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Protein bar snack है या मिठाई का नया रूप? Label में क्या देखें?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

प्रोटीन बार को देखकर लगता है की यह बिस्कुट से बेहतर स्नैक होगा क्युकी पैकेट पर प्रोटीन लिखा होता है लेकिन हर प्रोटीन बार एक जैसा नहीं होता। कुछ में अच्छी मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता है जबकि कुछ में चीनी कैलोरी सिरप काफी ज़्यादा होता है ऐसे में सिर्फ हाई प्रोटीन लिखा देख कर बार खरीदना सही नहीं होता है। असली बात उनके लेबल में छिपी होती है प्रोटीन कितनी है ,चीनी कितनी है और फाइबर कितना है और क्या क्या इस्तेमाल हुआ है। इन चीज़ों को देखकर ही पता चलता है कि बार वाक़ई अच्छा स्नैक है या फिर मिठाई का बदला हुआ रूप। 

प्रोटीन बार स्नैक है या मिठाई?

प्रोटीन बार एक सेहतमंद स्नैक है, लेकिन इसमें मौजूद चीनी और कैलोरी इसे कई बार मिठाई जैसा बना देती हैं। अगर इसमें प्रोटीन की मात्रा ज़्यादा है और शक्कर कम है तो यह कसरत के बाद खाने के लिए एक अच्छा और ऊर्जा देने वाला स्नैक है। लेकिन बाज़ार में मिलने वाली कई बार चीनी चॉकलेट और सिरप बहुत ज़्यादा होते हैं। ऐसे मीठे बार किसी चॉकलेट या मिठाई से अलग नहीं होते हैं। इसलिए कोई भी बार खरीदने से पहले उसकी सामग्री और पोषण सूची ज़रूर देखें ताकि आपको यह पता चल सके कि आप असल में सेहतमंद स्नैक खा रहे हैं या कोई मीठी मिठाई।

क्या प्रोटीन बार सेहत के लिए अच्छे होते हैं?

प्रोटीन बार सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं  लेकिन कई खाने कि चीज़ों कि तरह अगर आप यह जानना चाहते हैं कि यह आपके लिए अच्छा है या नहीं तो आपको यह देखना होगा कि यह किस्से बना है यह किस ब्रांड का है और आप इस्तेमाल कैसे करते हैं इसपे  निर्भर करता है अच्छी चीज़ें और सही मैक्रोज़ और कम चीनी वाला बार आपके खानपान में एक अच्छा आहार हो सकता है। हलांकि कुछ तो बस कैंडी बार कि तरह होते हैं बस उनका रूप नहीं होता इसलिए लेबल पढ़ना ज़रूरी होता है यह सेहत के लिए अच्छा हो सकता है लेकिन गलत तरीके से या गलत चॉइस से आप स्वस्थ को नुक्सान कर सकता है। 

प्रोटीन बार ज़्यादा क्यों नहीं खाना चाहिए? 

  • बहुत ज़्यादा शुगर:  कई प्रोटीन बार में स्वाद बढ़ाने के लिए एक्स्ट्रा शुगर या आर्टिफिशियल मिठास मिले जाती है।  जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है और आपके एनर्जी लेवल में कमी आ सकती है। 
  • ज़्यादा प्रोसेस्ड: इनमें आमतौर पर सोया प्रोटीन आइसोलेटिक जैसे तत्त्व होते हैं है जो अन्हेल्दी होते हैं  जो आपकी गट हेल्थ को प्रभावित करते हैं। 
  • पोषण की कमी: प्रोटीन बार में  फाइबर, हेल्दी फैट्स और ज़रूरी पोषक तत्वों कि कमी होती है।  जिससे वो आपको सही पोषण देते। 
  • पाचन सम्बन्धी परेशानी: चीनी अलकोहल और इन्सुलिन जैसे तत्त्व सूजन गैस या दस्त कि वजह बन जाते हैं खासकर वे लोग जिनकी गट हेल्थ सेंसिटिव है।  
  • ज़्यादा कैलोरी: कुछ प्रोटीन बार मर आपके भोजन जितनी कैलोरी होती है लेकिन वे न तो उतना आपको पोषण देते हैं न ही संतुष्टि जिससे आपको बार बार खाने कि क्रेविंग होती है और इनमे आपका वज़न बढ़ सकता है।  

वर्कआउट के बाद प्रोटीन बार लेना ज़रूरी है?

वर्कआउट के बाद  प्रोटीन लेना मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। एक्सरसाइज़ के बाद 45 से 60 मिनट के अंदर प्रोटीन और कार्ब्स का सेवन करने से शरीर को तेज़ी से फायदा मिलता है। 

वर्कआउट के बाद प्रोटीन के फायदे

  • तेज रिकवरी: मांसपेशियों के टूटे हुए रेशों की मरम्मत जल्दी होती है।
  • मसल ग्रोथ: शरीर में प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया बेहतर होती है।
  • थकान कम होना: शरीर की ऊर्जा और पोषक तत्व जल्दी रिफिल होते हैं। 

रोज़ प्रोटीन बार खाना सही है या नहीं?

रोज़ प्रोटीन बार खाना ज़रूरी नहीं है। अगर किसी दिन समय कम हो या बहार हों तो यह सुविधाजनक सनक हो सकता है। लेकिन इसे रोज़ का खाना बनाना सही नहीं मन जाता। कई प्रोटीन बार में प्रोटीन के साथ चीनी मीठे सिरप और कैलोरी भी ज़्यादा हो सकती है इसलिए बार चुनते समय लेबल पर प्रोटीन फाइबर चीनी और सामग्री कि सूची ज़रूर देखें रोज़ की प्रोटीन ज़रुरत पूरी करने के लिए दाल दूध दही पनीर अंडे सोया या दूसरी खाने की चीज़ों को प्राथमिकता देना बेहतर है अच्छा प्रोटीन बार कभी कभार ठीक है लेकिन हर दिन ज़रूरी नहीं हैं। 

बेहतर प्रोटीन बार की पहचान कैसे करें?

बेहतर प्रोटीन बार चुनते समय हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए 

  • प्रोटीन : ऐसा बार चुने जिसमें प्रोटीन की मात्रा अच्छी हो और वह सिर्फ नाम के लिए प्रोटीन बार न हो। 
  • चीनी : लेबल पर कुल और अतिरिक्त चीनी की मात्रा ज़रूर देखें बहुत ज़्यादा चीनी वाला बार काम काम बेहतर हो सकता है। 
  • फाइबर : ज़्यादा फाइबर वाला वाला बार पेट को लम्बे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। 
  • सामग्री : सामग्री की सूची छोटी और समझने में आसान हो। 
  • कैलोरी : अपनी ज़रुरत के हिसाब से कैलोरी देखें। 
  • लेबल : केवल पैकेट के आगे लिखे दावों पर भरोसा न करे पीछे की पोषण तालिका ज़रूर पढ़ें।  

लेबल देखकर सही प्रोटीन बार कैसे चुने ?

प्रोटीन बार चुनते समय सबसे पहले पैकेट के पीछे दी गई पोषण तालिका देखें उसमे कितना प्रोटीन है ये देखें केवल नाम में हाई प्रोटीन देखकर फैसला न करें। इसके बाद चीनी और अतिरिक्त  कितनी है फाइबर की मात्रा देखें और कैलोरी और फैट भी अपने अनुसार देखें अगर बार में प्रोटीन अच्छा है चीनी कम है और फाइबर ठीक मात्रा में है, तो वह बेहतर हो सकता है 

निष्कर्ष :

प्रोटीन बार एक सनक है लेकिन हर बार सेहत मंद हो ऐसा ज़रूरी नहीं। लेकिन बाजार में मौजूद  कई बार सिर्फ मिठाई का दूसरा रूप होते हैं इनमे भारी मात्रा में चीनी और कैलोरी हो सकती है। इसलिए हमेशा पैकेट के पीछे दिया गया न्यूट्रिशन लेबल ध्यान से पढ़ें एक सही प्रोटीन बार में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होना चाहिए इसे अपनी रोज़ डाइट का हिस्सा बनाने के बजाय प्राकर्तिक प्रोटीन को प्राथमिकता दें और बार का इस्तेमाल केवल कभी कभार करें। 

References:

https://www.healthline.com/nutrition/are-protein-bars-good-for-you

https://www.ijpsjournal.com/article/NutraceuticalEnriched+Protein+Bars+Functional+Ingredients+Health+Benefits+and+Future+Prospects

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10814707/

https://www.healthline.com/nutrition/homemade-protein-bars-guide

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

यह पूरी तरह बार की सामग्री पर निर्भर करता है। अगर इसमें हाई प्रोटीन और कम चीनी है, तो यह सेहतमंद स्नैक है लेकिन ज़्यादा चीनी और सिरप होने पर यह मिठाई जैसा ही है।

लेबल पर हमेशा प्रोटीन की मात्रा, कुल और अतिरिक्त चीनी, और फाइबर की मात्रा चेक करें। सामग्री की सूची जितनी छोटी और प्राकृतिक होगी, बार सेहत के लिए उतना ही अच्छा होगा।

इसे रोज़ाना खाना ज़रूरी या सही नहीं माना जाता है। अपनी रोज़ की प्रोटीन ज़रूरत पूरी करने के लिए प्राकृतिक खाने की चीज़ों दाल, अंडे, दूध, पनीर को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ज़्यादा खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है और अत्यधिक कैलोरी से वज़न बढ़ सकता है। इसमें मौजूद आर्टिफिशियल तत्व और शुगर अल्कोहल से गैस या दस्त जैसी पाचन समस्याएं भी हो सकती हैं। 

वर्कआउट के बाद इसे खाने से मांसपेशियों की तेज़ी से रिकवरी होती है और थकान कम होती है। यह शरीर में ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्वों को जल्दी रिफिल करने में मदद करता है।

फाइबर आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। एक अच्छी मात्रा में फाइबर वाला प्रोटीन बार आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप फालतू खाने से बचते हैं।

सिर्फ पैकेट पर 'हाई प्रोटीन' देखकर खरीदना गलत है। आपको हमेशा पीछे दी गई पोषण तालिका पढ़कर उसमें मौजूद चीनी, कैलोरी और अन्य सामग्रियों की बारीकी से जांच करनी चाहिए।

अगर आपके प्रोटीन बार में पूरे भोजन के बराबर कैलोरी और अत्यधिक चीनी है, तो इससे आपका वज़न बढ़ सकता है। खासकर तब, जब आप इसे बिना शारीरिक मेहनत के खाते हैं।

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