प्रभावित कर सकता है। यह गलत धारणा है कि यह हर महिला को नुकसान पहुंचाता है परंतु शारीरिक क्षमता से अधिक तनाव लेने पर कुछ समस्याएं उभर सकती हैं। । इसे ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम कहते हैं, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, हड्डियों में फ्रैक्चर, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना, दिल पर अतिरिक्त दबाव और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
PMS में खाली पेट exercise से परेशानी क्यों हो सकती है?
PMS के दौरान खाली पेट एक्सरसाइज़ करने से शरीर में कमज़ोरी चक्कर आना और थकान बढ़ सकती है। इस समय हार्मोन बदलते हैं। शरीर का ब्लड शुगर लेवल पहले ही कम हो सकता है। खाली पेट कसरत करने से शुगर और गिर जाती है। इससे एनर्जी खत्म हो जाती है। शरीर को ऐंठन और मूड स्विंग से लड़ने के लिए ईंधन चाहिए होता है। खाली पेट रहने से कोर्टिसोल बढ़ता है। इससे दर्द और सूजन ज़्यादा हो सकती है।
महिलाओं के लिए फिटनेस के लिए क्या टिप्स हैं?
नियमित व्यायाम
- रोज सुबह या शाम को कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या योग करें।
- घर पर ही स्क्वाट्स प्लैंक और हल्की स्ट्रेचिंग कर सकती हैं।
- अगर जिम जाना मुमकिन न हो, तो तेज चलना (Walking), रनिंग या डांस करें।
- लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और एक्टिव रहें।
ज़रूरी आदतें
- रात को 7 से 8 घंटे की पूरी और गहरी नींद लें।
- सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने की आदत डालें।
- ज़्यादा तनाव न लें और खुद को हमेशा सकारात्मक रखें।
सुबह exercise को सुरक्षित और आसान कैसे बनाएं?
- वार्म-अप करें: सीधे भारी कसरत न करें। शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों को जगाने के लिए हल्के हाथ-पैर हिलाएं।
- पानी पिएं: सोने के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए एक्सरसाइज़ से पहले थोड़ा पानी ज़रूर पिएं।
- आसान शुरुआत: पहले दिन से कठिन योग या जिम न करें। शुरुआत में केवल 10 से 15 मिनट का समय दें।
- शरीर की सुनें: अगर किसी जोड़ या मांसपेशी में तेज दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। ज़बरदस्ती बिल्कुल न करें।
- रात की तैयारी: सोने से पहले अपने कपड़े और ज़रूरी सामान एक जगह रख लें ताकि सुबह सोचने में समय बर्बाद न हो।
निष्कर्ष
सुबह खाली पेट और बहुत ज़्यादा व्यायाम करना हर महिला के लिए फायदेमंद नहीं होता है। महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम बेहद संवेदनशील होता है, और भूखे पेट कसरत करने से कॉर्टिसोल का स्तर काफी बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप थायरॉइड, मासिक धर्म में अनियमितता, अचानक चक्कर आना और मांसपेशियों का नुकसान जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। एक स्वस्थ और सुरक्षित फिटनेस रूटीन के लिए यह आवश्यक है कि आप वर्कआउट से पहले केला या भीगे बादाम जैसा हल्का आहार लें शरीर को हाइड्रेटेड रखें और अपनी शारीरिक क्षमता के हिसाब से ही व्यायाम करें।
References:
https://www.healthline.com/health/strenuous-exercise
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/11431132/
https://www.healthline.com/health/what-exercise-burns-the-most-calories















