Diseases Search
Close Button
 
 

आंखें स्वस्थ, फिर भी धुंधला दिखता है? डॉक्टर ने बताए 5 गंभीर कारण और बचाव

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

कई बार हमारी आँखों में कोई बाहरी बीमारी नहीं होती, फिर भी अचानक से सब कुछ बहुत ही धुंधला नज़र आने लगता है। हम बार-बार अपना चश्मा बदलते हैं या तरह-तरह की दवाइयाँ डालते हैं, लेकिन कोई भी फायदा नहीं होता। दरअसल, हमारा शरीर अंदर से कई तरह के बड़े बदलावों से होकर गुज़रता है, जिनका सीधा असर हमारी आँखों की रोशनी पर पड़ता है। अगर आप भी इस भारी परेशानी से रोज़ाना गुज़र रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। शरीर के दूसरे हिस्सों में पनप रही कोई बड़ी बीमारी इसका बहुत बड़ा कारण हो सकती है। आइए आगे विस्तार से जानते हैं इसके पीछे छिपी हुई असल वजह क्या है।

हाई ब्लड प्रेशर और आँखों की नसों की भारी कमज़ोरी

डॉक्टर ने बताए 5 गंभीर कारण में सबसे मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर और नसों की भारी कमज़ोरी को माना गया है। जब शरीर में खून का दबाव बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है, तो आँखों के पीछे मौजूद बारीक नसों पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। इसमें अक्सर आँखों की जाँच एकदम सही आती है, लेकिन बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हमारी नज़र को धुंधला कर देता है। कई बार लोगों को सिर में भारीपन और अचानक से चक्कर भी आने लगते हैं। अगर आपको भी अक्सर ऐसा महसूस होता है, तो सबसे पहले अपना ब्लड प्रेशर ज़रूर चेक करवाएँ ताकि समय पर सही बचाव हो सके और आँखों को कोई बड़ा नुकसान न पहुँचे।

दिमागी थकावट और भयंकर माइग्रेन का दर्द छीन रहा है नज़र

अगर आपको अक्सर आधे सिर में भयंकर दर्द रहता है, तो यह भी आपकी आँखों की रोशनी को सीधा प्रभावित कर सकता है। माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंखें स्वस्थ, फिर भी धुंधला दिखता है? वाली बात एकदम सही साबित होती है। जब माइग्रेन का भारी दौरा पड़ता है, तो कई लोगों को आँखों के सामने चमकती हुई लाइनें या बहुत सारे काले धब्बे दिखाई देते हैं। इसमें दिमागी नसें बुरी तरह सिकुड़ जाती हैं और आँखों तक सही मात्रा में खून बिल्कुल नहीं पहुँच पाता है। बहुत ज़्यादा तनाव लेना और रात को नींद पूरी न होना भी इस गंभीर परेशानी को कई गुना बढ़ा देता है।

शरीर में ब्लड शुगर का तेज़ी से बढ़ना यानी डायबिटीज़

डायबिटीज़ एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो धीरे-धीरे हमारे शरीर को अंदर से पूरी तरह खोखला कर देती है। जिन लोगों का ब्लड शुगर हमेशा ज़्यादा रहता है, उनकी आँखों के लेंस में भारी सूजन आ जाती है। इसी वजह से उनकी नज़र कमज़ोर पड़ने लगती है। शुगर लेवल के बार-बार ऊपर-नीचे होने से देखने की क्षमता पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। अगर आप चश्मा बदलने के लिए डॉक्टर के पास जा रहे हैं, तो सबसे पहले अपना ब्लड शुगर टेस्ट ज़रूर करवाएँ। समय रहते अगर आप इसे कंट्रोल कर लेते हैं, तो आपकी नज़र दोबारा से एकदम साफ और तेज़ हो सकती है।

डिजिटल स्क्रीन से आँखों में नमी की भारी कमी यानी सूखापन

आजकल ज़्यादातर लोग अपना पूरा समय मोबाइल या लैपटॉप की डिजिटल स्क्रीन देखने में ही बिताते हैं। लगातार स्क्रीन को देखने से हम अपनी पलकें झपकाना पूरी तरह भूल जाते हैं, जिससे आँखों के अंदर मौजूद प्राकृतिक नमी सूख जाती है। इसे ड्राई आईज़ कहा जाता है। आँखों में बिल्कुल भी पानी न रहने की वजह से आस-पास का सब कुछ बहुत ज़्यादा धुंधला दिखाई देने लगता है। आँखों में लगातार भारी जलन होना, चुभन महसूस होना और उनका लाल हो जाना इसके बहुत ही बड़े संकेत माने जाते हैं। काम के बीच में आँखों को थोड़ा आराम ज़रूर दें।

अन्य बीमारियों की भारी दवाइयों का सीधा आँखों पर असर

कई बार हम किसी दूसरी बीमारी का इलाज करवा रहे होते हैं, लेकिन उसकी भारी दवाइयों का असर सीधा हमारी आँखों पर पड़ता है। नींद की तेज़ गोलियाँ, डिप्रेशन दूर करने वाली दवाइयाँ, एलर्जी या ब्लड प्रेशर की दवाइयाँ खाने से भी आँखों में भारी धुंधलापन आता है। इन तेज़ दवाइयों की वजह से शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है और आँखों की पुतलियाँ पूरी तरह से फैल जाती हैं। अगर कोई भी नई दवा खाने के बाद आपको अपनी नज़र कमज़ोर लगे, तो बिना देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में बात ज़रूर करें।

धुंधलापन दूर करने के लिए बहुत आसान और ज़रूरी बचाव

इस परेशानी से पूरी तरह दूर रहने के लिए आपको कुछ ज़रूरी बचाव के उपाय अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में तुरंत शामिल करने होंगे। सबसे पहले स्क्रीन पर काम करते समय हर बीस मिनट में अपनी आँखों को आराम दें और दूर की चीज़ों को देखें। दिन भर में खूब सारा पानी पिएँ ताकि शरीर और आँखों में नमी हमेशा बनी रहे। हरी सब्ज़ियाँ और बादाम खाने से आँखों की कमज़ोर नसों को अंदर से भारी ताकत मिलती है। साल में एक बार अपनी आँखों की पूरी जाँच ज़रूर करवाएँ। बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी ड्रॉप आँखों में बिल्कुल न डालें।

आयुर्वेद के अनुसार आँखों का धुंधलापन और सही उपाय

आयुर्वेद मानता है कि शरीर में पित्त और वात दोष बढ़ने से आँखों की रोशनी कमज़ोर होती है। आयुर्वेद में त्रिफला चूर्ण को आँखों के लिए बड़ा वरदान माना गया है। रात को त्रिफला पानी में भिगो दें और सुबह उस छने हुए पानी से अपनी आँखें रोज़ाना धोएँ। रात को पैरों के तलवों की देसी घी से मालिश करने से नसें मज़बूत होती हैं और धुंधलापन एकदम दूर होता है।

निष्कर्ष

आँखों की अच्छी सेहत हमारे पूरे शरीर के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। अगर आपकी आंखें स्वस्थ, फिर भी धुंधला दिखता है, तो इसे आम कमज़ोरी समझने की भूल बिल्कुल न करें। यह शरीर में पनप रही किसी बड़ी बीमारी जैसे ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ का गंभीर संकेत हो सकता है। समय रहते इन बड़े कारणों को पहचानें और अपनी जीवनशैली में सही बदलाव करें। आयुर्वेद के आसान उपाय और अच्छा खानपान अपनाकर आप अपनी नज़र को लंबे समय तक एकदम साफ, तेज़ और पूरी तरह से सुरक्षित रख सकते हैं। बिना किसी देरी के अपने डॉक्टर से मिलें और सही सलाह ज़रूर लें।

References

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/blindness-and-visual-impairment

https://www.healthline.com/health/how-to-improve-eyesight

https://www.healthline.com/health/eye-health/expert-tips-for-eye-health

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

इसका मतलब है कि आपकी आँखों के बाहरी हिस्से में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर के किसी दूसरे अंग की परेशानी आपकी नज़र को कमज़ोर कर रही है।

 हाँ, लगातार स्क्रीन देखने से आँखें झपकना कम हो जाती हैं, जिससे आँखों का पानी सूख जाता है और चीज़ें बहुत ही धुंधली दिखाई देने लगती हैं।

 जी हाँ, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आँखों के लेंस में सूजन पैदा कर देता है, जिससे आँखों को फोकस करने में बहुत ज़्यादा परेशानी होती है।

हाँ, माइग्रेन के दौरान सिर की नसें सिकुड़ जाती हैं और आँखों तक खून सही से नहीं पहुँचता, जिससे आँखों के सामने अंधेरा छा जाता है।

बिल्कुल, एलर्जी, डिप्रेशन या नींद की तेज़ दवाइयाँ शरीर में पानी की कमी कर देती हैं, जिससे पुतलियाँ फैलती हैं और धुंधलापन आ जाता है।

इसे दूर करने के लिए दिन भर में खूब सारा पानी पिएँ, काम के बीच में अपनी पलकें बार-बार झपकाएँ और डाइट में हरी सब्ज़ियाँ खाएँ।

अगर धुंधलेपन का कारण शुगर या ब्लड प्रेशर है, तो सिर्फ चश्मा लगाने से फायदा नहीं होगा। इसके लिए आपको अपनी मूल बीमारी का इलाज करना होगा।

आँखों की नसों को ताक़त देने के लिए आपको अपनी रोज़मर्रा की डाइट में बादाम, अखरोट, पालक, गाजर और ताज़े फल शामिल करने चाहिए।

अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज़्यादा और लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो आँखों की बारीक नसें फट सकती हैं, जिससे देखने की क्षमता को भारी नुकसान पहुँच सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, रोज़ सुबह ठंडे पानी या त्रिफला के पानी से अपनी आँखें धोना और रात को पैरों के तलवों पर देसी घी मलना सबसे आसान और फायदेमंद तरीका है।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us