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महिलाओं में लगातार ‘थकान’ को सिर्फ busy lifestyle कहकर टालना कब गलत हो सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan
  • category-iconPublished on 19 Aug, 2026
  • category-iconUpdated on 19 Aug, 2026
  • category-iconWomen's Health
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हर किसी की लाइफस्टाइल और और रूटीन अलग अलग होती है अगर बात की जाये महिलाओं की तो उनपर बहुत सारी ज़िम्मेदारियाँ होती हैं इसलिए वह अपनी सेहत का ध्यान का नहीं रख पाती। जिसकी वजह से शरीर में ज़रूरी न्यूट्रीएंट्स की कमी हो सकती है अगर शहर की बात करें तो गंदी हवा और मिलावटी खाना भी बीमारी की वजह बन रहा है। बहुत सारी महिलाएं ये शिकायत करती हैं कि उन्हें बहुत जल्दी थकान की समस्या होने लगती है। ऐसे में अगर आप भी थकान और कमज़ोरी की शिकायत करते हैं, तो कई वजहें हो सकती हैं। और इसे थकान और  busy lifestyle कहकर टालना  आपके लिए एक बहुत बड़ा जोखिम हो सकता है। 

महिलाओं में लगातार थकान और कमज़ोरी क्यों होती है?

महिलाओं में लगातार कमज़ोरी और थकान के कई कारण हो सकते हैं, न कि केवल तनाव या busy लाइफस्टाइल। बल्कि ज़्यादा मासिक धर्म के कारण आयरन कि कमी या सिमित आहार में विटामिन B12 कम मात्रा  और घर के अंदर रहने के कारण विटामिन D कि कमी  इसके आम कारण हैं। अगर कम, नींद या ज़्यादा तनाव का स्तर सामान्य लगता है। तब भी किसी पोषक तत्व की कमी आपको थका हुआ महसूस करा सकती  है। कई महिलाओं के लिए, थकान सिर्फ नींद की कमी से जुड़ी नहीं होती। हार्मोनल बदलाव, तनाव, पोषण संबंधी ज़रूरतें और स्वास्थ्य समस्याएं भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं। यह समझना कि क्या सामान्य है और क्या नहीं आपको यह तय करने में मदद कर सकता है कि कब सहायता लेने का समय आ गया है।

महिलाओं में थकान और कमज़ोरी: आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद के अनुसार महिलाओं में लगातार थकान केवल कमज़ोरी  का संकेत नहीं होता है, बल्कि यह शरीर में वात, पित्त, या कफ दोस के असंतुलन पाचन शक्ति की कमज़ोरी रास और रक्त धतु की कमी मानसिक तनाव और नींद की कमी या अत्यधिक श्रम का परिणाम हो सकता है। महिलाओं के स्वास्थ्य और हार्मोनल संतुलन के लिए आयुर्वेद में कई अच्छी जड़ी-बूटियाँ और उपचार मौजूद हैं। प्रमुख आयुर्वेदिक औषधियों में शतावरी हार्मोन संतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए अशोक गर्भाशय के स्वास्थ्य और मासिक धर्म की समस्याओं के लिए लोध्र श्वेत प्रदर और योनि स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा तनाव कम करने के लिए और त्रिफला पाचन और डिटॉक्स के लिए शामिल हैं।

महिलाओं में लगातार थकान और कमज़ोरी के कारण 

महिलाओं में लगातार थकान और कमज़ोरी के पीछे कई शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कारण हो सकते हैं। इसे केवल busy lifestyle मानकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। क्यूंकि यह शरीर में किसडीउ बीमारी या अंदरूनी कमी का संकेत हो सकता है। 

पोषण की कमी:

  • आयरन की कमी: पीरियड्स में ज़्यादा खून जाने के कारण महिलाओं में हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी हो जाती है, जिससे अंगों तक ऑक्सीजन पूरी तरह नहीं पहुँच पाती।
  • विटामिन डी और बी12: इनकी कमी से हड्डियाँ कमज़ोर नसें सुस्त और शरीर हर वक्त थका हुआ महसूस होता है।

हार्मोनल बदलाव :

  • थायराइड असंतुलन: हाइपोथायरायडिज्म होने पर मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है जिससे ऊर्जा का स्तर बहुत गिर जाता है।
  • मासिक धर्म, गर्भावस्था या मेनोपॉज: इन अवस्थाओं में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव से शरीर जल्दी थकता है।
  • PCOS: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण हॉर्मोन बिगड़ते हैं और नींद पर असर पड़ता है।

मानसिक कारण 

  • तनाव और चिंता: लगातार मानसिक दबाव और तनाव लेने से शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर बिगड़ता है जिससे भारी थकान महसूस होती है।
  • डिप्रेशन: महिलाओं में डिप्रेशन की समस्या ऊर्जा में कमी किसी काम में मन न लगने और ज़्यादा स्ट्रेस का रूप ले सकती है।
  • मेंटल लोड: घर परिवार, बच्चों और नौकरी की जिम्मेदारी उठाने का मानसिक बोझ अंदर से थका देता है।

महिलाओं को थकान और कमज़ोरी से बचने के उपाय 

महिलाओं को लगातार थकान और कमज़ोरी से बचने के निम्नलिखित उपाय है:

खान-पान में सुधार

  • संतुलित आहार: रोज दूध, दही दालें और मौसमी फल खाएं। 
  • हाइड्रेशन: पानी, नारियल पानी या छाछ पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। 
  • एनर्जी बूस्टर: बादाम, अखरोट या केले का सेवन करें, जो ताकत बढ़ाते हैं। 

लाइफस्टाइल में बदलाव

  • पूरी नींद: रोज़ रात को 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लें।
  • रोज़ाना व्यायाम: रोज़ सुबह थोड़ी देर सैर या योगा करें।
  • धूप लें: सुबह की हल्की धूप से शरीर को विटामिन डी मिलता है और ताज़गी आती है। 

किन चीज़ों से बचें

  • ज़्यादा कैफीन: चाय या कॉफी का ज़्यादा सेवन न करें।
  • तला भुना: तली-भुनी और ज़्यादा  मीठी चीज़ों से दूर रहें।
  • स्मोकिंग: सिगरेट या शराब का सेवन बंद करें। 

महिलाओं में लगातार थकान: क्या संकेत हो सकते हैं 

महिलाओं में थकान या क्रॉनिक फटीग के निम्न संकेत हो संकेत हो सकते हैं 

  • लगातार ऊर्जा की कमी: भरपूर नींद लेने के बाद भी हर समय भारीपन और कमजोरी महसूस होना। 
  • एकाग्रता में परेशानी: किसी काम में ध्यान लगाने, याद रखने या फैसले लेने में दिक्कत आना। 
  • मांसपेशियों की कमजोरी: बिना किसी भारी शारीरिक श्रम के हाथ-पैर सुस्त या भारी पड़ना। 
  • मनोदशा में बदलाव: बेवजह चिड़चिड़ापन, तनाव या रोजमर्रा के कामों में रुचि कम होना। 

महिलाओं में लगातार थकान के लिए असरदार जड़ी बूटियाँ 

  • अश्वगंधा: यह तनाव और मानसिक थकान को कम करने वाली बेहतरीन जड़ी-बूटी है। 
  • गिलोय: यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाती है। कमज़ोरी और सुस्ती को दूर करने में यह बहुत अच्छी मणि जाती है।
  • शतावरी: महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और शारीरिक ताकत के लिए यह एक टॉनिक का काम करती है। यह शरीर को अंदर से पोषण देती है।
  • आँवला: विटामिन C से भरपूर आँवला शरीर की थकान मिटाता है। यह खून की कमी और कमज़ोरी दूर करता है।
  • ब्राह्मी: यह मानसिक तनाव और दिमागी थकान को कम करके ताज़गी लाती है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

  • थकान दो हफ्ते से अधिक चले और आराम करने पर भी ऊर्जा न मिले।
  • थकान के साथ चक्कर आना, भ्रम होना या बहुत ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होना।
  • बिना किसी कारण के वज़न घटना या बढ़ना।
  • मांसपेशियों या जोड़ों में लगातार दर्द रहना।
  • ठीक से नींद न आना या सोते वक्त बार-बार नींद खुलना।

निष्कर्ष:

महिलाओं में लगातार होने वाली थकान को सिर्फ busy lifestyle का हिस्सा मानकर अनदेखा करना भूल हो सकती है। यह आयरन, विटामिन D   या B12 जैसे पोषक तत्वों की कमी, हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव का संकेत होता है। आयुर्वेद भी इसे वात-पित्त-कफ के असंतुलन से जोड़ता है। सही खान-पान पर्याप्त नींद योग और अश्वगंधा या शतावरी जैसी जड़ी-बूटियों को अपनाकर इससे बचा जा सकता है। अगर थकान हफ़्तों तक बनी रहे और आराम से भी ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

References:

https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/40216006/

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC557992/

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/endometriosis

https://www.healthline.com/health/womens-health/fatigue-before-period

https://www.healthline.com/health/fatigue

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

इसके मुख्य कारण आयरन, विटामिन डी और बी12 की कमी, हार्मोनल असंतुलन और मानसिक तनाव होता है।

अच्छी नींद के बावजूद भारीपन महसूस होना शरीर में पोषण की कमी या किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है।

आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर में वात, पित्त, या कफ दोष के असंतुलन और रस व रक्त धातु की कमी के कारण होता है।

अपने संतुलित आहार में दूध दही दालें, ताज़े फल, बादाम अखरोट और हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी शामिल करें।

अश्वगंधा शतावरी गिलोय ब्राह्मी और आंवला जैसी आयुर्वेदिक औषधियां शारीरिक और मानसिक थकान मिटाने में बेहतरीन हैं।

पीरियड्स में ज़्यादा रक्तस्राव होने से शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी हो जाती है जिससे थकान बढ़ती है।

हाइपोथायरायडिज्म होने पर शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है जिससे ऊर्जा का स्तर काफी कम हो जाता है।

ज़्यादा कैफीन, तली-भुनी चीज़ें अत्यधिक मीठा और सिगरेट-शराब के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

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