आज कल नॉइज़-कैंसलिंग हैडफ़ोन सिर्फ गाने सुनने के लिए ये ही नहीं बल्कि अन्य कामो के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, जैसे पढाई करने के लिए ऑफिस में काम करने के लिए यात्रा करने के लिए या थोड़ा शांति के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता हैं।
पर सवाल ये होता है कि क्या ये हमारे दिमाग को आराम देता है या उसकी थकान को और बढ़ाता है?
इसका जवाब दोनों तरफ है, ये हमारे दिमाग को आराम भी देता है और उसकी थकान भी बढ़ाता है। नॉइज़-कैंसलिंग हेडफोन्स दिमाग को आराम देता हैं, ये बाहर की आवाज़ को बंद करता हैं और दिमाग को थोड़ा आराम देता हैं पर इसका लम्बे समय तक इस्तेमाल करना हमारे दिमाग को थका भी सकता हैं।
नॉइज़-कैंसलिंग हेडफ़ोन का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
नॉइज़ कैंसलिंग हेडफ़ोन का मुख्य इस्तेमाल बाहर की आवाज़ (जैसे ट्रैफिक की आवाज़ या दफ्तर का शोर आदि ) को रोकने के लिए और स्पष्ट आवाज़ या संगीत सुनने के लिए और शांति बनाये रखने के लिए किया जाता हैं।
इसके मुख्य उपयोग और लाभ हैं :
पढाई और काम के दौरान ध्यान भटकाने वाले शोर को कम करके फोकस बढ़ाने के लिए।
सफर के दौरान होने वाले शोर को कम करके आराम पहुंचाने के लिए।
तेज़ आवाज़ से कानों को सुरक्षित रखने के लिए।
यह काम कैसे करता है ?
एक्टिव नॉइज़ कैंसलेशन (ANC)- इसमें लगे छोटे माइक्रोफोन बाहर से शोर को सुनते है और एक अलग आवाज़ बनाते जिससे बाहर का शोर बेअसर हो जाता हैं।
हेडफ़ोन का डिज़ाइन ही इस प्रकार होता है कि बाहर की आवाज़ कान के अंदर नहीं जाती।
नॉइज़ कैंसलेशन हेडफ़ोन का मानसिक थकान पर क्या असर पड़ता है?
लंबे समय तक नॉइज़ कैंसलेशन हेडफ़ोन के इस्तेमाल से मानसिक तनाव पर असर पड़ता है।
शुरुआत में तो ये दिमाग को शांति प्रदान करता है पर इसके ज़्यादा देर तक इस्तेमाल से हमारे काम और दिमाग पे गहरा असर पड़ सकता है। ये हमारे ध्यान केंद्रित करने की शक्ति पर भी असर डाल सकता है और ये हमारे मानसिक तनाव को बढ़ा भी सकता है।
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसका उपयोग कैसे और कितनी देर तक करते हैं।
मानसिक थकान को कैसे कम करता है ?
शोर से राहत- ANC बैकग्राउंड की आवाज़ों को ब्लॉक करता है और हमारे दिमाग को आराम देता है।
बेहतर फोकस- शांत वातावरण मिलने के कारण हम अपना ध्यान काम या पढाई पर अच्छे से केंद्रित कर पाते है जिससे हम काम को अच्छे से पूरा कर सकते है।
कम वॉल्यूम पे सुनना- शोर कम होने के कारण आप धीमी आवाज़ को भी आसानी से सुन सकते हैं जिससे कानो और दिमाग पे कम दबाव पढ़ता है।
मानसिक तनाव को कैसे बढ़ा सकता है ?
दिमाग का भ्रमित होना- जब हम बहुत देर तक बाहर की कोई आवाज़ नहीं सुनते तो हमारा दिमाग शांत माहौल में संवेदनशीलता को बढ़ा देता है जिससे छोटी से छोटी चीज़ के प्रति दिमाग सवेंदनशील हो जाता है और मानसिक रूप से थक जाता है।
दबाव महसूस होना- कुछ लोगो को ANC की वजह से कान में भारीपन महसूस होता है जिससे यह एहसास लंबे समय तक रहने की वजह से सिरदर्द और मानसिक पीड़ा पैदा कर सकता है।
नॉइज़ कैंसलेशन हेडफ़ोन की वजह से हुए मानसिक तनाव को कम कैसे करें?
घंटों तक ANC हेडफ़ोन पहनने से दिमाग पर तनाव पड़ता है। ANC तकनीक बाहरी शोर को काट कर खुद एक विपरीत साउंड वेव बनता है जिससे बाहर की आवाज़ कान में नहीं आती और आपके दिमाग को शांत वातावरण मिलता है, पर लंबे समय तक इसका प्रयोग मानसिक तनाव को पैदा करता है।
इस थकान को दूर करने के कुछ उपाय है :
60-60 नियम- 60 मिनट हेडफ़ोन का प्रयोग करने के बाद 10 मिनट का ब्रेक ले। वॉल्यूम 60 % से कम ही रखें।
ट्रांसपेरेंसी मोड का इस्तेमाल करे - यदि हेडफ़ोन उतारना मुमकिन नहीं है तो ANC मोड बंद करके ट्रांसपेरेंसी मोड ऑन करले इससे दिमाग पर कृत्रम सन्नाटे की वजह से पड़ने वाला दबाव कम हो जाता हैं।
कानो और सिर को आराम दे- हेडफ़ोने को उतार कर कुछ देर बैठे और जबड़े और गर्दन को स्ट्रेच करें, इससे मांसपेशी का तनाव कम हो जाता है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद इन्द्रियों के संतुलन को प्राथमिकता देता है।
नॉइज़ कैंसलेशन हेडफोन बाहर के शोर को रोक कर दिमाग को शांति प्रदान करता है, जिससे काम एकाग्र होकर किया जा सकता है , पर लंबे समय तक इसके प्रयोग से मानसिक तनाव की शिकायत हो सकती है। आयुर्वेद हर चीज़ को संतुलित तरीके से उपयोग करने की सलाह देता है।
लंबे समय तक ANC हेडफोन का प्रयोग मानसिक तनाव को कम करने के बजाय बढ़ा सकता है।
लंबे समय तक इसका प्रयोग करने से मानसिक तनाव बढ़ता है।आयुर्वेद के अनुसार ये स्थिति मन और शरीर में वात दोष के असुंतलन के कारण पैदा होती है।
इसके प्रयोग से हमारे कानो में कृत्रिम ध्वनि पैदा होती है जिससे वात दोष तेज़ी से बढ़ता हैं और जो तनाव और सिर दर्द आदि का कारण बनता है।
इंद्रियों पर संतुलन न होने की वजह से हमारा मन भारी होने लगता है और मानसिक ऊर्जा घटने लगती है।
प्राणायाम और बीच-बीच में आराम करने से ये मानसिक तनाव कम किया जा सकता है। 10 मिनट आराम करने से, प्राणायाम आदि के अभ्यास से और मालिश आदि से मानसिक थकान तुरंत दूर हो जाती है।
निष्कर्ष
नॉइज़ कैंसलेशन हेडफ़ोन न तो अपने आप में स्ट्रेस कम करने का उपकरण है और न ही स्ट्रेस बढ़ाने का उपकरण है। यह परिस्थिति के अनुसार मदद कर सकता है, अधिक शोर वाले वातावरण में ये उपयोगी साबित हो सकता है, और इससे मन लगा के काम किया जा सकता है पर लम्बे समय तक इसका प्रयोग करने से मानसिक तनाव और बढ़ सकता है।
इसलिए हेडफ़ोन को ज़रूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें और बीच-बीच में आराम लें और अपने कानों को थोड़ी राहत दें, सामान्य शोर को भी अपने दिन का हिस्सा बनाएं। मन की शांति के लिए हेडफ़ोन आदि की ज़रूरत नहीं है। खामोशी में बैठकर भी मन को शांत किया जा सकता है।
References
WHO releases new standard to tackle rising threat of hearing loss













