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Hair fall और scalp itching में क्या connection हो सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

सुबह-सुबह कंघी उठाई और... खचाखच बाल हाथ में! पहला ख्याल यही आता है कि कोई महंगा सा हेयर फॉल कंट्रोल शैंपू ऑर्डर कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी अपनी उंगलियों की हरकतों पर ध्यान दिया है? वो जो टीवी देखते हुए या लैपटॉप पर काम करते-करते आप अचानक सिर खुरचने लगते हैं, क्या उसका इस हेयर फॉल से कोई लेना-देना है?

अक्सर लोग सिर की खुजली और बालों के टूटने को दो अलग-अलग मुसीबतें मान लेते हैं। पर सच तो ये है कि कई बार ये दोनों आपस में साठगांठ करके बैठे होते हैं। हर बार खुजली होने का मतलब यह नहीं कि आपके बाल गिरेंगे ही गिरेंगे, और न ही हर हेयर फॉल का इकलौता विलेन खुजली है। लेकिन हाँ, कुछ खास हालातों में ये दोनों परेशानियां एक-दूसरे से इतनी गहराई से जुड़ी होती हैं कि एक को ठीक किए बिना दूसरी से पीछा छुड़ाना नामुमकिन हो जाता है। तो चलिए, आज इस खुजली और हेयर फॉल के अंदरूनी कनेक्शन की पूरी कुंडली खंगालते हैं।

क्या खुजली के साथ बाल झड़ना सिर्फ़ संयोग है?

कभी-कभी सिर में खुजली होना बिल्कुल नॉर्मल है। मान लीजिए आप बाहर धूल-मिट्टी में गए, खूब पसीना आया और थोड़ी देर के लिए सिर खुजलाने लगा। यह बिल्कुल अस्थायी है। घर आए, शैंपू किया और किस्सा खत्म! इसमें डरने की कोई बात नहीं है और न ही इससे आपके बाल झड़ने वाले हैं।

लेकिन, अगर यह खुजली ढीठ हो चुकी है यानी आप हर आधे घंटे में अपना सिर खुजला रहे हैं और रात को सोते समय भी अजीब सी बेचैनी हो रही है तो भाई, यह महज़ एक संयोग नहीं है। यह इस बात का सीधा अलार्म है कि आपकी स्कैल्प (सिर की त्वचा) के नीचे कुछ गंभीर गड़बड़ चल रही है। जब बालों की ज़मीन ही अस्वस्थ होगी, तो वहां उगने वाले बालों के पौधे भला कैसे सलामत रहेंगे?

सिर की त्वचा आखिर क्या संकेत दे रही है?

जब खुजली और बाल झड़ना एक साथ हमला बोलते हैं, तो अमूमन आपकी स्कैल्प नीचे दिए गए इन विलेन्स से जूझ रही होती है:

  • रूसी (Dandruff): यह सबसे आम और जाना-माना खलनायक है। रूसी सिर्फ सफेद पपड़ी नहीं है, यह स्कैल्प की नमी सोखकर उसे बुरी तरह ड्राई कर देती है जिससे भयंकर खुजली होती है।
  • सिर की त्वचा में सूजन (Scalp Inflammation): अंदरूनी परतों में सूजन होने से बालों के फॉलिकल्स (जड़ें) अंदर ही अंदर कमज़ोर होने लगते हैं।
  • फंगल संक्रमण (Fungal Infection): जैसे रिंगवॉर्म (दाद)। ये फंगस बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बाल गुच्छों में टूटते हैं और असहनीय खुजली होती है।
  • एलर्जी (Allergic Reaction): किसी नए हेयर डाई, केमिकल वाले सल्फेट शैंपू या खराब कंडीशनर से स्कैल्प बुरी तरह रिएक्ट कर सकती है।
  • कुछ त्वचा संबंधी समस्याएँ: जैसे सोरायसिस या सेबोरिक डर्मेटाइटिस, जो स्कैल्प की त्वचा को बीमार और पपड़ीदार बना देती हैं।

क्या आपकी रोज़ की कोई आदत इसकी वजह बन रही है?

हम अक्सर सोचते हैं कि खुजली मिटाने के लिए सिर को जोर-जोर से नाखूनों से खुरचना सबसे आसान और सुखद इलाज है। पर यहीं हम अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेते हैं। खुजली हुई। आपने नाखून दौड़ाए। स्कैल्प छिल गई। जड़ें कमज़ोर हुईं। और बाल साफ़!

सीधे शब्दों में कहें तो, खुजली खुद बालों को नहीं गिराती, बल्कि आपका बार-बार जोर से खुरचना उन कमज़ोर पड़ चुकी जड़ों को उखाड़ फेंकता है। जब आप नाखूनों से त्वचा को रगड़ते हैं, तो बालों के फॉलिकल्स को फिजिकल डैमेज पहुंचता है। इसके अलावा, छिले हुए हिस्से में बैक्टीरिया को आसानी से एंट्री मिल जाती है, जिससे इन्फेक्शन का ग्राफ और ऊपर चला जाता है।

शरीर और कौन-से संकेत दे सकता है?

आपकी बॉडी सिर्फ खुजली पर नहीं रुकती। अगर अंदरूनी समस्या बढ़ रही है, तो स्कैल्प पर ये लक्षण भी साफ नजर आने लगेंगे:

  • लालपन (Redness): शीशे में मांग अलग करके देखने पर स्कैल्प की त्वचा सामान्य से ज्यादा गुलाबी या लाल दिखेगी।
  • सफेद परतें: कंघी करते वक्त या टी-शर्ट के कंधे पर सफेद-पीली पपड़ी का गिरना।
  • जलन (Burning Sensation): खुजलाने के बाद या पसीना आने पर सिर में आग जैसी महसूस होना।
  • छोटे दाने (Tiny Bumps): बालों के बीच में छोटे-छोटे दर्दनाक दाने या फुंसियां निकल आना, जिनमें कभी-कभी पानी या पस भी हो सकता है।
  • बालों का जड़ों से टूटना: बिना किसी खिंचाव के, सिर्फ हल्के हाथों से उंगलियां फेरने पर भी बालों का गुच्छा हाथ में आ जाना।

क्या हर हेयर फॉल का कारण स्कैल्प की समस्या होती है?

यहाँ थोड़ा संभलकर और प्रैक्टिकल होकर सोचने की ज़रूरत है। अगर आपके बाल तेजी से गिर रहे हैं, तो इसका सारा ठीकरा सिर की खुजली के मढ़ देना भी जल्दबाजी होगी। बाल झड़ने की अपनी एक अलग, बहुत बड़ी दुनिया है। इसके पीछे जेनेटिक्स (वंशानुगत गंजापन), शरीर में आयरन या विटामिन डी की भारी कमी, या फिर थायराइड और हार्मोनल असंतुलन जैसे बड़े कारण भी हो सकते हैं।

इसलिए केवल एक कारण मान लेना सही नहीं है। अगर आपकी स्कैल्प बिल्कुल साफ, ऑयल-फ्री और हेल्दी है, उसमें रत्ती भर भी खुजली नहीं होती, फिर भी तकिया बालों से भरा मिलता है, तो समझ जाइए कि समस्या सिर के ऊपर नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी सिस्टम में है।

सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

अगर आप चाहते हैं कि खुजली भी भागे और सिर पर बालों का वॉल्यूम भी बना रहे, तो इन आदतों को आज ही से अपना लीजिए:

  • सिर की नियमित सफाई: हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार सौम्य शैंपू से बाल धोएं ताकि पसीना, धूल और एक्स्ट्रा तेल जमा न हो पाए।
  • अपनी स्कैल्प के अनुसार उत्पाद चुनें: अगर स्कैल्प ड्राई है तो मॉइस्चराइजिंग शैंपू लें, अगर ऑयली है तो क्लेरिफाइंग चुनें। सल्फेट और पैराबेन वाले कड़े केमिकल्स से बिल्कुल तौबा कर लें।
  • ज़ोर से खुजलाने से बचें: जब भी तेज खुजली उठे, नाखूनों का इस्तेमाल कतई न करें। उंगलियों के पोरों (fingertips) से हल्के हाथों से सहला लें।
  • संतुलित भोजन लें: आंवला, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, कद्दू के बीज और पर्याप्त पानी को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाएं।
  • तनाव कम करने की कोशिश करें: डीप ब्रीदिंग या योग का सहारा लें, क्योंकि ज्यादा स्ट्रेस से भी स्किन और स्कैल्प से जुड़े रोग अचानक भड़क उठते हैं।

आयुर्वेद इस समस्या को किस नज़र से देखता है?

आयुर्वेद के पिटारे में इसका बहुत ही तार्किक जवाब है। आयुर्वेद बालों के झड़ने और स्कैल्प की खुजली को सीधे आपके शरीर के 'पित्त' और 'कफ' दोष के असंतुलन से जोड़ता है। जब शरीर में गर्मी (पित्त) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और साथ में कफ दूषित हो जाता है, तो वह सिर की त्वचा में रूखापन, पसीना और खुजली पैदा करता है।

आयुर्वेद का मानना है कि सिर्फ बाहर से महंगे-महंगे केमिकल वाले तेल चुपड़ने से कुछ नहीं बदलने वाला। आपको अपनी पाचन अग्नि (जठराग्नि) को दुरुस्त करना होगा। जंक फूड और विरुद्ध आहार (जैसे दूध के साथ नमकीन या खट्टी चीज़ें) खाने से पूरी तरह बचें। भृंगराज, नीम, एलोवेरा और सिकाकाई जैसी ठंडी तासीर वाली प्राकृतिक चीज़ों का सही इस्तेमाल ही इस समस्या को जड़ से उखाड़ सकता है।

कब समझें कि सिर्फ़ शैंपू बदलने से बात नहीं बनेगी?

बाज़ार से नया एंटी-डैंड्रफ शैंपू खरीद लाना हर मर्ज की दवा नहीं होता। आपको कब समझ जाना चाहिए कि अब घरेलू नुस्खे बंद करके किसी त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) या वैद्य की क्लिनिक का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा? इन संकेतों पर ध्यान दें:

  • जब खुजली हफ्तों बीत जाने के बाद भी लगातार बनी रहे और आपकी नींद खराब करने लगे।
  • जब बाल पैच (गुच्छों) में झड़ने लगें और सिर पर गोल-गोल खाली निशान (Alopecia patches) दिखने लगें।
  • स्कैल्प पर बने दानों में पस (मवाद) भर जाए, छूने पर भयंकर दर्द हो या सूजन आ जाए।
  • तमाम तरह के तेल, घरेलू लेप और शैंपू बदलने के बाद भी रिजल्ट बिल्कुल ज़ीरो रहे।
  • समस्या कुछ दिन ठीक रहने के बाद दोबारा और भयानक रूप में लौट आए।

निष्कर्ष

पूरी बात का सार यही है कि सिर की खुजली और बाल झड़ना कुछ खास हालातों में एक-दूसरे के पक्के मददगार बन जाते हैं, लेकिन हर बार ऐसा होना ज़रूरी नहीं। खुजली को मामूली समझकर नजरअंदाज करना अपने ही बालों की जड़ों को कमज़ोर करना है। सही समय पर सही कारण को पहचानकर, स्कैल्प की हाइजीन का ध्यान रखकर और ज़रूरत पड़ने पर किसी अच्छे विशेषज्ञ की सलाह लेकर आप अपनी जुल्फों की रौनक और सिर का सुकून, दोनों को वापस पा सकते हैं।

संदर्भ

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

नहीं, हमेशा के लिए नहीं। खुजलाने से होने वाला हेयर फॉल आमतौर पर अस्थायी होता है। जैसे ही स्कैल्प का इन्फेक्शन और खुजली ठीक होती है, बाल वापस उगने लगते हैं।

 यह इस बात पर निर्भर करता है कि खुजली क्यों है। अगर स्कैल्प ड्राई है तो तेल फायदा करेगा, लेकिन अगर खुजली फंगल इन्फेक्शन या अत्यधिक ऑयली डैंड्रफ की वजह से है, तो तेल लगाने से समस्या और बढ़ सकती है

 हाँ, स्कैल्प सोरायसिस में बहुत मोटी पपड़ी जमती है और तेज खुजली होती है। पपड़ी को हटाने की कोशिश में और लगातार खुजलाने से उस जगह के बाल अस्थाई रूप से झड़ जाते हैं।

बिल्कुल। खारे पानी में मौजूद मिनरल्स स्कैल्प पर जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा रूखी और चिड़चिड़ी हो जाती है। इससे खुजली बढ़ती है और बाल कमज़ोर होकर टूटने लगते हैं।

नीम में बेहतरीन एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से सिर धोने से संक्रमण पैदा करने वाले कीटाणु मर जाते हैं और खुजली शांत होती है।

हाँ, गीले बालों को बांधने से स्कैल्प पर लंबे समय तक नमी बनी रहती है। यह नमी फंगस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे मुफीद जगह है, जिससे खुजली और इन्फेक्शन शुरू हो जाता है।

हाँ, बिल्कुल संभव है। स्कैल्प का सूखापन, किसी हेयर प्रोडक्ट से एलर्जी, अत्यधिक तनाव या फिर कोई अंदरूनी फंगल इन्फेक्शन बिना डैंड्रफ के भी भयंकर खुजली और हेयर फॉल का कारण बन सकता है।

 बालों को कभी भी बहुत गर्म पानी से न धोएं। शैंपू करते समय नाखूनों से स्कैल्प को न रगड़ें, बल्कि उंगलियों के पोरों से हल्के सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए साफ करें।

पसीने में लैक्टिक एसिड होता है। अगर पसीना लंबे समय तक स्कैल्प पर जमा रहे, तो यह बालों की जड़ों को कमज़ोर करता है और बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे खुजली और हेयर फॉल दोनों बढ़ जाते हैं।

 हाँ, फ्रेश एलोवेरा जेल में कूलिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसे सिर की त्वचा पर 15-20 मिनट लगाकर धोने से स्कैल्प की सूजन कम होती है, खुजली मिटती है और जड़ों को पोषण मिलता है।

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