बारिश का मौसम, गरम चाय, मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू और चिपचिपे बाल….चिपचिपे बाल ?
गर्मियों की चिलचिलाती धूप के बाद बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है। बारिश की खुशी में हम अक्सर अपने बालों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। रोज सुबह उठते ही बाल तकिये पर चिपके हुए मिलते हैं या हर वक़्त बालों में खुजली रहती है और पूरा दिन हम बालों की वजह से परेशान रहते हैं।
एक तरफ बारिश के मौसम आने का इंतज़ार रहता है, और दूसरी तरफ आपके बाल oily और scalp itchy होने लगते हैं। आखिर ऐसा क्यों? आइए जानते हैं…
मॉनसून में बाल जल्दी oily और scalp itchy क्यों हो जाते हैं?
मॉनसून आते ही बाल चिपचिपे हो जाते हैं और बालों में खुजली होने लगती है। आप अकेले नहीं हैं, मॉनसून के दौरान ऐसा ज़्यादातर लोगों को होता है।
आयुर्वेद के अनुसार बालों का चिपचिपा, कमज़ोर, रुखा होना, शरीर में वात और काफ दोषों के असंतुलन के कारण होता है। मॉनसून में नमी और humidity ज्यादा होती है जो पाचन अग्नि को काम करती है, बालों में तेल जमने से बालों में खुजली और बाल चिपचिपे (oily) हो जाते हैं। जिसकी वजह से अलग-अलग प्रकार की दिक्कतें होती हैं जो आपके बालों को बेजान बना सकती हैं। मॉनसून में आयुर्वेद की मदद से herbal treatments और अपनी lifestyle बेहतर करके आप अपने बालों को पहले की तरह स्वस्थ, लंबे, घने, सिल्की और अच्छी तरह से पोषित (nourished) बना सकते हैं।
humidity और पसीना scalp को कैसे प्रभावित करते हैं?
मॉनसून के दौरान humidity और पसीना मिलकर स्कैल्प (सर की त्वचा) में चिपचिपाहट और नमी को बढ़ा देते हैं जिससे स्कैल्प पर बैक्टीरिया और फंगस बनने लगता है और बालों में रूसी (dandruf) इस वजह से आपके बाल ऑयली और सर में खुजली हो सकती है।
स्कैल्प पर प्रभाव:
- फंगस और बैक्टीरिया का बनना: पसीने और नमी की वजह से स्कैल्प में मैलेसीज़िया (Malassezia) एक प्रकार का फंगस बनने लगता है और बालों में रूसी हो जाती है, जिस कारण बालों में खुजली और चिपचिपाहट रहती है।
- खुजली और जलन: बालों में गंदगी जमा होने और पसीने मे मौजूत नमक के कारण बालों में लगातार खुजली और जलन हो सकती है। अगर इसे लंबे समय तक टाला जाए तो सिर में सूजन भी हो सकती है।
- ज़्यादा सीबम (तेल) का बनना: हमीदित्य और गर्मी के कारण स्कैल्प ज़्यादा तेल बनती है, जो स्कैल्प के पोर्स (रोमछिद्रों) को बंद कर देता है।
- बालों का झड़ना: बारिश के मौसम की चिपचिपाहट, धूल-मिट्टी और गंदगी के कारण हमारी त्वचा के पोर्स बंद हो जाते है और बाल कमजोर होने लगते है और धीरे धीरे बालों का झड़ना बढ़ जाता है।
क्या बारिश का पानी बालों के लिए नुकसानदायक होता है?
हाँ, बारिश का पानी बालों के लिए नुकसानदायक होता है। बारिश देखने में साफ़ लगता है पर उसमे प्रदुषण के छोटे-छोटे कण मौजूत होते है। बारिश का पानी आपकी स्कैल्प के ph स्तर को बिगाड़ सकता है, जो बालों को अंदर से कमज़ोर कर देते हैं।
इससे बचने के लिए:
- बारिश में बालों को भिगाने से बचें।
- बारिश में भीगने के बाद अपने बालों को साफ़ पानी से धोएँ।
इन छोटी-छोटी आदतों से आप अपने बालों को स्वस्थ रख सकते हैं।
क्या मॉनसून में तेल लगाने से बाल oily और स्कैल्प itchy होते हैं?
हाँ, मॉनसून में नमी ज़्यादा होती है और सिर में ज़्यादा तेल होने से सिर में फंगल इन्फेक्शन या डैंड्रफ हो सकता है जिस कारण बालों में चिपचिपाहट और खुजली हो सकती है। इसलिए बालों में तेल लगाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- ज़्यादा तेल न लगाएँ
- हल्के तेल का उपयोग करें
- देर तक बालों में तेल न रहने दें। तेल लगाने के 30-45 मिनट बाद बालों को धो लें।
- बाल धोने के लिए किसी माइल्ड या हर्बल शैंपू का प्रयोग करें ताकि अतिरिक्त चिपचिपाहट निकल जाए।
आयुर्वेद के अनुसार मॉनसून में बाल स्वस्थ रखने के उपाय?
आपके बालों की सेहत आपके खान-पान से जुड़ी होती है। monsoon से दौरान शरीर मे वात और कफ दोषों में असंतुलन आने से पाचन शक्ति कम होती है और शरीर मे toxins बढ़ने लगतें है जिससे बालों की सेहत ख़राब होती है। आपके बालों को फिर से स्वस्थ और मजबूत करने के लिए ज़रूरी है कि आप अपनी diet (आहार) पर ध्यान दें। रोज़ संतुलित आहार (balanced diet) लेने से आपके शरीर के सभी दोष समाप्त हो सकते हैं।
इन डाइट टिप्स का अनुसरण (फॉलो) करें:
- ताज़ा और गर्म खाना खाएँ: मॉनसून मे खाने को पचना अपने आप में एक चुनौती है आयुर्वेद के अनुसार अगर आप ठन्डे, बासी और फ्रिज के खाने से परहेज करे और आसानी से पांच जाने वाले खाने जैसे: खिचड़ी, उबली सब्जियां और सोप्स आदि का सेवन करें तो आप अपने बालों सो स्वस्थ रख सकते हैं।
- अपने खाने में Biotin (बायोटिन) जोड़ें: बायोटिन बालों को बढ़ने में मदद करता है। अपने आहार में बादाम, केले, अखरोट, अंडे, पालक, और शकरकंद जैसे प्राकृतिक पदार्थो को जोड़ने से आप अपने बालों की सेहत को बेहतर कर सकतें है।
- तला हुआ खाना खाने से बचें: बारिश के मौसम के पकोड़े और चाय के साथ समोसे अच्छे तो लगते हैं पर यह आपके शरीर मे ama (अमा)को बढ़ा सकतें हैं और आपकी बालों की जड़ें कमज़ोर हो सकती हैं इसलिए घर पर बने सादे खाने का सेवन करें।
- आंवला (amla) का सेवन करें: आयुर्वेद के अनुसार आंवला अपके बालों का स्वास्थ अच्छा करने की सबसे अच्छी बूटी हैं। रोज़ कच्चा आंवला और आंवला के जूस का सेवन करने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और आंवला के सेवन से आपके बाल पहले से ज़्यादा मजबूत हो सकते हैं।
- आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग: भृंगराज, एलोविरा, hibiscus फूल , नीम, नारियल का तेल, दही, अमला, रीठा, शिकाकाई, मुल्तानी मिट्टी आदि का प्रयोग करे।
- खाने में घी डालकर खाएँ: घी हमारे शरीर मे वाता और पित्त को बैलेंस करता है। खाने में थोड़ा सा घी डालने से digestion अच्छा होता है।
मॉनसून में बालों की देखभाल कैसे करें?
अगर मॉनसून की वजह से आपके सिर में खुजली और बालों में चिपचिपापन रहता है, तो आप इस तरह अपने बालों की देखभाल कर सकते हैं:
- सिर को रोज़ साफ़ रखना: बालों में गंदगी न जमने दें और हफ्ते में दो से तीन बार gentle शैम्पू से बाल धोएँ।
- हर्बल तेलों से मालिश (अभ्यंग): बारिश के दिनों में बालों में डैंड्रफ बढ़ जाता है। हर्बल तेल बालों को पोषण देता है और बालों में फंगस होने से बचाता है।
- अपनी स्कैल्प के अनुसार प्रोडक्ट चुने: बालों ने लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स मे सल्फेट और पैराबेन केमिकल से बचें।
- बालों को ज़ोर से ना खुजाएँ: बालों को ज़ोर से खुजने पर बालों की जड़ें कमज़ोर होती है साथ ही नाखूनों मे लगी गंदगी बालो मे जा सकती है। खुजली होने पर बालों को उँगलियों (fingertips) से सहलाएँ
- तनाव न लें: ज़्यादा तनाव लेने से बचें, क्योंकि ज़्यादा तनाव से बाल झड़ सकते हैं। तनाव कम करने के लिए deep breathing और योग (yoga) नियमित रूप से करें।
- डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचें: नियमित रूप से पानी पीते रहें। एक दिन में लगभग 2.5-3 लीटर पानी पिएँ।
निष्कर्ष
मॉनसून मूवीज़ में बहुत अच्छा लगता है, पर आपके बालों के लिए मुसीबत बन सकता है। अगर आपको भी इस दौरान आपके बाल oily और scalp itchy लगते हैं तो आप अकेले नहीं हैं। मॉनसून के दौरान humidity और पसीना मिलकर स्कैल्प (सिर की त्वचा) में चिपचिपाहट और नमी को बढ़ा देते हैं, जिससे स्कैल्प पर बैक्टीरिया और फंगस बनने लगते हैं, जिससे आपके बाल oily और स्कैल्प itchy होने लगते हैं। इस समस्या का इलाज आप खुद भी कर सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार जीवनशैली बदलने, प्राकृतिक और हर्बल उत्पाद के प्रयोग से आप इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। आपको महंगी चीज़ों या किसी त्वरित समाधान (शॉर्टकट) की ज़रूरत नहीं है। आपको बस लगातार प्रयास करने और चीज़ों को संभलकर उपयोग करने की ज़रूरत है।
References
Scalp Itch: A Systematic Review - PMC
Oily scalp hair (Concept Id: C4479330)





























































