क्या कभी लेट नाइट हेयरवॉश किया है और बाल सुखाने का मन नहीं किया? बस तौलिये से थोड़ा पोंछा, ढीले या टाइट बाल बाँधकर सो गए। सुबह उठकर कभी फ्रिज़ी हो जाते हैं, अजीब से बेंड या स्कैल्प में खुजली महसूस होती है? तो हो सकता है आपने भी सोचा हो कि गीले बाल बाँधकर सोना कितना हानिकारक है।
हम में से कई लोगों के लिए गीले बालों के साथ सोना एक सामान्य आदत है, खासकर जब दिनभर ऑफिस, कॉलेज या घर के काम के बाद बाल धोने का समय नहीं मिल पाता। लेकिन क्या ऐसे सच में बाल खराब हो सकते हैं या फिर यह सिर्फ एक ब्यूटी माइथ है, इसका जवाब थोड़ा संतुलित है।
गीले बाल ज्यादा नाजुक होते हैं
जब बाल गिले होते हैं तब उनकी स्ट्रक्चर में टेम्पररी बदलाव आते हैं जिसकी वजह से वो ड्राई हेयर की तुलना में ज्यादा आसानी से खिंच सकते हैं और टूट सकते हैं। अब अगर आप इन्हीं गीले बालों को टाइट रबर बैंड से बांधकर सो जाते हैं तो प्रॉब्लम बढ़ सकती है।
रात भर सोते वक्त हम लगातार अपनी पोज़िशन बदलते रहते हैं, इस मूवमेंट के कारण बालों पर फ्रैक्शन और पुलिंग होती है। अगर बाल पहले से ही गीले और कसकर बांधे हुए हैं तो ब्रेकेज और टेंगलिंग का रिस्क बढ़ सकता है।
इसका मतलब ये नहीं कि एक बार गीले बाल बाँधकर सोने से आपके बाल परमानेंटली डैमेज हो जाएंगे लेकिन अगर डेली हैबिट है तो खैर के रूटीन में थोड़ा चेंज करना यूज़फुल हो सकता है
स्कैल्प में खुजली और जलन हो सकती है
कल्पना करो कि आपने रात को गीले बाल बाँधकर और फिर उन्हें पूरी रात तक तकियों के खिलाफ रखा, इससे स्कैल्प और बालों की जड़ों के आसपास नमी ज्यादा समय तक बनी रह सकती है |
अगर स्कैल्प अक्सर नम रहता है खासकर नमी वाले मौसम में तो कुछ लोगों को खुजली, जलन या डैंड्रफ जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। गर्म और नम परिस्थितियां कुछ माइक्रोऑर्गेनिज़्म की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती हैं।
लेकिन एक इम्पॉर्टंट बात, गीले बालों के साथ सोना अपने आप डैंड्रफ का कारण नहीं बनता। डैंड्रफ के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें स्कैल्प की नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन या मालासेज़िया नामक एक यीस्ट शामिल है। अगर आपको पहले से ही स्कैल्प पर रेडिएशन या डैंड्रफ है, तो बालों को ड्राई रखना और स्कैल्प की हाइजीन मेंटेन करना मददगार हो सकता है।
क्या गीले बाल बांधकर सोने से हेयरफॉल होता है
यह एक आम चिंता है, लेकिन हेयरफॉल और हेयर ब्रेकेज़ में फर्क समझना ज़रूरी है। हेयरफॉल में बाल रूट से झड़ सकते हैं जबकि ब्रेकेज़ में हेयरस्टैंड बीच से टूट सकते हैं। गीले बालों को टाइटली बांधना, स्ट्रेच करना और उन्हें रफ हैंडल करना प्राइमरी ब्रेकेज़ का रिस्क बढ़ा सकता है।
अगर आप रोज़ टाइट पोनीटेल या बंड बनाकर सोते हैं तो बार-बार खींचने से हेयरलाइन पर तनाव भी आ सकता है इसलिए गीले बालों को टाइट बैंड में सुरक्षित करने की बजाय उन्हें धीरे-धीरे संभालना बेहतर है |
अगर बाल अचानक ज्यादा गिर रहे हैं, स्कैल्प पर धब्बे बन रहे हैं या लगातार खुजली हो रही है तो सिरफ स्लीपिंग हैबिट्स को दोष देने की बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए |
तकिया का कवर भी मायने रखता है
हम अक्सर शैम्पू, कंडीशनर और हेयर सीरम पर फोकस करते हैं लेकिन पिलो कवर को इग्नोर कर देते हैं।
गीले बालों के साथ सोने पर बाल कवर के खिलाफ लगातार रगड़ होते हैं। रगड़ वाली फैब्रिक और उलझे बाल मिलकर घर्षण बढ़ा सकते हैं, जिससे सुबह फ्रिज़ और टूटने का पता चल सकता है।
इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है, क्लीन पिलो कवर इस्तेमाल करना, उन्हें नियमित रूप से बदलना और बालों को धीरे-धीरे सुलझाना ऐसे सिंपल स्टेप्स हैं जो हेयर केयर रूटीन को बेहतर बना सकते हैं।
तो सोने से पहले बालों को कैसे संभालें
- बालों को धीरे-धीरे सुखाएं, सॉफ्ट तौलिया या माइकइबर तौलिये से अतिरिक्त पानी सोख लें, बालों को जोर से मसलें नहीं।
- जड़ें और स्कैल्प को सूखने दें, लंबाई थोड़ी नम रह जाए तो भी कोशिश करें कि स्कैल्प बहुत देर तक गीला न रहे |
- टाइट बन से बचें अगर बाल पूरी तरह सूखे नहीं हैं तो उन्हें टाइट बांधने की बजाय ढीला रखें |
- गीले बालों में ज़ोर से न रगड़ें, चौड़े दांत वाले कंघे का इस्तेमाल करें और सिरों को धीरे से सुलझाएं।
आयुर्वेद क्या कहता है
आयुर्वेद में दिनचर्या पोस्टजीन और शरीर को आरामदायक हालात में रखने पर ध्यान दिया जाता है। ट्रेडिशनल केयर में स्कैल्प और बालों की साफ़-सफाई आदि का ध्यान रखना ज़रूरी माना गया है।
आयुर्वेदिक परिप्रेक्ष्य से देखें तो बाल सोने से पहले स्कैल्प को साफ और आरामदायक रखना एक समझदारी भरी सेल्फ केयर आदत है, लेकिन ये कहना कि घिरे बालों के साथ सोने से कोई जरूरी बदलाव, दोषा का imbalance या कोई खास बीमारी हो जाएगी, वैज्ञानिक रूप से साबित दावा नहीं है।
निष्कर्ष
गीले बाल बाँधकर सोना हर स्थिति में खतरनाक नहीं है, लेकिन इसे रोज़ाना की आदत बनाना बाल टूटने, उलझने और कुछ लोगों में सिर की त्वचा में जलन का खतरा बढ़ा सकता है। सब से ज्यादा मायने यह रखता है कि बाल कितने भारी हैं, आप उन्हें कितनी समय पर बाँधते हैं और आपकी स्कैल्प की स्थिति कैसी है।
अगर आपको रात को ही हेयरवॉश करना कंवीनियंट लगتا है तो अपने रूटीन को बदलने की जरूरत नहीं है, बस बालों को धीरे-धीरे ड्राई करें, स्कैल्प को ज्यादा देर तक गीला न रखें और टाइट हेयरस्टाइल्स से बचें। कभी-कभी हेल्दी हेयर के लिए कॉम्प्लिकेटेड प्रोडक्ट्स से ज्यादा जरूरी होता है अपने everyday habit को बेहतर बनाना।
संदर्भ
The Impact of Shampoo Wash Frequency on Scalp and Hair Conditions - PMC













