अगर आपको PCOD है, तो आपने यह बात ज़रूर महसूस की होगी, "मैं तो इतना कम खाती हूँ, फिर भी मेरा वज़न कम होने का नाम ही नहीं लेता!" कई लड़कियां और महिलाएं जिम जाती हैं, डाइटिंग करती हैं, रोज़ वॉक करती हैं, लेकिन फिर भी वज़न की सुई अपनी जगह से टस से मस नहीं होती।
ऐसा होना बहुत ही आम बात है, लेकिन यह बहुत निराशाजनक भी लगता है। असल में, PCOD सिर्फ आपके पीरियड्स को खराब नहीं करता, यह आपके पूरे शरीर के सिस्टम को डिस्टर्ब कर देता है।
PCOD क्या है और इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है?
PCOD महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल गड़बड़ी है। इसमें ओवरी (अंडाशय) के अंदर अंडे ठीक से बन नहीं पाते और वहीं जमा होने लगते हैं।
जब ऐसा होता है, तो शरीर में पुरुषों वाले हार्मोन (जिन्हें एंड्रोजन कहते हैं) थोड़े बढ़ जाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, PCOD आपके शरीर की उस मशीन को भी खराब कर देता है जो खाने को एनर्जी (ताक़त) में बदलती है। इसी वजह से आपका वज़न बढ़ता है, चेहरे पर बाल आते हैं, पिंपल्स निकलते हैं और हर वक्त सुस्ती छाई रहती है।

PCOD में वज़न घटाना मुश्किल होने के असली कारण
अगर आपका वज़न कम नहीं हो रहा है, तो इसके पीछे आपकी कोई गलती नहीं है। इसके पीछे शरीर के अंदर चल रही 4 बड़ी गड़बड़ियां ज़िम्मेदार होती हैं:
- हार्मोन्स का बिगड़ जाना: PCOD में शरीर के सारे हार्मोन्स ऊपर-नीचे हो जाते हैं। एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ने से शरीर की फैट (चर्बी) को जलाने की ताकत कम हो जाती है और शरीर फैट को स्टोर करने (बचा कर रखने) लगता है।
- इंसुलिन का ठीक से काम न करना (इंसुलिन रेजिस्टेंस): यह वज़न न घटने का सबसे बड़ा विलेन है! जब हम कुछ भी खाते हैं, तो शरीर उसे शुगर (एनर्जी) में बदलता है। इस शुगर को पचाने का काम 'इंसुलिन' नाम का हार्मोन करता है। लेकिन PCOD में शरीर का इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता। इसलिए शरीर की वो शुगर ताक़त में बदलने की बजाय सीधा चर्बी (फैट) बनकर आपके शरीर में जमा होने लगती है।
- मेटाबॉलिज्म का धीमा पड़ जाना: मेटाबॉलिज्म वो स्पीड है जिससे आपका शरीर खाने को पचाता है। PCOD में यह स्पीड बहुत धीमी हो जाती है। मान लीजिए आपकी दोस्त 2 रोटी खाकर उसे 1 घंटे में पचा लेती है, लेकिन आपका शरीर वही 2 रोटी पचाने में बहुत समय लगाएगा और बची हुई रोटी को फैट बना देगा।
- मीठा खाने की इच्छा: जब शरीर का इंसुलिन बिगड़ा होता है, तो आपको अचानक से बहुत ज़ोर से भूख लगती है और बार-बार मीठा या कुछ तला-भुना जंक फूड खाने का मन करता है। इस इच्छा को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
क्या सिर्फ ज़्यादा खाना ही वज़न बढ़ने की वजह है?
बिल्कुल नहीं! कई लड़कियां दिन भर में बहुत कम खाती हैं, फिर भी उनका वज़न बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि PCOD में आपका शरीर खाने के साथ अलग तरह से बर्ताव करता है। अगर आप कम खाकर भी बहुत ज़्यादा स्ट्रेस ले रही हैं या ठीक से सो नहीं रही हैं, तो भी आपका शरीर वज़न बढ़ा देगा। इसलिए, सिर्फ भूखे रहने से वज़न कभी कम नहीं होगा।
PCOD और पेट की चर्बी का क्या कनेक्शन है?
क्या आपने गौर किया है कि PCOD में सबसे ज़्यादा वज़न आपके पेट और कमर के आसपास बढ़ता है? इसे 'विसेरल फैट' कहते हैं। यह इंसुलिन के बिगड़ने का सीधा नतीजा है। जब शरीर इंसुलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो वह सबसे पहले पेट के आसपास चर्बी जमा करता है। और जब पेट की चर्बी बढ़ती है, तो PCOD बिगड़ जाता है। यह एक गोल-गोल घूमने वाला चक्र है जिसे सही डाइट और कसरत से ही तोड़ा जा सकता है।
टेंशन, नींद और वज़न का गहरा रिश्ता
अगर आप दिन भर टेंशन में रहती हैं या रात को 2-3 बजे तक मोबाइल चलाती हैं, तो वज़न कम होने की भूल जाइए। जब आप टेंशन में होते हैं या ठीक से सोते नहीं हैं, तो शरीर 'कॉर्टिसोल' (स्ट्रेस हार्मोन) बनाता है। यह हार्मोन आपकी भूख को और बढ़ा देता है और शरीर को आदेश देता है कि "मुसीबत का समय है, वज़न कम मत करो, चर्बी को बचा कर रखो।" इसलिए अच्छी नींद और शांत दिमाग वज़न घटाने के लिए बहुत ज़रूरी है।
एक्सपर्ट डॉक्टर की विशेष सलाह
PCOD में वज़न कम न होने की असली वजह 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' है, जिससे खाना ऊर्जा बनने के बजाय सीधे पेट की चर्बी में जमा होता है। क्रैश डाइट या भूखे रहने से बचें; चीनी और मैदा पूरी तरह बंद करके प्रोटीन व फाइबर बढ़ाएं। सिर्फ कार्डियो के बजाय स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें और तनाव घटाने के लिए रोज़ 7-8 घंटे की नींद लें।
आयुर्वेद PCOD और वज़न बढ़ने को कैसे समझता है?
आयुर्वेद में PCOD को सिर्फ हार्मोन्स की दिक्कत नहीं, बल्कि पूरे पाचन अग्नि के बिगड़ने से जोड़कर देखा जाता है। आयुर्वेद कहता है कि जब आपकी लाइफस्टाइल खराब होती है, तो शरीर का 'कफ दोष' (भारीपन) बढ़ जाता है और 'जठराग्नि' (पाचन अग्नि) सुस्त पड़ जाती है। इससे शरीर में एक तरह का ज़हरीला पदार्थ (आम) और फैट (मेद धातु) बढ़ने लगता हैं। इसलिए आयुर्वेद सिर्फ वज़न घटाने की गोली नहीं देता, बल्कि वह आपके पाचन को सुधारने और शरीर को अंदर से साफ करने पर काम करता है।

वज़न कम करने के लिए रूटीन में क्या छोटे बदलाव करें?
वज़न कम करने के लिए किसी बड़े चमत्कार की नहीं, बस अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इन 4 छोटे और आसान बदलावों को शामिल करने की ज़रूरत है!
- समय के पाबंद बनें: अपने नाश्ते, लंच और डिनर का एक समय तय करें। शरीर को एक पक्के रूटीन की आदत डालें।
- सोने का समय फिक्स करें: रात को 10-11 बजे तक सो जाएं और 7-8 घंटे की गहरी नींद लें।
- हाइड्रेटेड रहें: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। पानी शरीर की गंदगी साफ करता है।
- टेंशन को कहें गुडबाय: दिन में 15 मिनट गहरी सांसें लें (अनुलोम-विलोम करें) या अपनी पसंद का कोई काम करें।
PCOD में क्या खाएं और क्या न खाएं?
भूखे मत रहिए, बस सही खाना खाइए:
- ये खाइए: हरी सब्ज़ियां, ताज़े फल, सलाद, साबुत अनाज (ओट्स, बाजरा), और अच्छी मात्रा में प्रोटीन (दालें, पनीर, सोयाबीन)।
- ये बिल्कुल छोड़ दीजिए: चीनी (मीठा), मैदा (ब्रेड, बिस्कुट, पिज़्ज़ा), कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाले स्नैक्स।
आप कौन सी गलतियाँ कर रही हैं जिससे वज़न रुक गया है?
लाख कोशिशों के बाद भी अगर आपका वज़न एक जगह आकर रुक गया है, तो कहीं आप अनजाने में ये गलतियां तो नहीं कर रहीं?
- अचानक से खाना छोड़ देना (Crash Diet) या भूखे रहना।
- सिर्फ कार्डियो या दौड़ने पर ध्यान देना, वज़न (Strength) ट्रेनिंग न करना।
- खाने में प्रोटीन की कमी।
- बहुत जल्दी रिज़ल्ट की उम्मीद करना (PCOD में वज़न धीरे-धीरे ही कम होता है)।
निष्कर्ष
PCOD में वज़न कम करना थोड़ा मुश्किल ज़रूर है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह हो ही नहीं सकता। अगर आप अपनी डाइट सुधार लें, रोज़ थोड़ी कसरत करें, समय पर सोएं और टेंशन लेना बंद कर दें, तो आपका वज़न कम होगा।
आपका असली टारगेट सिर्फ पतले होना नहीं होना चाहिए, बल्कि शरीर के हार्मोन्स को अंदर से स्वस्थ और बैलेंस करना होना चाहिए। थोड़ा धीरज रखिए, अच्छे रिज़ल्ट्स ज़रूर मिलेंगे!
References
How to manage weight loss in women with obesity and PCOS seeking fertility? - PMC
Weight Management Interventions in Women with and without PCOS: A Systematic Review - PMC






























