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Viral infection के बाद appetite वापस कैसे आए?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि वायरल बुखार ठीक हो गया हो, लेकिन खाने का बिल्कुल मन न करे? यह परेशानी वायरल इन्फेक्शन के बाद बहुत आम है। शरीर से बुखार तो चला जाता है, लेकिन अपनी भूख भी साथ ले जाता है। पसंदीदा खाना देखकर भी मुँह का स्वाद अजीब सा लगता है और उल्टी जैसा मन होता है। आप सोचते हैं कि जब बीमारी खत्म हो गई, तो शरीर में ताकत और भूख वापस क्यों नहीं आ रही? इस ब्लॉग में हम इसी उलझन को सुलझाएँगे और जानेंगे कि वायरल के बाद भूख वापस कैसे लाई जाए।

एक्सपर्ट की क्या राय है

मेडिकल फील्ड के बड़े एक्सपर्ट्स और फिजिशियंस का स्पष्ट मानना है कि वायरल इन्फेक्शन के बाद भूख न लगना कोई नई बीमारी नहीं है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जब शरीर किसी वायरस से लड़ता है, तो बहुत सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है। इस लड़ाई में पाचन तंत्र सबसे ज़्यादा कमज़ोर पड़ जाता है। डॉक्टरों की राय में, जब मरीज़ भूख न लगने की शिकायत लाते हैं, तो वे समझाते हैं कि यह शरीर की रिकवरी का एक हिस्सा है। इसे ज़बरदस्ती खाना ठूँसने से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सही डाइट लेकर आसानी से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

Viral infection के बाद appetite खत्म क्यों होती है?

यह एक बहुत ज़रूरी सवाल है कि वायरल ठीक होने के बाद भी भूख क्यों नहीं लगती। असल में, जब वायरस शरीर पर हमला करता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम उससे लड़ने के लिए साइटोकिन्स नाम के रसायन बनाता है। यही रसायन वायरस को मारते हैं, लेकिन साथ ही हमारे दिमाग के उस हिस्से को भी सुस्त कर देते हैं जो भूख लगने का संकेत देता है। इसके अलावा, बुखार के कारण मुँह और पेट की स्वाद ग्रंथियाँ पूरी तरह खराब हो जाती हैं। इसी वजह से आपका पेट खाली होने पर भी आपको भूख का एहसास बिल्कुल नहीं होता है।

कितने प्रतिशत लोगों को वायरल के बाद भूख न लगने की शिकायत होती है? 

यह जानना बहुत दिलचस्प है कि वायरल के बाद कितने प्रतिशत लोग भूख न लगने की शिकायत करते हैं। स्वास्थ्य सर्वेक्षणों के आँकड़े बताते हैं कि वायरल बुखार से उठने वाले लगभग पचासी प्रतिशत लोग इस परेशानी से गुज़रते हैं। अगर हम इन कारणों को प्रतिशत में बाँटें, तो लगभग पचास प्रतिशत मामलों में इसका सीधा कारण शरीर में बनी हुई भारी कमज़ोरी और सुस्त पाचन तंत्र होता है। तीस प्रतिशत मामलों में मुँह का कड़वा स्वाद और दवाइयों का असर ज़िम्मेदार होता है। वहीं बचे हुए बीस प्रतिशत मामलों में भयंकर तनाव और घबराहट के कारण भूख मर जाती है।

भूख न लगने पर बेचैनी क्यों होती है?

शरीर में भूख न होने पर भी बेचैनी क्यों होती है, यह समझना बहुत ज़रूरी है। जब आप खाना नहीं खाते हैं, तो शरीर में ऊर्जा और ग्लूकोज़ का स्तर तेज़ी से नीचे गिर जाता है। ग्लूकोज़ की इसी कमी से दिमाग को सही से काम करने की ताकत नहीं मिल पाती है। इसी वजह से आपको बिना काम किए भी अचानक पसीना आना, हाथ-पैर काँपना, दिल की धड़कन तेज़ होना और बहुत तेज़ घबराहट महसूस होने लगती है। यह बेचैनी असल में आपके शरीर का अलार्म है, जो बताता है कि उसे तुरंत सही पोषण और ऊर्जा की ज़रूरत है।

किन लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए?

वायरल के बाद भूख कम होना आम बात है और इससे घबराना नहीं चाहिए। लेकिन जब शरीर कुछ गंभीर इशारे दे, तो हमें तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। इन खतरनाक लक्षणों को कभी अनदेखा न करें:

  • वज़न का गिरना: अगर बीमारी ठीक होने के बाद भी शरीर का वज़न तेज़ी से घट रहा हो।
  • पानी न पचना: अगर एक घूँट पानी पीने पर भी तुरंत भयंकर उल्टी हो जाए।
  • पेट में तेज़ दर्द: खाना खाने की कोशिश करते ही पेट में भयंकर चुभन और दर्द हो।
  • पीलिया के लक्षण: अगर आपकी आँखें और पेशाब अचानक बहुत ज़्यादा पीले रंग के दिखने लगें।

क्या वायरल की दवाइयाँ इसका कारण हो सकती हैं?

जी हाँ, कई बार बुखार को ठीक करने के लिए हम जो एंटीबायोटिक्स और तेज़ दवाइयाँ लेते हैं, वे ही भूख खत्म करने का कारण बन जाती हैं। इन दवाइयों का काम वायरस को मारना होता है, लेकिन ये पेट के अंदर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी पूरी तरह से खत्म कर देती हैं। अच्छे बैक्टीरिया के बिना खाना पचना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, एंटीबायोटिक्स की वजह से मुँह में एक अजीब सा कड़वापन और एसिडिटी बनी रहती है। यही कारण है कि दवा का पूरा कोर्स खत्म होने के बाद भी कुछ खाने का मन नहीं करता।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण क्या है?

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, हमारा पूरा शरीर वात, पित्त और कफ दोषों पर चलता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के मुताबिक, वायरल बुखार के बाद शरीर की 'जठराग्नि' यानी पाचन की आग बिल्कुल बुझ जाती है। जब पाचन कमज़ोर होता है, तो शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं। यही तत्व आपकी भूख को पूरी तरह से रोक देते हैं। आयुर्वेद स्पष्ट रूप से कहता है कि जब तक यह आग वापस तेज़ नहीं होती, तब तक भारी खाना नहीं खाना चाहिए। जठराग्नि को बढ़ाने के लिए हमेशा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और बहुत हल्के सुपाच्य भोजन का सहारा लेना ज़रूरी है।

कमज़ोरी दूर करने में कितना समय लगता है?

वायरल बुखार उतरने के बाद हर किसी के मन में यही सवाल आता है कि आखिर शरीर में पहले जैसी स्फूर्ति और ताकत कब वापस आएगी।चिकित्सकों का मानना है कि बुखार ठीक हो जाने के बाद भी शरीर की कमजोरी दूर होने में कम से कम एक से दो सप्ताह का समय लग ही जाता है। यह काफी हद तक आपकी प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पर निर्भर करता है। 

बीमारी से उबरते समय शुरुआती दिनों में शरीर अंदरूनी रूप से खुद की मरम्मत कर रहा होता है, इसलिए सुस्ती और थकान ज्यादा महसूस होती है।ऐसे में अगर आप जबरदस्ती भागदौड़ या भारी काम करेंगे, तो ठीक होने में और भी ज्यादा समय लग जाएगा। इसलिए थोड़ा धैर्य रखें, पौष्टिक और सुपाच्य आहार लें, तथा शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने का पूरा अवसर दें। 

मुँह का स्वाद वापस कैसे लाएँ?

वायरल के बाद जब तक मुँह का स्वाद ठीक नहीं होता, तब तक कुछ भी खाने का मन नहीं करता। मुँह का कड़वापन दूर करने के लिए आप आसान और प्राकृतिक तरीके अपना सकते हैं। दिन में दो बार गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें, इससे जीभ पर जमी गंदगी साफ होती है। इसके अलावा, मुँह में एक छोटा सा लौंग रखकर चूसते रहें। खाना खाने से पहले अदरक के छोटे टुकड़े पर थोड़ा सा काला नमक और नींबू लगाकर चबाएँ। इससे आपकी स्वाद ग्रंथियाँ तुरंत खुल जाएँगी और अच्छी भूख लौट आएगी।

भूख वापस लाने के लिए क्या करना चाहिए?

जब वायरल के बाद भूख बिल्कुल खत्म हो जाए, तो घबराने की बजाय कुछ बहुत असरदार और प्राकृतिक तरीके आजमाने चाहिए। ये तरीके आपके पाचन को बिना नुकसान पहुँचाए आराम से ठीक करते हैं:

  • अदरक की चाय पिएँ: दिन में दो बार ताज़ी अदरक वाली चाय पिएँ, यह पाचन तंत्र को जगाती है।
  • नींबू और पुदीना लें: नींबू पानी में पुदीना डालकर पीने से मुँह का स्वाद तुरंत अच्छा होता है।
  • सूप पिएँ: टमाटर या सब्जियों का सूप बनाकर पिएँ, यह शरीर को हाइड्रेट करता है और ताकत देता है।
  • जीरा पानी पिएँ: पेट की गैस खत्म करने के लिए हल्का जीरा पानी पिएँ।

भूख बढ़ाने के उपाय क्या हैं?

अगर आप चाहते हैं कि आपकी भूख जल्दी वापस आए और शरीर में पूरी ताकत लौट आए, तो अपनी दिनचर्या में कुछ खास बदलाव करने होंगे। इन आसान उपायों को अपनाकर आप फिट हो सकते हैं:

  • हल्का खाना खाएँ: शुरुआत में मूंग दाल की खिचड़ी या दलिया जैसी हल्की चीज़ें ही खाएँ।
  • थोड़ी-थोड़ी देर में खाएँ: एक साथ पेट भरकर खाने की बजाय, दिन में पाँच बार थोड़ा-थोड़ा खाएँ।
  • फलों का रस पिएँ: ताज़े फलों का जूस या नारियल पानी पिएँ, यह तुरंत ताकत देता है।
  • अच्छी नींद लें: शरीर की थकावट मिटाने के लिए पूरी नींद ज़रूर लें।

आयुर्वेदिक और आधुनिक उपचार में क्या अंतर है?

पहलू आधुनिक चिकित्सा (एलोपैथी) आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
नज़रिया भूख कम होने के कारण का पता लगाकर उसके अनुसार उपचार किया जाता है। पाचन शक्ति, आहार-विहार और समग्र स्वास्थ्य के संतुलन पर ध्यान दिया जाता है।
उपचार का तरीका आवश्यकतानुसार जाँच, दवाइयाँ, पोषण संबंधी सलाह और मूल कारण का इलाज किया जाता है। जड़ी-बूटियों, संतुलित आहार, दिनचर्या और जीवनशैली में सुधार पर ज़ोर दिया जाता है।
मुख्य उद्देश्य पोषण की कमी, बीमारी या अन्य कारणों को दूर कर सामान्य भूख बहाल करना। पाचन शक्ति को बेहतर बनाकर समग्र स्वास्थ्य और भोजन पचाने की क्षमता में सुधार पर ध्यान देना।
सुरक्षा दवाइयाँ डॉक्टर की सलाह और निगरानी में दी जाती हैं। आयुर्वेदिक औषधियाँ भी केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से ही लेनी चाहिए।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण कारण का उपचार, संतुलित पोषण और नियमित फॉलो-अप पर ज़ोर। स्वस्थ आहार, नियमित दिनचर्या और समग्र स्वास्थ्य बनाए रखने पर विशेष बल।

तुरंत डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

वायरल के बाद भूख कम होना एक आम बात है और यह सही डाइट से खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। लेकिन हमें मालूम होना चाहिए कि कब स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और हमें तुरंत नज़दीकी डॉक्टर के पास जाना चाहिए:

  • लगातार बुखार आना: अगर वायरल ठीक होने के कुछ दिन बाद दोबारा तेज़ बुखार वापस आ जाए।
  • बेहोशी छाना: शरीर में कमज़ोरी इतनी ज़्यादा बढ़ जाए कि आप बिस्तर से उठ भी न पाएँ।
  • गंभीर डिहाइड्रेशन: अगर होंठ बिल्कुल सूख जाएँ, पेशाब आना बंद हो जाए और चक्कर आने लगें।

निष्कर्ष

वायरल इन्फेक्शन के बाद भूख का खत्म होना कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर का सिर्फ एक संकेत है। यह बताता है कि आपका पाचन तंत्र अभी कमज़ोर है और उसे ठीक होने के लिए थोड़े समय की ज़रूरत है। इस परेशानी को ज़बरदस्ती भारी खाना खाकर बिल्कुल ठीक नहीं किया जा सकता है। अपने शरीर की ज़रूरतों को समझें और उसे आराम करने का पूरा मौका दें। सही और हल्का खानपान, प्राकृतिक उपाय और तनाव मुक्त जीवन ही आपका सच्चा साथी है। अगर परेशानी तंग करे, तो हमेशा डॉक्टर से सही सलाह लें।

References

https://iris.who.int/bitstreams/04a96aec-8615-4296-a2c3-eed97f5f415f/download

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC7152149/

https://www.isac.world/working-groups/viral-infections

https://www.healthline.com/health/viral-diseases

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

आमतौर पर वायरल बुखार ठीक होने के एक हफ्ते के अंदर आपकी भूख धीरे-धीरे वापस आने लगती है। लेकिन अगर आपका पाचन तंत्र ज़्यादा कमज़ोर हो गया है, तो इसे पूरी तरह ठीक होने में दस से पंद्रह दिन भी लग सकते हैं।

जी हाँ, ताज़े फलों का जूस, खासकर संतरे और मौसंबी का जूस शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। इसमें विटामिन सी होता है जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाता है और मुँह का कड़वा स्वाद भी बहुत जल्दी दूर कर देता है।

बिल्कुल, यह बहुत आम है। तेज़ बुखार और एंटीबायोटिक दवाइयों के कारण मुँह की स्वाद ग्रंथियाँ कुछ समय के लिए सुन्न हो जाती हैं। इसी वजह से आपको हर चीज़ फीकी या कड़वी लगने लगती है।

भूख बढ़ाने और कमज़ोरी को दूर करने के लिए विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी सबसे ज़्यादा ज़रूरी होते हैं। ये आपके पाचन तंत्र को मज़बूत बनाते हैं और शरीर में ऊर्जा का स्तर बहुत तेज़ी से बढ़ाते हैं।

वायरल के तुरंत बाद पेट कमज़ोर होता है और दूध को पचाना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए शुरुआत के कुछ दिनों तक भारी दूध पीने से बचना चाहिए। आप दूध की जगह दही या छाछ पी सकते हैं।

टमाटर, गाजर और लौकी का हल्का सूप बहुत फायदेमंद होता है। इसमें आप थोड़ा सा काला नमक और काली मिर्च मिला लें। यह पेट को आराम देता है, गैस खत्म करता है और अच्छी भूख लगाता है।

जी हाँ, बुखार पूरी तरह से ठीक होने के बाद आप रोज़ाना एक चम्मच च्यवनप्राश खा सकते हैं। इसमें मौजूद जड़ी-बूटियाँ आपके इम्यून सिस्टम को दोबारा ताकतवर बनाती हैं और शरीर की अंदरूनी कमज़ोरी खत्म करती हैं।

अगर आपको बार-बार उल्टी जैसा मन हो रहा है, तो भारी खाना बिल्कुल न खाएँ। नींबू पानी पिएँ, थोड़ा सा अदरक चबाएँ और सिर्फ मूंग दाल का पानी या हल्की खिचड़ी ही खाएँ जिससे पेट पर ज़ोर न पड़े।

मल्टीविटामिन सीधे तौर पर भूख नहीं बढ़ाते, लेकिन वे आपके शरीर में ज़रूरी विटामिन्स की कमी को पूरा करते हैं। जब शरीर अंदर से स्वस्थ होने लगता है, तो आपकी प्राकृतिक भूख अपने आप वापस आ जाती है।

हाँ, पपीते में पपेन नाम का एंजाइम होता है जो खाने को बहुत आसानी से पचाने में मदद करता है। वायरल के बाद पपीता खाने से पेट साफ रहता है और पाचन तंत्र की कमज़ोरी बहुत जल्दी दूर हो जाती है।

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