बच्चों में weekend sleep timing बदलना Monday mood को कैसे प्रभावित कर सकता है

Information By Dr. Mukesh Sharma     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 10 Oct, 2026
  • category-iconUpdated on 10 Oct, 2026
  • category-iconChild Health
  • blog-view-icon5007

Weekend आते ही बच्चों की sleep timing बदलना आम बात है। स्कूल के दौरान बच्चे सुबह जल्दी उठते हैं और रात को भी समय पर सो जाते हैं। Saturday-Sunday आते ही वो मौज-मस्ती करने लगते हैं और देर तक सोते-जागते हैं। पेरेंट्स भी उन्हें कुछ नहीं बोलते क्योंकि वो पूरे हफ्ते जल्दी उठते है। 

बच्चे दो दिन देर से सोना, देर से उठना और दिन में भी देर तक सोना पसंद करते है।  माता-पिता भी खुश होते हैं कि चलो बच्चे आराम कर रहे हैं। 

Weekend पर बिगड़ी sleep timing की वजह से बच्चों को Monday सुबह उठने में परेशानी होती है। पर्याप्त नींद लेने के बाद भी वो चिड़चिड़े, सुस्त और थके हुए होते हैं। 

Weekend Sleep Timing के बदलने से Monday Mood क्यों प्रभावित होता है?

Weekend पर बच्चे देर तक जागते है और सुबह देर से उठते है, जिस वजह से उन्हें Monday सुबह उठने में परेशानी होती है उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती, पर्याप्त नींद लेने के बाद भी वह चिड़चिड़ा, सुस्त और थका हुआ महसूस करते है। 

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि weekend और स्कूल के दिनों में उठने के समय में ज्यादा अंतर आ जाता है। इस वजह से शरीर की biological clock  बिगड़ जाती है, और शरीर को ऐसा लगता है कि उसने कोई time zone पार कर लिया है। यही वजह है जिससे बच्चों का mood चिड़चिड़ा हो जाता है और ध्यान केंद्रित करने में भी कमी आती है। 

Sunday सुबह देर से उठने के कारण, बच्चों का दिमाग sunday रात को नींद के हॉर्मोन उचित तरीके से रिलीज़ नहीं कर पाता जिस वजह से उन्हें देर से नींद आती हैं और monday सुबह जल्दी उठने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती जिस वजह से उन्हें monday को थकान होती हैं।   

यदि ये time gap 2 घंटों  तक का होता है तो इससे बच्चों की sleep cycle पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है। Sunday मॉर्निंग वॉक से बच्चों की sleep cycle संतुलित रहती हैं। 

Weekend Sleep Timing के बदलने से Monday Mood कैसे प्रभावित होता है? 

बच्चों की Weekend Sleep timing बदलने से उनका Monday मूड गंभीर रूप से प्रभावित होता है, क्योंकि देर तक जागने और देर तक सोने में उनकी Sleep cycle बिगड़ जाती है, जिस वजह से उन्हें Sunday रात सोने में और Monday सुबह उठने में परेशानी होती है, और नींद पूरी न होने की वजह से वे Monday सुबह चिड़चिड़े, गुस्से में और सुस्त प्रतीत होते हैं। 

बच्चों का mood इन कारणों से प्रभावित होता है:

  • चिड़चिड़ापन: Weekend पर बिगड़ी sleep cycle की वजह से Monday  सुबह बच्चे गहरी नींद में होते हैं और सुबह जल्दी उठने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं होती, तो उठने के बाद वो तुरंत active नहीं हो पाते हैं। उनका चिड़चिड़ापन और aggression बढ़ जाता है।
  • काम में मन न लगना: Sleep  cycle प्रभावित होने की वजह से हमारा मस्तिष्क प्रभावित होता है, जो हमारे emotions को नियंत्रित करता है, जिस वजह से बच्चे Monday सुबह जरूरत से ज्यादा सुस्ती, उदासी और काम में मन न लगने की शिकायत करते हैं। 

नींद पूरी न होने की वजह से बच्चें monday सुबह थकान महसूस करते हैं जिस वजह से वो स्कूल में मन न लगने की शिकायत करते हैं। चिड़चिड़ा महसूस करते हैं और पढ़ने और सीखने में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Weekend Sleep Timing के बदलने से Monday Mood को ठीक कैसे करें ?

Weekend पर बच्चों का देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना स्वाभाविक है, पर ऐसा करने से बच्चों की biological  clock बिगड़ जाती है, जिस वजह से उन्हें Monday की सुबह उठना मुश्किल लगता है, जिससे वो चिड़चिड़े और सुस्त हो जाते हैं। 

इस बिगड़े हुए Monday mood को ठीक किया जा सकता है अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए। 

देर तक सोने की वजह से बच्चों का शरीर monday सुबह जल्दी उठने के लिए तैयार नहीं होता हैं जिसका नकारात्मक असर बच्चों के mood पर पड़ता हैं। 

Monday mood  ठीक करने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं:

बच्चों के weekends और weekdays पर सोने के समय में 2 घंटे से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए। यदि बच्चा स्कूल के दिनों में सुबह 6 बजे उठता है, तो उसे Weekend पर 8 बजे तक उठा देना चाहिए।  देर तक सोने की वजह से उसे Sunday रात को नींद नहीं आएगी, जिस वजह से उसे Monday सुबह उठने में परेशानी होगी।  

बच्चों के screen time को नियंत्रित रखना चाहिए। सोने से एक घंटे पहले कोशिश करे की उन्हें screen  से दूर कर दे क्योंकि screen से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद के हॉर्मोन को रोकती हैं जिससे बच्चों को नींद जल्दी नहीं आती हैं। 

सोने का रूटीन consistent रखना चाहिए, weekdays हों या weekend;  बच्चों को एक ही समय पर सोना और जागना चाहिए।  अच्छी नींद के लिए बच्चों के रात के रूटीन को शांतिपूर्वक बनाना चाहिए। 

कोशिश करें कि बच्चे Monday सुबह पर्याप्त धूप लें। धूप के संपर्क में आने से बच्चों का मस्तिष्क अलर्ट होता है।  

ऐसा करने से बच्चों की sleep  cycle और mood दोनों ही नियंत्रित रहते हैं।  

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में नियमित दिनचर्या को healthy lifestyle का जरूरी हिस्सा माना गया हैं। दिनचर्या में सोने और जागने के समय को भी शामिल किया गया है। शरीर और मन को एक नियमित rhythm मिलने से दिनचर्या अधिक संतुलित रहती है। 

बच्चों के लिए शांत और संतुलित रूटीन बनाना इस दृष्टिकोण से भी उपयोगी माना गया है। रात में देर तक जागना और अनियमित दिनचर्या से बचना जरूरी हैं। 

सोने से पहले शांत वातावरण और हलकी गतिविधियां, जैसे गुनगुने पानी से हाथ मुँह धोना, किताबे पढ़ना, शांत संगीत सुनना, इससे शरीर और सोने से पहले का रूटीन नियंत्रित रहता हैं। देर तक जागने और देर तक सोने की वजह से बच्चों के दोष और गुण असंतुलित हो जाते हैं। 

देर रात तक जागने से शरीर में वात दोष बढ़ जाता हैं जिस वजह से सोमवार सुबह चिड़चिड़ापन, थकावट और ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी समस्या होती हैं। 

सुबह देर तक सोने की वजह से बच्चों के शरीर में कफ और वात गुण  बढ़ जाता हैं जिस वजह से बच्चों में आलस देखा जाता हैं। 

Biological clock बदलने के कारण बच्चों की पाचन अग्नि मंद हो जाती है। 

निष्कर्ष

Weekend पर देर से सोना और सुबह देर से उठना बच्चों के लिए आराम का एक अच्छा साधन हो सकता है, पर weekdays और weekend की सोने की timing में बड़ा अंतर बच्चों की biological clock को बिगाड़ सकता है, जिसका परिणाम Monday की सुबह देखा जा सकता है।

बच्चों में ऊर्जा की कमी, काम में मन नहीं लगना, थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान एकाग्र करने में दिक्क्त, स्कूल में चीज़े सीखने में परेशानी और अत्यधिक आलस आदि परेशानियां weekend में बिगड़ी sleep timing की वजह से होती हैं।  

इन परेशानियों को ठीक करने के लिए कोशिश करें कि weekend की sleep timing में ज्यादा बड़ा अंतर न आए और रात में सोने का रूटीन शांतिपूर्वक बनाएँ। कोशिश करे हलकी गतिविधियां बच्चों से कराएं उन्हें स्क्रीन से दूर रखे और शांतिपूर्ण वातावरण बना कर उन्हें समय से सुला दें । ऐसा करने से monday को बच्चों का mood खराब होने के बजाय वे फ्रेश व एक्टिव महसूस करेंगे । 

Reference 

A Nightly Bedtime Routine: Impact on Sleep in Young Children and Maternal Mood - PMC

The Impact of Weekday-to-Weekend Sleep Differences on Health Outcomes among Adolescent Students - PMC

Sleep‐Timing Types and Weekend Catch‐Up Sleep Patterns Associated With Above‐Threshold Anxiety Symptoms in College Students: 28‐Day Objective Monitoring - PMC

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

Weekend पर देर से सोने से बच्चे सोमवार को चिड़चिड़े, थके हुए या सुस्त महसूस कर सकते हैं। 

3 से 5 साल के बच्चों को 10 से 13 घंटे, 6 से 12 साल के बच्चों को 9 से 12 घंटे, और 13 से 18 साल के बच्चों को 8 से 10 घंटे की नींद लेनी चाहिए। 

हाँ, देर से उठने से बच्चों की प्राकृतिक घड़ी बिगड़ जाती है जिस वजह से उनकी नींद की आदत बिगड़ सकती है और उन्हें रात में जल्दी सोने में भी परेशानी हो सकती है। 

पर्याप्त नींद न मिलना, स्कूल की दिनचर्या में दोबारा लौटना और अनियमित नींद  के कारण बच्चे monday सुबह चिड़चिड़ापन महसूस कर सकते है। 

हां, सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल बच्चों की नींद को प्रभावित कर सकता है। इससे बच्चों को नींद न आने की परेशानी हो सकती है। 

बच्चों को रोज़ाना एक ही समय पर सुलाएं और जगाएं। weekend पर भी उनके सोने और जागने के समय में ज्यादा बड़ा बदलाव न करें। 

हां, दोपहर में ज्यादा देर तक सोने से बच्चों की नींद प्रभावित हो सकती है। कुछ बच्चों को रात में जल्दी नींद न आने की परेशानी हो सकती है। 

Top Ayurveda Doctors

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us