मानसून में बारिश और नमी की वजह से लोग घर की खिड़कियां और दरवाज़े ज़्यादा समय तक बंद रखते हैं इससे बहार की नम हवा अंदर आने से तो रूकती है। लेकिन कमरे में मौजूद हवा का बाहर आना जाना बंद हो जाता है और रिजल्ट ये होता है की कुछ समय बाद हवा बंद बंद भरी या बासी महसूस होती है घर में लोग सांस लेते हैं खाना बनता है कपडे सूखते हैं और नमी बढ़ती है इन सबका असर कमरे की हवा पर पड़ता है। खासकर छोटे और कम हवादार कमरों में यह एहसास ज़्यादा हो सकता है। इसलिए मानसून में नमी के साथ वेंटिलेशन पे भी ध्यान देना ज़रूरी है।
मानसून में घर की हवा बंद-बंद क्यों लगती है ?
मानसून में घर की हवा बंद-बंद और भारी इसलिए लगती है क्योंकि इस मौसम में हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी बहुत बढ़ जाती है। बारिश के कारण लोग अपने घर के दरवाज़े और खिड़कियां बंद रखते हैं, जिससे ताज़ी हवा का आना जाना रुक जाता है। नमी ज़्यादा होने के कारण हमारे शरीर का पसीना आसानी से सूख नहीं पाता और हमें घुटन महसूस होती है। इसके अलावा, लगातार बारिश और धूप न निकलने से दीवारों और कमरों में सीलन पैदा हो जाती है। यह नमी और सीलन मिलकर हवा को भारी बना देते हैं जिससे घर के अंदर घुटन और अजीब सी भारीपन की स्थिति बन जाती है।
वेंटिलेशन कम होने पर घर में क्या बदलता है?
वेंटिलेशन कम होने पर घर के अंदर की हवा दूषित और बासी हो जाती है। घर में नमी बढ़ने लगती है, जिससे दीवारों पर सीलन और फफूंद उगने लगती है। ऑक्सीजन का स्तर कम होता है और कार्बन डाइऑक्साइड, धूल के कण व हानिकारक गैसें घर में ही जमा होने लगती हैं। इससे घर का वातावरण घुटन भरा और भारी महसूस होने लगता है। सीलन के कारण सामान और कमरों में अजीब सी बदबू आने लगती है। सबसे बुरा असर सेहत पर पड़ता है, जिससे लोगों को सिरदर्द, थकान, और साँस की तकलीफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
कमरे में ताज़ी हवा आने देना क्यों ज़रूरी है?
कमरे में ताज़ी हवा हवा आना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह नमी और हानिकारक गैसों को बाहर निकालती है:
- ऑक्सीजन का स्तर: ताजी हवा से कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और घुटन पैदा करने वाली कार्बन डाइऑक्साइड बाहर जाती है।
- प्रदूषण से राहत: इससे कमरे की हवा में मौजूद धूल, धुएं और पेंट या क्लीनर से निकलने वाले हानिकारक रसायन बाहर निकलते हैं।
- नमी और फफूंदी से बचाव: हवा का संचार रहने से कमरे में सीलन और फफूंदी (Mold) नहीं पनपती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है।
- संक्रमण का कम खतरा: खिड़कियां खुली रखने से हवा बदलती रहती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया एक जगह इकट्ठा नहीं हो पाते हैं।
- बेहतर मानसिक स्थिति: ताजी ऑक्सीजन मिलने से सिरदर्द कम होता है, ऊर्जा बनी रहती है और नींद अच्छी आती है।
मानसून में घर को हवादार कैसे रखें?
मानसून में घर को हवादार रखने कुछ तरीके:
- खिड़कियाँ खोल दें : बारिश रुकने या नमी कम होने पर खिड़कियाँ खोलकर ताज़ी हवा आने दें।
- पंखे का इस्तेमाल करें : पंखा चलाने से कमरे की हवा गोल गोल घूमती रहती है और बंद बंद एहसास कम हो सकता है
- गीले कपडे कमरे में न सुखाएं : इससे घर के अंदर नमी और बढ़ सकती है
- कमरों को पूरी तरह बंद न रखें : लम्बे समय तक बंद रहने वाले कमरों में समय समय पर रास्ता बनाएं
- क्रॉस वेंटिलेशन रखें : अगर संभव हो तो कमरे की दो तरफ की खिड़कियाँ या दरवाज़े कुछ देर खोलें।
घर की हवा से घुटन जैसा एहसास क्यों होता है?
घर की हवा लंबे समय तक बाहर न निकल पाए तो कमरा बंद-बंद और घुटन वाला महसूस हो सकता है। लगातार साँस लेने से कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ सकती है, जबकि ताज़ी हवा का आना कम हो जाता है। मानसून में नमी होने से यह एहसास और बढ़ जाता है गीले कपडे खाना बनाने की भाप ,बाथरूम की नमी और कई लोगों का एक ही कमरे में रहना भी हवा को भारी महसूस करा सकता है। हलांकि केवल घुटन महसूस होना हमेशा खराब हवा का संकेत नहीं होता अगर कमरे से बाहर निकलने के बाद भी साँस लेने में परेशानी बानी रहे तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
मानसून में indoor air quality कैसे बेहतर रखें?
मानसून में नमी के कारण घर की हवा खराब हो सकती है। इसे बेहतर रखने के लिए इन आसान उपायों को अपनाएं:
- नमी नियंत्रण: घर में ह्यूमिडिफ़ायर या एसी चलाएं। नमी को 50% से कम रखें।
- वेंटिलेशन: बारिश रुकने पर खिड़कियां खोलें। रसोई और बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें।
- फिल्टर सफाई: एयर प्यूरीफायर और एसी के फिल्टर को समय पर साफ करें।
- फफूंद रोकें: दीवारों और कोनों को सूखा रखें। फफूंद दिखने पर सिरके से साफ करें।
- पौधों की देखभाल: इनडोर पौधों में ज्यादा पानी न डालें, ताकि मिट्टी में नमी न सड़े।
निष्कर्ष
मानसून में नमी और बारिश के कारण खिड़कियां बंद करने से घर की हवा बासी और भरी हो जाती है। वेंटिलेशन की कमी से ऑक्सीजन घटती है, कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है और सीलन और फफूंद पैदा होती हैं। जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। इससे बचने के लिए बारिश रुकने पर क्रॉस वेंटिलेशन का ध्यान रखें एग्जॉस्ट फैन का उपयोग करें और घर में गीले कपड़ों को न सुखाएं सही वेंटिलेशन और नमी नियंत्रण से मानसून में भी घर से इंडोर हवा को ताज़ा और स्वस्थ रखा जा सकता है।
References
https://www.epa.gov/indoor-air-quality-iaq/introduction-indoor-air-quality
https://www.healthline.com/health/dry-air
https://www.sciencedirect.com/topics/physics-and-astronomy/indoor-air
https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S2214629624003517















