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Skin allergy बार-बार लौट रही है तो root cause क्या हो सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

अगर आपकी त्वचा पर बार बार लाल चकत्ते उभर आते हैं या अचानक से तेज़ खुजली शुरू हो जाती है तो इसे हल्के में न लें। हम अक्सर सोचते हैं कि किसी साबुन या बाहर की धूल मिट्टी की वजह से ऐसा हुआ है और मेडिकल स्टोर से कोई भी क्रीम लाकर लगा लेते हैं। कुछ दिन के लिए दाने दब जाते हैं लेकिन जैसे ही हम क्रीम लगाना छोड़ते हैं यह स्किन एलर्जी फिर से लौट आती है। यह इस बात का पक्का इशारा है कि परेशानी आपकी त्वचा के ऊपर नहीं बल्कि आपके शरीर के अंदर पल रही है। आइए एकदम आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि यह एलर्जी बार बार वापस क्यों आती है और इसका पक्का इलाज कैसे किया जा सकता है।

त्वचा की एलर्जी बार बार वापस क्यों आ जाती है

जब भी शरीर में कोई बाहरी तत्व घुसने की कोशिश करता है तो हमारा इम्यून सिस्टम यानी शरीर की रखवाली करने वाली प्रणाली उससे लड़ती है। जब यह सिस्टम कमज़ोर पड़ जाता है या किसी आम चीज़ जैसे धूल धूप या खाने की किसी चीज़ को अपना दुश्मन मान लेता है तो वह त्वचा पर दाने या खुजली के रूप में अपना गुस्सा निकालता है। इसे ही हम स्किन एलर्जी कहते हैं। क्रीम या लोशन सिर्फ आपकी त्वचा को ऊपर से शांत करते हैं। लेकिन जब तक आपके खून में मौजूद वह असली कारण दूर नहीं होता, ये दाने बार-बार निकलते रहेंगे। आपका शरीर आपसे यह कह रहा है कि खून की सफाई और अंदरूनी ताक़त पर ध्यान दें।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

स्किन के डॉक्टर इस परेशानी को बहुत गंभीरता से लेते हैं। उनका मानना है कि अगर कोई एलर्जी एक या दो बार होकर ठीक हो जाए तो वह मौसम का असर हो सकता है। लेकिन अगर स्किन एलर्जी हर महीने या हर मौसम में लौट रही है तो यह किसी बड़ी अंदरूनी बीमारी की शुरुआत हो सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि कई बार पेट की खराबी या लिवर में जमा गंदगी सीधा आपकी त्वचा पर दिखाई देती है। ज़्यादातर लोग बिना डॉक्टर से पूछे स्टेरॉयड वाली क्रीम लगा लेते हैं जो त्वचा को कागज़ जैसा पतला और कमज़ोर बना देती है। इसलिए इसका असली कारण पकड़ना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।

हम त्वचा को नुकसान पहुँचाने वाली कौन सी गलतियाँ करते हैं

हम अनजाने में कुछ ऐसी आदतें पाल लेते हैं जो स्किन एलर्जी को बुलावा देती हैं और उसे ठीक नहीं होने देतीं।

  • खराब और तेज़ खुशबू वाले साबुन: नहाने के लिए ऐसे साबुन इस्तेमाल करना जिनमें बहुत ज़्यादा केमिकल और परफ्यूम होता है वह त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं।
  • कपड़े धोने का पाउडर: अगर कपड़ों में सर्फ अच्छे से न धुले तो पसीना आने पर वह केमिकल त्वचा से चिपक जाता है और लाल दाने निकाल देता है।
  • गर्म पानी से नहाना: बहुत तेज़ गर्म पानी से नहाने से त्वचा का अपना तेल खत्म हो जाता है और सूखी त्वचा पर एलर्जी बहुत जल्दी होती है।
  • गीले कपड़े पहनना: बरसात या पसीने से भीगे कपड़े देर तक पहने रहने से फंगस और बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से फैलते हैं।

इस बार बार होने वाली एलर्जी से कितने प्रतिशत लोग परेशान हैं

आज के समय में बढ़ता प्रदूषण और मिलावटी खाना इस बीमारी को बहुत तेज़ी से बढ़ा रहे है। त्वचा रोगों पर हुई कई रिसर्च बताती हैं कि बड़े शहरों में रहने वाले लगभग तीस से चालीस प्रतिशत लोग किसी न किसी तरह की स्किन एलर्जी से जूझ रहे हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन युवाओं और बच्चों की है जो बाहर का जंक फूड ज़्यादा खाते हैं या प्रदूषण भरे माहौल में काम करते हैं। महिलाओं में भी साफ सफाई के केमिकल और कॉस्मेटिक के बहुत ज़्यादा इस्तेमाल के कारण यह एलर्जी और दाने निकलने की परेशानी बहुत ज़्यादा देखने को मिल रही है।

इस खुजली और रैशेज की परेशानी से खुद को कैसे बचाएँ

इस बार बार लौटने वाली एलर्जी से बचने का सबसे आसान तरीका है अपने शरीर की सफाई और कपड़ों का खास ध्यान रखना। सूती और ढीले कपड़े पहनने की आदत डालें ताकि त्वचा आसानी से साँस ले सके। नहाने के बाद पूरे शरीर पर नारियल का तेल या कोई अच्छा मॉइस्चराइजर ज़रूर लगाएँ क्योंकि रूखी त्वचा पर खुजली सबसे पहले हमला करती है। धूप में निकलने से पहले चेहरा और हाथ-पैर अच्छे से ढक लें। जिस भी चीज़ से आपको लगता है कि खुजली बढ़ती है जैसे कोई खास परफ्यूम या नकली गहने उन्हें तुरंत खुद से दूर कर दें।

किन लोगों को स्किन एलर्जी का खतरा सबसे ज़्यादा रहता है

कुछ खास कमज़ोरी और परेशानी वाले लोगों को त्वचा की यह दिक्कत बहुत जल्दी पकड़ती है और लंबे समय तक परेशान करती है।

  • पेट की गैस वाले लोग: जिनका हाजमा हमेशा खराब रहता है और पेट में कब्ज़ रहती है उनके शरीर की गंदगी त्वचा के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश करती है।
  • लिवर के कमज़ोर मरीज़: अगर लिवर सही से खून साफ नहीं कर पाता तो खून में एसिड बढ़ जाता है जिससे पूरे शरीर में तेज़ खुजली होने लगती है।
  • कमज़ोर इम्युनिटी वाले: जो लोग बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं उनका शरीर बाहरी कीटाणुओं से लड़ नहीं पाता और स्किन लाल हो जाती है।
  • तनाव लेने वाले लोग: बहुत ज़्यादा टेंशन लेने से शरीर में ऐसे केमिकल बनते हैं जो त्वचा की एलर्जी को भड़काने का काम करते हैं।

क्या त्वचा को बेदाग रखने के लिए लाइफस्टाइल बदलना ज़रूरी है

बिल्कुल ज़रूरी है। बिना अपनी दिनचर्या सुधारे आप इस जिद्दी एलर्जी को नहीं भगा सकते। दिन भर एसी में बैठे रहने से हमारी त्वचा बिल्कुल बंद हो जाती है और रोम छिद्रों में गंदगी जमने लगती है। रोज़ाना पसीना बहाना बहुत ज़रूरी है। जब आप कसरत करते हैं और पसीना निकलता है तो शरीर के सारे ज़हरीले तत्व बाहर आ जाते हैं और स्किन चमकने लगती है। इसके अलावा दिन भर में भरपूर पानी पिएँ। शरीर में पानी की कमी होने से त्वचा अंदर से सूख जाती है और खुजली शुरू हो जाती है। अपनी जीवनशैली को जितना सादा रखेंगे, त्वचा उतनी ही अच्छी रहेगी।

एलर्जी के खतरनाक होने के शुरुआती इशारे कैसे पहचानें

अगर यह एलर्जी किसी गंभीर बीमारी का संकेत है तो आपका शरीर आपको कुछ खास इशारे ज़रूर देगा जिन्हें समझना बहुत ज़रूरी है।

  • पूरे शरीर में तेज़ खुजली: दाने न होने के बाद भी अगर रात को सोते समय पूरे बदन में सुइयाँ चुभने जैसी खुजली हो।
  • चकत्तों से खून आना: खुजाते खुजाते अगर स्किन छिल जाए और उसमें से खून या पानी निकलने लगे तो यह इन्फेक्शन का इशारा है।
  • दवाइयों का असर न होना: अगर आप हफ्तों से दवा खा रहे हैं और फिर भी दाने बढ़ते ही जा रहे हैं तो मामला थोड़ा गंभीर हो सकता है।
  • साँस लेने में दिक्कत: कई बार स्किन एलर्जी के साथ अगर होंठों पर सूजन आ जाए और साँस फूलने लगे तो यह एक बड़ी इमरजेंसी है।

स्किन एलर्जी ठीक करने के लिए खानपान में क्या ध्यान रखें

आपकी त्वचा बाहर से कैसी दिखेगी यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप अंदर से क्या खा रहे हैं।

  • विटामिन सी वाली चीज़ें खाएँ: आँवला नीबू और संतरा जैसे फल खून को साफ करते हैं और एलर्जी से लड़ने की ताक़त देते हैं।
  • कड़वी चीज़ों का सेवन: नीम गिलोय और करेला जैसी कड़वी चीज़ें खून की सारी गंदगी को निचोड़ कर बाहर निकाल देती हैं जिससे दाने नहीं होते।
  • तला भुना बिल्कुल छोड़ दें: समोसे पकोड़े और मैदे वाली चीज़ें शरीर में गर्मी पैदा करती हैं जो एलर्जी को और ज़्यादा भड़काती हैं।
  • नमक और चीनी कम करें: बहुत ज़्यादा सफेद नमक और मीठा खाने से भी स्किन का इन्फेक्शन तेज़ी से बढ़ता है इसलिए इन्हें कम कर दें।

तनाव और खराब आदतों से त्वचा को कैसे बचाकर रखें

आजकल हम हर छोटी बात का बहुत ज़्यादा तनाव लेते हैं। आपको शायद पता न हो लेकिन आपके दिमाग की उलझन का सीधा असर आपकी त्वचा पर पड़ता है। जब आप गुस्से या टेंशन में होते हैं तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है जो त्वचा को लाल और रूखा बना देता है। अपनी ऊर्जा को फालतू की बातों में बर्बाद न करें। जिन चीज़ों पर आपका कंट्रोल नहीं है उनके बारे में सोचना बंद कर दें। सुबह उठकर योग या ध्यान लगाने से दिमाग शांत होता है और खून का बहाव सुधरता है। जब आपका मन अंदर से खुश रहेगा तो त्वचा पर एलर्जी कभी टिक ही नहीं पाएगी।

डॉक्टर से कब मिलें

अगर आप घर के सारे तरीके अपना चुके हैं और फिर भी दाने कम नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए।

  • लगातार बुखार रहना: अगर खुजली और दानों के साथ आपको हल्का बुखार भी रहने लगा है तो यह खून में इन्फेक्शन का संकेत है।
  • चेहरे और आँखों पर सूजन: एलर्जी अगर गर्दन से ऊपर आ जाए और आँखों के आस पास सूजन दिखे तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
  • नींद खराब होना: अगर खुजली इतनी भयानक है कि आप रात भर सो नहीं पाते और आपका काम खराब हो रहा है।
  • रैशेज का रंग बदलना: अगर लाल चकत्ते धीरे धीरे नीले या काले पड़ने लगें तो बिना समय बर्बाद किए चर्म रोग विशेषज्ञ से मिलें।

आधुनिक इलाज और आयुर्वेदिक उपचार में क्या फर्क है

पहलू आधुनिक चिकित्सा (एलोपैथी) आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
मुख्य लक्ष्य एलर्जी के कारण की पहचान कर खुजली, रैशेज और अन्य लक्षणों को नियंत्रित करना। समग्र स्वास्थ्य, आहार-विहार और जीवनशैली के संतुलन पर ध्यान देना।
उपचार का तरीका आवश्यकतानुसार एंटीहिस्टामिन, क्रीम, अन्य दवाइयाँ और चिकित्सकीय जाँच। जड़ी-बूटियाँ, संतुलित आहार, दिनचर्या और जीवनशैली में सुधार।
असर होने की गति कई उपचार अपेक्षाकृत जल्दी राहत दे सकते हैं। नियमित पालन के साथ धीरे-धीरे लाभ दिखाई दे सकते हैं।
त्वचा की देखभाल एलर्जी के कारण के अनुसार उपचार और एलर्जेन से बचाव की सलाह दी जाती है। खानपान, दिनचर्या और त्वचा की समग्र देखभाल पर विशेष ज़ोर दिया जाता है।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण एलर्जी को नियंत्रित करना, ट्रिगर्स से बचना और पुनरावृत्ति की रोकथाम पर ध्यान। स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आदतों के माध्यम से लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखने पर बल।

निष्कर्ष

त्वचा की एलर्जी का बार-बार लौटना कोई मामूली रैश नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर की एक पुकार है। आपका शरीर आपको बता रहा है कि अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बाहर से महंगी क्रीम थोपने से बेहतर है कि आप अपने खानपान और अपने सोचने के तरीके पर ध्यान दें। बहुत ज़्यादा केमिकल वाले साबुन और कॉस्मेटिक का इस्तेमाल बंद करें। प्राकृतिक चीज़ों से जुड़ें और सादा जीवन जिएँ। अपनी त्वचा से प्यार करें और उसे साफ-सुथरा रखें। जब आपका खून अंदर से साफ होगा और दिमाग शांत रहेगा तो आपकी त्वचा खुद ब खुद चमक उठेगी और कोई भी एलर्जी आपके आस पास भी नहीं फटकेगी।

References

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC2515356/

https://www.allergyfree.co.in/en-gb/know-your-allergy/skin-allergies/

https://www.healthline.com/health/skin-allergy-home-remedy

https://www.healthline.com/health/allergies

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

बार-बार पित्ती उछलना खून की खराबी या किसी खास खाने की चीज़ से होने वाले रिएक्शन का नतीजा होता है।

जी हाँ बहुत ज़्यादा खट्टी चीज़ें जैसे इमली या अचार शरीर में पित्त और एसिड बढ़ाते हैं जिससे दाने लाल हो जाते हैं।

खुजली वाली जगह पर नारियल के तेल में थोड़ा सा देसी कपूर मिलाकर लगाने से तुरंत ठंडक और आराम मिलता है।

बिल्कुल पसीना जब शरीर पर सूखता है तो वहाँ बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे दाद और लाल दानों की परेशानी शुरू हो जाती है।

नहाने के पानी में नीम के उबले हुए पत्ते या एक चम्मच फिटकरी मिलाने से त्वचा के सारे कीटाणु मर जाते हैं।

हाँ जानवरों के झड़ने वाले बाल और रूसी बहुत बारीक होते हैं जो हमारी साँस या त्वचा पर चिपक कर तेज़ एलर्जी करते हैं।

साबुन की जगह बेसन में थोड़ी सी हल्दी और गुलाब जल मिलाकर उसका उबटन बनाकर नहाना त्वचा के लिए सबसे अच्छा है।

जी हाँ जब पेट साफ नहीं होता तो पेट की गर्मी चेहरे पर दाने और पूरे शरीर में खुजली के रूप में बाहर आती है।

अगर दाने छिल जाएँ तो वहाँ तुरंत सादा पानी डालकर नारियल का तेल या एलोवेरा जेल लगाना चाहिए ताकि घाव न बने।

अगर आप अपनी इम्युनिटी मज़बूत कर लें और रोज़ाना अच्छा खानपान रखें तो शरीर धूल मिट्टी को सहना सीख जाता है और एलर्जी ठीक हो जाती है।

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