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पूरा दिन AC में रहने के बाद बाहर निकलते ही शरीर इतना थका हुआ क्यों महसूस करता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

पूरा दिन AC की ठंडी हवा में गुज़ारने के बाद जैसे ही हम बाहर की तेज़ गर्मी में कदम रखते हैं अचानक बहुत सुस्ती और थकान लगती है। ऐसा महसूस होने का मुख्य कारण थर्मल शॉक है। जब हमारा शरीर एक नियंत्रित ठंडे तापमान से अचानक ज़्यादा गर्म वातावरण में जाता है तो उसे अपने अंदर के तापमान को सही करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में शरीर की ऊर्जा तेज़ी से खत्म होती है। इसके अलावा AC की सूखी हवा से होने वाला डिहाइड्रेशन और ब्लड सर्कुलेशन में अचानक आया बदलाव इस शारीरिक थकान और आलस को और बढ़ा देता है।

AC में रहने से शरीर थका क्यों लगता है?

जब हम लंबे समय तक एसी में बैठते हैं, तो शरीर का तापमान कम हो जाता है। इस कृत्रिम ठंडक। के लिए शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। एसी कमरे की नमी खींच लेता है, जिससे डिहाइड्रेशन होने लगता है। पानी की कमी सीधे तौर पर हमारी ऊर्जा के स्तर को गिराती है और हमें सुस्ती महसूस होती है। इसके अलावा, ताज़ी हवा का प्रवाह रुकने से ऑक्सीजन लेवल प्रभावित होता है। ये सभी कारण माँसपेशियों में तनाव और अकड़न पैदा करते हैं, जिससे बिना मेहनत किए ही हमें  थकान और भारीपन महसूस होने लगता है।

एक्सपर्ट की क्या राय  है 

एक्सपर्ट का मानना किजब शरीर अचानक 22°C से 40° के तापमान जाता है तो दिल को खून पंप करने और और शरीर को ठंडा करने के लिए दो गुनी ऊर्जा लगानी पड़ती है। बंद कमरों  में  ऑक्सीजन कि कमी और AC  की सूखी हवा से होने वाला डीहाइड्रेसन मांसपेशियों को सिकोड़ देता है। जिससे बाहर आते ही सुस्ती और भारीपन महसूस होता है। इससे बचने के लिए डॉक्टर AC का  तापमान 24°C-26°C रखने की सलाह देते हैं। 

अचानक गर्मी में जाने से क्या होता है?

ठंडे एसी कमरे से अचानक तेज़ धूप या गर्मी में जाना शरीर को एक बड़ा झटका देता है। इसे मेडिकल भाषा में थर्मल शॉक कहा जाता है। जब तापमान अचानक 15-20 डिग्री बदलता है, तो शरीर का थर्मोरेगुलेशन सिस्टम खराब हो जाता है। पसीने की ग्रंथियाँ अचानक सक्रिय हो जाती हैं और ब्लड वेसल्स फैलने लगती हैं। इस तेज़ प्रक्रिया में दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि बाहर निकलते ही आपको एकदम से चक्कर आना, तेज़ सिरदर्द, या अत्यधिक सुस्ती महसूस हो सकती है। बार-बार ऐसा होने से इम्यूनिटी कमज़ोर होती है और बीमार पड़ने का खतरा बढ़ता है।

AC में पानी की कमी क्यों हो सकती है?

एसी का मुख्य काम सिर्फ हवा को ठंडा करना ही नहीं, बल्कि नमी सोखना भी है।

  • नमी का गायब होना: एसी हवा से नमी खींच लेता है, जिससे वातावरण बहुत रूखा हो जाता है।
  • प्यास का एहसास न होना: ठंडक के कारण हमें पसीना नहीं आता और प्यास भी नहीं लगती जिससे हम पानी कम पीते हैं।
  • त्वचा का सूखना: रूखी हवा हमारी त्वचा और सांसों के जरिए शरीर की प्राकृतिक नमी को तेजी से सोखने लगती है।
  • साँसों की खुश्की: ठंडी और सूखी हवा में सांस लेने से हमारे फेफड़ों से भी नमी का नुकसान होता है, जो डिहाइड्रेशन बढ़ाता है।

AC की ठंडी हवा से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

लगातार ठंडी हवा के संपर्क में रहने से शरीर की रक्त वाहिकाएं  सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और अंगों तक खून पहुंचने में अधिक समय लगता है। खून का बहाव धीमा होने से माँसपेशियों में अकड़न, जोड़ों में दर्द और ऐंठन की समस्या शुरू हो जाती है। ठंडी हवा स्किन की प्राकृतिक नमी भी छीन लेती है, जिससे स्किन रूखी और बेजान हो जाती है। इसके अलावा, जिन लोगों को साइनस की समस्या है, ठंडी और शुष्क हवा उनकी साँस की नलियों में सूजन पैदा कर सकती है, जिससे परेशानी बहुत बढ़ जाती है।

क्या बंद कमरे की हवा थकान बढ़ाती है?

बंद कमरे की हवा थकान बढ़ाने का एक बड़ा कारण है। एसी चलाते समय दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रहती हैं, जिससे अंदर की हवा ही बार-बार सर्कुलेट होती है। ताज़ी हवा न आने से ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने लगती है। यह बढ़ा हुआ CO2 लेवल हमारे दिमाग को बहुत सुस्त कर देता है। यही कारण है कि लंबे समय तक ऐसे माहौल में रहने से सिर भारी लगता है और काम पर ध्यान करना मुश्किल हो जाता है। इससे शरीर में थकान हावी हो जाती है।

लंबे समय तक AC में रहने की गलतियां

अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं।

  • तापमान बहुत कम रखना: ACको हमेशा 18 या 20 डिग्री पर चलाना शरीर को फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है।
  • पानी बिल्कुल न पीना: ठंडक में प्यास न लगने के कारण पानी न पीना डिहाइड्रेशन होने का संकेत है।
  • एक ही जगह रहना: बिना किसी ब्रेक लिए घंटों तक ठंडी हवा में लगातार बैठे रहना और स्ट्रेचिंग न करना।
  • हवा के एकदम सामने बैठना: एसी के ब्लोअर के ठीक सामने बैठना, जिससे ठंडी हवा सीधे आपके सिर और छाती पर टकराए।

AC से बाहर आते ही सुस्ती क्यों बढ़ जाती है?

एसी से बाहर निकलते ही शरीर को एक अलग ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

  • तापमान का अंतर: ठंडे वातावरण से अचानक गर्म हवा में जाने पर शरीर खुद को एकदम एडजस्ट नहीं कर पाता।
  • ब्लड वेसल्स का फैलना: गर्मी में आते ही सिकुड़ी नसें अचानक फैलती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में बदलाव आता है।
  • पसीना निकलना: गर्मी से लड़ते हुए शरीर पसीना निकालता है, जिससे ऊर्जा तुरंत कम होने लगती है।
  • दिमाग पर असर: यह बदलाव नर्वस सिस्टम को धीमा करता है, जिससे भारी सुस्ती और नींद छा जाती है।

कब AC से होने वाली थकान चिंता की बात है?

कभी-कभी यह थकान किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

  • लगातार सिरदर्द: अगर एसी से बाहर आने के घंटों बाद भी तेज़ सिरदर्द बना रहे और दवा से भी आराम न मिले।
  • साँस लेने में दिक्कत: AC में बैठते ही छाती में भारीपन या साँस फूलने की समस्या तुरंत महसूस होना।
  • अत्यधिक सुन्नपन: हाथ-पैरों में झनझनाहट होना या उनका सुन्न पड़ जाना, जो ब्लड सर्कुलेशन की बड़ी समस्या है।
  • बुखार और कंपकंपी: थकान के साथ अचानक तेज़ बुखार आना या शरीर में बहुत ज़्यादा कंपकंपी महसूस होना।

निष्कर्ष

AC आज हमारी ज़रूरत बन गया है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल शरीर को थका और बीमार कर सकता है। बंद कमरे की सूखी हवा डिहाइड्रेशन, सुस्ती और जोड़ों के दर्द का कारण है। बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि एसी को हमेशा 24 डिग्री पर चलाएं, लगातार पानी पीते रहें और बीच-बीच में कमरे से बाहर जाकर ताज़ी हवा लें। शरीर को प्राकृतिक मौसम का अनुभव कराना भी ज़रूरी है। इन छोटी बातों का ध्यान रखकर हम बिना थके AC की ठंडक का सही तरीके से आनंद ले सकते हैं।

References

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/climate-change-heat-and-health

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10257240/

https://www.healthline.com/health/allergic-to-air-conditioning

https://www.healthline.com/health/heat-exhaustion

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

ऐसा नहीं होता लेकिन ठंडे माहौल में शरीर सुस्त हो जाता है जिससे हमारी कैलोरी बर्न होने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।

एसी हवा की पूरी नमी सोख लेता है, जिससे आंखों को गीला रखने वाले आँसू जल्दी सूख जाते हैं और जलन होने लगती है।

हाँ, सुरक्षित है। बस तापमान 25-26 डिग्री रखें और यह ध्यान दें कि हवा सीधे बच्चे के चेहरे या छाती पर न लग रही हो।

ठंडी हवा में शरीर को पसीना नहीं आता और तापमान कम रहने से दिमाग को प्यास लगने का ज़रूरी संकेत नहीं मिल पाता।

AC  की रूखी हवा बालों की प्राकृतिक नमी को काम कर देती है, जिससे बाल बहुत ज़्यादा रूखे, बेजान और कमज़ोर हो जाते हैं।

क्योंकि कार का केबिन छोटा होता है और ताज़ी हवा बिल्कुल नहीं आती, जिससे ऑक्सीजन लेवल तेज़ी से गिरता है और सुस्ती बढ़ती है।

बहुत सावधानी से, क्योंकि ठंडी हवा साँस की नलियों को सिकोड़ सकती है। इसलिए AC के फिल्टर हमेशा साफ रखने चाहिए।

नमी की कमी के कारण स्किन रूखी होकर फटने लगती है और हाइड्रेशन न मिलने से वह डार्क और बेजान नज़र आने लगती है।

थोड़ी देर कमरे से बाहर निकलकर धूप में टहलें, गुनगुना पानी पिएं, हल्की स्ट्रेचिंग करें और ज़रूरत पड़े तो सरसों के तेल से मालिश करें।

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