आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल और तनाव के बीच बहुत से लोग, खासकर महिलाएं एक ऐसी बीमारी का शिकार हो रही हैं जो धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर देती है। हम बात कर रहे हैं थायराइड की। अक्सर लोगों को यह कहते सुना जाता है कि "मैं तो बहुत कम खाता हूं, फिर भी मेरा वजन लगातार क्यों बढ़ रहा है?" थायराइड की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सबसे बड़ा डर मोटापे का ही होता है। आइए, आसान और वैज्ञानिक भाषा में समझते हैं कि थायराइड में वजन बढ़ने की 5 सबसे बड़ी वजहें क्या हैं और आप इस जिद्दी मोटापे को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।
साइलेंट किलर बन चुकी है थायराइड की बीमारी, जानें क्यों तेजी से बढ़ता है वजन
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल के बीच थायराइड एक बेहद आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। ज्यादातर महिलाएं इस साइलेंट किलर बीमारी का शिकार हो रही हैं। जब किसी को हाइपोथायरायडिज्म होता है, तो सबसे पहला और साफ दिखने वाला लक्षण अचानक वजन बढ़ना होता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि वे कम खा रहे हैं, फिर भी शरीर क्यों फूल रहा है। दरअसल, गर्दन में मौजूद तितली के आकार की यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है। जब यह ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती, तो शरीर की कार्यप्रणाली बेहद धीमी पड़ जाती है। यही धीमापन शरीर में फैट के रूप में तेजी से जमा होने लगता है, जिससे इंसान का वजन लगातार और बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से बढ़ने लगता है।
शरीर का धीमा मेटाबॉलिज्म, जो कम खाने पर भी बढ़ाता है मोटापा
मोटापा बढ़ने का सबसे मुख्य कारण शरीर के बेसल मेटाबॉलिक रेट का बुरी तरह से गिर जाना है। थायराइड ग्रंथि से निकलने वाले टी3 और टी4 हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को सही गति पर चलाते हैं। जब आपको हाइपोथायरायडिज्म होता है, तो इन हार्मोन्स का उत्पादन कम हो जाता है। इसका सीधा असर आपकी कैलोरी बर्न करने की क्षमता पर पड़ता है। जो खाना पहले ऊर्जा में बदल जाता था, वह अब शरीर में ही रुकने लगता है। शरीर सुस्त हो जाता है और आराम करने की स्थिति में भी कैलोरी जलने की प्रक्रिया बेहद धीमी हो जाती है। यही बिना जली हुई अतिरिक्त कैलोरी धीरे-धीरे जिद्दी फैट में तब्दील हो जाती है, जिसे वर्कआउट और डाइटिंग के बावजूद आसानी से कम कर पाना मरीजों के लिए चुनौती बन जाता है।
शरीर में पानी का जमाव जिसे लोग समझ लेते हैं चर्बी
कई बार थायराइड के मरीजों को लगता है कि उनका फैट बढ़ रहा है, लेकिन असलियत में वह सिर्फ चर्बी नहीं होती। मेडिकल साइंस के अनुसार, हाइपोथायरायडिज्म में शरीर के अंदर पानी और नमक का जमाव बहुत अधिक होने लगता है। प्रोटीन के जमा होने के कारण पैदा हुई इस स्थिति को वॉटर रिटेंशन कहा जाता है। यह अतिरिक्त तरल पदार्थ मांसपेशियों और ऊतकों के बीच फंस जाता है, जिससे चेहरा, आंखें, हाथ और पैर सूजे हुए नजर आते हैं। थायराइड में बढ़ने वाले वजन का एक बड़ा हिस्सा इसी रुके हुए पानी का होता है। इसी वजह से शरीर हमेशा भारी और फूला हुआ महसूस होता है। यह सूजन आम मोटापे से बिल्कुल अलग होती है और इसे केवल भूखे रहकर या सामान्य डाइटिंग से घटाना लगभग असंभव हो जाता है।
दिनभर छाई रहने वाली भयंकर थकान, जो खत्म कर देती है शरीर की ऊर्जा
जब शरीर में थायराइड हार्मोन की भारी कमी होती है, तो व्यक्ति हमेशा खुद को थका हुआ और कमजोर महसूस करता है। इस बीमारी में कोशिकाएं सही तरीके से काम नहीं कर पातीं, जिससे शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिलती है। मरीज अच्छी नींद लेने के बाद भी सुबह उठकर थकान और भारी सुस्ती की शिकायत करते हैं। इस भयंकर सुस्ती के कारण व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियाँ लगभग खत्म हो जाती हैं। एक्सरसाइज न कर पाना और दिनभर लेटे रहने की इच्छा होना आम बात हो जाती है। ऊर्जा के इस अभाव के कारण रोजमर्रा की कैलोरी बर्न होने की प्राकृतिक प्रक्रिया एकदम रुक जाती है। जब शरीर में कोई हलचल ही नहीं होगी, तो स्वाभाविक है कि आपका खाना सीधे फैट में बदलकर आपके वजन को बेतहाशा बढ़ाएगा।
इंसुलिन रेजिस्टेंस का बढ़ना और अनहेल्दी खाने की तीव्र लालसा
थायराइड का सीधा संबंध आपके ब्लड शुगर लेवल और इंसुलिन हार्मोन से भी होता है। हाइपोथायरायडिज्म के कारण अक्सर शरीर में 'इंसुलिन रेजिस्टेंस' की समस्या पैदा हो जाती है। इसका मतलब है कि कोशिकाएं शुगर को ऊर्जा के रूप में ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। ऊर्जा की इस कमी को पूरा करने के लिए दिमाग बार-बार कार्बोहाइड्रेट, मीठा और जंक फूड खाने का सिग्नल भेजता है। मरीजों को अचानक से शुगर क्रेविंग्स होने लगती हैं जो अक्सर कंट्रोल से बाहर हो जाती हैं। अनहेल्दी, अधिक मीठा और हाई कैलोरी वाला खाना खाने से शरीर में फैट बहुत तेजी से जमा होता है। इस अनियंत्रित भूख और हार्मोनल असंतुलन के कारण मरीजों का वजन लगातार और बिना रुके तेजी से बढ़ता चला जाता है।
खराब गट हेल्थ और बिगड़ा हुआ पाचन तंत्र, जो बन जाता है मोटापे का सीधा कारण
पाचन तंत्र की सेहत का आपके थायराइड और बढ़ते वजन से बहुत गहरा नाता होता है। थायराइड हार्मोन की कमी के कारण पाचन तंत्र की मांसपेशियां बुरी तरह सुस्त पड़ जाती हैं। भोजन को पचने में सामान्य से बहुत अधिक समय लगने लगता है। इस बेहद धीमी पाचन प्रक्रिया की वजह से मरीजों को गंभीर कब्ज की समस्या होती है। जब पेट साफ नहीं होता, तो शरीर में जहरीले तत्व जमा होने लगते हैं और गैस या भारीपन महसूस होता है। खराब पाचन के कारण शरीर अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में असमर्थ रहता है। लगातार रहने वाली भयंकर कब्ज और अस्वस्थ गट हेल्थ सीधे तौर पर मोटापे को दावत देती है। यही वजह है कि थायराइड के मरीजों का पेट हमेशा फूला रहता है और उनका वजन तेजी से बढ़ता है।
अपनी डाइट में करें जरूरी बदलाव, आयोडीन और सेलेनियम को बनाएं हिस्सा
थायराइड में बढ़ते वजन को रोकने के लिए सबसे पहला कदम सही डाइट है। आपको खाने में उन पोषक तत्वों को शामिल करना होगा जो थायराइड ग्रंथि को ताकत देते हैं। आयोडीन और सेलेनियम ऐसे महत्वपूर्ण मिनरल्स हैं जो हार्मोन बनाने में मदद करते हैं। आहार में आयोडीन युक्त नमक, ताजे डेयरी उत्पाद और अंडे जरूर शामिल करें। सेलेनियम के लिए नट्स और सूरजमुखी के बीजों का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा कच्ची पत्तागोभी, ब्रोकली और सोया उत्पादों का सेवन एकदम कम कर दें क्योंकि ये थायराइड के काम में रुकावट डालते हैं। रिफाइंड चीनी, मैदे की चीजें और पैकेटबंद फूड को अपनी थाली से पूरी तरह बाहर निकाल दें। यह संतुलित आहार आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करके वजन को कंट्रोल करने में काफी मदद करेगा।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, रोज 45 मिनट की एक्सरसाइज को बनाएं रूटीन
भयंकर थकान को दूर करने और सुस्त मेटाबॉलिज्म को जगाने का सबसे अचूक तरीका रोजाना शारीरिक व्यायाम करना है। शुरुआत में शरीर थकावट महसूस कर सकता है, लेकिन आपको लगातार एक्टिव रहना होगा। भारी वजन उठाने के बजाय तेज चलने, जॉगिंग, तैराकी या साइकिलिंग जैसी आसान कार्डियो एक्सरसाइज से शुरुआत करें। रोजाना कम से कम 45 मिनट तक व्यायाम करना थायराइड हार्मोन को उत्तेजित करता है और जमा चर्बी को पिघलाता है। इसके अलावा नियमित योग, जैसे सर्वांगासन, हलासन और कपालभाति, ग्रंथि में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर उसे प्राकृतिक रूप से एक्टिव बनाते हैं। रोज पसीना बहाने से शरीर की सूजन और वॉटर रिटेंशन तेजी से कम होता है, जिससे आपका लगातार बढ़ता हुआ वजन आसानी से और सुरक्षित तरीके से पूरी तरह काबू में आ जाता है।
दवाइयों का सही समय पर सेवन, पर्याप्त नींद और तनाव से सख्त दूरी
थायराइड को सिर्फ डाइट से कंट्रोल नहीं किया जा सकता, इसका सही मेडिकल ट्रीटमेंट अनिवार्य है। डॉक्टर द्वारा दी गई थायराइड की दवा हमेशा सुबह खाली पेट लें और इसके कम से कम एक घंटे बाद तक चाय या नाश्ता न करें। दवा की सही खुराक से हार्मोन संतुलित होता है और वजन खुद-ब-खुद घटने लगता है। इसके अलावा, तनाव थायराइड का सबसे बड़ा और खतरनाक दुश्मन माना जाता है। चिंता करने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो ग्रंथि के काम को बिगाड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण है रात में 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना। सोते समय ही शरीर अपने हार्मोनल बैलेंस को रिपेयर करता है और मेटाबॉलिज्म को ठीक करके अतिरिक्त चर्बी को जलाता है, जिससे आपका वजन प्राकृतिक रूप से कंट्रोल में रहता है।
References
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/35288841/
https://apps.who.int/iris/bitstream/handle/10665/66342/WHO_DIL_00.4_eng.pdf
https://www.healthline.com/health/hypothyroidism/symptoms-treatments-more

























