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बार-बार थकान और पाचन की परेशानी? Vitamin B12 की कमी हो सकती है वजह

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

आज की तेज़ ज़िंदगी में अगर आप भरपूर नींद लेने के बाद भी हर समय थका हुआ महसूस करते हैं, तो इसे बिल्कुल भी सामान्य न समझें। यह आपके शरीर में Vitamin B12 की कमी का एक बहुत बड़ा संकेत हो सकता है। यह ज़रूरी पोषक तत्व हमारे शरीर की नसों को मज़बूत रखने और खून की लाल कोशिकाएँ बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाता है। जब हम सही आहार नहीं लेते हैं, तो शरीर अंदर से कमज़ोर पड़ने लगता है। अक्सर लोग आलस को आम बात मानकर टाल देते हैं, लेकिन असली वजह यही ज़रूरी विटामिन है।

जानिए क्या हैं मुख्य Vitamin B12 Causes

अगर हम कारणों की बात करें, तो सबसे आम Vitamin B12 Causes में पोषण से भरपूर खानपान का अभाव शामिल है। जो लोग पूरी तरह से वीगन या शाकाहारी होते हैं, उनमें यह समस्या ज़्यादा देखने को मिलती है क्योंकि यह मुख्य रूप से जानवरों से मिलने वाले आहार में होता है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र के साथ पेट में एसिड का बनना कम हो जाता है, जिससे शरीर इसे आसानी से नहीं सोख पाता है। लंबे समय तक गैस या एसिडिटी की दवाइयाँ खाने से भी शरीर में इसका अवशोषण रुक जाता है और इसकी भारी कमी होती है।

Vitamin B12 Deficiency Symptoms 

जब हमारे शरीर में इसकी कमी होती है, तो कई तरह के शारीरिक संकेत साफ़ देखने को मिलते हैं। Vitamin B12 Deficiency Symptoms की बात करें, तो आपको सीढ़ियाँ चढ़ते हुए या थोड़ा काम करते ही साँस फूलने की परेशानी हो सकती है। त्वचा का रंग हल्का पीला पड़ने लगता है। मुँह में लगातार छाले आना, जीभ का एकदम लाल हो जाना या उसमें सूजन आना भी इसके प्रमुख संकेत माने जाते हैं। धड़कन का अचानक से तेज़ हो जाना और चक्कर आना जैसी परेशानियाँ भी शरीर में लगातार बनी रहती हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

नसों में झुनझुनी और अन्य Vitamin B12 के लक्षण

शारीरिक थकावट के अलावा इसका सीधा असर हमारे दिमाग और नसों पर भी पड़ता है। अन्य Vitamin B12 के लक्षण में सबसे मुख्य है हाथ-पैरों में हमेशा झुनझुनी होना या उनका सुन्न पड़ जाना। इसके कारण आपकी याददाश्त भी कमज़ोर होने लगती है और आप पुरानी बातें भूलने लगते हैं। मूड में बहुत जल्दी बदलाव आना, हर बात पर चिड़चिड़ापन महसूस होना और डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियाँ भी घेर सकती हैं। सोचने, समझने और कोई निर्णय लेने की क्षमता पर भी बहुत ही बुरा असर पड़ता है। लंबे समय से भारी तनाव है तो इसकी कमी होती है।

सेहत के लिए क्यों ज़रूरी है Vitamin B12 Deficiency से बचना

शुरुआत में ज़्यादातर लोग शरीर की थकान को आम कमज़ोरी समझकर पूरी तरह से टाल देते हैं। लेकिन लंबे समय तक शरीर में रहने वाली Vitamin B12 Deficiency आपके पूरे स्वास्थ्य को बहुत ही भारी नुकसान पहुँचा सकती है। नसों को होने वाला नुकसान कई बार इतना ज़्यादा बढ़ जाता है कि उसे दोबारा ठीक करना एकदम मुश्किल हो जाता है। इससे एनीमिया नाम की खतरनाक बीमारी हो जाती है, जिसमें खून की भारी कमी हो जाती है। गर्भवती महिलाओं में इसकी कमी से होने वाले बच्चे के दिमागी विकास पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए तुरंत ब्लड टेस्ट करवाएँ।

जानिए सही डाइट से Vitamin B12 की कमी कैसे दूर करें

जब आपको एक बार ब्लड टेस्ट से पता चल जाए कि परेशानी क्या है, तो मन में सवाल आता है कि Vitamin B12 की कमी कैसे दूर करें इसे प्राकृतिक रूप से ठीक करने के लिए आपको सबसे पहले अपनी रोज़ाना की डाइट में अच्छा सुधार करना होगा। आपको अपनी थाली में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने होंगे, जिनमें यह ज़रूरी विटामिन भरपूर मात्रा में मौजूद हो। अगर खून की जाँच में कमी बहुत ज़्यादा पाई जाती है, तो डॉक्टर आपको कुछ गोलियाँ या इंजेक्शन दे सकते हैं। जंक फूड से पूरी तरह बचें ताकि आँतों का स्वास्थ्य अच्छा रहे।

रोज़ाना खाएं ये असरदार Vitamin B12 Foods

खानपान में थोड़ा सा सुधार करके आप बहुत ही आसानी से इस बड़ी समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। जो लोग मांसाहारी हैं, उनके लिए बाज़ार में बहुत सारे Vitamin B12 Foods मौजूद हैं। अंडे, चिकन और मटन में यह बहुत ही अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही, कई तरह की मछलियाँ और सीफूड भी इसके सबसे बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। अगर आप रोज़ाना की अपनी डाइट में उबले हुए अंडे या ताज़ा मछली को शामिल करते हैं, तो आपको कभी भी इसकी कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मसालेदार भोजन कम खाएँ।

शाकाहारी लोगों के लिए खास Vitamin B12 Rich Foods

शाकाहारी लोगों को अक्सर यह परेशानी रहती है कि वे अपनी डाइट से इसे कैसे पूरा करें। आपके लिए दूध और दूध से बनी हुई चीज़ें सबसे बेहतरीन Vitamin B12 Rich Foods का काम करती हैं। गाय का ताज़ा दूध, घर का जमाया हुआ दही और ताज़ा पनीर का रोज़ाना सेवन करें। आज के समय में बाज़ार में फोर्टिफाइड ओट्स, सीरियल्स और सोया मिल्क भी आसानी से मिलते हैं, जिनमें यह विटामिन अलग से डाला जाता है। मशरूम खाने से भी आपको काफी फायदा मिलता है। अगर आप नियमित तौर पर डेयरी उत्पादों को खाते हैं, तो नसें मज़बूत रहेंगी।

आयुर्वेद के अनुसार पाचन और विटामिन का सम्बन्ध

आयुर्वेद मानता है कि जब हमारी जठराग्नि कमज़ोर होती है, तो शरीर भोजन से ज़रूरी पोषण नहीं ले पाता है। यही खून और नसों की कमज़ोरी का सबसे बड़ा कारण बनता है। आयुर्वेद में आँतों को साफ रखने पर ज़ोर दिया गया है। सुबह गुनगुना पानी पीने और अदरक या जीरा का उपयोग करने से हमारा हाज़मा अच्छा रहता है। जब पाचन पूरी तरह दुरुस्त होगा, तो शरीर सारा रस सोख लेगा और कोई कमज़ोरी नहीं आएगी।

निष्कर्ष

शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए विटामिन बी12 बहुत ही ज़रूरी है। बार-बार थकान, नसों की कमज़ोरी या पाचन की परेशानी को अनदेखा करने के बजाय सही समय पर अपने खून की जाँच ज़रूर करवाएँ। अपनी रोज़ाना की डाइट में दूध, दही, अंडे या फोर्टिफाइड ओट्स जैसी चीज़ें शामिल करके आप इस कमी को बहुत ही आसानी से दूर कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार अपने हाज़मे को भी हमेशा दुरुस्त रखें ताकि आपका शरीर सारा पोषण अच्छे से सोख सके। अगर आपको इसके लक्षण ज़्यादा गंभीर लगें, तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से मिलकर सही सलाह लें।

References

https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminB12-HealthProfessional/

https://www.nhs.uk/conditions/vitamins-and-minerals/vitamin-b/

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK559132/

https://www.healthline.com/nutrition/vitamin-b12-benefits

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

हाँ, अगर आप अच्छी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं, तो यह एक बड़ा संकेत हो सकता है कि शरीर में इस विटामिन की कमी है।

हाँ, यह विटामिन मुख्य रूप से मांस और अंडों में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना पड़ता है ताकि इसकी कमी न हो।

फलों में यह सीधे तौर पर नहीं मिलता है, लेकिन सेब और केले खाने से आपका पाचन तंत्र मज़बूत होता है, जिससे आँतें विटामिन्स को अच्छे से सोख पाती हैं।

अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो ताज़ा मछली, उबले हुए अंडे और चिकन इसके बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत हैं, जिन्हें आप रोज़ाना अपनी डाइट में आसानी से खा सकते हैं।

कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए। सबसे पहले अपना ब्लड टेस्ट करवाएँ और डॉक्टर के कहने पर ही कोई भी दवा या इंजेक्शन का इस्तेमाल करें।

हाँ, जब नसों को सही पोषण नहीं मिलता है और वे कमज़ोर पड़ने लगती हैं, तो कई बार आँखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है और धुंधलापन आ जाता है।

अगर आप डॉक्टर की दी हुई दवाइयाँ और सही डाइट लेते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में आपके शरीर की थकान और हाथ-पैरों की झुनझुनी पूरी तरह दूर होने लगेगी।

आयुर्वेद के अनुसार अपनी पाचन शक्ति को मज़बूत करना सबसे ज़रूरी है। इसके लिए आप रोज़ाना ताज़ा भोजन करें और अदरक जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करें ताकि आँतें पोषण सोखें।

जी हाँ, अगर आप लंबे समय तक गैस की दवाइयाँ खाते हैं, तो पेट में इसका अवशोषण रुक जाता है, जो शरीर में इसकी कमी का एक बड़ा कारण है।

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