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Knee pain ignore करने से walking pattern कैसे बिगड़ सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 05 Aug, 2026
  • category-iconUpdated on 05 Aug, 2026
  • category-iconJoint Health
  • blog-view-icon5007

घुटनों में दर्द आज केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रहा लंबे समय तक बैठकर काम करना , खेल के दौरान लगी चोट, Gathiya या कमजोरी जैसी कई वजह से किसी भी उम्र में लोगों को घुटने का दर्द हो सकता है अक्सर लोग सोचते हैं कि यह दर्द कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन इसे नजरअंदाज करना और भी खतरनाक हो जाता है लेकिन लगातार knee pain को इग्नोर करना केवल दर्द को बढ़ता ही नहीं बल्कि वॉकिंग पैटर्न चलने के तरीके कोई प्रभावित कर सकता है|

Knee Pain Walking Pattern को कैसे प्रभावित करता है?

दर्द से बचने के लिए वजन एक पैर पर डालना जब एक घुटने में दर्द होता है तो व्यक्ति अनजाने में अपना अधिक वजन दूसरे वाले घुटने पर डालने लगता है शुरुआत में तो यह सामान्य लगता है लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है इसे दूसरे घुटने खुले और हमारे हिप पर अतिरिक्त ज़ोर पड़ता है

कदम छोटे हो जाते हैं

घुटनों में दर्द होने पर लोग सामान्य से छोटे कदम लेकर चलने लगते हैं ताकि घुटनों पर कम दबाव पड़े इससे हमारे चलने की स्पीड कम हो जाती है और शरीर की प्राकृतिक चाल बदल जाती है समय के साथ यह आदत स्थाई भी बन सकती है, बचने की कोशिश करें

लंगड़ाकर चलने की आदत

अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे तो व्यक्ति लंगड़ा का चलने लगता है यह केवल देखने में अलग नहीं लगता बल्कि शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी अतिरिक्त दबाव या तनाव डाल सकता है इससे पीठ कूल्हों और दूसरे घुटने में भी दर्द हो सकता है

मांसपेशियों की कमजोरी

दर्द के कारण लोग प्रभावित पैर पर का कम उपयोग करते हैं जिससे जांघ जैसी महत्वपूर्ण मांसपेशियां कमजोर होने लगती है कमजोर मांसपेशियां घुटने को सहारा नहीं दे पाती जिससे वह अधिक खराब हो जाता है

यदि लंबे समय तक गलत तरीके से चला जाए तो केवल घुटनों पर ही नहीं बल्कि पूरे शरीर पर असर पड़ सकता है

  • दूसरे घुटने में भी दर्द शुरू हो सकता है
  • कमर और पीठ में दर्द बढ़ सकता है 
  • कूल्हों और टखनों पर दबाव पड़ सकता है
  • मानसपेशियां जोडों में असंतुलन विकसित हो सकता है
  • दैनिक गतिविधि मतलब जो रोज की गतिविधि होती है जैसे सीधी चढ़ना ,लंबी दुरी तक चलना या खड़े रहना यह सब चीजें हमारे लिए कठिन हो सकती है 
  • लंबे समय में Osteoarthritis जैसी समस्याओं का भी खतरा बढ़ सकता है

घुटने के दर्द के लिए समग्र उपचार योजना

घुटने के दर्द से राहत पाना (symptoms) कारण पर निर्भर करता है। घरेलू व्यायामों के अलावा, एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर निम्नलिखित की सिफारिश कर सकता है

बर्फ लगाने से आराम मिलता है

सूजन को कम करने और स्थिरता प्रदान करने के लिए घुटने की संपीड़न आस्तीन “knee compression sleeve “का उपयोग करना

चोट के बाद पहले कुछ दिनों में नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं (एनएसएआईडी) का उपयोग करना, चाहे मौखिक हो या सामयिक (oral or topical)

शोध से पता चलता है कि घरेलू व्यायाम की तुलना में घुटने के दर्द को कम करने में भौतिक चिकित्सा अधिक फायदेमंद हो सकती है, इसलिए यह आपके आस-पास के विकल्पों पर गौर करने लायक हो सकता है।

यदि आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो इन्हें सामान्य दर्द समझकर अनदेखा न करें

  •  चलते समय लगातार घुटनों में दर्द होना
  •  सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय तकलीफ होना
  •  घुटने में सूजन या जकड़न महसूस होना
  •  चलते समय क्लिक या क्रैकिंग की आवाज आना
  •  लंगड़ाकर चलना
  •  दर्द के कारण Walking Speed कम हो जाना

यह संकेत बताते हैं की दिक्कत केवल अस्थाई नहीं भी हो सकती है समय पर रहते हुए जांच करवाना बहुत आवश्यक है

Walking Pattern को सामान्य रखने के लिए क्या करें?

यदि घुटनों में दर्द है तो सबसे पहले उसकी वजह जानना जरूरी है सही समय पर इलाज शुरू करने से Walking Pattern को बिगड़ने से रोका जा सकता है

इसके अलावा

  • डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार एक्सरसाइज करें
  • जंग और काले की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज 
  • अपने शरीर का वजन नियंत्रित रखें ताकि घुटनों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े
  • लंबे समय तक लगातार खड़े रहने या बैठने से बचें
  • आरामदायक और स्पॉटी फुटवियर पहने दर्द लगातार बना रहे तो खुद दवा लेने की बजाय किसी विशेषज्ञ की सलाह लें

निष्कर्ष

Knee Pain को केवल एक छोटी तकलीफ मानकर Ignore करना भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है दर्द से बचने के लिए शरीर अपनी चाल बदल देता है जिससे Walking Pattern प्रभावित होता है यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो दूसरे जोड़ों मांसपेशियों और रीढ़ पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है इसलिए यदि घुटनों का दर्द कुछ दिनों से अधिक समय तक बना रहे या चलने का तरीका बदलता महसूस हो तो समय पर Doctor की सलाह लेना और उचित उपचार शुरू करना बेहतर होता है सही देखभाल  व्यायाम और शुरुआती उपचार न केवल दर्द को कम करने में मदद करते हैं बल्कि आपकी सामान्य चाल संतुलन और जीवनशैली को भी बनाए रखते हैं 

References

Gait alterations associated with worsening knee pain and physical function: a machine-learning approach with wearable sensors in the Multicenter Osteoarthritis Study - PMC

10 Visuals of Exercises to Help Relieve Knee Pain

Exercises for knee muscle and joint problems | NHS inform

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

इसे अनदेखा करने से दर्द बढ़ सकता है और आपके चलने का तरीका (Walking Pattern) बिगड़ सकता है।

इससे कमर, कूल्हों और दूसरे घुटने पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

हाँ, दर्द के कारण पैर का उपयोग कम होने से जांघ की मांसपेशियां कमज़ोर हो सकती हैं।

दर्द से बचने के लिए लोग छोटे कदम रखते हैं, जिससे चाल की गति धीमी हो जाती है।

हाँ, इससे पीठ और कूल्हों में पुराना दर्द हो सकता है।

सही व्यायाम, वजन नियंत्रण और फिजियोथेरेपी की सलाह लें।

यदि दर्द कुछ दिनों से ज्यादा रहे या चलने के तरीके में बदलाव महसूस हो।

सीढ़ियां चढ़ते समय तकलीफ, सूजन या चलते समय चटकने (clicking) की आवाज आना।

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