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फ्रूट जूस और whole fruit में फर्क सिर्फ fibre का है या इससे ज़्यादा?

Information By Dr. Sapna Bhargava     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

फ्रूट जूस और साबूत फल दोनों एक ही फल से आते हैं, इसलिए ऐसा लगता है इन दोनों में सिर्फ एक ही फर्क होगा। क्योंकि फल को पूरा खाने पर उसमें मौजूद फाइबर, पानी और प्राकर्तिक बनावट के साथ उसे चबाकर खाना पड़ता है। इससे खाने की रफ़्तार और मात्रा पे भी असर पड़ता है वहीँ जूस में फल की संरचना भी बदल जाती है और बिना ज़्यादा चबाए कई फलों की मात्रा आसानी से पि जाते हैं इससे शरीर को शुगर मिलने का तरीका भी अलग हो सकता है इसलिए सवाल सिर्फ फाइबर का नहीं, बल्कि मात्रा पाचन और पूरे फल का है।

शरीर के अंदर जाकर साबुत फल और फ्रूट जूस करते क्या हैं? 

जब आप एक साबुत फल खाते हैं तो उसमें प्राकृतिक चीनी के साथ-साथ बहुत सारा फाइबर होता है। यह फाइबर एक स्पीड-ब्रेकर की तरह काम करता है। यह पेट में जाकर फूलता है और फल की चीनी को खून में बहुत धीरे-धीरे घुलने देता है, जिससे आपके लिवर पर अचानक कोई दबाव नहीं पड़ता। वहीं दूसरी तरफ, जब आप फ्रूट जूस पीते हैं, तो आप उस फल का फाइबर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। अब जो गिलास में बचता है वह सिर्फ रंगीन शुगर वॉटर है। फाइबर न होने के कारण यह शुगर पेट से सीधे आपके खून में उतर जाता है और आपके लिवर को इतनी सारी चीनी प्रोसेस करनी पड़ती है जो शरीर के लिए एक बड़ा शॉक होता है।

एक ही चीज़ होने पर भी फायदे अलग-अलग क्यों ?

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है अगर आपसे पूछा जाए कि क्या आप 4 से 5 संतरे एक बार में ही खा सकते हैं। शायद 2 खाने के बाद ही आपका पेट भर जाएगा। लेकिन जब आप एक गिलास संतरे का जूस निकलते हैं तो उसमें कम से कम 4 से 5 संतरे लगते हैं यानि आपने एक ही बार में 5 संतरों का पानी पी लिया। लेकिन उन 5 संतरों का फाइबर बिलकुल शून्य कर दिया अगर आप वज़न करने या सेहत बनाने के लिए रोज़ाना जूस पी रहे हैं, तो फायदे की जगह आप अनजाने में अपने शरीर को नुक्सान पहुंचा रहे है। समस्या फलों में नहीं है, लेकिन तुम उनका फाइबर हटाकर सीधा रस पीकर अपने शरीर को नुक्सान पहुंचा रहे हो। 

रोज़ सिर्फ जूस पीने से आपकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है ?

जब हम बिना जाने समझे फाइबर रहित जूस का इस्तेमाल करते हैं तो हमारे शरीर  के अंदर बहुत सारे बदलाव देखने को मिल सकते नहीं 

  • ब्लड शुगर : जूस पीते ही ब्लड शुगर एकदम से बढ़ जाता है फिर कुछ ही देर में तेज़ी से गिरता है, जिससे आपको अचानक से  कमज़ोरी और सुस्ती लगने लगती है। 
  • वज़न बढ़ना : शरीर इतनी सारी लिक्विड कैलोरीज़ का इस्तेमाल नहीं कर पाता और लिवर इसे सीधे चर्बी में बदलकर पेट के आस-पास जमा कर देता है।
  • कब्ज़ की शिकायत: आँतों की सफाई के लिए शरीर को फाइबर चाहिए। रोज़ जूस पीने और फल न चबाने से आंतें सूख जाती हैं और कब्ज़ हो जाती है।
  • बार-बार भूख लगना: फाइबर न होने के कारण जूस पेट को भरा हुआ महसूस नहीं कराता, जिससे आप दिन भर स्नैकिंग करते रहते हैं।

सबसे सेहतमंद फल और उनके फायदे

  • सेब : इसमें पेक्टिन नाम का फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को सुधारता है और पेट को साफ रखता है।
  • अनार : यह खून (हीमोग्लोबिन) बढ़ाता है और दिल के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • पपीता : यह पेट और पाचन के लिए वरदान माना जाता है तथा आंतों को स्वस्थ रखता है।
  • आंवला : इसमें बहुत अधिक विटामिन सी होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करता है।
  • ब्लूबेरी और बेरीज : इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो दिमाग और दिल को स्वस्थ रखते हैं।

सुबह खाली पेट फल खाने के क्या फायदे हैं?

सुबह खाली पेट फल खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है, और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं यह शरीर को प्राकृतिक पोषण और हाइड्रेशन देता है, जिससे दिन की शुरुआत तरोताज़ा होती है।

  • एनर्जी बढ़ाएं: रातभर की उपवास जैसी स्थिति के बाद फल खाने से शरीर को तुरंत ग्लूकोज और ताकत मिलती है।
  • पाचन सुधारें: फलों में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखते हैं और कब्ज से राहत दिलाते हैं।
  • डिटॉक्सिफिकेशन: यह शरीर की अंदरूनी सफाई में मदद करता है और त्वचा में चमक लाता है।
  • वज़न नियंत्रण: कम कैलोरी और भरपूर पोषक तत्व होने के कारण यह वज़न संतुलित रखने में मददगार है। 

कौन सा फल खाली पेट नहीं खाना चाहिए?

कैंसर के मरीजों को ऐसे ताजे फल खाने चाहिए जो एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी, फाइबर और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्वों से भरपूर हों। अपनी डाइट में बेरीज खट्टे फल अनार, सेब, पपीता और अंगूर

  • बेरीज: इनमें पावरफुल एंटी-कैंसर गुण और पॉलीफेनोल्स होते हैं जो शरीर की कोशिकाओं की रक्षा करते हैं।
  • खट्टे फल: संतरा, मौसमी और नींबू विटामिन-सी और फ्लेवोनोइड्स देते हैं जो इम्‍यून सिस्‍टम को मज़बूत बनाते हैं।
  • अनार और अंगूर: इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करने और ताकत बनाए रखने में मदद करते हैं।
  •  सेब और पपीता: ये पाचन क्रिया को ठीक रखते हैं और शरीर को ज़रूरी फाइबर प्रदान करते हैं। 

फल खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

फल खाते समय सेहत और पोषण का पूरा लाभ उठाने के लिए कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • ताज़े और मौसमी फल: हमेशा मौसम के अनुसार मिलने वाले ताज़े और स्थानीय फलों का सेवन करें, क्योंकि ये अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं।
  • जूस की बजाय साबुत फल: फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें साबुत खाना चाहिए, क्योंकि जूस से फाइबर निकल जाता है और शुगर तेज़ी से बढ़ती है।
  • खाने का सही समय: फल हमेशा भोजन करने से कम से कम एक या डेढ़ घंटे पहले या भोजन के काफी देर बाद खाएं। तुरंत बाद खाने से पाचन पर असर पड़ सकता है।
  • रात में सेवन से बचें: सूर्यास्त के बाद या रात के समय भारी मात्रा में फलों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन धीमा हो सकता है और शुगर लेवल बढ़ सकता है।
  • दूध के साथ न मिलाएं: फल और दूध या खट्टे फलों को दूध के साथ एक साथ मिलाकर नहीं खाना चाहिए, यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • अच्छी तरह धोना: फलों को खाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना ज़रूरी है ताकि धूल गंदगी और कीटनाशक हट जाएं।

निष्कर्ष:

फलों का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उन्हें उनके प्राकृतिक साबुत रूप में खाया जाए। फ्रूट जूस पीने से फल का ज़रूरी फाइबर नष्ट हो जाता है और शरीर में शुगर तेज़ी से बढ़ता है जो लिवर और वज़न दोनों के लिए बहुत नुकसानदायक है। इसके अलावा सही समय पर जैसे सुबह खाली पेट सही मात्रा में और स्थानीय मौसमी फलों का चुनाव करना पाचन और सम्पूर्ण स्वास्थ्य को मज़बूत बनाता है। अंततः फलों को जूस के रूप में पीने के बजाय हमेशा चबाकर खाना ही बीमारियों से बचने और तरोताज़ा रहने का सबसे बेहतरीन तरीका है।

References:

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6315720/

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/healthy-diet

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC12398644/

https://www.healthline.com/nutrition/is-fruit-good-or-bad-for-your-health

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

नहीं, फाइबर के अलावा पाचन की गति, शुगर के खून में घुलने का तरीका और शरीर में जाने वाली कुल कैलोरी की मात्रा में भी बड़ा अंतर होता है।

जूस में फाइबर न होने के कारण शुगर सीधे खून में उतरती है, जिससे लिवर को अचानक बहुत ज़्यादा चीनी प्रोसेस करनी पड़ती है और उस पर भारी दबाव पड़ता है।

बिल्कुल नहीं जूस पीने से शरीर में लिक्विड कैलोरीज़ बढ़ जाती हैं जिन्हें लिवर सीधे चर्बी में बदल देता है, जिससे वज़न तेज़ी से बढ़ सकता है।

कब्ज़ से बचने के लिए जूस पीने के बजाय साबुत फल चबाकर खाने चाहिए, क्योंकि उनका प्राकृतिक फाइबर आंतों की सफाई करने में मदद करता है।

खाली पेट फल खाने से शरीर को तुरंत प्राकृतिक ऊर्जा  मिलती है, पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और शरीर से विषैले तत्व आसानी से बाहर निकल जाते हैं।

उन्हें बेरीज़ खट्टे फल अनार, सेब और पपीता खाने चाहिए क्योंकि ये एंटीऑक्सीडेंट और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्वों से भरपूर होते हैं।

फल हमेशा मुख्य भोजन करने से कम से कम एक या डेढ़ घंटे पहले या भोजन पचने के काफी देर बाद खाने चाहिए।

सूर्यास्त के बाद या रात में फलों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पाचन धीमा हो सकता है और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है।

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