ठंड में पानी कम पीने की आदत यूरिक एसिड को धीरे-धीरे बढ़ा देती है

Information By Dr. VD Aggarwal     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

ऐसा आपके साथ भी होता है कि ठंड के मौसम में आपकी भी पानी पीने की आदत कम हो जाती होगी। सर्दियों में गर्मियों के मुकाबले कम प्यास लगती है, जिस वजह से हमारे शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कम पानी पीने की वजह से हमारे शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है?

यूरिक एसिड एक प्रकार का waste material है, जो हमारे शरीर में प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनता है। किडनी इसे फ़िल्टर करके पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकाल देती है, पर शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न होने की वजह से किडनी को यूरिक एसिड बाहर निकालने में समस्या हो सकती है। 

सर्दियों में कम पानी पीने की वजह से यूरिक एसिड क्यों बढ़ जाता है?

यूरिक एसिड हमारे शरीर में मौजूद एक waste material है जो प्यूरिन नामक तत्व के टूटने से बनता है। यह यूरिक एसिड हमारे खून में मिल जाता है। सामान्य तरीके से हमारा खून यूरिक एसिड को हमारी किडनी तक ले जाता है, और फिर हमारी किडनी यूरिक एसिड को फ़िल्टर करके पेशाब के जरिये इसे हमारे शरीर से बाहर ले जाती है। सर्दियों में कम पानी पीने की वजह से हमारे शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है और यूरिक एसिड की मात्रा ज़्यादा जिस वजह से किडनी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती है, और इसी वजह से यूरिक एसिड हमारे शरीर में मौजूद रह कर हमारे खून को गाढ़ा बना देता है, और जोड़ो और नसों में भी जमा होने लगता है।

सर्दियों में यूरिक एसिड के बढ़ने के मुख्य कारण है:

  • पानी की कमी, सर्दियों में प्यास कम लगने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिस वजह से किडनी को यूरिक एसिड फ़िल्टर करके बाहर निकालने में मुश्किल हो जाती है, और शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है।
  • यूरिक एसिड खून को गाढ़ा बना देता है, खून में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से उसका क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जमा होने का खतरा बढ़ने लगता है।
  • शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से गाउट की समस्या जैसे जोड़ों में दर्द, अकड़न, और सूजन जैसी समस्या बढ़ने लगती है।
  • ठंड के दिनों में लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती है और तेल व मसालेदार भोजन जिनमे प्यूरीन भरपूर मात्रा में होता हैं उनका सेवन बढ़ने लगता है।आलस बढ़ने और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण मेटाबॉलिज़्म धीमा होने लगता है। जिस वजह से शरीर में यूरिक एसिड तेज़ी से बढ़ने लगता हैं।

इन कारणों की वजह से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा बढ़ने लगता है।

ध्यान दें की यूरिक एसिड बढ़ने की वजह खान-पान, किडनी की कार्यक्षमता और कुछ दवाओं जैसे अन्य कारण भी हो सकते हैं।  

सर्दियों में शरीर को हाइड्रेटेड कैसे रखें?

गर्मियों में पानी पीने की इच्छा होना और प्यास लगना आम बात है। सर्दियों में भी हाइड्रेटेड रहना उतना ही आवश्यक है जितना गर्मियों में।

भरपूर हाइड्रेशन से आपका शरीर और दिमाग ढंग से काम करने लगता है। पानी पीने से आपका इम्यून सिस्टम ठीक से काम करता है।

सर्दियों में खुद को हाइड्रेटेड रखने के कुछ आसान तरीके निम्नलिखित है:

  • अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करें। सुबह उठते ही चाय या कॉफ़ी के सेवन से बचें और पानी पीकर अपने दिन की शुरुआत करें।
  • अपने दिनचर्या में सूप, पानी से भरपूर सब्जी एवं फल इत्यादि को शामिल करें।
  • पानी पीने के लिए प्यास लगने तक का इंतज़ार न करें, बीच-बीच में पानी पीते रहे निश्चित अंतराल में ही पानी न पिएं।
  • चाय और कॉफ़ी को पानी का विकल्प न बनाएं। चाय-कॉफी पीने की मनाही नहीं है, पर शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होना भी आवश्यक है।
  • अपने शरीर के हिसाब से पर्याप्त पानी पिएं।

सर्दियों में पर्याप्त पानी पीने की आदत बनाएं यह आपके पाचन, इम्युनिटी में सुधार करने में मददगार रहता है, और आपके शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाये रखता है जिससे आपको थकान भी कम महसूस होने लगती है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में शरीर में पर्याप्त पानी और उचित पाचन को स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। सर्दियों में वात और कफ दोषों के संतुलन को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से गुनगुना पानी पीना पाचन और शरीर के संतुलन को बनाएं रखने में मददगार साबित हो सकती है। शरीर में पर्याप्त पानी शरीर के waste material को फ़िल्टर करके  बाहर निकलने में उपयोगी साबित हो सकता है। 

यूरिक एसिड को केवल दोषों के असंतुलन से जोड़कर देखना ठीक नहीं है; इसका सीधा संबंध हमारे मेटाबॉलिज्म और किडनी की कार्यप्रणाली से भी है। वास्तव में, यह जितना शारीरिक दोषों के असंतुलन से जुड़ा है, उतना ही मेटाबॉलिक और किडनी फंक्शन से भी। 

इसलिए आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाने के साथ-साथ संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और आवश्यक मेडिकल जांच पर भी ध्यान देना चाहिए। 

यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?

यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने और उससे होने वाले परेशानियों से बचने के लिए अपने खान-पान एवं जीवन शैली में सुधार करना आवश्यक है। 

निम्नलिखित तरीकों से आप अपने शरीर में बढ़ने वाले यूरिक एसिड को नियंत्रित रख सकते हैं:

  • प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे: रेड मीट आदि का सेवन कम करें। 
  • शराब और अधिक मीठे पेय पदार्थों के सेवन से बचें। 
  • अपने वजन को नियंत्रित रखें, मोटापा शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाता है इसलिए कोशिश करें की अपना वज़न धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से कम करें। 
  • रोजाना एक्सरसाइज करें। नियमित एक्सरसाइज और व्यायाम की सहायता से आपका वजन नियंत्रित रह सकता है। 
  • पर्याप्त नींद ले और तनाव कम करें अधिक तनाव और नींद पूरी न होने की वजह से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
  • यदि यूरिक एसिड लगातार बढ़ता रहता है तो डॉक्टर से सलाह ले,  जांच कराएं और उपचार कराएं। 

इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपने शरीर में यूरिक एसिड को नियंत्रित रख सकते है। 

निष्कर्ष

सर्दियों में प्यास कम लगना आम बात है पर शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न होने के कई नुकसान होते है। पर्याप्त पानी पीना किडनी की फ़िल्टर प्रक्रिया और यूरिक एसिड को बाहर निकालने में सहायक होता है। इसलिए सर्दियों में भी पर्याप्त पानी पीने की आदत बनाएं। यह छोटा सा बदलाव आपके शरीर के लिए लंबे समय तक फायदेमंद हो सकता है। 

References

Slowly melting the urate snow in joints: Explaining gout attacks to patients - PMC

Quantity-effect correlation between water intake and serum uric acid in US adults: a cross-sectional study based on NHANES data - PMC

The Association between Water Consumption and Hyperuricemia and Its Relation with Early Arterial Aging in Middle-Aged Lithuanian Metabolic Patients - PMC

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

सुबह खाली पेट गुनगुना पानी, निम्बू पानी, सेब का सिरका आदि पीने से शरीर में यूरिक एसिड नियंत्रित या कम हो सकता है।

हाँ शरीर में पानी की कमी यूरिक एसिड के उत्सर्जन को कम कर सकती है और इसके स्तर को बढ़ने में योगदान दे सकती है।

पानी की ज़रूरत उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि  और स्वस्थ्य पर निर्भर करती है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

गुनगुना पानी सीधे यूरिक एसिड कम नहीं करता, लेकिन पर्याप्त पानी इसके उत्सर्जन में मदद कर सकता है।

इनसे कुछ मात्रा में तरल मिलता है लेकिन इन्हे नियमित पानी का पूर्ण विकल्प नहीं मानना चाहिए।

हां, कई लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने के बाद भी कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इसकी पुष्टि ब्लड टेस्ट से होती है।

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