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क्या लो बीपी की वजह से कमज़ोरी महसूस हो रही है? ये नुस्खे आज़माएँ



लो ब्लड प्रेशर (Low BP) क्या होता है?

ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) हमारे शरीर में खून के प्रवाह की ताकत को दर्शाता है। जब यह बहुत कम हो जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) कहा जाता है। आमतौर पर, 90/60 mmHg से कम का ब्लड प्रेशर लो BP माना जाता है। यह स्थिति चक्कर आना, कमज़ोरी, बेहोशी और थकान जैसी समस्याएँ पैदा कर सकती है।

हमारा हृदय शरीर में खून पंप करता है, जिससे कोशिकाओं तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुँचते हैं। अगर ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाए, तो शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुँच पाता, जिससे कमज़ोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। लो बीपी अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे लंबे समय तक बना भी रह सकता है। कुछ लोगों को यह आनुवंशिक रूप से होता है, जबकि कुछ को यह पोषण की कमी, तनाव, या अन्य स्वास्थ्य कारणों से हो सकता है।

यह समस्या बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों में अधिक पाई जाती है, जो लंबे समय तक भूखे रहते हैं या ज़्यादा मेहनत करते हैं। अगर इसे समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएँ भी पैदा कर सकता है। हालाँकि, कुछ आसान घरेलू उपायों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं लो बीपी के कारण, लक्षण और इसे सुधारने के घरेलू नुस्खे।

लो BP के कारण

लो ब्लड प्रेशर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) – शरीर में तरल पदार्थ की कमी से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है।
  • पोषक तत्वों की कमी – आयरन, विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे BP कम हो सकता है।
  • लंबे समय तक भूखे रहना – शरीर को आवश्यक ऊर्जा न मिलने से ब्लड प्रेशर गिर सकता है।
  • तनाव और चिंता – मानसिक दबाव से भी लो BP की समस्या हो सकती है।
  • आयु और हार्मोनल बदलाव – उम्र बढ़ने या हार्मोनल असंतुलन के कारण भी लो BP हो सकता है।
  • किसी बीमारी या दवा का असर – डायबिटीज, हृदय रोग, पार्किंसंस जैसी बीमारियाँ और कुछ दवाएँ ब्लड प्रेशर को कम कर सकती हैं।

लो BP के लक्षण

अगर आपका ब्लड प्रेशर बार-बार कम हो रहा है, तो आप इनमें से कुछ लक्षण महसूस कर सकते हैं:

  • लगातार कमज़ोरी और थकान
  • चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना
  • बेहोशी या आँखों के आगे अंधेरा छाना
  • दिल की धड़कन तेज़ होना
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

अगर ये लक्षण बार-बार हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

लो ब्लड प्रेशर VS हाई ब्लड प्रेशर – अंतर और पहचान

लो ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड प्रेशर (High BP) दोनों ही ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याएँ हैं, लेकिन इनके कारण, लक्षण और जोखिम अलग होते हैं।

  • लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन)

    • ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से कम
    • लक्षण: चक्कर आना, कमजोरी, थकान, बेहोशी
    • कारण: डिहाइड्रेशन, पोषण की कमी, लंबी भूख, हार्मोनल बदलाव

  • हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन)

    • ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg या ज्यादा
    • लक्षण: सिरदर्द, चक्कर, धड़कन तेज होना, धड़कनों में अनियमितता
    • कारण: ज्यादा नमक, मोटापा, तनाव, हृदय रोग

पहचान का तरीका:

  • ब्लड प्रेशर नियमित रूप से मापें।
  • शरीर के संकेतों को नोट करें।
  • अचानक चक्कर या सिरदर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

लो BP को नियंत्रित करने के लिए घरेलू नुस्खे

अगर आप अक्सर लो BP महसूस करते हैं, तो कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकते हैं:

नमक और पानी का सेवन बढ़ाएँ

नमक ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है। अगर BP कम हो रहा हो तो एक गिलास पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर पिएँ। ध्यान रखें कि ज़्यादा नमक खाना भी नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही सेवन करें।

तुलसी और शहद का सेवन करें

तुलसी में पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन C होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखते हैं। रोज़ सुबह 4-5 तुलसी के पत्ते चबाएँ या शहद के साथ तुलसी का रस पिएँ।

किशमिश भिगोकर खाएँ

रातभर 10-12 किशमिश पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट खाएँ। यह नुस्खा खून संचार को बेहतर करता है और कमज़ोरी दूर करने में मदद करता है।

कॉफी या चाय का सेवन करें

कैफीन युक्त पेय पदार्थ, जैसे चाय और कॉफी, ब्लड प्रेशर को थोड़ी देर के लिए बढ़ा सकते हैं। अगर आपको कमज़ोरी महसूस हो रही हो, तो एक कप कॉफी या अदरक वाली चाय पिएँ।

मुलेठी का काढ़ा पिएँ

मुलेठी में मौजूद गुण ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं। एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच मुलेठी पाउडर मिलाकर दिन में एक बार पिएँ।

डार्क चॉकलेट खाएँ

डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स होते हैं, जो खून प्रवाह को सुधारने में मदद कर सकते हैं। हालाँकि, इसे संतुलित मात्रा में ही खाएँ।

आयरन और विटामिन B12 युक्त आहार लें

लो BP का एक बड़ा कारण एनीमिया हो सकता है। इसके लिए अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, अनार, चुकंदर, अंडे, मछली और डेयरी उत्पाद शामिल करें।

पानी और तरल पदार्थ ज़्यादा पिएँ

डिहाइड्रेशन से लो BP की समस्या बढ़ सकती है। रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएँ और नारियल पानी, छाछ, और ताजे फलों का रस अपने आहार में शामिल करें।

योग और प्राणायाम करें

योग और प्राणायाम से खून संचार बेहतर होता है और BP संतुलित रहता है। भ्रामरी, अनुलोम-विलोम और प्राणायाम करें। यह न केवल तनाव कम करता है, बल्कि खून प्रवाह को भी सुधारता है।

लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें

अगर आप ज़्यादा देर तक बैठे रहते हैं, तो अचानक खड़े होने पर चक्कर आ सकते हैं। कोशिश करें कि हर कुछ देर में थोड़ा चलें-फिरें और अपने पैरों को हिलाते रहें।

लो BP के लिए विशेष आहार और सुपरफूड्स

सही खान-पान से लो BP को नियंत्रित करना संभव है। कुछ सुपरफूड्स मददगार होते हैं:

  1. आयरन युक्त आहार – हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, चुकंदर, अनार, सूखे मेवे
  2. विटामिन B12 और फोलिक एसिड – अंडा, दूध, मछली, दालें
  3. नमक संतुलित सेवन – नमक ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करता है, लेकिन अधिक सेवन नुकसानदेह
  4. तरल पदार्थ – पानी, नारियल पानी, छाछ, फलों का रस
  5. ऊर्जा देने वाले फल – किशमिश, खजूर

योग और प्राणायाम से लो BP नियंत्रित करना

योग और प्राणायाम ब्लड प्रेशर और रक्त संचार को संतुलित करने में मदद करते हैं।

  1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम – नाक से सांस लेकर धीरे-धीरे छोड़ें। रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन लेवल बढ़ते हैं।
  2. भ्रामरी प्राणायाम – तनाव कम करता है और मन को शांत करता है।
  3. हल्की योग मुद्राएँ – वज्रासन, भुजंगासन, सर्वांगासन खून का सर्कुलेशन बेहतर करते हैं।

ध्यान दें: कोई भी योगासन करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से मार्गदर्शन लें।

लो ब्लड प्रेशर और जीवनशैली सुधार

सिर्फ आहार ही नहीं, जीवनशैली सुधार से भी लो BP नियंत्रित होता है।

  • हाइड्रेटेड रहें: दिन में 8-10 गिलास पानी पिएँ।
  • नियमित व्यायाम: हल्की वॉक या स्ट्रेचिंग
  • संतुलित नींद: 7–8 घंटे रात की नींद
  • तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, योग
  • अचानक खड़े होने से बचें: लंबे समय तक बैठने के बाद धीरे उठें

छोटे बदलाव रोजमर्रा की आदतों में लो BP को नियंत्रित रखने में बहुत असर डालते हैं।

लो ब्लड प्रेशर के लिए डॉक्टर की सलाह कब जरूरी है

कुछ परिस्थितियों में घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • बार-बार बेहोशी या चक्कर
  • अत्यधिक थकान और कमजोरी
  • सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई
  • ब्लड प्रेशर अचानक बहुत कम हो जाना

निष्कर्ष

लो ब्लड प्रेशर कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह परेशानी का कारण बन सकता है। सही खान-पान, पर्याप्त पानी का सेवन, योग और घरेलू नुस्खों से आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं। अगर लक्षण ज़्यादा गंभीर हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

References 

https://www.mohfw.gov.in

https://www.nhp.gov.in

https://www.icmr.gov.in

https://www.aiims.edu

https://www.who.int.

FAQs

1. क्या लो ब्लड प्रेशर खतरनाक होता है?

अगर BP हल्का कम है और कोई लक्षण नहीं हैं, तो यह सामान्य हो सकता है। लेकिन बार-बार चक्कर, बेहोशी, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो तो यह खतरनाक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. लो BP अचानक क्यों गिर जाता है?

अचानक BP गिरने के कारणों में डिहाइड्रेशन, लंबे समय तक भूखे रहना, अचानक खड़े होना (Orthostatic Hypotension), खून की कमी या कुछ दवाओं का असर शामिल हो सकते हैं।

3. लो ब्लड प्रेशर में क्या तुरंत खाना या पीना चाहिए?

नमक मिला पानी, कॉफी, ORS घोल, किशमिश या मीठा नींबू पानी तुरंत राहत दे सकते हैं। साथ ही व्यक्ति को लेटा दें और पैरों को थोड़ा ऊपर रखें।

4. लो BP में कौन-सा फल सबसे अच्छा है?

अनार, केला, खजूर, किशमिश और नारियल पानी लो BP में फायदेमंद माने जाते हैं क्योंकि ये शरीर को ऊर्जा और मिनरल्स देते हैं।

5. क्या लो BP और एनीमिया का संबंध है?

हाँ, आयरन या विटामिन B12 की कमी से एनीमिया होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होती है और ब्लड प्रेशर गिर सकता है।

6. लो BP में व्यायाम करना सही है या नहीं?

हल्का व्यायाम जैसे वॉक, स्ट्रेचिंग और योग लाभदायक है। लेकिन भारी वर्कआउट या अचानक उठना-बैठना चक्कर ला सकता है। डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

7. क्या गर्भावस्था में लो BP सामान्य है?

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में हार्मोनल बदलाव के कारण लो BP होना सामान्य है। लेकिन अगर बार-बार बेहोशी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

8. लो BP और हाई BP में कौन ज्यादा खतरनाक है?

दोनों ही स्थितियाँ खतरनाक हो सकती हैं। हाई BP लंबे समय में हृदय और किडनी को नुकसान पहुंचाता है, जबकि लो BP अचानक बेहोशी या शॉक का कारण बन सकता है।

9. क्या लो BP में नमक ज्यादा खाना चाहिए?

नमक BP बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन ज्यादा नमक नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टर की सलाह से संतुलित मात्रा में सेवन करें।

10. लो BP को स्थायी रूप से कैसे नियंत्रित करें?

संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित नींद, तनाव प्रबंधन, हल्का व्यायाम और डॉक्टर की निगरानी से लो BP को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।

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