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बारिश में गरम-गरम तला खाना ज्यादा अच्छा क्यों लगता है—भूख, mood या मौसम?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

गर्मियों के बाद जब बारिश का मौसम आता है तो बच्चे व बड़े सब खुश हो जाते है, क्योकि इस मौसम में भड़कती हुई गर्मी के बाद शरीर को आराम व ठंडक मिलती। लेकिन इस मौसम में हमारा पूरा खानपान ही बदल जाता है। 

हम तला-भुना, तीखा व गरम-गरम खाना ज़्यादा खाने लगते है। सवाल यह है कि ऐसा होता क्यों है? क्या यह हमारी भूख बढ़ जाने की वजह से होता है? या मौसम के बदलाव की वजह से होता है या फिर हमारा मन ऐसा खाने के लिए ज़्यादा उत्सुक होने लगता है? आइए जानते हैं कि ऐसा आखिर होता क्यों है, हम क्यों तले-भुने खाने  के लिए उत्सुक होने लगते हैं। 

बारिश में तला-भुना खाने का मन क्यों होता है?

बारिश के मौसम में हमारे आस-पास का माहौल पूरा बदल जाता है। तेज़ गर्मी और धूप के बाद जब आसमान में बादल छाते हैं तो मन व शरीर दोनों को बहुत ठंडक मिलती है। इस समय हमारे शरीर को कम धूप व गर्मी का सामना करना पड़ता है जिस वजह से सेरोटोनिन नामक हॉर्मोन का सतर हमारे शरीर में कम हो जाता है। इस हॉर्मोन को हैप्पी हॉर्मोन भी कहते है, इसके कम होने के कारण हमारा शरीर बहुत खुश रहने लगता है और फिर हमे वो खाने का मन करता है जो हमे नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा इस मौसम में हमारा शरीर काफी ठंडा हो जाता है, और वही चाय-सामोसे जो गर्मी में ज़हर लगते थे वह स्वादिष्ट लगने लगते है।  

क्या बारिश में सच में ज़्यादा भूख लगती है? 

नहीं ऐसा नहीं है, बारिश के मौसम में आप ज़्यादातर घर रहते हो और घर रहने की वजह से और मौसम ठंडा होने की वजह से हमारा शरीर का तासीर भी ठंडा हो जाता है जिसकी वजह से तला हुआ और गरम खाने का बहुत मन करता है। 

इस मौसम में हमें ज़्यादा कैलोरीज़ खाने की क्रेविंगस होती है जिसकी वजह से हमे लगता है की हमारी भूख बढ़ गई है लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है यह केवल हमारे बारिश के ठंडे मौसम के कारण मूड में बदलाव होने की वजह से होता है।  

बारिश और मूड का क्या संबंध होता है?

बारिश का मौसम हम सबको बहुत पसंद होता है। बारिश होते ही मिट्टी में से जो खुशबू आती है, पत्तो पर पानी की बुँदे गिरने की आवाज़, और ठंडी हवाए शरीर को बहुत आरामदायक लगती है। जब हम बहुत खुश और आरामदायक माहौल में होते है तो हमारा मन ऐसी चीज़ो के लिए बहुत भागता है और भारत में सामोसे, पकोड़े, भुटटे व चाय जैसी चीज़े हर घर में बनती है। यह चीज़ें हमें अंदर से खुश कर देती हैं। जब बारिश होती है तो हमारा मन बहुत खुश हो जाता है और फिर हमे अपने मनचाहैं स्नैक्स खाने का बहुत मन करता है। 

एक्सपर्ट डॉक्टर की विशेष सलाह

बारिश के मौसम में तापमान गिरने और मूड में बदलाव के कारण गरम और तली हुई चीज़े खाने का मन करना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन ध्यान रहे कि मानसून में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है, जिससे ज़्यादा तला-भुना खाना पचने में दिक्कत होती है। अगर बाहर का कुछ खाने के बाद आपको तेज़ पेट दर्द, लगातार उल्टी, दस्त या बुखार की शिकायत हो, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। तुरंत डॉक्टर से मिलें, क्योंकि ये फूड पॉइजनिंग या पानी से होने वाली गंभीर बीमारियों (के संकेत हो सकते हैं।

हमारा पेट और बारिश का मौसम

यह माना जाता है कि बारिश के मौसम में हमारा पेट और खाना पचाने की ताकत थोड़ी कमज़ोर हो जाती है।

इस मौसम में हवा में नमी बहुत ज़्यादा होती है, जिससे खाना पचने में ज़्यादा समय लगता है। इसलिए, जब हम बारिश में बहुत ज़्यादा तला हुआ, भारी या मसालेदार खाना खा लेते हैं, तो पेट भारी लगने लगता है। कुछ लोगों को गैस बनने लगती है, खट्टी डकारें आती हैं या पेट फूलने जैसी परेशानी होने लगती है।

इसका मतलब यह है कि हमारा मन तो बहुत कुछ खाने का कर रहा होता है, लेकिन हमारा पेट उस भारी खाने को आसानी से पचाने के लिए तैयार नहीं होता। इसलिए यह भी ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि हम कितना खा रहे हैं।

क्या हमें तला-भुना बिल्कुल छोड़ देना चाहिए?

अगर आपको स्नैक्स खाना पसंद है, तो ऐसा ज़रूरी नहीं कि आपको इन्हें छोड़ना पड़े। आपको लेकिन कुछ बहुत अहम बातों को अपने दिमाग में रखना चाहिए:

  • पकोड़े या अन्य कोई चीज़ खाते वक्त मात्रा का ध्यान रखें। 
  • स्वाद-स्वाद में ज़्यादा ना खा ले।
  • बाहर खाने को बनाने में जो तेल उपयोग होता है वह पुराना और खराब होता है तो अगर आपको कुछ भी खाना है तो घर पर बना कर खाएं।
  • फोन इस्तेमाल करते वक्त ज़्यादा न खा ले।
  • अगर आपको दिल की या कोई अन्य बीमारी है तो तला-भुना न खाएं। 
  • बनाते वक्त कम तेल का उपयोग करें।

ऊपर दी गई सारी बातों का ध्यान रखें और अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें।  

बारिश में कुछ और हलके व मज़ेदार विकल्प

बारिश के मौसम में अगर कुछ गरम और अच्छा खाने का मन हो, तो हमेशा तला हुआ खाना ज़रूरी नहीं है। आप कुछ ऐसा भी चुन सकते हैं जो स्वाद में लाजवाब हो और पेट के लिए भी हल्का:

  • नींबू और नमक वाला भुट्टा: बारिश में सिंका हुआ गरम-गरम भुट्टा, जिस पर नींबू और काला नमक लगा हो, भी खा सकते है। 
  • गरमा-गरम सूप: टमाटर या अपनी पसंद की ढेर सारी सब्जियों का गरम सूप बारिश की ठंडी शाम को शरीर में गरमाहट देता है।
  • भुने हुए मखाने: अगर कुछ कुरकुरा खाने का मन है, तो मखानों को थोड़े से घी और चाट मसाले में भून लें। यह बहुत ही स्वादिष्ट और सेहतमंद स्नैक है।
  • मूंग दाल या बेसन का चीला: घर का बना हुआ गरमा-गरम चीला, जिसे आप हरी चटनी के साथ खा सकते हैं। 
  • भुने हुए चने या मूंगफली: आप भुने हुए चने या करारी मूंगफली भी खा सकते हो। 

यह विकल्प आपके मुंह का स्वाद बरकरार रखने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी गुणकारी है। 

निष्कर्ष

बारिश में तला हुआ खाना अच्छा लगने के पीछे सिर्फ हमारे पेट की भूख शामिल नहीं होती। यह मौसम की ठंडक, हमारे मूड और खाने की लाजवाब खुशबू, इन सबका असर होता है। इस मौसम में मुंह के स्वाद के साथ अपनी सेहत के बारे में न भूलें और अपने पाचन पर खास ध्यान दें। कुछ भी बाहर का न खाएं और अपने बच्चों और साथ वालों को भी न खाने दें, घर का बना ताज़ा और गरम खाना खाएं। अगर आपको दिल की बीमारी या कोई अन्य बीमारी है तो अपने आप को नियंत्रित करें और सिर्फ हल्का भोजन खाएं। अपनी सेहत और अपने आसपास रहने वाले लोगों की सेहत का भी ध्यान रखें।  सब खाएं पर सीमित मात्रा में खाएं क्योंकि आपकी सेहत सबसे अहम है।  

References

Healthy Foods For Rainy Season - Healthians

Spicy Food and Chili Peppers and Multiple Health Outcomes: Umbrella Review - PMC

5 Common Reasons You're Craving Spicy Food

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

नहीं, यह असली भूख नहीं बल्कि मौसम की वजह से कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने की चाहत (क्रेविंग) होती है।

तापमान गिरने पर शरीर को तुरंत गर्माहट और आराम देने के लिए गरम और कुरकुरी चीजें सबसे अच्छी लगती हैं।

हाँ, बारिश का सुहाना मौसम मन को एकदम शांत कर देता है और अच्छा खाना (कंफर्ट फूड) इस खुशी को दोगुना कर देता है।

बिल्कुल, बचपन से बारिश में परिवार के साथ चाय-पकौड़े खाने की पुरानी यादें सीधा हमारे दिमाग और स्वाद से जुड़ी होती हैं।

हाँ, हवा में बहुत ज़्यादा नमी (सीलन) होने के कारण इस मौसम में पेट की खाना पचाने की मशीन थोड़ी सुस्त पड़ जाती है।

कभी-कभार मजे के लिए खाना बिल्कुल ठीक है, लेकिन हर बार बहुत ज़्यादा तला हुआ खाना आपका पेट खराब कर सकता है।

आप गरम-गरम सूप, कोयले पर सिंका नींबू-नमक वाला भुट्टा, या चाट मसाले वाले भुने मखाने मजे से खा सकते हैं।

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