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Weight loss न होने से frustration शरीर को punish नहीं समझना ज़रूरी है।

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

हफ्तों की डाइटिंग और वर्कआउट के बाद भी जब वज़न कम नहीं होता, तो फ्रस्ट्रेशन होना बिल्कुल नॉर्मल है। ऐसे में हमें अपने ही शरीर पर गुस्सा आने लगता है। हम खाना-पीना कम कर देते हैं या खुद को हद से ज्यादा थकाकर अपने शरीर को punish करने लगते हैं।वज़न कम न होना कोई फेलियर नहीं है। आइए समझते हैं कि वेट लॉस के इस फ्रस्ट्रेशन से कैसे डील करें और अपने शरीर को हेल्दी कैसे रखें।

Weight Loss नहीं हो रहा क्यों ?

वज़न कम न होने की सबसे बड़ी वजह डाइट और लाइफस्टाइल का बिगड़ना है। कई बार हमें लगता है कि हम कम खा रहे हैं, लेकिन अनजाने में हम हिडन कैलोरीज़ भी ले रहे होते हैं। इसके अलावा बहुत कम पानी पीना, अधूरी नींद और लगातार तनाव में रहना भी वेट लॉस की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। लंबे समय तक एक ही वर्कआउट करने से शरीर उसका आदी हो जाता है। वज़न घटाने के लिए सिर्फ कम खाना काफी नहीं है, बल्कि हार्मोनल बैलेंस और एक एक्टिव रूटीन का होना बहुत ज़रूरी है।

एक्सपर्ट्स की क्या राय है? 

डॉक्टर हमेशा बार-बार डाइट बदलने के खिलाफ होते हैं। लगातार डाइट बदलने से शरीर कन्फ्यूज़ होता है और उसमें ज़रूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी होने लगती है। एक्सपर्ट्स हमेशा एक ऐसी 'सस्टेनेबल डाइट' अपनाने की सलाह देते हैं, जो आपकी उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और लाइफस्टाइल के अनुकूल हो। जिससे आप फिट रहें और स्वस्थ रहें। 

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार, वज़न न घटने का मुख्य कारण हमारी पाचन अग्नि का कमज़ोर होना और कफ दोष का बढ़ना है। जब हमारा पाचन धीमा होता है, तो खाना सही से पचने के बजाय शरीर में आम के रूप में जमा होने लगता है। ये टॉक्सिन्स शरीर के चैनल्स को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे एक्सरसाइज़ के बाद भी फैट बर्न होने का प्रोसेस रुक जाता है।

आयुर्वेद मानता है कि सिर्फ पसीना बहाना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी पाचन अग्नि को तेज़ करना होगा। इसके लिए सुबह गुनगुना पानी पीना, खाने में अदरक, जीरा और सौंफ का इस्तेमाल करना काफी मददगार होता है।

बार-बार Diet बदलना सही है या नहीं?

बार-बार डाइट बदलना आपके शरीर के लिए सही नहीं है। जल्दी-जल्दी खान-पान बदलने से आपके शरीर को नए रूटीन में आने का समय नहीं मिल पाता, जिससे मेटाबॉलिज़्म धीमा हो सकता है और पाचन खराब हो सकता है। कोई भी डाइट तुरंत असर नहीं करती। उसका फायदा दिखने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए हर बार एक नया ट्रेंड आज़माने के बजाय, एक संतुलित और प्रैक्टिकल डाइट चुनें जिसे आप लंबे समय तक अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना सकें।

Weight नहीं घट रहा है तो क्या करें?

अगर आपका वज़न नहीं घट रहा है, तो परेशान होने के बजाय इन चीज़ों पर ध्यान दें:

  • डाइट रिव्यु करें: अपने खाने के पोर्शन को दोबारा चेक करें और डाइट में प्रोटीन व फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।
  • नींद और तनाव: 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। ज़्यादा स्ट्रेस लेने से हार्मोन बिगड़ते हैं, जो वज़न रोकते हैं।
  • वर्कआउट बदलें: शरीर एक ही रूटीन का आदी हो जाता है। कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शामिल करें।
  • पानी पिएं: खुद को हमेशा हाइड्रेटेड रखें।

Exercise के बाद भी Weight क्यों नहीं घटता?

हम जिम में खूब पसीना बहाते हैं, फिर भी वज़न कम नहीं होता। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारी डाइट है। वर्कआउट के बाद अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी या अनहेल्दी खाना खा लेते हैं, तो एक्सरसाइज़ की सारी मेहनत बेकार हो जाती है। कई बार आपका फैट घट रहा होता है और मसल्स बन रहे होते हैं, इसलिए बॉडी पर वज़न कम नहीं दिखता। इसके अलावा, नींद की कमी और स्ट्रेस भी वज़न को एक ही जगह रोक देते हैं। सिर्फ एक्सरसाइज़ से कुछ नहीं होता, सही डाइट और आराम करना बहुत ज़रूरी है।

Weight कम करने के लिए क्या खाएं और किससे परहेज़ करें? 

वज़न कम करने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ ज़रूरी बदलाव करने होंगे:

क्या खाएं?

  • प्रोटीन: अंडे, दालें, पनीर, सोयाबीन और लीन मीट खाएं। इससे पेट देर तक भरा रहता है।
  • फाइबर: ताज़ी सब्ज़ियाँ, फल, ओट्स और साबुत अनाज लें।
  • हेल्दी फैट्स: बादाम, अखरोट और चिया सीड्स डाइट में शामिल करें।
  • पानी: दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी ज़रूर पिएं।

किससे परहेज़ करें?

  • चीनी और मीठा: कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयाँ और पैकेट वाले फलों के जूस से बचें।
  • मैदा और जंक फूड: पिज़्ज़ा, बर्गर, बेकरी आइटम्स और वाइट ब्रेड से दूरी रखें।
  • प्रोसेस्ड फूड: पैकेट बंद खाने में नमक और प्रिजर्वेटिव्स ज़्यादा होते हैं, इन्हें न खाएं।

डॉक्टर से कब मिलें?

आपको डॉक्टर से तब ज़रूर मिलना चाहिए जब:

  • वज़न बिल्कुल न घटे: सही डाइट और वर्कआउट के बाद भी महीनों से आपका वज़न एक ही जगह रुका हो।
  • अत्यधिक थकान: आपको बहुत ज़्यादा थकावट, कमज़ोरी या अचानक चक्कर महसूस होते हों।
  • हार्मोनल बदलाव: आपके पीरियड्स अनियमित हो जाएं या बाल बहुत तेज़ी से झड़ने लगें।
  • बीमारी का शक: आपको थायरॉइड, पीसीओएस या डायबिटीज़ के कोई भी शुरुआती लक्षण दिखें।

निष्कर्ष:

वज़न कम करना आसान नहीं है, इतनी जल्दी वज़न नहीं कम होता है। जब मनचाहे रिज़ल्ट न मिलें, तो फ्रस्ट्रेट होकर अपने ही शरीर को punish करना बिल्कुल गलत है। बार-बार डाइट बदलने के बजाय एक संतुलित लाइफस्टाइल अपनाएं। अपनी डाइट, एक्सरसाइज़, नींद और पाचन का पूरा ध्यान रखें।अगर सही रूटीन के बाद भी वज़न नहीं घट रहा है, तो शरीर से ज़बरदस्ती करने के बजाय डॉक्टर की सलाह  ज़रूर लें। अपने 

References:

https://www.cdc.gov/healthy-weight-growth/losing-weight/index.html

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8017325/

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/obesity-and-overweight

https://www.healthline.com/nutrition/how-to-lose-weight-as-fast-as-possible

https://www.healthline.com/health/nutrition/video/how-many-calories-per-day

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

बिल्कुल नहीं, भूखे रहने से सिर्फ कमज़ोरी आती है और आपका मेटाबॉलिज्म धीमा होकर वेट लॉस को रोक देता है।

नहीं, बस इनकी मात्रा कम करें। आप फाइबर के लिए मल्टीग्रेन रोटी या ब्राउन राइस खा सकते हैं।

एक साथ बहुत सारा खाने के बजाय, दिन भर में 3 से 4 बार छोटे और हेल्दी मील्स लेना ज़्यादा फायदेमंद होता है।

समय कोई भी हो चलेगा, बस आपकी नियमितता (consistency) मायने रखती है। जो रूटीन सेट बैठे, उसे फॉलो करें।

हाँ,ज़्यादा स्ट्रेस लेने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो पेट के आस-पास तेज़ी से फैट बढ़ाता है।

बिल्कुल, गहरी नींद के दौरान ही शरीर रिकवर होता है और फैट बर्न करने वाले हार्मोन्स सही से काम करते हैं।

नींबू पानी पाचन सुधारता है और डिटॉक्स करता है, लेकिन फैट बर्न करने के लिए इसके साथ सही डाइट भी ज़रूरी है।

अगर आप एक्सरसाइज़ छोड़कर दोबारा अनहेल्दी खाना और खराब लाइफस्टाइल अपना लेंगे, तो वज़न वापस बढ़ सकता है।

बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें कभी न लें; यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इनके साइड इफेक्ट्स होते हैं।

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