पीरियड्स से पहले Salty Food की Craving क्यों बढ़ सकती है?

Information By Dr. Bhavna Dwivedi     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 15 Oct, 2026
  • category-iconUpdated on 15 Oct, 2026
  • category-iconWomen's Health
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क्या आपने कभी नोटिस किया है कि पीरियड से कुछ दिन पहले चिप्स, नमकीन, फ्रेंच फ्राइज़ या अचार खाने का मन सामान्य से ज्यादा करने लगता है। कई बार पेट भरे होने के बावजूद, चटपटा और नमकीन खाने की इच्छा होती है अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप अकेली नहीं हैं। पीरियड से पहले खाने की पसंद में बदलाव आना सामान्य अनुभव है। इसके दौरान कुछ महिलाओं को मीठा खाने की इच्छा होती है और कुछ नमकीन की ओर  एकदम आकर्षित होती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पीरियड से पहले नमकीन खाने की craving क्यों बढ़ती है?

कभी सोचा है कि पीरियड से पहले नमकीन खाने की craving क्यों बढ़ जाती है? क्या ये हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है या शरीर किसी खास पोषक तत्व की मांग कर रहा है? इसके कारण और स्थिति से निपटने के आसान तरीके को समझते हैं।

पीरियड से पहले Salty खाने की Craving क्यों होती है?

पीरियड से पहले salty खाने की craving होना आम बात है। कुछ महिलाओं को मीठे खाने की craving होती है और कुछ को salty खाने की craving होती है।

पर आपने कभी गौर किया है कि ऐसा क्यों होता है? आइए इसके कारण जानते हैं।

  • हार्मोनल असंतुलन की वजह से भी ये समस्या हो सकती है, periods से पहले के चरण में महिलाओ के हार्मोन में उतार चढ़ाव होते हैं जिस बदलाव के कारण उन्हें ब्लोटिंग और सूजन होने लगती है। शरीर संतुलन बनाए रखने के लिए सोडियम की मांग करता है। जिससे salty चीजें खाने की craving होती है।
  • Periods से पहले महिलाओं के मस्तिष्क में फील गुड केमिकल का स्तर कम हो जाता है, जिसकी वजह से उन्हें मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और थकान होती है। इस समय शरीर तुरंत ऊर्जा और मानसिक आराम के लिए कार्बोहाइड्रेट और नमक से भरपूर foods जैसे चिप्स, फ्राइज़ की मांग करता है।
  • पीरियड्स के दौरान और उससे पूर्व महिलाओं को जो तनाव और असुविधा होती है, उससे कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिस वजह से  उनको high-fat और salty snacks  खाने की craving  होती है। 
  • नींद की कमी से भी असर पड़ सकता है। नींद पूरी न होने की वजह से नींद और भूख की इच्छा को नियंत्रित करने वाली प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे अधिक कैलोरी वाले खाने की इच्छा और अधिक बढ़ जाती है।  पीरियड्स से पहले पर्याप्त नींद न लेने की वजह से थकान और सुस्ती हो सकती है, जिस वजह से पीरियड्स से पहले salty food खाने की craving हो सकती है।

इन कारणों की वजह से पीरियड्स से पहले cravings हो सकती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता। पर्याप्त नींद लेने से और उचित दिनचर्या रखने से इन cravings को नियंत्रित किया जा सकता है। 

पीरियड्स से पहले Salty Food की Craving को नियंत्रित कैसे करें?

पीरियड्स से पहले और पीरियड्स के दौरान salty खाने की craving होना स्वाभाविक है।  इसका मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन होता है। हॉर्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण शरीर में सोडियम और पानी का बैलेंस असंतुलित हो जाता है जिस वजह से शरीर अधिक ऊर्जा की मांग करता है जिस वजह से Salty खाने की craving पीरियड्स से पहले बढ़ जाती है। जिस वजह से महिलाओं को bloating और सूजन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पीरियड्स से पहले salty snacks की craving को नियंत्रित किया जा सकता है , इन्हें नियंत्रित करने के तरीके हैं:

  • दिन में कई बार छोटे और healthy meal लें, हर कुछ घंटो के बाद संतुलित आहार ले इससे शरीर में ब्लड शुगर का लेवल स्थिर रहेगा जिससे बार-बार craving नहीं होगी। अपने भोजन में प्रोटीन और healthy fat को शामिल करें, जिस वजह से पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और unhealthy खाने की इच्छा कम होगी। 
  • Salty snacks जैसे चिप्स, फ्रेंच फ्राइज खाने की बजाये कुछ healthy, जैसे भुने हुए मखाने, पॉपकॉर्न आदि का सेवन करें। 
  • खूब पानी पिएं। पीरियड्स से पहले शरीर में पानी की कमी होने पर शरीर दिमाग को नमक की कमी का signal देता है, जिस वजह से salty food की craving होती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। अत्यधिक कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के सेवन से बचें। 
  • आवश्यक पोषक तत्व जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम शरीर में पर्याप्त रखें, इनकी पर्याप्त मात्रा cravings और थकान आदि को नियंत्रित रखती है। 
  • अपनी जीवनशैली में सुधार करें, रोज़ाना पर्याप्त नींद लें और हल्की exercise करें जिससे शरीर को राहत मिलेगी और वो cravings और मूड को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित करेगा। 

यदि craving हो तो संतुलित भोजन लेना चाहिए, इसका मतलब यह नहीं है कि अपनी पसंदीदा चीज़ का सेवन न करें पर संतुलन बनाएं रखना अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। 

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और पर्याप्त आराम व नींद को महत्तवपूर्ण माना गया है। Periods के दौरान और उससे पहले महिलाओं को शरीर की आवश्यकता अनुसार खान-पान और नियमित दिनचर्या का पालन करने की सलाह दी जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार पीरियड्स से पहले salty food craving स्वाभाविक है। 

  • पीरियड्स से पहले salty food craving बढ़ने का मुख्य कारण वात दोष का असंतुलित होना है। पीरियड्स से पहले वात दोष की गति में असमानता आने से शरीर में सूखापन बढ़ता है। वात दोष को संतुलित रखने के लिए शरीर में लवण रस की आवश्यकता होती है, जिस वजह से पीरियड्स से पहले salty food की craving बढ़ती है। 
  • वात दोष के असंतुलन की वजह से शरीर की पाचन अग्नि कमज़ोर हो जाती है जिस वजह से शरीर में आम (टॉक्सिन्स) बढ़ने लगते है, जिस वजह से शरीर में पोषक तत्वों की कमी महसूस होने लगती है और craving बढ़ने लगती हैं। 

Salty Food Cravings को आयुर्वेदिक तरीके से नियंत्रित करने के उपाय है:

  • पर्याप्त नींद लें 7-8 घंटे की नींद लेने से शरीर में थकान कम होगी और शरीर भी सक्रिय रहेगा, जीवनशैली को और प्रभावित बनाने के लिए नियमित exercise आदि करें इससे स्वास्थ्य संतुलित रहेगा। 
  • हल्का गर्म और सुपाच्य भोजन खाएं, इससे वात शांत होगा और भोजन आसानी से पचेगा। 
  • अत्यधिक नमक और जंक फ़ूड न खाएं और कैफीन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के सेवन से भी बचें। 

नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद लेने से पीरियड्स से पहले होने वाली salty food cravings को नियंत्रित किया जा सकता है। 

निष्कर्ष 

पीरियड्स से पहले salty food cravings होना स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पीरियड्स के दौरान और उससे पहले शरीर में हार्मोनल बदलाव होते है जिस वजह से शरीर सोडियम की मांग करता है यही वजह है की पीरियड्स से पहले salty food cravings होती है। 

राहत की बात यह है की इसे नियंत्रित किया जा सकता है। खान-पान और दिनचर्या में सुधार करके इन cravings को नियंत्रित किया जा सकता है। 

संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और नमक का नियमित सेवन शरीर का संतुलन  बनाए रखने के लिए सहायक होता है। यदि ये cravings सामान्य से अधिक होती हैं,  तो डॉक्टर्स की सलाह लेनी चाहिए। 

References

The role of premenstrual syndrome in hedonic hunger and food craving during the menstrual cycle - PMC

Do Food Intake and Food Cravings Change during the Menstrual Cycle of Young Women? - PMC

Premenstrual syndrome - PMC

Premenstrual syndrome (PMS) | Office on Women's Health

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

पीरियड्स के दौरान और उससे पहले cravings हार्मोनल असंतुलन और अनुचित जीवनशैली की वजह से होती हैं, क्योंकि पीरियड्स से पहले शरीर में एनर्जी की जरूरत होती है, पर्याप्त एनर्जी न मिलने की वजह से शरीर में salty food की craving  होती है।  

हाँ, पीरियड्स के दौरान होने वाली craving को कभी-कभी पूरा करना बिल्कुल ठीक है, लेकिन अगर आप इसे रोज़ाना मीठी या प्रोसेस्ड चीज़ें खाकर पूरा करते हैं, तो इससे क्रैम्प्स और थकान और भी बढ़ सकती है।

पीरियड्स के दौरान या उससे पहले होने वाली craving को रोकने के लिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना, पर्याप्त प्रोटीन और हेल्दी फैट खाना, और स्ट्रेस को मैनेज करना जरूरी है।

स्वस्थ्य पीरियड्स 3 से 7 दिनों तक चलते हैं, जिनमें ब्लीडिंग सामान्य होती है और पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द या तो बिल्कुल नहीं होता या इतना होता है जिसे आसानी से सहा जा सके, जिससे आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर कोई असर नहीं पड़ता।

पीरियड्स के दौरान होने वाली cravings को शांत करने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर और healthy food चुनें; इससे आपको क्रैम्प्स (ऐंठन) और थकान को मैनेज करने में मदद मिलेगी।

अस्वस्थ पीरियड्स के लक्षणों में फ्लो में बहुत अधिक बदलाव, तेज दर्द और अनियमित पीरियड साइकिल शामिल हैं।

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