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रविवार रात नींद खराब होना सिर्फ Monday anxiety है या routine का असर?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

रविवार की रात बेड पर जाते ही अचानक से नींद गायब हो जाना बहुत लोगों के साथ होता है अगले दिन ऑफिस कॉलेज या काम पर लौटने का ख्याल आते ही मन में बेचैनी शुरू हो सकती है| कभी-कभी बार-बार घड़ी देखना, फोन चलाना या सोमवार के कामों के बारे में सोचना नींद को मुश्किल बना देता है इसे अक्सर मंडे एंजायटी कह दिया जाता है लेकिन हर बार इसकी वजह  केवल सोमवार का तनाव नहीं होता कई मामलों में पूरी वीकेंड की बदली हुई रूटिंग भी रविवार को रात की नींद बिगाड़ सकती है या प्रभाभित कर सकती है | 

रविवार रात को नींद क्यों बदल जाती है ? 

हमारे शरीर को एक नियमित sleep cycle पसंद आती है अगर व्यक्ति सप्ताह के दिनों में एक निश्चित समय पर उठता है, लेकिन शनिवार और रविवार बहुत देर तक सोता है तो शरीर का इंटरनल क्लॉक थोड़ी बदल सकती है , उदाहरण के लिए अगर आप सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:00 बजे उठते हैं लेकिन वीकेंड पर 10:00 बजे या 11:00 बजे उठते हैं तो रविवार रात तक शरीर को उतनी जल्दी नींद महसूस ना होना नॉर्मल है या स्वाभिक है ,यानी समस्या हमेशा यह नहीं होती की सोमवार आने वाला है कभी-कभी शरीर को ही समझ नहीं आता की अब फिर से वीकेंड रूटिंग शुरू करनी है

Weekend पर ज्यादा सोना भी कारण हो सकता है| 

शनिवार को देर रात तक जागना ,रविवार को देर तक सोना एक तरह से छोटी सी sleep shift पैदा कर सकता है ,रविवार की सुबह ज्यादा सोने से आपको दिन में थकान कम महसूस हो सकती है ,लेकिन रात में स्लिप प्रेशर उतना मजबूत नहीं बनता, नतीजा यह हो सकता है कि आप अपने सामान्य बेड टाइम पर बिस्तर पर तो चले जाए लेकिन नींद आने में ज्यादा समय लगे,इसलिए वीकेंड पर आराम करना गलत नहीं है लेकिन सोने और जगने के समय में बहुत बड़ा अंतर,आप को प्रभावित कर सकता है 

Monday Anxiety की भूमिका कब ज्यादा  हो सकती है ? 

अगर रविवार रात को नींद खराब होने के साथ-साथ सोमवार को लेकर ऐसे लगता है की चिंता है मन में, तो mental stress भी महत्वपूर्ण कारण हो सकता है, मन में ऐसे विचार घूम सकते हैं जैसे कि

  • सोमवार को बहुत काम करना है
  • कोई important meeting है
  • pending काम पूरा करना है
  • boss या colleague से बात करनी है
  • पूरे सप्ताह का work लोड भारी लग रहा है

 छुट्टी खत्म होने का दुःख होरा है ,जब दिमाग कई बार इन्हीं बातों को दोहराता है तो शरीर आराम की स्थिति में आने की वजह alert mode में रह जाता है ऐसे में बिस्तर पर लेटना सोने की कोशिश करना भी कभी-कभी उल्टा असर करता है व्यक्ति सोचता है मुझे सो जाना चाहिए जो प्रेशर आपकी नींद को और भी ज्यादा डिस्टर्ब कर देता है 

रविवार रात की नींद को बेहतर करने के आसान तरीके 

वीकेंड में wake up टाइम बहुत ना बदले

थोड़ा ज्यादा सोना ठीक है लेकिन रोज के मुकाबले कई घंटे देर तक उठने की आदत स्लिप शेड्यूल को disturb कर सकती है कोशिश करें कि वीकेंड और week days के wake up टाइम में बहुत बड़ा अंतर न हो

रविवार शाम को हल्की एक्टिविटी रखें

श्याम की हल्की एक्टिविटी या स्ट्रेचिंग या सामान्य फिजिकल एक्टिविटी शरीर को रात में आराम के लिए तैयार करने में मदद कर सकती है

शाम के बाद caffine पर ध्यान दें

ध्यान दे की आप ज्यादा कैफीन का consume ना करें जैसे चाय या कॉफी का ज्यादा प्रयोग ना करें इससे भी हमारी नींद प्रभावित होती है

अगर आप monday को कहीं जाने वाले हैं तो उसकी तैयारी पहले ही कर ले

आप एक स्टूडेंट है कॉलेज जाते हैं या फिर काम पर जाने वाले हैं तो उस सब की तैयारी आपको तुरंत सुबह करने की जरूरत नहीं है एक दिन पहले ही कर ले जिसकी वजह से आपको सुबह की टेंशन ना हो

डिनर टाइम का ध्यान दें

ध्यान रखिए की शाम का खाना आपको जितना हो सके जल्दी खा लेना है रात में खाना खाने से आपकी circadian rhythm पर फर्क पड़ता है जिसकी वजह से नींद आने में लेट भी हो सकता है और आपको डाइजेशन की दिक्कत हो सकती है|

अगर यह लक्षण आपको बहुत दिनों से हो रहे हैं तो 

अगर आपको यह लक्षण बहुत दिनों से हो रहे हैं और आपको आराम भी नहीं आ रहा है तो निश्चित रूप से हो सकता है कि जो आपकी बीमारी है उसकी जड़ कुछ और हो और हो सकता है आप किसी और बीमारी से भी ग्रस्त हो जैसे की

  • Depression 
  • Insomia 
  • Stress and Anxiety 
  • Cortisol increase (स्ट्रेस हॉर्मोन ) 
  • Insulin spike 
  • Digestion issue (पेट की समस्या) 
  • अन्य कोई पुराणी मडिकल हिस्ट्री

निष्कर्ष 

नींद का बिगड़ना एक सामान्य दिक्कत है , लेकिन अगर आपकी यह समस्या बढ़ जाये तो आपके लिए परेशानी की बात हो सकती है, इसलिए अनदेखा बिलकुल न करे अगर आपको ऊपर दी गयी समस्यों में से कुछ भी दिक्कत आरी है और सब कुछ सही करते हुए भी लक्षण बने हुए है तो आपको निश्चित ही आपको किसी अच्छे डॉक्टर की दिखाने की आवयश्कता है , जो आपको आपकी प्रवर्ति के अनुसार चेक करे तोह आपकी दिक्कत और जीवनशैली को सही करने का ट्रीटमेंट करे|

References

Sleep and anxiety disorders - PMC

Morning Anxiety: Why Do I Get It and How To Cope

What are Sleep Disorders?

The Connection Between Anxiety and Poor Sleep

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

क्योंकि आपका शरीर स्थायी sleep cycle पसंद करता है और वीकेंड रूटीन में बदलाव होने से इंटरनल क्लॉक प्रभावित हो सकता है, जिससे आराम से सोना मुश्किल हो सकता है।

ओवर-सोना Saturday-Sunday को Sleep shift पैदा कर सकता है; रविवार रात को जल्दी सोना भी मुश्किल हो सकता है क्योंकि उसी shift को फिर से सेट करना पड़ता है।

सोमवार के लिए काम का दबाव, meetings, pending tasks आदि के विचार मन में तनाव बनाते हैं, जिससे brain alert रहता है और सोना मुश्किल होता है।

Weekend में wake-up time में अधिक अंतर न रखें; रविवार को हल्की एक्टिविटी, शाम को caffeine कम करें, dinner जल्दी करें और light stretching करें।

हल्की शाम की गतिविधियाँ करें (stretching, घर के काम), caffeinated drinks शाम को न लें, रात के खाने को जल्दी और हल्का रखें, फोन-स्क्रीन से दूरी रखें।

हाँ, शाम को ज्यादा caffeine लेने से circadian rhythm प्रभावित होता है और नींद देर से आती है।

हाँ, हल्की कसरत/stretching से शरीर को आराम मिलता है और रात को सोने में मदद मिलती है।

रात का खाना जल्दी और हल्का रखना circadian rhythm को सपोर्ट करता है; देर रात का भोजन digestion को परेशान कर सकता है और नींद बिगाड़ सकता है।

हाँ, स्क्रीन से निकलने वाली blue light circadian rhythm को disturb कर सकती है; सोने से कम से कम 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद करें।

अगर लगातार सप्ताहों तक sleep problems हैं, daytime fatigue, mood changes, concentration issues, तो insomnia या depression जैसे मुद्दे हो सकते हैं; डॉक्टर से जाँच जरूरी है।

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