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Hair fall में सिर्फ shampoo बदलना काफी नहीं: hormones, digestion और stress का role

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

जब भी कंघी करते वक्त या नहाते समय गुच्छों में बाल टूटकर हाथ में आते हैं, तो हमारा सबसे पहला रिएक्शन क्या होता है? हम तुरंत इंटरनेट पर एक नया "एंटी-हेयर फॉल" शैम्पू ढूंढने लगते हैं। कोई प्याज वाला शैम्पू खरीदता है, कोई सल्फेट-फ्री विकल्प चुनता है, तो कोई महंगे सीरम और तेल लगाना शुरू कर देता है।

लेकिन सच तो यह है कि कई बार महीनों तक शैम्पू और तेल बदलने के बाद भी बाल झड़ना बंद नहीं होता। ऐसा क्यों होता है?

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बाल झड़ना हमेशा आपके सिर की स्किन या शैम्पू की प्रॉब्लम नहीं होती। कई बार इस परेशानी की असली जड़ आपके शरीर के अंदर छिपी होती है। बिगड़े हुए हार्मोन्स, खराब पाचन, हर वक्त की टेंशन और खान-पान में कमी, ये सभी चीज़ें बालों की जड़ों को अंदर ही अंदर कमज़ोर कर रही होती हैं। अगर बीमारी अंदर है, तो सिर्फ ऊपर से शैम्पू लगाने से वह कैसे ठीक हो सकती है?

बाल झड़ते क्यों हैं? पहले इस साइकिल को समझिए

सबसे पहले यह जान लें कि कुछ बालों का टूटना बिल्कुल नॉर्मल है। हमारे सिर के हर बाल की एक अपनी लाइफ (उम्र) होती है। सभी बाल एक साथ नहीं उगते और न ही एक साथ टूटते हैं।

इसे ऐसे समझिए:

  • बढ़ने का समय (Anagen): इस समय बाल अपनी पूरी स्पीड से बढ़ते हैं। यह समय 2 से 6 साल तक चलता है। आपके सिर के ज़्यादातर बाल हमेशा इसी स्टेज में होते हैं।
  • रुकने का समय (Catagen): यह एक छोटा सा समय होता है जब बाल बढ़ना रुक जाते हैं और इनकी जड़ें आराम करने की तैयारी करने लगती हैं।
  • गिरने का समय (Telogen): यह आराम का समय होता है। कुछ हफ्तों बाद पुराना बाल टूटकर गिर जाता है और उसकी जगह नया बाल उगने लगता है।

दिक्कत तब शुरू होती है जब शरीर में कोई गड़बड़ी (जैसे टेंशन, बीमारी या कमज़ोरी) आ जाती है। इस गड़बड़ी की वजह से बहुत सारे बाल समय से पहले ही अपने 'गिरने वाले समय' (Telogen) में चले जाते हैं, और आपको अचानक से भारी हेयर फॉल शुरू हो जाता है।

हार्मोन्स और बालों का बहुत गहरा रिश्ता

हमारे शरीर के हार्मोन्स उन कंट्रोलरों की तरह हैं जो शरीर के हर काम को चलाते हैं, बालों का बढ़ना भी उन्हीं के हाथ में है।

  • थायरॉयड की गड़बड़ी: अगर आपकी गले की ग्रंथि (थायरॉयड) सही काम नहीं कर रही है (चाहे वह सुस्त हो या बहुत तेज़ चल रही हो), तो इसका सीधा असर बालों की ग्रोथ साइकिल पर पड़ता है। बाल बहुत पतले, रूखे और कमज़ोर होकर टूटने लगते हैं।
  • PCOD (महिलाओं में हार्मोन्स का बिगड़ना): आजकल लड़कियों में PCOD बहुत आम है। इसमें शरीर में पुरुषों वाले हार्मोन्स (Androgens) बढ़ जाते हैं। मज़े की बात देखिए, इन हार्मोन्स की वजह से चेहरे (ठुड्डी) पर तो बाल उगने लगते हैं, लेकिन सिर के बाल झड़ने लगते हैं और मांग चौड़ी होने लगती है।
  • मेनोपॉज: 45-50 की उम्र के बाद जब महिलाओं के पीरियड्स रुक जाते हैं, तो शरीर में एस्ट्रोजन नाम का 'फीमेल हार्मोन' कम हो जाता है। इससे भी बालों का वॉल्यूम (घनापन) कम होने लगता है।

आपका पेट (Digestion) कैसे आपके बालों को गिरा सकता है?

आप दुनिया का सबसे अच्छा, महंगा और ताकतवर खाना खा रहे हैं, लेकिन फिर भी आपके बाल झड़ रहे हैं। ऐसा क्यों?

पोषण का शरीर में न लगना: अगर आपका पाचन तंत्र कमज़ोर है, तो आप जो भी प्रोटीन या विटामिन खा रहे हैं, वह आपके खून में पूरी तरह से घुल ही नहीं पाता। जब बालों की जड़ों तक आयरन, जिंक या विटामिन पहुंचेगा ही नहीं, तो वे मजबूत कैसे होंगे?

पेट की गड़बड़ियां: अगर आपको लगातार गैस, कब्ज़, एसिडिटी या पेट फूलने की शिकायत रहती है, तो यह इशारा है कि आपकी आंतें ठीक से काम नहीं कर रही हैं। पेट खराब होने का सबसे पहला असर आपकी स्किन, नाखूनों और बालों पर ही दिखाई देता है।

टेंशन आपके बालों की सबसे बड़ी दुश्मन कैसे है?

आजकल की भागदौड़ वाली ज़िंदगी में टेंशन लेना तो जैसे हमारी आदत बन गई है। लेकिन यह टेंशन सिर्फ दिमाग खराब नहीं करती, यह आपके बालों को भी बहुत नुकसान पहुंचाती है।

कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का बढ़ना: जब आप बहुत ज़्यादा टेंशन लेते हैं, तो शरीर 'कॉर्टिसोल' नाम का हार्मोन बनाता है। अगर यह हार्मोन शरीर में लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो यह बालों के उगने की स्पीड को बहुत धीमा कर देता है।

टेलोजन एफ्लुवियम (अचानक बालों का गिरना): क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपको कोई तेज़ बुखार (जैसे डेंगू या टाइफाइड) हुआ हो, या कोई बहुत बड़ा मेंटल स्ट्रेस (ब्रेकअप, नौकरी छूटना) हुआ हो, और उसके ठीक 2-3 महीने बाद अचानक आपके बाल गुच्छों में टूटने लगें? इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहते हैं। शरीर उस स्ट्रेस के झटके को सहने के लिए बालों को गिरा देता है। हालांकि, स्ट्रेस कम होने पर बाल वापस भी आ जाते हैं।

एक्सपर्ट डॉक्टर की विशेष सलाह

अत्यधिक बाल झड़ने (Hair Fall) की समस्या केवल बाहरी शैम्पू या तेल बदलने से ठीक नहीं होती, क्योंकि इसकी असली वजह शरीर के अंदरूनी तंत्र में छिपी होती है। थायराइड, PCOD या मेनोपॉज़ जैसे हार्मोनल बदलाव, कमज़ोर पाचन (शरीर द्वारा पोषण अवशोषित न कर पाना), अत्यधिक तनाव (कॉर्टिसोल बढ़ना), और प्रोटीन, आयरन, जिंक या विटामिन D/B12 की कमी बालों की जड़ों को कमज़ोर कर देती है। 

क्या विटामिन्स की कमी भी इसका कारण है?

हमारे बाल कोई घास-फूस नहीं हैं, ये मुख्य रूप से प्रोटीन (केराटिन) से बने होते हैं। अगर शरीर में कच्चे माल (विटामिन्स) की कमी होगी, तो बाल कैसे बनेंगे?

  • आयरन की कमी: शरीर में खून (हीमोग्लोबिन) कम होने से बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
  • विटामिन D: आजकल हम सब दिन भर एसी कमरों में रहते हैं, धूप नहीं लेते। विटामिन D की कमी हेयर फॉल का बहुत बड़ा कारण बन चुकी है।
  • विटामिन B12 और जिंक: ये दोनों बालों को घना और मज़बूत बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
  • प्रोटीन: अगर आप दालें, अंडे, या पनीर नहीं खाते और प्रोटीन कम लेते हैं, तो शरीर बचे हुए प्रोटीन को दिल और दिमाग जैसे जरूरी अंगों को दे देता है, और बालों को भूखा छोड़ देता है।

आयुर्वेद हेयर फॉल को कैसे समझता है?

आयुर्वेद बालों के झड़ने को सिर्फ एक बाहरी प्रॉब्लम नहीं मानता। वह कहता है कि अगर बाल झड़ रहे हैं, तो मतलब शरीर के अंदर कोई सिस्टम बिगड़ गया है।

आयुर्वेद के अनुसार, जब हमारा 'पित्त दोष' (शरीर की गर्मी) बहुत बढ़ जाता है (ज़्यादा मसालेदार खाने या टेंशन से), तो यह गर्मी सिर की तरफ जाती है और बालों की जड़ों को पका (कमज़ोर कर) देती है। इसके अलावा, अगर आपकी 'पेट की आग' (जठराग्नि) कमज़ोर है, तो आप जो भी खाते हैं, वह शरीर के काम नहीं आता (धातुओं का पोषण नहीं होता), जिससे बाल झड़ने लगते हैं।

हेयर फॉल कम करने के लिए डेली रूटीन में क्या बदलें?

अगर आप सच में अपने बालों को बचाना चाहते हैं, तो इन आसान चीज़ों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें:

  • प्लेट में ताकत लाएं: अपने खाने में खूब सारी हरी सब्ज़ियां, दालें, नट्स (बादाम, अखरोट), बीज (अलसी, कद्दू के बीज) और ताज़े फल शामिल करें। प्रोटीन पर खास ध्यान दें।
  • नींद से समझौता न करें: रात को 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद में ही शरीर अपने अंदर की टूट-फूट की मरम्मत करता है।
  • पसीना बहाएं: रोज़ 30 मिनट तेज़ वॉक करें या कसरत करें। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन तेज़ होता है और बालों की जड़ों तक खून पहुंचता है।
  • दिमाग को शांत रखें: टेंशन लेना बंद करें। योगा, ध्यान (Meditation) या गहरी सांसें (प्राणायाम) लें।
  • सिर की देखभाल: हफ्ते में एक-दो बार नारियल या बादाम के तेल से सिर की हल्की मालिश करें (बहुत ज़ोर से रगड़ें नहीं), और एक सौम्य (हल्का) शैम्पू इस्तेमाल करें।

कब डॉक्टर के पास भागना चाहिए?

बालों का थोड़ा-बहुत गिरना नॉर्मल है, लेकिन अगर आपको नीचे बताई गई दिक्कतें हो रही हैं, तो घरेलू नुस्खे छोड़कर तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • अगर बाल अचानक से बहुत भारी मात्रा में टूटने लगें।
  • अगर सिर के किसी हिस्से में सिक्कों के आकार के गोल-गोल गंजेपन के पैच बन जाएं।
  • अगर बालों के झड़ने के साथ-साथ पीरियड्स भी ऊपर-नीचे हो रहे हों।
  • अगर आपका वज़न बिना कारण बढ़ या घट रहा हो और हर वक्त भारी थकान रहती हो।
  • अगर आपके सिर में बहुत ज़्यादा खुजली, जलन या लाल दाने हो रहे हों।

ये इशारे बताते हैं कि मामला सिर्फ बालों का नहीं, अंदर की किसी बीमारी का हो सकता है।

निष्कर्ष

लंबे, घने और मज़बूत बाल किसी जादुई शैम्पू की बोतल से नहीं निकलते। उनकी असली जड़ें आपके शरीर के अंदर होती हैं।

जब आपके हार्मोन्स बैलेंस में रहते हैं, आपका पेट साफ़ रहता है, आपको पूरा पोषण मिलता है और आप एक खुशहाल (बिना टेंशन वाली) ज़िंदगी जीते हैं, तब आपके बालों की जड़ों को वह सही खुराक मिलती है जो उन्हें चाहिए।

इसलिए, अगली बार जब बाल ज़्यादा झड़ने लगें, तो सीधा नया शैम्पू खरीदने के बजाय, एक बार रुककर सोचें कि क्या आप सही से सो रहे हैं? क्या आप सही खा रहे हैं? क्या आप बहुत ज़्यादा टेंशन तो नहीं ले रहे? असली इलाज वहीं छिपा है!

References

Psychology of Hair Loss Patients and Importance of Counseling - PMC

Alopecia Areata–Hair Loss Symptoms, Types, & Causes | NIAMS

Hair loss - NHS

An overview of the genetic aspects of hair loss and its connection with nutrition - PMC

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

अगर बाल झड़ने की वजह हार्मोनल समस्या, पोषण की कमी या तनाव है, तो सिर्फ शैम्पू बदलने से खास फायदा नहीं होगा। शैम्पू केवल स्कैल्प को साफ रखता है, जबकि असली कारण का इलाज अंदर से करना जरूरी होता है।

नहीं। बाल धोते समय वही बाल अधिक दिखाई देते हैं जो पहले से गिरने वाले चरण (Telogen) में होते हैं। अपनी स्कैल्प और बालों के प्रकार के अनुसार हल्के शैम्पू का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।

बार-बार हेयर कलर, ब्लीचिंग, स्ट्रेटनिंग या अन्य केमिकल ट्रीटमेंट बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे बाल कमज़ोर होकर टूट सकते हैं, हालांकि यह हमेशा जड़ों से होने वाला हेयर फॉल नहीं होता।

हाँ। धूम्रपान शरीर में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन की आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, जिससे बालों की जड़ों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और समय के साथ बाल पतले होने लगते हैं।

लगातार धूल, धुआँ और प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्कैल्प पर गंदगी जमा हो सकती है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। इससे बालों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, इसलिए नियमित स्कैल्प की सफाई जरूरी है।

हाँ। लंबे समय तक बहुत टाइट पोनीटेल, जूड़ा या चोटी बनाने से बालों की जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है। इसे ट्रैक्शन एलोपेशिया कहा जाता है, जो समय रहते आदत न बदलने पर स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकता है।

नहीं। कई मामलों में सही कारण की पहचान करके और उसका इलाज करने पर बाल दोबारा उग सकते हैं। लेकिन कुछ प्रकार के हेयर लॉस में जल्दी इलाज शुरू करना जरूरी होता है ताकि नुकसान बढ़ने से रोका जा सके।

नहीं। बालों को ट्रिम करने से उनकी जड़ों की ग्रोथ नहीं बढ़ती। हालांकि दोमुंहे बाल (Split Ends) हटने से बाल अधिक स्वस्थ, घने और व्यवस्थित दिखाई दे सकते हैं।

हाँ। पुरुषों में आनुवंशिक (Genetic) हेयर लॉस अधिक सामान्य होता है, जबकि महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, आयरन की कमी, गर्भावस्था या मेनोपॉज जैसी स्थितियाँ अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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