महिलाओं में कमर दर्द आज एक बहुत ही आम समस्या बन गई है जिससे हर दूसरी महिला परेशान है। और हम इसे काम की वजह से थकान मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे कई वजह छिपी होती है, आमतौर पर महिलाओं में यह दर्द पीरियड्स या गलत पोस्चर या फिर विटामिन की की कमी की वजह से सबसे ज़्यादा देखने को मिलता है जब तक हम इसके सही कारण को नहीं समझेंगे तब तक इसमें पूरी तरह रहत पाना मुश्किल है।
महिलाओं में कमर दर्द क्यों होता है?
महिलाओं में कमर दर्द एक आम समस्या बन चुकी है, जिसके पीछे कई कारण है, सबसे पहला कारण पीरियड्स के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं,जिसमें गर्भशय के सिकुड़ने का सीधा असर पीठ के निचले हिस्से पर पड़ता है। दूसरा कारण हमारी लाइफस्टाइल है घंटों कंप्यूटर के आगे झुककर बैठने, गलत तरीके से सोने या अचानक भारी वज़न उठाने से मांसपेशियों पर लगातार दबाव बनता है। इसके आलावा महिलाओं में विटामिन D, B12 और कैल्सियम की कमी हड्डियों और नसों को अंदर से कमज़ोर कर देती हैं और पीठ में हर वक़्त दर्द बनाएं रखती हैं
एक्सपर्ट्स की क्या राय है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाओं में कमर दर्द पीरियड्स खराब पोस्चर और विटामिन की कमी तीनों ही बड़ी वजह हैं। पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से गर्भाशय सिकुड़ने लगता है जिसका सीधा असर पीठ के निचले हिस्से पर पड़ता है।वही घंटो कंप्यूटर के आगे झुककर बैठने या गलत तरीके से सोने से मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और दर्द शुरू हो जाता है। इसके आलावा शरीर में विटामिन D और B12 की कमी हड्डियों और नसों को अंदर से कमज़ोर कर देती है जिससे हर वक़्त पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता रहता है
किन महिलाओं में कमर दर्द का खतरा ज़्यादा होता है?
आइए जानते हैं कि आखिर किन महिलाओं को इसका सबसे ज़्यादा सामना करना पड़ता है।
- हैवी ब्लीडिंग वाली महिलाएं: जिन्हें पीरियड्स के दौरान बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होती है, उनके पेट के साथ-साथ कमर के निचले हिस्से की नसों पर भी भारी दबाव पड़ता है, जिससे दर्द बढ़ जाता है।
- पोषक तत्वों की कमी: जिनकी डाइट अच्छी नहीं होती और जिनके शरीर में कैल्शियम, आयरन या विटामिन्स की कमी होती है, उन्हें पीरियड्स के दौरान कमर दर्द और कमज़ोरी ज़्यादा परेशान करती है।
- अंदरूनी समस्या : जिन महिलाओं को पीसीओडी गर्भाशय में सूजन, या गांठ जैसी कोई समस्या पहले से होती है, उन्हें पीरियड्स के समय कमर में बहुत तेज़ और दर्द का सामना करना पड़ता है।
- पानी की कमी: शरीर में पानी की कमी होने से मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। इसलिए जो महिलाएं कम पानी पीती हैं, उनकी कमर और पैरों में दर्द ज़्यादा होता है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:
आयुर्वेद के अनुसार, पीरियड्स में कमर दर्द मुख्य रूप से शरीर में 'वात दोष' के बिगड़ने के कारण होता है।जो महिलाएं बहुत ज़्यादा ठंडी, बासी, जंक फूड या रूखी-सूखी चीजें खाती हैं, उनके शरीर में वात बढ़ जाता है। यही बढ़ा हुआ वात कमर और पेट की नसों में ऐंठन और तेज़ दर्द पैदा करता है।
इसके अलावा, आयुर्वेद पीरियड्स को शरीर की प्राकृतिक सफाई मानता है। जो महिलाएं इस दौरान आराम नहीं करतीं, भागदौड़ करती हैं या ज्यादा स्ट्रेस लेती हैं, उन्हें कमर दर्द ज़्यादा होता है। इसमें राहत के लिए आयुर्वेद में गर्म पानी पीने, तिल के तेल से कमर की हल्की मालिश करने और अजवाइन या सोंठ का पानी पीने की सलाह दी जाती है।
महिलाओं में कमर दर्द के क्या कारण है ?
महिलाओं में कमर दर्द के कई शारीरिक, हार्मोनल और जीवनशैली से जुड़े कारण हो सकते हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।
- पीरियड्स : पीरियड्स के दिनों में होने वाले क्रैम्प्स की वजह से कमर के निचले हिस्से में बहुत दर्द रहता है।
- प्रेगनेंसी: प्रेगनेंसी में शरीर का वज़न बढ़ने से रीढ़ की हड्डी और कमर पर बहुत ज़्यादा ज़ोर पड़ता है।
- कैल्शियम की कमी: बढ़ती उम्र के साथ या सही डाइट न लेने से शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी कम हो जाता है, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं।
- अंदरूनी दिक्कतें: बच्चेदानी से जुड़ी परेशानियां, सूजन या इन्फेक्शन होने पर भी कमर में बहुत ज्यादा दर्द होता है।
पीरियड्स के दौरान कमर दर्द से कैसे बचें?
पीरियड्स से बचने के निम्न उपाय हैं:
- गर्म सिकाई: हॉट वॉटर बैग से कमर की सिकाई करें। इससे मांसपेशियों की जकड़न और क्रैम्प्स में तुरंत आराम मिलता है।
- सही खानपान: खूब पानी पिएं और अदरक वाली चाय लें। फास्ट फूड और ज़्यादा नमक खाने से बचें।
- हल्की मालिश: कमर पर हल्के हाथों से तेल की मालिश करें और शरीर को आराम दें।
- हल्की स्ट्रेचिंग: दर्द में सिर्फ लेटने के बजाय थोड़ी वॉक या हल्की स्ट्रेचिंग करें, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सही हो।
डॉक्टर से कब मिलें?
पीरियड्स में हल्का कमर दर्द होना आम बात है, लेकिन कुछ स्थितियों में आपको डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए:
- ज़्यादा दर्द : अगर दर्द इतना तेज़ हो कि आप अपने रोज़ के काम न कर पाएं और आपका चलना फिरना मुश्किल हो जाए।
- दवा से भी आराम न मिले: जब दर्द की दवा, गर्म सिकाई या घरेलू नुस्खों का दर्द पर कोई असर न हो रहा हो।
- पीरियड्स के बाद भी दर्द रहे: अगर पीरियड्स खत्म होने के बाद भी आपकी कमर या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द बना रहे।
निष्कर्ष:
महिलाओं को कमर दर्द सिर्फ थकान समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। इसके पीछे पीरियड्स, गलत पोस्चर और शरीर में कैल्शियम-विटामिन की कमी जैसी वजह होती हैं। इससे बचने के लिए अपनी डाइट सही करें, खूब पानी पिएं और शरीर को एक्टिव रखें। अगर हल्का दर्द हो तो गर्म सिकाई और मालिश करें। लेकिन दर्द ज़्यादा हो, या लगातार हो रहा हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
References
https://www.healthline.com/health/menstrual-problems
https://www.healthline.com/health/b12-deficiency
https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC6265788/
https://www.sciencedirect.com/science/article/abs/pii/S0946672X21001589






























