बालों का झड़ना एक आम बात है, लेकिन अगर बाल गुच्छों में गिर रहे हैं, तो इसके पीछे थायरॉइड एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है। असल में थायरॉइड और बालों के झड़ने का आपस में बहुत गहरा नाता है। हमारे शरीर में थायरॉइड ग्रंथि एक तरह का हार्मोन बनाती है, जो बालों की जड़ों को बढ़ने और उन्हें मज़बूत रखने का काम करता है। जब यह ग्रंथि ज़रूरत से ज़्यादा या बहुत कम हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। इसका सीधा असर हमारे बालों की जड़ों पर पड़ता है। बालों का विकास रुक जाता है और वे कमज़ोर होकर टूटने लगते हैं। कई बार लोग महँगे शैम्पू और तेल बदलते रहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि असली बीमारी तो शरीर के अंदर है। इसलिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि थायरॉइड किस तरह से बालों को अंदर से कमज़ोर कर रहा है। जब तक आप जड़ से बीमारी को नहीं समझेंगे, तब तक बालों का गिरना रोकना मुश्किल है।
थायरॉइड होने पर बालों के झड़ने की प्रक्रिया कैसे काम करती है?
यह समझना बहुत दिलचस्प है कि आखिर थायरॉइड की वजह से बाल गिरते कैसे हैं। हमारे बालों के बढ़ने का एक चक्र होता है। बाल पहले उगते हैं, फिर कुछ समय तक बढ़ते हैं और उसके बाद आराम की स्थिति में चले जाते हैं। अंत में वे झड़ जाते हैं और उनकी जगह नए बाल आते हैं। जब किसी को थायरॉइड की बीमारी होती है, तो यह चक्र पूरी तरह से टूट जाता है। थायरॉइड हार्मोन की कमी या अधिकता के कारण बाल अपने उगने वाले चरण से जल्दी निकलकर आराम वाले चरण में चले जाते हैं। इसका मतलब यह है कि नए बाल उगने की रफ्तार बहुत धीमी हो जाती है और पुराने बाल तेज़ी से गिरने लगते हैं। शरीर की ऊर्जा बालों को बढ़ाने के बजाय अन्य ज़रूरी कामों में लग जाती है। यही कारण है कि पूरे सिर के बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं। बालों की जड़ें सिकुड़ जाती हैं और वे ज़रा सा कंघी करने पर भी टूटकर हाथ में आ जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक थायरॉइड हार्मोन सामान्य नहीं हो जाता।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और त्वचा रोग विशेषज्ञ हमेशा यह सलाह देते हैं कि अगर आपके बाल अचानक से बहुत ज़्यादा झड़ने लगे हैं, तो सबसे पहले अपने खून की जाँच करवानी चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर में हार्मोन का संतुलन बालों की सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। जब थायरॉइड हार्मोन ऊपर या नीचे होता है, तो सिर की त्वचा सूखने लगती है और बालों की जड़ें अपनी पकड़ छोड़ देती हैं। जाने-माने डॉक्टरों के अनुसार, ज़्यादातर मरीज़ तब उनके पास आते हैं जब उनके बाल बहुत ज़्यादा पतले हो चुके होते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अगर आप सिर्फ बाहरी चीज़ों जैसे तेल या सीरम पर निर्भर रहेंगे, तो थायरॉइड से होने वाला हेयर फॉल कभी नहीं रुकेगा। सही समय पर हार्मोन के स्तर को कंट्रोल करना ही इसका एकमात्र पक्का इलाज है। इसके साथ ही खानपान में सही बदलाव करना भी बहुत मायने रखता है। मेडिकल साइंस साफ तौर पर कहता है कि थायरॉइड को काबू में रखकर ही आप अपने गिरते बालों को बचा सकते हैं।
थायरॉइड में बालों को बचाने के लिए ज़रूरी पोषक तत्व कितने फायदेमंद हैं?
अगर आप थायरॉइड के मरीज़ हैं और बालों को झड़ने से रोकना चाहते हैं, तो कुछ खास पोषक तत्व आपके लिए संजीवनी बूटी का काम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि ये कैसे फायदा पहुँचाते हैं:
- आयरन बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है, जिससे जड़ें अंदर से मज़बूत होती हैं और बालों का गिरना कम होता है।
- बायोटिन यानी विटामिन बी सेवन बालों की मोटाई बढ़ाने में मदद करता है। थायरॉइड में अक्सर बाल पतले हो जाते हैं, जिन्हें यह दोबारा घना बनाता है।
- जिंक एक ऐसा तत्व है जो हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है और बालों की रूखी त्वचा को नमी देता है।
- विटामिन डी बालों के नए रोम बनाने में सहायक है। इसकी कमी पूरी होने से नए बाल तेज़ी से उगने लगते हैं।
- ओमेगा थ्री फैटी एसिड सिर की त्वचा की सूजन को कम करता है और बालों में एक प्राकृतिक चमक लाता है। इन सभी चीज़ों को अपने खाने में शामिल करके आप बहुत जल्दी अच्छे नतीजे देख सकते हैं।
किन लोगों में थायरॉइड के कारण हेयर फॉल की समस्या बढ़ सकती है?
सभी थायरॉइड के मरीज़ों के बाल एक जैसे नहीं झड़ते। कुछ खास लोगों में यह समस्या बहुत ज़्यादा गंभीर रूप ले सकती है। आइए देखते हैं कि किन लोगों को सबसे ज़्यादा खतरा होता है:
- जिन महिलाओं को पीसीओडी या पीसीओएस की बीमारी है, उनमें हार्मोन का उतार-चढ़ाव पहले से ही होता है। थायरॉइड होने पर उनके बाल गुच्छों में गिरते हैं।
- जो लोग बहुत ज़्यादा तनाव या टेंशन लेते हैं, उनके शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है, जो थायरॉइड के साथ मिलकर बालों को दोगुना नुकसान पहुँचाता है।
- जिनके परिवार में पहले से ही गंजेपन या बालों के झड़ने का इतिहास रहा है, उनके लिए थायरॉइड एक ट्रिगर का काम करता है।
- जो मरीज़ अपनी थायरॉइड की दवा समय पर नहीं खाते या खुराक बीच में छोड़ देते हैं, उनका हार्मोन लेवल बिगड़ जाता है और बाल तेज़ी से गिरते हैं।
- ऐसे लोग जो सही खाना नहीं खाते और जिनके शरीर में खून की भारी कमी होती है, वे इस परेशानी का सबसे ज़्यादा शिकार होते हैं।

क्या थायरॉइड में बालों का झड़ना हमेशा के लिए होता है या बाल वापस आते हैं?
यह सवाल हर उस इंसान के मन में आता है जो थायरॉइड की वजह से अपने बाल खो रहा है। आपको यह जानकर बहुत राहत मिलेगी कि थायरॉइड के कारण होने वाला बालों का झड़ना ज़्यादातर मामलों में हमेशा के लिए नहीं होता है। जब आपके शरीर में हार्मोन का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाता है, तब बाल गिरना शुरू होते हैं। लेकिन जैसे ही आप सही इलाज लेते हैं और आपका थायरॉइड लेवल सामान्य होने लगता है, तो बाल फिर से उगने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। हालाँकि इस पूरी प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है। ऐसा नहीं है कि आपने आज दवा खानी शुरू की और कल से बाल आना शुरू हो जाएँगे। नए बाल आने और उनके पुराने जैसे घने होने में कई बार छह महीने से लेकर एक साल तक का लंबा वक़्त लग सकता है। बस आपको धैर्य रखना होगा और अपनी दवाइयों के साथ-साथ अपने खानपान का पूरा ध्यान रखना होगा। अगर आप तनाव से दूर रहेंगे, तो बाल बहुत तेज़ी से वापस लौटेंगे।
क्या रोज़ थायरॉइड की दवा खाने से भी हेयर फॉल हो सकता है?
कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उन्होंने थायरॉइड की दवा खानी शुरू की और उसके बाद ही उनके बाल ज़्यादा झड़ने लगे। असल में यह दवा का सीधा साइड इफेक्ट नहीं होता है। जब आप पहली बार थायरॉइड की गोली खाना शुरू करते हैं, तो आपके शरीर के अंदर हार्मोन का एक नया संतुलन बनने लगता है। शरीर इस नए बदलाव को समझने में थोड़ा समय लेता है। इस शुरुआती समय में बालों का झड़ना थोड़ा बढ़ सकता है। यह शरीर का एक स्वाभाविक तरीका है। जब शरीर पूरी तरह से दवा के साथ तालमेल बिठा लेता है, तो बाल गिरना खुद ही रुक जाता है। इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि दवा की खुराक आपके शरीर के हिसाब से कम या ज़्यादा होती है। अगर आपको लंबे समय तक दवा खाने के बाद भी फायदा नहीं हो रहा है, तो इसका मतलब है कि आपको अपनी खुराक बदलवाने की ज़रूरत है। इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करके जाँच करवानी चाहिए।
किन लक्षणों के दिखने पर बालों का झड़ना गंभीर मानना चाहिए?
रोज़ाना पचास से सौ बाल गिरना एक बहुत ही सामान्य बात है, लेकिन कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिन्हें आपको बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत सचेत हो जाना चाहिए:
- अगर सुबह सोकर उठने पर तकिये पर बहुत सारे बाल गिरे हुए मिलें, तो यह एक गंभीर चेतावनी है।
- नहाते समय या हल्के हाथों से बाल धोने पर अगर बाल गुच्छों में हाथ में आ रहे हों।
- सिर के बीच वाले हिस्से से बाल बहुत ज़्यादा पतले होने लगें और सिर की त्वचा साफ दिखाई देने लगे।
- अगर आपकी भौंहों के बाहरी हिस्से के बाल झड़ने लगें। यह थायरॉइड के बिगड़ने का बहुत बड़ा और पक्का लक्षण माना जाता है।
- बालों का रूखापन इतना बढ़ जाए कि वे बीच से ही टूटने लगें और दोमुंहे बालों की समस्या बहुत ज़्यादा हो जाए। इन बातों को हल्के में न लें और सही समय पर अपना इलाज शुरू करवाएँ।
थायरॉइड में हेयर फॉल रोकते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
अगर आप सच में चाहते हैं कि थायरॉइड की वजह से होने वाला हेयर फॉल रुक जाए, तो आपको अपनी जीवनशैली में कुछ कड़े नियम बनाने होंगे। सबसे पहली बात तो यह है कि अपने बालों के साथ बहुत ज़्यादा छेड़छाड़ करना बंद कर दें। बालों को सीधा करने वाली मशीन या ड्रायर की गर्मी थायरॉइड से कमज़ोर हुए बालों को तुरंत जलाकर तोड़ देती है। हमेशा बहुत ही हल्के और प्राकृतिक शैम्पू का इस्तेमाल करें जिनमें कठोर रसायन न हों। गीले बालों में कंघी करने की गलती कभी न करें, क्योंकि उस समय बालों की जड़ें सबसे कमज़ोर होती हैं। चौड़े दाँत वाली कंघी का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा अपनी नींद पूरी करना बहुत ज़रूरी है। अगर आप सात से आठ घंटे की गहरी नींद नहीं लेंगे, तो दवाइयाँ भी सही से काम नहीं करेंगी। अपने खाने में हरी सब्ज़ियाँ, ताज़े फल और मेवे शामिल करें। पानी खूब पिएँ ताकि सिर की त्वचा में नमी बनी रहे। कोई भी घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले यह ज़रूर सोच लें कि आपकी असली बीमारी अंदरूनी है।

डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए
बहुत से लोग बालों के झड़ने को मौसम का बदलाव मानकर टालते रहते हैं, लेकिन ऐसा करना भारी पड़ सकता है। आपको नीचे बताई गई स्थितियों में बिना देरी किए एक अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए:
- जब थायरॉइड की दवा नियमित रूप से खाने के बाद भी बालों का गिरना तीन महीने से ज़्यादा समय तक कम न हो।
- अगर सिर पर अचानक से गोल-गोल चकत्ते बनने लगें और वहाँ से सारे बाल गायब हो जाएँ।
- जब बालों के झड़ने के साथ-साथ आपको बहुत ज़्यादा थकान, वज़न का बढ़ना या कम होना भी महसूस होने लगे।
- अगर सिर की त्वचा में खुजली, लालिमा या बहुत ज़्यादा डैंड्रफ की समस्या पैदा हो जाए।
- अगर आपका गला सूजा हुआ महसूस हो और साँस लेने या आवाज़ में भारीपन आने लगे। ये सभी इशारे बताते हैं कि आपके शरीर को अब एक विशेषज्ञ डॉक्टर की तुरंत ज़रूरत है और घर पर बैठकर इंतज़ार करने का समय खत्म हो चुका है।
आधुनिक उपचार और आयुर्वेदिक उपचार में अंतर
थायरॉइड और हेयर फॉल के इलाज के लिए लोग अक्सर आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के बीच उलझ जाते हैं। आइए दोनों के बीच का मुख्य अंतर बहुत ही आसान शब्दों में समझते हैं
| पहलू | आधुनिक चिकित्सा (एलोपैथी) | आयुर्वेदिक दृष्टिकोण |
| मुख्य लक्ष्य | हार्मोन की कमी की पहचान कर उसे सामान्य स्तर पर बनाए रखना। | समग्र स्वास्थ्य, आहार-विहार और जीवनशैली के संतुलन पर ध्यान देना। |
| उपचार का तरीका | खून की जाँच, हार्मोन रिप्लेसमेंट या अन्य आवश्यक दवाइयाँ तथा नियमित फॉलो-अप। | जड़ी-बूटियाँ, संतुलित आहार, योग, दिनचर्या और जीवनशैली में सुधार। |
| रोग का मूल्यांकन | लैब टेस्ट, लक्षण और चिकित्सकीय इतिहास के आधार पर उपचार तय किया जाता है। | व्यक्ति की प्रकृति, लक्षण, आहार-विहार और समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर देखभाल की जाती है। |
| असर होने की गति | उचित उपचार से हार्मोन के स्तर और लक्षणों में अपेक्षाकृत जल्दी सुधार आ सकता है। | नियमित पालन के साथ धीरे-धीरे समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली में सुधार पर ध्यान दिया जाता है। |
| दीर्घकालिक दृष्टिकोण | नियमित जाँच, दवाओं का सही उपयोग और लंबे समय तक रोग नियंत्रण पर ज़ोर। | संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखने पर बल। |
निष्कर्ष
पूरी बात का निचोड़ यह है कि थायरॉइड और बालों के झड़ने का सीधा संबंध हमारे शरीर के बिगड़े हुए हार्मोन सिस्टम से है। इसे सिर्फ एक बाहरी समस्या मानकर तेल और शैम्पू के पीछे भागना समझदारी नहीं है। जब तक आप अपने थायरॉइड लेवल को कंट्रोल नहीं करेंगे, तब तक बालों को बचाना नामुमकिन है। यह बीमारी भले ही डरावनी लगती हो, लेकिन सही खानपान, समय पर दवाइयों का सेवन और एक अच्छी जीवनशैली से इसे पूरी तरह से हराया जा सकता है। आपको धैर्य रखना होगा क्योंकि बालों को दोबारा उगने में महीनों का समय लगता है। किसी भी तरह का तनाव आपके इलाज को धीमा कर सकता है, इसलिए हमेशा खुश रहने की कोशिश करें। आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद, दोनों के अपने फायदे हैं। अगर आप सही डॉक्टर की देखरेख में इलाज करवाते हैं और अपने शरीर की ज़रूरतों को समझते हैं, तो आपके बाल फिर से पहले जैसे घने और काले हो सकते हैं। खुद पर भरोसा रखें और आज से ही अपनी सेहत का ध्यान रखना शुरू करें।
References
https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/35288841/
https://www.healthline.com/health/hypothyroidism/symptoms-treatments-more

























