Diseases Search
Close Button
 
 

दिनभर बैठे रहने के बावजूद शाम को पैरों में थकान क्यों महसूस होती है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 17 Aug, 2026
  • category-iconUpdated on 17 Aug, 2026
  • category-iconJoint Health
  • blog-view-icon5008

सुबह काम शुरू करते समय पैर बिल्कुल नॉर्मल लगते हैं, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है शाम तक पैरों में भारीपन, खिंचाव और थकान महसूस होने लगती है कई लोगों को यह बात थोड़ी अजीब लगती है जब मैं आज ज्यादा चल ही नहीं तो पैर थके हुए क्यों है आज मेरे?

असल में पैरों की थकान केवल ज्यादा चलने या मेहनत करने से नहीं होती है लंबे समय तक एक जगह बैठ जाना पैरों की मांसपेशियों की कम गतिविधि ,गलत बैठने की मुद्रा, शरीर में पानी की कमी और हमारे daily की कुछ आदतें भी इसके पीछे हो सकती हैं।

आइए समझते हैं कि दिनभर बैठे रहने के बाद शाम को पैरों में थकान क्यों महसूस होती है और इसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है।

लंबे समय तक बैठना पैरों को कैसे प्रभावित करता है?

जब हम लगातार कई घंटे तक बैठे रहते हैं तो पैरों की मांसपेशियां बहुत कम एक्टिव रहती है नॉर्मली चलने फिरने के दौरान पैर की मांसपेशियों शरीर के निचले हिस्से से रक्त को वापस ऊपर की ओर पहुंचने में पहुंचने में सहायता करती है लेकिन लंबे समय तक  पैर एक ही स्थिति में रहने पर यह गतिविधि कम हो जाती है इससे कुछ लोगों को पैरों में भारीपन, स्टीफनेस या थकान महसूस हो सकती है खासकर ऑफिस में लगातार कंप्यूटर सामने बैठने वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा देखने के लिए मिल सकती है

पैरों की मांसपेशियां कम सक्रिय रहना

बैठे रहने का मतलब यह नहीं है कि शरीर पूरी तरह आराम कर रहा है। शरीर को एक ही मुद्रा में बनाए रखने के लिए कुछ मांसपेशियां लगातार हल्का काम करती रहती हैं।

अगर कई घंटे तक पैर लगभग एक ही स्थिति में रहें, तो मांसपेशियों में जकड़न और थकान महसूस हो सकती है।

इसलिए केवल “आज मैंने ज्यादा काम नहीं किया” सोचकर पैरों की थकान को नजरअंदाज करना सही नहीं है।

शरीर में पानी की कमी

दिन भर पर्याप्त पानी न पीना भी थकान की एक वजह हो सकता है| गर्म मौसम ज्यादा पसीना आना बहुत कम पानी पीने की आदत में शरीर पर इसका असर ज्यादा महसूस होता है पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है इसलिए केवल किसी तय मात्रा को लक्ष्य बनाने की बजाय अपनी-अपनी प्यास और मौसम गतिविधि और शारीरिक capacity  के अनुसार पर्याप्त तरल लेना जरूरी है

दिनभर में बिल्कुल न चलना

ऑफिस जाने के लिए गाड़ी, फिर कई घंटे कुर्सी और घर लौटकर फिर सोफे पर बैठना,यह दिनचर्या पैरों के लिए ज्यादा आराम वाली नहीं, बल्कि कम गतिविधि वाली दिनचर्या हो सकती है।

पैरों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज्यादा exercise जरूरी नहीं है। दिन में छोटे-छोटे walking breaks भी शरीर को लंबे समय तक एक ही position में रहने से बचा सकते हैं।

जूते भी हो सकते हैं वजह

अगर आप दिन भर ऐसे जूते पहनते हैं जो बहुत ज्यादा टाइट है , सपोर्ट ठीक से नहीं देते या लंबे समय तक पहनने पर असहज लगते हैं, तो शाम को पैरों में दर्द और थकान बढ़ सकती है खासकर उन लोगों में यह ज्यादा महसूस हो सकता है जिन्हें दिन भर ऑफिस में फॉर्मल शूज पहनने पड़ते हैं आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते चुना पैरों की देखभाल का एक आसान हिस्सा है

नींद और रोजमर्रा की थकान

कभी-कभी पैरों की थकान का संबंध केवल पैरों से नहीं होता है अगर आपकी नींद पूरी नहीं हुई है और हो भी नहीं रही है, काम का तनाव ज्यादा है या पूरे दिन शरीर मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ है तो शाम को पैरों में भारीपन महसूस हो सकता है इसलिए पैरों की समस्या देखते समय अपनी पूरी दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी है

शाम की पैरों की थकान कम करने के आसान तरीके

अगर आपकी समस्या लंबे समय तक बैठने से जुड़ी है, तो कुछ छोटी आदतें मदद कर सकती हैं

  • हर कुछ समय में कुर्सी से उठकर थोड़ी देर चले
  • बैठे बैठे पैरों और टखनों को हल्का सा हिलाते रहे
  • काम के दौरान अपनी sitting posture पर ध्यान दें
  • पैरों को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें
  • दिन भर पर्याप्त पानी पिए और कोशिश करें आप हाइड्रेटेड रहे
  • शाम को 10 15 मिनट हल्की बॉक्स कर सकते हैं आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहने 
  • सबसे IMPORTANT रात को पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें

क्या पैरों की थकान हमेशा सामान्य होती है?

नहीं, कभी-कभार शाम को पैरों में हल्का भारीपन होना लंबे समय तक बैठे रहने या कम गतिविधि से जुड़ा हो सकता है लेकिन अगर यह समस्या आपको बार-बार हो रही है और लगातार बढ़ती जा रही है तो रोजमर्रा के काम में परेशानी पैदा कर सकती है तो इसे केवल बैठने की वजह मानकर छोड़ना ठीक नहीं है अगर एक पैर अचानक सूज जाए, तेज दर्द हो, तो त्वचा लाल या गर्म महसूस हो, पैर सुन्न पड़ जाए या चलने में परेशानी हो तो तुरंत किसी चिकित्सकीय है की सलाह ले

आखिर में

दिन भर बैठे रहने से वास्तव में पैर आराम नहीं कर्रे होते , लम्बे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहने से मांसपेशियों की गतिविधि कम हो सकती है और शाम तक पैरों में भारीपन या थकान महसूस हो सकती है।

इसका सबसे आसान जवाब अक्सर आपकी रोजमर्रा की routine में छिपा होता है। हर घंटे थोड़ा उठना, कुछ कदम चलना, पानी पीना और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठना छोटे बदलाव हैं, लेकिन पैरों को दिनभर बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।

अगर पैरों की थकान लगातार बनी रहती है या इसके साथ सूजन, दर्द, सुन्नपन या कमजोरी जैसे लक्षण भी हैं, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

References

More Time Spent in Sedentary Behaviors is Associated with Higher Plantar Pressures in Older Women - PMC

The struggle to stay physically active—A qualitative study exploring experiences of individuals with persistent plantar fasciopathy - PMC

8 ways to avoid foot pain - Harvard Health

9 ways to fix foot pain - Harvard Health

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

पैर की मांसपेशियाँ कम गतिविधि से सुस्त हो जाती हैं, रक्त के वापस ऊपर आना धीमा होता है; सही बैठाई, पानी की कमी, जूतों का असर भी साथ रहता है।

नहीं: हल्का भारीपन कभी-कभी सामान्य है, लेकिन बार-बार या तेज दर्द, सूजन या सुन्नपन हो तो डॉक्टर देखना चाहिए।

हर व्यक्ति और मौसम के हिसाब से भिन्न, पर दिनभर में पर्याप्त मात्रा में तरल बनाए रखना अच्छा रहता है; प्यास के अनुसार और बिना অত लंबे समय तक पसीना आने पर अधिक जरूरी हो सकता है।

हर 30–60 मिनट में 2–5 मिनट के ब्रेक लें, पैर और टखनों को हल्का हिलाएं, चलें, खड़े हो जाएं।

कमर सीधे, कूल्हे और घुटने लगभग 90°; दोनों पैर फर्श पर टिके रहें; स्क्रीन आंखों की ऊँचाई के बराबर रखें; एक ही तरफ़ झुक कर न बैठे।

बहुत टाइट, असहज या सपोर्ट न देने वाले जूते थकान बढ़ा सकते हैं; आरामदायक, सही आकार, अच्छा रीढ़-उद्धरण और थोड़ा वार्म-अप के साथ जूते चुनें।

सामान्यतः अधिक चलना नहीं, पर अगर अचानक असहज हो या चोट लगे तो दर्द बढ़ सकता है। शुरुआत में धीरे-धीरे बढ़ाएं।

हाँ, लेकिन नींद की कमी, तनाव, गर्म मौसम में पसीना, वजन, बीमारी आदि भी प्रभाव डाल सकती हैं।

छोटे ब्रेक लेकर चलना, पैरों के टखने घुमाना, पानी पिए रखना, आरामदायक जूते पहनना, रात को पर्याप्त नींद लेना।

ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें; तीव्र सूजन, लाल-गर्म त्वचा, तेज दर्द या सुन्नपन संदेश दे सकते हैं।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us