Diseases Search
Close Button
 
 

Makhana रोज खाना healthy है या नहीं?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

अक्सर हम शाम की भूख मिटाने के लिए कुछ न कुछ कुरकुरा खाना चाहते हैं। ऐसे में मखाना सबसे अच्छा और हल्का स्नैक लगता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि मखाना तो कमल का बीज है, इसलिए इसे जितना चाहो खा लो, कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि रोज़ाना और बहुत ज़्यादा मखाना खाने से शरीर पर क्या असर पड़ता है? मखाना सेहत के लिए खज़ाना ज़रूर है, लेकिन किसी भी चीज़ की अति अच्छी नहीं होती। अगर आप इसे सही तरीके और सही मात्रा में नहीं खाते हैं, तो यह फायदे की जगह परेशानी भी खड़ी कर सकता है।

शरीर के लिए मखाना इतना फायदेमंद क्यों माना जाता है

मखाने में कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर बहुत अच्छी मात्रा में होते हैं। यह हड्डियाँ मज़बूत बनाने और दिल को तंदुरुस्त रखने में बहुत मदद करता है। जो लोग अपना वज़न कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह बहुत काम की चीज़ है क्योंकि इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ लगता है। इसमें फैट बहुत कम होता है और यह हमारे शरीर को तुरंत ताज़गी और काम करने की ताकत देता है।

क्या रोज़ाना इसे खाने से कोई नुकसान भी हो सकता है

अगर आप रोज़ाना एक कटोरी मखाना खाते हैं, तो यह आपकी सेहत बनाएगा। लेकिन अगर आप पूरा दिन इसे ही चबाते रहेंगे, तो दिक्कतें शुरू हो जाएँगी। मखाने में फाइबर काफी ज़्यादा होता है। जब शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा फाइबर चला जाता है, तो पेट फूलने लगता है और गैस बनने लगती है। साथ ही अगर आप पानी कम पीते हैं, तो मखाना पेट में जाकर मल को सुखा देता है, जिससे कब्ज़ की परेशानी हो सकती है।

ज़रूरत से ज़्यादा मखाना खाने पर शरीर में क्या बदलाव आते हैं

जब हम मखाने को बिना सोचे समझे बहुत ज़्यादा खा लेते हैं, तो शरीर अंदर से कुछ ऐसे संकेत देता है:

  • पाचन का धीमा होना: ज़्यादा फाइबर पचाने में पेट को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हाज़मा बिगड़ जाता है।
  • पेट में भारीपन और सूजन: गैस के कारण पेट फूला हुआ और बहुत भारी लगने लगता है।
  • एलर्जी होना: कुछ लोगों को कमल के बीज से एलर्जी होती है, जिससे शरीर पर लाल चकत्ते आ सकते हैं।
  • किडनी पर ज़ोर पड़ना: मखाने में पोटैशियम होता है। अगर कोई पहले से किडनी का मरीज़ है, तो ज़्यादा मखाना खाने से उनकी किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है।

किन लोगों को मखाना खाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए

अगर आपका पेट अक्सर खराब रहता है या आपको कब्ज़ की पुरानी शिकायत है, तो मखाने का सेवन बहुत हिसाब से करना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं करती, उन्हें मखाना खाने से पहले डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी इसे बहुत ज़्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।

आयुर्वेद में मखाने के फायदों और नुकसान के बारे में क्या कहा गया है

पहलू फायदे नुकसान / सावधानी
प्रकृति आयुर्वेद में मखाना शीत (ठंडे) गुण वाला माना जाता है। अधिक मात्रा में सेवन कुछ लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता।
पाचन घी में हल्का भूनकर खाने से पचने में आसानी हो सकती है। यह अपेक्षाकृत गुरु (भारी) होता है, इसलिए कमज़ोर पाचन वाले लोगों में भारीपन हो सकता है।
ऊर्जा शरीर को पोषण और ऊर्जा देने वाला आहार माना जाता है। अधिक सेवन से पेट भरा-भरा या असहज महसूस हो सकता है।
दोषों पर प्रभाव आयुर्वेद के अनुसार यह पित्त को शांत करने में सहायक माना जाता है। व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार इसका प्रभाव अलग हो सकता है।
सेवन का तरीका सीमित मात्रा में घी के साथ या संतुलित आहार में लेना बेहतर माना जाता है। सूखा और अधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
किसके लिए सावधानी सामान्य स्वस्थ व्यक्ति संतुलित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्या या कोई विशेष बीमारी हो, वे चिकित्सकीय सलाह लेकर ही सेवन करें।

मखाने के साथ किन चीज़ों को मिलाकर खाना सबसे अच्छा रहता है

मखाने की तासीर को और भी अच्छा बनाने के लिए आप इसे कुछ खास चीज़ों के साथ खा सकते हैं:

  • देसी घी: घी में भूनकर खाने से यह आसानी से पच जाता है और शरीर को अच्छी चिकनाई मिलती है।
  • गर्म दूध: रात को सोने से पहले गर्म दूध में मखाना उबालकर पीने से नींद बहुत अच्छी आती है और कमज़ोरी दूर होती है।
  • गुड़: मखाने को गुड़ की चाशनी में लपेट कर खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है और तुरंत ताकत मिलती है।
  • मिश्री और सौंफ: पेट की गर्मी शांत करने के लिए मखाने की खीर में चीनी की जगह मिश्री और थोड़ी सी सौंफ डालना बहुत फायदेमंद होता है।

क्या खाली पेट इसे खाने से कब्ज़ और गैस की शिकायत हो सकती है

बिल्कुल! सुबह-सुबह खाली पेट बहुत सारा सूखा मखाना खाने से आपका पेट एकदम से भर जाएगा और इसमें मौजूद फाइबर पेट का सारा पानी सोख लेगा। इससे आपको पूरा दिन भारीपन लगेगा और पेट ठीक से साफ नहीं होगा। इसलिए सुबह अगर मखाना खाना ही है, तो उसे दूध के साथ लेना ज़्यादा सही रहता है।

मखाना खाते समय हम कौन सी आम गलतियाँ कर बैठते हैं

अक्सर हम जाने अनजाने में मखाने को इस तरह खाते हैं कि उसका फायदा हमें मिल ही नहीं पाता:

  • बहुत ज़्यादा नमक या मसाला डालना: इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • कच्चा या बिना भूने खाना: कच्चा मखाना पचने में बहुत भारी होता है और पेट में दर्द कर सकता है।
  • बाज़ार वाले पैकेट बंद फ्लेवर मखाने खाना: इनमें बहुत ज़्यादा केमिकल और खराब तेल होता है जो सेहत को बिगाड़ता है।
  • एक ही बार में बहुत सारा खा लेना: इससे फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ जाती है और पेट फूलने लगता है।
  • मखाना खाने के बाद पानी न पीना: पानी न पीने से मखाने का फाइबर पेट में जाकर जम जाता है और भयंकर कब्ज़ कर देता है।

किन बीमारियों में मखाने का सेवन कम से कम करना चाहिए

  • किडनी की परेशानी: मखाने में पोटैशियम होता है जो किडनी के मरीज़ों के लिए खतरा बन सकता है।
  • पुरानी कब्ज़: अगर आपको अक्सर कब्ज़ रहती है, तो ज़्यादा मखाना आपकी इस परेशानी को और भी बदतर कर सकता है।
  • दस्त या डायरिया: पेट खराब होने पर फाइबर वाली चीज़ें खाने से दस्त और ज़्यादा बढ़ सकते हैं।

बाज़ार वाले पैकेट बंद मखाने खाना सेहत के लिए कितना सही है

आजकल बाज़ार में चीज़, पुदीना या पेरी-पेरी स्वाद वाले मखाने बहुत मिलते हैं। ये स्वाद में तो बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन सेहत के लिए बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। इनमें बहुत ज़्यादा नमक, प्रिज़र्वेटिव्स और घटिया तेल होता है। रोज़ इन्हें खाने से आपके दिल और पेट दोनों पर बुरा असर पड़ता है। हमेशा सादा मखाना लाएँ और घर पर ही उसे घी में हल्का भून लें।

मखाने को अपनी डाइट में शामिल करने के सबसे आसान और सही तरीके

  • शाम की चाय के साथ: एक चम्मच घी में थोड़ा सा मखाना भून लें और ऊपर से हल्का सा सेंधा नमक और काली मिर्च डाल लें।
  • रायते में: खीरे या बूंदी की जगह आप दही में भुना हुआ मखाना डाल सकते हैं। यह पेट को बहुत ठंडक देता है।
  • खीर या दलिया: मीठा खाने का मन हो तो मखाने को दूध में पकाकर खाएँ। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको फायदा करता है।

मखाना खाते समय किन छोटी बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए

  • दिन भर में बस एक मुट्ठी या छोटी कटोरी मखाना ही खाएँ, इतना शरीर के लिए काफी है।
  • इसे खाने के बाद दिन भर अच्छी मात्रा में पानी ज़रूर पिएँ ताकि पेट में कब्ज़ न हो।
  • रात को बहुत देर से सूखा मखाना खाने से बचें, क्योंकि रात में पाचन तंत्र धीमा काम करता है।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

  • अगर आपको मखाना खाने के बाद शरीर पर लाल दाने, खुजली या चकत्ते दिखाई दें।
  • साँस लेने में अचानक तकलीफ होने लगे या गले में सूजन महसूस हो।
  • पेट में ऐसा दर्द उठे जो घरेलू उपाय करने के बाद भी ठीक न हो रहा हो।
  • लगातार कई दिनों तक भयंकर कब्ज़ हो जाए और पेट फूलने लगे।

निष्कर्ष:

मखाना सच में धरती का एक अनमोल तोहफा है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कोई भी खाने की चीज़ तब तक ही फायदा करती है जब तक उसे नियम से खाया जाए। रोज़ मखाना खाना बिल्कुल सही और सेहतमंद है, बशर्ते आप अपनी मुट्ठी बाँध कर खाएँ। इसे अपने रोज़ के नाश्ते में ज़रूर शामिल करें, लेकिन साथ में पानी पीना और सही तरीके से भूनना न भूलें। जब आप इसे सही ढंग से खाएँगे, तो यह आपके शरीर को फौलाद जैसी ताकत देगा और कोई नुकसान भी नहीं करेगा।

References:

https://www.healthline.com/nutrition/makhana-benefits

https://pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/newsletters/enewsmakhanaspecial6.html

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2203165&reg=1&lang=1

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

जी बिल्कुल, रोज़ाना एक मुट्ठी मखाना खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

 आप इसे सुबह के नाश्ते में या शाम को चाय के साथ भूख लगने पर खा सकते हैं।

 अगर इसे कम घी में भूनकर खाया जाए तो यह वज़न कम करने में मदद करता है।

 एक दिन में पच्चीस से तीस ग्राम यानी करीब एक मुट्ठी मखाना खाना काफी होता है।

 हाँ, मखाना शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है, इसलिए शुगर के मरीज़ इसे आराम से खा सकते हैं।

 रात को दूध में मखाना डालकर पीने से हड्डियाँ मज़बूत होती हैं और नींद बहुत अच्छी आती है।

 कच्चा मखाना पचने में बहुत भारी होता है और पेट दर्द कर सकता है, इसलिए इसे हमेशा हल्का भून कर ही खाना चाहिए।

 मखाने में फाइबर बहुत होता है और यह अंदर से रूखा होता है। अगर आप इसे खाकर पानी कम पीते हैं, तो कब्ज़ हो सकती है।

 बिल्कुल, यह बच्चों के दिमागी और शारीरिक विकास के लिए बहुत अच्छा है। आप उन्हें इसकी खीर बनाकर दे सकते हैं।

 नहीं, उनमें नमक और मसाले बहुत ज़्यादा होते हैं। घर पर ही सादा मखाना भूनकर खाना सबसे अच्छा और सुरक्षित होता है।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us