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त्वचा की एलर्जी से लड़ने के लिए आयुर्वेदिक तरीके

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 21 Jan, 2020
  • category-iconUpdated on 22 Aug, 2026
  • category-iconImmunity
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लोगों में आजकल बहुत सारी त्वचा-सम्बन्धी परेशानियाँ देखने को मिलती हैं। आपको भी चटकती हुई त्वचा, चकत्ते, लालपन और दाने आदि हॉर्मोन के असंतुलन,अनुचित आहार और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण होने वाली त्वचा की समस्याएँ परेशान कर सकती हैं। त्वचा की एलर्जी रसायन, धूल, डिटर्जेंट, धूम्रपान, दवाओं या पर्यावरण परिवर्तनों के कारण भी हो सकती है। 

आयुर्वेद का उपचार दृष्टिकोण

अनेक शारीरिक प्रकृति वाले लोगों में त्वचा रोग तथा एलर्जी भिन्न रूपों में उपस्थित हो सकते है, इनके उपचार के लिए आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है।

तुलसी और नीम की पत्तियाँ

बहुत सारे औषधीय पौधे जैसे कि नीम, तुलसी, एलोवेरा आदि बैक्टीरिया विरोधी और कवक (फंगस) विरोधी गुणों से भरपूर होते हैं। इसी कारण यह त्वचा की एलर्जी को ठीक करने में बेहद लाभकारी है।

तुलसी और नीम इसके सामान्य उदाहरण हैं। ये सबके घरों में आसानी से मिल जाते हैं और अद्भुत चिकित्सकीय गुणों से भरपूर होते हैं। त्वचा की समस्याओं के लिए आप तुलसी को नीम और धनिया की पत्तियों के साथ पीसकर प्रभावित स्थान पर लगा सकते हैं। थोड़ी देर में पानी से उस जगह को धो लें। यह लेप चकत्ते या एलर्जी दूर करने में बहुत उपयोगी है।

सौंदर्य प्रसाधन

सौंदर्य प्रसाधनों और उत्पादों में बहुत भारी मात्रा में रसायन मिश्रित होते हैं, जो कि त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। अतः अगर आपको ऐसे किसी उत्पाद का इस्तेमाल करने से त्वचा पर चकत्ते या जलन का आभास हो रहा है, तो इसे इस्तेमाल करना बंद कर दें।

विटामिन-सी

विटामिन-सी को अपने आहार का हिस्सा बनाएँ। इसमें त्वचा के रोगों को ठीक करने के लिए जरूरी गुण विद्यमान होते हैं। विटामिन-सी त्वचा की एलर्जी से लड़ता है और इसीलिए, इसे त्वचा के लिए सबसे बढ़िया उपचार माना जाता है। विटामिन सी शरीर में पहुंचाने के लिए आप नींबू के रस का भी सेवन कर सकते हैं।

पपीते का लेप

पपीते के बीजों को मसलकर उन्हें प्रभावित क्षेत्र में लगाएँ और 30 मिनट तक उन्हें ऐसे ही रहने दें। इसके बाद, ठंडे पानी से उस जगह को धो दें। ये चकत्तों को कम करता है और जलन से राहत देता है, जो एलर्जी के कारण होती है। पपीते में बहुत सारे पौष्टिक तत्व होते हैं, जैसे कि मैग्नीशियम, विटामिन ए, ई, सी, आदि, जो कि त्वचा के लिए बेहद ही लाभदायक हैं।

एलर्जी से बचाव कैसे करें?

स्किन एलर्जी से बचने का सबसे सही तरीका उन एलर्जेन्स से दूर रहना है जिनकी वजह से यह समस्या शुरू होती है। एलर्जेन्स से दूर रहने के कुछ बुनियादी उपाय ये हैं:

  • सामग्री की जाँच करें: अपने ज्ञात ट्रिगर से बचने के लिए लेबल को स्कैन करें। 
  • सुगंध छोड़ें: "बिना सुगंध वाले" लेबल के स्थान पर "सुगंध-मुक्त" का चयन करें।
  • पहनने से सुरक्षा: सफाई रसायनों को मिलाते समय हेवी-ड्यूटी उपयोगिता वाले दस्ताने का उपयोग करें।
  • बिस्तर को घेरें: धूल के कणों को रोकने के लिए ज़िप वाले गद्दे और तकिए के कवर का उपयोग करें।

स्वस्थ त्वचा के लिए आहार

त्वचा के स्वास्थ्य और एलर्जी के लिए आयुर्वेदिक आहार आंतरिक गर्मी (पित्त) को ठंडा करने और रक्त और पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थ (अमा) को साफ करने पर केंद्रित है। स्वस्थ त्वचा के लिए आहार संबंधी कुछ बातें इस प्रकार हैं:

खाने के लिए उचित भोजन

  • मीठी और कड़वी सब्जियाँ: पत्तेदार सब्जियाँ, तोरी और करेला। 
  • ठंडे फल: मीठे अनार, खरबूजे और नाशपाती। 
  • स्वास्थ्यवर्धक अनाज: बासमती चावल, क्विनोआ और पका हुआ जई। 
  • स्वस्थ जलयोजन: धनिया या पुदीना मिला हुआ गर्म पानी।

परहेज करने योग्य खाद्य पदार्थ

  • खट्टे और किण्वित भोजन: सिरका, दही और पुरानी चीज़। 
  • अत्यधिक गर्मी और मसाला: मिर्च, लहसुन, और भारी तला हुआ भोजन। 
  • असंगत संयोजन: खट्टे फल, मछली या नमक के साथ दूध मिलाया जाता है। 
  • प्रसंस्कृत वस्तुएं: परिष्कृत चीनी, कृत्रिम योजक, और पैक किए गए स्नैक्स।

निष्कर्ष

त्वचा की एलर्जी उभरने पर इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए या नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये हमारी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता का फायदा उठा सकती हैं और बाद में गंभीर रूप ले सकती हैं। घरेलू उपचार प्रतिरक्षा बनाने का एक शानदार तरीका है और जीवनशैली को सकारात्मक रूप से बदलने से कई स्थितियों से बचने में मदद मिल सकती है, लेकिन अगर आपको अपने शरीर में त्वचा की एलर्जी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और यदि वे गंभीर हैं, तो प्रामाणिक उपचार सुनिश्चित करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ या एलर्जी विशेषज्ञ से परामर्श करना सही कदम है।

References:

Allergy and the skin - PMC

Contact dermatitis - Causes - NHS

Skin as the target for allergy prevention and treatment - ScienceDirect

Prevalence of Skin Reactions and Self-Reported Allergies in 5 Countries with Their Social Impact Measured through Quality of Life Impairment - PMC

Skin Allergies | AAFA.org

View of Role of Dushivisha w.s.r. to Allergic Skin Diseases | Journal of Ayurveda and Integrated Medical Sciences

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

बहुत ज़्यादा खट्टी चीज़ें जैसे इमली या अचार शरीर में पित्त और एसिड बढ़ाते हैं जिससे दाने लाल हो जाते हैं।

खुजली वाली जगह पर नारियल के तेल में थोड़ा सा देसी कपूर मिलाकर लगाने से तुरंत ठंडक और आराम मिलता है।

बिल्कुल, पसीना जब शरीर पर सूखता है तो वहाँ बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे दाद और लाल दानों की परेशानी शुरू हो जाती है।

नहाने के पानी में नीम के उबले हुए पत्ते या एक चम्मच फिटकरी मिलाने से त्वचा के सारे कीटाणु मर जाते हैं।

हाँ जानवरों के झड़ने वाले बाल और रूसी बहुत बारीक होते हैं जो हमारी साँस या त्वचा पर चिपक कर तेज़ एलर्जी करते हैं।

साबुन की जगह बेसन में थोड़ी सी हल्दी और गुलाब जल मिलाकर उसका उबटन बनाकर नहाना त्वचा के लिए सबसे अच्छा है।

जी हाँ जब पेट साफ नहीं होता तो पेट की गर्मी चेहरे पर दाने और पूरे शरीर में खुजली के रूप में बाहर आती है।

अगर दाने छिल जाएँ तो वहाँ तुरंत सादा पानी डालकर नारियल का तेल या एलोवेरा जेल लगाना चाहिए ताकि घाव न बने।

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