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हर चाय के साथ 2 बिस्कुट: छोटी-सी आदत दिनभर की भूख को कैसे बदल सकती है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

जब चाय की बात आती है तो उसके साथ बिस्कुट का होना लगभग तय माना जाता है। हर चाय के साथ सिर्फ 2 बिस्कुट सुनने में बहुत ही मामूली और नुकसान न पहुंचाने वाली आदत लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटी सी आदत आपके दिनभर की भूख मेटाबॉलिज्म और वज़न पर कितना असर डाल सकती है? सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान मिटाने तक यह 2 बिस्कुट आपके शरीर के ब्लड शुगर और कैलोरी इंटेक को पूरी तरह से बदल सकता है। आइए इसे अच्छे से समझते हैं।

चाय के साथ बिस्कुट खाने की आदत क्यों पड़ती है?

बचपन से ही हमें चाय में बिस्कुट डुबोकर खाने की आदत डाली जाती है जो धीरे धीरे हमारे रूटीन का हिस्सा बन जाती है। जब हम चाय पीते हैं तो शरीर को कैफीन और चीनी से तुरंत ऊर्जा मिलती है और इसके साथ बिस्कुट का क्रंच एक सुकून का एहसास कराता है। यह कॉम्बिनेशन दिमाग में खुशी का हार्मोन रिलीज करता है। इसके अलावा हल्की भूख लगने पर बिस्कुट सबसे आसान और सस्ता विकल्प लगता है, जिससे यह आदत समय के साथ और भी पक्की हो जाती है।

2 बिस्कुट से भूख पर क्या असर पड़ता है?

2 बिस्कुट बहुत कम लगते हैं लेकिन इनका आपकी भूख पर बड़ा असर होता है। ज़्यादातर  बिस्कुट मैदे और चीनी से बने होते हैं। जब आप इन्हें खाते हैं तो शरीर में ब्लड शुगर का स्तर अचानक तेज़ी से बढ़ता है और फिर उतनी ही तेज़ी से गिर जाता है। इस अचानक गिरावट के कारण आपको पहले से भी ज़्यादा और जल्दी भूख लगने लगती है। ये 2 बिस्कुट आपको पोषण नहीं देते बल्कि केवल खाली कैलोरी देते हैं। इससे आपका पेट तो नहीं भरता लेकिन मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग ज़रूर बढ़ जाती है।

बार-बार चाय पीने से स्नैकिंग क्यों बढ़ती है?

दिन में कई बार चाय पीने की आदत अनजाने में आपकी बार-बार स्नैकिंग करने की इच्छा को ट्रिगर कर देती है।

  • शुगर स्पाइक: चाय की चीनी से तुरंत एनर्जी मिलती है, जो जल्दी खत्म होकर फिर से कुछ खाने की इच्छा पैदा करती है।
  • मनोवैज्ञानिक जुड़ाव: दिमाग चाय के साथ कुछ चबाने को जोड़ लेता है, जिससे खाली चाय पीना अधूरा लगता है।
  • कैफीन का असर: ज्यादा कैफीन पेट में एसिडिटी बढ़ाता है  जिसे शांत करने के लिए हम बिस्कुट या नमकीन खाते हैं।
  • कैलोरी का भ्रम: हमें लगता है हम सिर्फ लिक्विड ले रहे हैं इसलिए एक्स्ट्रा स्नैकिंग से बिल्कुल भी परहेज़ नहीं करते।

चाय-बिस्कुट की आदत दिनभर की डाइट कैसे बदलती है?

चाय के साथ 2 बिस्कुट खाने की यह छोटी सी आदत धीरे धीरे आपकी पूरी डाइट को असंतुलित कर देती है। जब आप दिन में 3-4 बार चाय और बिस्कुट लेते हैं तो आप अनजाने में 200 से 300 अतिरिक्त और बेकार कैलोरी खा लेते हैं। इससे आपका मुख्य भोजन खाने का मन कम हो जाता है जिससे शरीर को ज़रूरी प्रोटीन फाइबर और विटामिन्स नहीं मिल पाते। आप पोषण वाले खाने की जगह शुगर और कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर हो जाते हैं। यह आदत न केवल आपका वजन बढ़ाती है बल्कि आपको दिनभर सुस्त और थका हुआ भी महसूस कराती है।

सुबह चाय के साथ बिस्कुट खाना सही है?

सुबह खाली पेट चाय और बिस्कुट खाना सेहत के लिए सही नहीं माना जाता है। रातभर आराम करने के बाद सुबह आपके शरीर को अच्छे पोषण और हाइड्रेशन की ज़रूरत होती है। जब आप सुबह सबसे पहले चाय और मैदे वाले बिस्कुट खाते हैं तो यह आपके इंसुलिन को तेज़ी से बढ़ा देता है। इससे पेट में एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या हो सकती है। यह आदत आपके मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देती है और दिनभर खाने की क्रेविंग को बढ़ाती है। सुबह की शुरुआत हमेशा पानी, नट्स या ताज़े फलों से करनी चाहिए।

चाय बिस्कुट की आदत कब बदलनी चाहिए?

अगर आपका शरीर कुछ खास संकेत दे रहा है तो समझ लीजिए कि अब इस आदत को बदलने का सही समय आ गया है।

  • वज़न बढ़ना: अगर आपके पेट के आसपास चर्बी तेज़ी से बढ़ रही है और तमाम कोशिशों के बाद भी वज़न कम नहीं हो रहा है।
  • एसिडिटी और गैस: जब भी चाय-बिस्कुट खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकारें या ब्लोटिंग की समस्या रहने लगे।
  • हर समय थकान: अच्छी नींद लेने के बावजूद अगर आप दिनभर सुस्ती आलस और भारीपन महसूस करते हैं।
  • बार-बार भूख लगना: खाना खाने के कुछ ही देर बाद अगर फिर से तेज़ भूख लगने लगे।

भूख कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं?

अपनी भूख को सही तरीके से कंट्रोल करने और शरीर को ताकतवर रखने के लिए इन विकल्पों को चुनें।

  • फाइबर युक्त आहार: ओट्स, दलिया और ताज़े फल खाएं जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं।
  • प्रोटीन रिच स्नैक्स: उबले हुए अंडे ग्रीक योगर्ट या पनीर का सेवन करें यह किसी भी तरह की क्रेविंग को तुरंत कम करता है।
  • सूखे मेवे: बादाम, अखरोट और चिया सीड्स हेल्दी फैट्स देते हैं जो भूख को बहुत अच्छे से कंट्रोल करते हैं।
  • हाइड्रेशन: कई बार प्यास को हम भूख समझ लेते हैं इसलिए पर्याप्त पानी नींबू पानी या नारियल पानी पिएं।

चाय के साथ बिस्कुट की जगह क्या लें?

अगर आपको चाय के साथ कुछ खाने की आदत है तो बिस्कुट की जगह सेहतमंद चीज़ों को अपनाएँ। आप भुने हुए मखाने या चने ले सकते हैं, जो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं। इसके अलावा 2-3 भीगे हुए बादाम या एक अखरोट भी एक अच्छा विकल्प है। अगर कुछ मीठा खाने का मन हो तो आप चाय के साथ गुड़ का एक छोटा टुकड़ा या खजूर खा सकते हैं। बिना नमक वाले रोस्टेड पीनट्स या घर के बने रागी के क्रैकर्स भी बिस्कुट का एक बहुत अच्छा और हेल्दी रिप्लेसमेंट हैं।

छोटी स्नैकिंग आदतों का दिनभर की भूख पर असर

आपकी छोटी-छोटी स्नैकिंग आदतें आपके शरीर के हंगर हार्मोन्स को पूरी तरह से खराब कर सकती हैं।

  • हार्मोनल असंतुलन: बार-बार मीठा खाने से भूख का हार्मोन बढ़ता है जिससे बार बार जंक फूड खाने की इच्छा होती है।
  • शुगर क्रैश: थोड़ा-थोड़ा मीठा स्नैक ब्लड शुगर को अस्थिर करता है जिससे अचानक तेज़ भूख और चिड़चिड़ापन होने लगता है।
  • पोषण की कमी: छोटी स्नैकिंग से पेट भर जाता है जिससे आप कम मात्रा में भोजन खाते हैं।
  • स्लो मेटाबॉलिज्म: अनहेल्दी स्नैक्स को बार-बार पचाने में शरीर थक जाता है जिससे आपका पूरा मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है।

निष्कर्ष:

चाय के साथ 2 बिस्कुट खाने की आदत भले ही छोटी और सिंपल लगे लेकिन इसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा और लंबा प्रभाव पड़ता है। यह सिर्फ अतिरिक्त कैलोरी का मामला नहीं है बल्कि यह हमारे ब्लड शुगर, भूख के पैटर्न और पूरे दिन की डाइट को बिगाड़ देता है। स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि हम अपनी इन छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान दें। बिस्कुट को हेल्दी स्नैक्स जैसे मखाने, नट्स या चने से बदलकर आप अपनी भूख को कंट्रोल कर सकते हैं और ज्यादा ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। सही बदलाव से ही एक सेहतमंद जीवन की शुरुआत होती है।

References:

https://www.healthline.com/nutrition/side-effects-of-tea

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4055352/

https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S0308814606003797

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC11957763/

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

अगर आपका रूटीन एक्टिव है और डाइट अच्छी है, तो दिन में एक बार 2 बिस्कुट खाने में कोई खास नुकसान नहीं है।

यह क्रीम वाले बिस्कुटों से थोड़ा बेहतर है लेकिन इसमें भी मैदा और चीनी होती है, इसलिए इसे भी सही मात्रा में ही खाएं।

शुगर फ्री बिस्कुट में आर्टिफिशियल स्वीटनर और अनहेल्दी फैट्स हो सकते हैं इसलिए इन्हें भी रोज़ खाना सही नहीं है।

खाली पेट इन्हें खाने से पेट में एसिडिटी सीने में जलन और ब्लड शुगर भी अचानक बढ़ सकता है 

चाय के साथ भुने हुए मखाने रोस्टेड चने या नट्स सबसे सेहतमंद स्नैक्स माने जाते हैं।

बाजार में मिलने वाले ओट्स बिस्कुट में अक्सर ओट्स की मात्रा कम और मैदा-चीनी ज़्यादा होती है इसलिए घर के बने क्रैकर्स बेहतर हैं।

इनमें फाइबर कम और रिफाइंड कार्ब्स व चीनी ज़्यादा  होती है, जो आसानी से पचकर सीधा फैट के रूप में शरीर में जमा हो जाते हैं।

हां बिस्कुट में मौजूद मैदा और चाय का ज़्यादा कैफीन पाचन तंत्र को धीमा कर सकते हैं, जिससे कब्ज़ की समस्या हो सकती है।

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