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हार्ट की धड़कन अचानक तेज़ क्यों हो जाती है? जानिए कब है डॉक्टर से मिलने की ज़रूरत

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 30 Jul, 2026
  • category-iconUpdated on 30 Jul, 2026
  • category-iconHeart Health
  • blog-view-icon5009

आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कई बार बिना कोई काम किए अचानक से दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे दिल सीने से बाहर निकल आएगा। इस परेशानी को मेडिकल भाषा में पाल्पिटेशन कहा जाता है। कई लोग इसे मामूली कमज़ोरी समझकर एकदम नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन यह दिल की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला हो सकता है। हार्ट की धड़कन अचानक तेज़ क्यों हो जाती है? इसके पीछे कई छोटी और बड़ी वजहें छिपी हो सकती हैं। अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे, तो इसे हल्के में लेना आपके लिए भारी पड़ सकता है।

भारी तनाव और घबराहट से दिल की धड़कन क्यों तेज़ हो जाती है

आज के समय में भारी तनाव और चिंता दिल की धड़कन तेज़ होने का सबसे बड़ा कारण है। जब आप बहुत ज़्यादा डर जाते हैं या किसी बात को लेकर घबराहट महसूस करते हैं, तो शरीर में एड्रेनालाईन नाम का हार्मोन तेज़ी से बनने लगता है। यह हार्मोन आपके शरीर को खतरे से लड़ने के लिए तैयार करता है, जिसकी वजह से दिल बहुत तेज़ धड़कने लगता है और साँसें फूलने लगती हैं। ज़्यादातर मामलों में तनाव खत्म होने पर धड़कन अपने आप सामान्य हो जाती है। लेकिन अगर आप हर समय भारी तनाव में रहते हैं, तो यह दिल को एकदम कमज़ोर बना देता है।

चाय और कॉफी का ज़्यादा इस्तेमाल दिल के लिए है भारी नुकसानदायक

हम में से बहुत से लोग अपनी नींद भगाने या काम की थकावट मिटाने के लिए दिन भर में कई कप चाय या कॉफी पी जाते हैं। कॉफी और चाय में कैफीन बहुत ज़्यादा मात्रा में पाया जाता है। जब आप कैफीन का ज़्यादा सेवन करते हैं, तो यह आपके दिल की नसों को बहुत ज़्यादा उत्तेजित कर देता है, जिससे हार्ट की धड़कन एकदम तेज़ हो जाती है। इसके अलावा सिगरेट और शराब का लगातार इस्तेमाल भी धड़कन को बिगाड़ने का बड़ा कारण है। अगर आपको धड़कन तेज़ होने की परेशानी रहती है, तो चाय और कॉफी से पूरी तरह दूरी बना लें।

शरीर में खून और पानी की कमी से भी दिल पर पड़ता है भारी दबाव

अगर आपके शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है, तो खून बहुत ज़्यादा गाढ़ा होने लगता है। गाढ़े खून को पूरे शरीर में पहुँचाने के लिए दिल को बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धड़कन अचानक से तेज़ हो जाती है। इसी तरह शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया होने पर भी दिल पर भारी दबाव पड़ता है। शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुँचाने के लिए कमज़ोर दिल तेज़ी से धड़कने लगता है। इसलिए रोज़ाना खूब सारा पानी पिएँ और ताज़ा भोजन खाएँ, ताकि आपके शरीर में कभी भी खून और पानी की कमी न हो।

थायरॉइड और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियाँ बढ़ा रही हैं खतरा

कई बार हमारे शरीर में पनप रही कुछ दूसरी बीमारियाँ भी दिल की धड़कन को बहुत ज़्यादा तेज़ कर देती हैं। अगर आपको थायरॉइड की परेशानी है, खासकर ओवरएक्टिव थायरॉइड, तो यह आपके पूरे शरीर के काम करने की गति को बढ़ा देता है। इसके कारण इंसान को बैठे-बैठे ही घबराहट होने लगती है और धड़कन बेकाबू हो जाती है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी भी दिल की नसों को कमज़ोर बनाती है। अगर आपको अचानक पसीना आए और धड़कन तेज़ हो जाए, तो अपना ब्लड प्रेशर और थायरॉइड ज़रूर चेक करवाएँ ताकि समय पर सही बीमारी का पता चल सके।

दिल की धड़कन अचानक तेज़ होने पर खुद को कैसे रखें शांत

जब भी आपको लगे कि आपका दिल अचानक से बहुत तेज़ धड़क रहा है, तो सबसे पहले खुद को पूरी तरह शांत करने की कोशिश करें। किसी आराम वाली जगह पर बैठ जाएँ या लेट जाएँ। अपनी आँखें बंद करें और गहरी साँसें लें। नाक से लंबी साँस लें और धीरे-धीरे मुँह से बाहर छोड़ें। इस तरीके से घबराहट तुरंत कम होने लगती है और दिल की धड़कन धीरे-धीरे सामान्य हो जाती है। इसके अलावा एक गिलास ठंडा पानी घूँट-घूँट कर पिएँ। भारी काम छोड़कर थोड़ा आराम करें और किसी भी बात का ज़्यादा तनाव बिल्कुल न लें, ताकि दिल पर कोई दबाव न पड़े।

जानिए कब है डॉक्टर से मिलने की ज़रूरत और सही इलाज का समय

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डॉक्टर से मिलने की ज़रूरत कब है? अगर आपकी धड़कन तेज़ होने के साथ-साथ आपके सीने में भारी दर्द महसूस हो रहा है, तो यह दिल के दौरे का बड़ा संकेत हो सकता है। अचानक से बहुत तेज़ चक्कर आना, आँखों के सामने एकदम अंधेरा छा जाना, साँस लेने में भारी तकलीफ होना या बेहोश होकर गिर जाना इसके बहुत ही खतरनाक लक्षण हैं। अगर आपको ये संकेत दिखें, तो बिना एक पल की देरी किए तुरंत अच्छे अस्पताल जाएँ। ऐसे समय में खुद से दवा खाना जानलेवा हो सकता है, इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

आयुर्वेद के इन प्राकृतिक उपायों से अपने दिल को रखें हमेशा तंदुरुस्त

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात और पित्त दोष बढ़ने से दिल की धड़कन अचानक तेज़ होने लगती है। आयुर्वेद में दिल को प्राकृतिक रूप से सेहतमंद रखने के लिए अर्जुन की छाल का काढ़ा पीना बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद बताया गया है। रोज़ाना सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में अर्जुन की छाल का पाउडर मिलाकर पिएँ। इसके अलावा थोड़ा सा ताज़ा आँवला खाने से दिल की नसें एकदम मज़बूत बनती हैं।

निष्कर्ष

हमारा दिल हमारे शरीर का सबसे अहम और नाज़ुक हिस्सा है, इसलिए इसकी सेहत से कभी भी खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। अगर आपको कभी-कभार काम की वजह से थकान या घबराहट महसूस हो, तो यह आम बात है। लेकिन अगर हार्ट की धड़कन अचानक तेज़ क्यों हो जाती है, यह परेशानी बार-बार होने लगे, तो इसे नज़रअंदाज़ करने की भूल बिल्कुल न करें। चाय, कॉफी, और बाहर का जंक फूड छोड़कर ताज़ा खाना खाएँ। खुद को भारी तनाव से दूर रखें और पानी खूब पिएँ। आयुर्वेद के आसान प्राकृतिक उपाय अपनाकर अपने दिल को अंदर से मज़बूत बनाएँ। सीने में दर्द या चक्कर आने जैसे बड़े संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें और अपना पूरा चेकअप करवाएँ ताकि आप हमेशा सुरक्षित रहें।

References

https://www.bhf.org.uk/informationsupport/heart-matters-magazine/medical/ask-the-experts/pulse-rate

https://www.health.harvard.edu/heart-health/what-your-heart-rate-is-telling-you

https://www.healthline.com/health/dangerous-heart-rate

https://www.healthline.com/health/how-to-check-heart-rate

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

भारी तनाव, बहुत ज़्यादा डर, शरीर में पानी की कमी या चाय-कॉफी का ज़्यादा सेवन दिल की धड़कन तेज़ होने के सबसे आम कारण माने जाते हैं।

हाँ, जब आप भारी तनाव में होते हैं, तो शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन बनते हैं जो दिल को तेज़ी से धड़कने पर पूरी तरह मजबूर कर देते हैं।

चाय और कॉफी में कैफीन बहुत ज़्यादा मात्रा में होता है। यह कैफीन दिल की नसों को उत्तेजित कर देता है, जिससे अचानक धड़कन बढ़ जाती है।

बिल्कुल, पानी की भारी कमी होने से खून गाढ़ा हो जाता है, जिसे पूरे शरीर में पहुँचाने के लिए दिल को बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।

जी हाँ, अगर आपको ओवरएक्टिव थायरॉइड की बीमारी है, तो यह आपके शरीर की काम करने की गति को बढ़ाकर धड़कन को एकदम बेकाबू कर सकता है।

धड़कन तेज़ होने पर किसी शांत जगह बैठ जाएँ, अपनी आँखें बंद करें, लंबी साँसें लें और एक गिलास ठंडा पानी धीरे-धीरे घूँट कर पिएँ।

अगर धड़कन बढ़ने के साथ सीने में भारी दर्द हो, तेज़ चक्कर आए या साँस लेने में भारी तकलीफ हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

हाँ, कई बार पेट में बहुत ज़्यादा गैस बनने से छाती पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे इंसान को घबराहट होती है और धड़कन तेज़ हो जाती है।

जी हाँ, रोज़ाना कम से कम आधा घंटा तेज़ पैदल चलने और हल्का व्यायाम करने से दिल की माँसपेशियाँ अंदर से बहुत ज़्यादा मज़बूत बनती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार रोज़ाना सुबह अर्जुन की छाल का काढ़ा पीना और ताज़ा आँवला खाना दिल को हमेशा तंदुरुस्त और मज़बूत बनाए रखने का सबसे अच्छा उपाय है।

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