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हल्की activity के बाद भी बहुत पसीना आना कब lifestyle signal बन सकता है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

पसीना आना एक बहुत ही नॉर्मल सी बात है, यह हमारे शरीर का अपना एक प्राकृतिक तरीका है जिससे वह खुद को ठंडा रखता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि थोड़ा सा चलने या हल्की सी सीढियाँ चढ़ने पर ही आप पसीने से तर-बतर हो जाते हैं, अगर हाँ, तो यह सिर्फ मौसम का असर नहीं हो सकता, हल्की एक्टिविटी के बाद भी बहुत ज्यादा पसीना आना कई बार आपके लाइफस्टाइल की तरफ एक बड़ा इशारा होता है, यह बताता है कि शायद आपकी फिटनेस कम हो रही है या फिर आपके खानपान और तनाव के स्तर में कुछ सही नहीं है।  

हल्की Activity में भी ज़्यादा पसीना क्यों आता है?

जब हम हल्की एक्टिविटी करते हैं जैसे कि घर का कोई छोटा मोटा काम या थोड़ी दूर पैदल चलना तो शरीर को ज्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए। लेकिन अगर आपकी फिटनेस कमज़ोर है तो इन्हीं छोटे कामों में शरीर को एक्स्ट्रा ताकत लगानी पड़ती है, आपका दिल तेजी से धड़कने लगता है और शरीर का तापमान तुरंत बढ़ जाता है। इस गर्मी को बाहर निकालने के लिए शरीर तुरंत पसीना छोड़ना शुरू कर देता है, इसके अलावा  बढ़ा हुआ वजन ज़रूरत से ज़्यादा तनाव लेना और ज़्यादा कैफीन या तीखा खाने की आदतें भी इस समस्या को और बढ़ा देती हैं जिससे शरीर में जल्दी पसीना आ जाता है। 

पसीना और Lifestyle का क्या संबंध है?

पसीने और हमारे लाइफस्टाइल का बहुत ही गहरा कनेक्शन है। अगर आप दिन भर कुर्सी पर बैठे रहते हैं और कोई शारीरिक मेहनत नहीं करते तो शरीर की सहनशक्ति स्टैमिना कम हो जाती है। ऐसे में थोड़ा सा हिलने-डुलने पर भी शरीर हांफने लगता है और पसीना छूट जाता है। इसके साथ ही, अगर आप जंक फूड ज़्यादा खाते हैं पानी कम पीते हैं  या फिर आपकी नींद पूरी नहीं होती है तो शरीर का अंदरूनी सिस्टम बिगड़ जाता है। सिगरेट और शराब का ज़्यादा  सेवन भी आपके नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है जिससे शरीर बिना बात के भी ज़्यादा पसीना पैदा करने लगता है।

उमस में शरीर ज़्यादा पसीना क्यों छोड़ता है?

बारिश के दिनों में या चिपचिपे मौसम में उमस बहुत ज़्यादा  होती है। उमस का सीधा सा मतलब है कि हवा में पहले से ही काफी ज़्यादा नमी या पानी मौजूद है। आम दिनों में जब हमें पसीना आता है तो वह हवा में उड़  जाता है और हमें ठंडक मिलती है। लेकिन उमस भरे मौसम में हवा में पहले से नमी होने के कारण हमारा पसीना आसानी से नहीं सूखता। शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश में लगातार और ज़्यादा पसीना निकालता रहता है। यही वजह है कि उमस के दिनों में हम चिपचिपाहट और पसीने से परेशान रहते हैं।

पसीना अचानक बढ़ जाए तो क्या करें?

अगर किसी दिन आपको अचानक बहुत ज़्यादा पसीना आने लगे तो घबराएं नहीं बल्कि इन आसान टिप्स को तुरंत अपनाएं:

  • शांत होकर बैठें: जहाँ भी हों कोशिश करें कि किसी ठंडी हवादार या छाया वाली जगह पर आराम से बैठ जाएं।
  • तुरंत पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें धीरे-धीरे एक गिलास ठंडा या नॉर्मल पानी पिएं।
  • गहरी साँसें लें: तनाव या घबराहट कम करने के लिए धीरे-धीरे गहरी साँसें लें इससे दिल की धड़कन नॉर्मल होगी।
  • कपड़े ढीले करें: अगर आपने टाइट कपड़े पहने हैं  तो उन्हें थोड़ा ढीला कर लें ताकि त्वचा को हवा लग सके।
  • कैफीन से बचें: उस वक्त चाय कॉफी एनर्जी ड्रिंक या कोई भी गर्म चीज़ बिल्कुल न पिएं।

गर्मी में पसीना ज़्यादा क्यों आता है?

गर्मियों के मौसम में वातावरण का तापमान बहुत ज़्यादा होता है। जब बाहर की गर्मी हमारे शरीर में लगती है तो शरीर का अंदरूनी तापमान भी बढ़ने लगता है। ऐसे में हमारे दिमाग का एक हिस्सा जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं तुरंत एक्टिव हो जाता है। यह एक तरह के प्राकृतिक AC का काम करता है। यह शरीर की लाखों पसीने की ग्रंथियों को सिग्नल भेजता है कि वो पसीना निकालें। जब यह पसीना हमारी त्वचा पर आता है और हवा के संपर्क में सूखता है तो शरीर की गर्माहट बाहर निकलती है और हमें ठंडक का अहसास होता है। गर्मी से बचने का यह प्राकृतिक तरीका है।

Lifestyle में कौन-से बदलाव मदद कर सकते हैं?

अगर आप हल्के काम में ही पसीना आने की समस्या से बचना चाहते हैं, तो अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ये बदलाव ज़रूर करें:

  • रोज़ व्यायाम करें: दिन में कम से कम 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज़ योगा या वॉक ज़रूर करें ताकि आपका स्टैमिना बढ़े।
  • वज़न को कंट्रोल रखें: अपने वज़न को संतुलित रखने की कोशिश करें क्योंकि शरीर पर ज़्यादा फैट होने से पसीना अधिक आता है।
  • पानी भरपूर पिएं: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की आदत डालें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
  • सही कपड़े पहनें: सिंथेटिक या मोटे कपड़ों की जगह हमेशा सूती (Cotton) और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।
  • खानपान सुधारें: बहुत ज़्यादा मसालेदार खाने और जंक फूड से बचें, अपनी डाइट में ताज़े फल और सब्ज़ियाँ शामिल करें।

कम Activity की आदत शरीर को कैसे प्रभावित करती है?

अगर आपकी आदत दिन भर बैठे रहने की है और आप कोई भी फिज़िकल काम करने से बचते हैं तो इसका शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। लगातार कम एक्टिविटी के कारण शरीर की मांसपेशियाँ कमज़ोर होने लगती हैं और खून का दौरा सुस्त पड़ जाता है। इस सुस्ती की वजह से जब आप अचानक कोई छोटा सा भी काम करते हैं तो दिल को शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए बहुत तेज़ काम करना पड़ता है। फेफड़े जल्दी थक जाते हैं। शरीर का यह अचानक से लिया गया लोड ही गर्माहट पैदा करता है और आपको बेवजह थकान और बहुत ज़्यादा पसीने का सामना करना पड़ता है।

क्या कम Fitness से ज़्यादा पसीना आ सकता है?

आपकी ओवरऑल फिटनेस और आपको आने वाले पसीने के बीच सीधा और गहरा संबंध होता है:

  • ज़्यादा ताकत लगना: अनफिट होने पर शरीर को साधारण कामों, जैसे सीढ़ी चढ़ने में भी एक्स्ट्रा ताकत लगानी पड़ती है, जिससे गर्मी पैदा होती है।
  • स्टैमिना की कमी: कम स्टैमिना के कारण आपका शरीर जल्दी थक जाता है और इस थकावट के रिएक्शन के तौर पर पसीना निकलता है।
  • दिल पर दबाव: अनफिट शरीर में थोड़ा सा भी काम करने पर दिल की धड़कन तेज़ी से बढ़ जाती है जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है।
  • मेटाबॉलिज़्म का बिगड़ना: कमज़ोर फिटनेस के कारण मेटाबॉलिज़्म सुस्त हो जाता है जिससे शरीर का कूलिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर पाता।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

पसीना आना आम है लेकिन कुछ खास और गंभीर स्थितियों में आपको बिना देरी किए डॉक्टर से मिलना चाहिए:

  • अचानक तेज़ पसीना आना: बिना किसी गर्मी कसरत या काम के अचानक से पूरे शरीर से बहुत तेज़ पसीना बहने लगे।
  • सीने में दर्द या जकड़न: अगर पसीने के साथ-साथ आपके सीने में भारीपन दर्द, दबाव या जकड़न महसूस हो रही हो।
  • रात में पसीना : अगर रात में सोते समय बिना गर्मी के इतना पसीना आए कि आपके कपड़े और बिस्तर पूरी तरह भीग जाएं।
  • चक्कर या घबराहट: पसीने के साथ लगातार चक्कर आना उल्टी का मन होना आँखों के आगे अंधेरा छाना या बहुत तेज़ घबराहट होना।

निष्कर्ष:

हल्की एक्टिविटी के बाद भी बहुत ज़्यादा पसीना आना आपके लिए एक वेक-अप कॉल यानी अलार्म की तरह है। यह आपको साफ-साफ बता रहा है कि अब समय आ गया है कि आप अपनी सेहत और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। अपने शरीर के इस इशारे को समझें और इसे नज़रअंदाज़ बिल्कुल न करें। अपनी दिनचर्या में थोड़ा व्यायाम शामिल करें खानपान को सादा और पौष्टिक रखें और बेवजह के तनाव से खुद को दूर रखें। अगर इन सबके बाद भी समस्या बनी रहती है तो मेडिकल चेकअप ज़रूर कराएँ। एक अच्छी लाइफस्टाइल ही आपको अंदर से फिट रखेगी।

References:

https://www.nhs.uk/conditions/excessive-sweating-hyperhidrosis/

https://www.healthdirect.gov.au/excessive-sweating-hyperhidrosis

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9884722/

https://www.aad.org/public/diseases/a-z/hyperhidrosis-treatment

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

ज़्यादा पसीना आना हमेशा बीमारी नहीं होता यह अक्सर मौसम या कमज़ोर फिटनेस का नतीजा होता है। लेकिन अगर यह अचानक या बेवजह हो तो यह थायरॉइड या शुगर जैसी समस्या का संकेत हो सकता है।

डाइट में पानी वाली चीज़ें जैसे खीरा तरबूज़ और नींबू पानी ज़्यादा शामिल करें। इसके अलावा मसालेदार बहुत ज़्यादा  तला-भुना खाना और कैफीन का सेवन कम से कम कर दें।

स्ट्रेस या घबराहट होने पर शरीर का फाइट या फ्लाइट मोड एक्टिव हो जाता है। इससे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन रिलीज़ होते हैं और हथेलियों या माथे पर पसीना तेज़ी से निकलने लगता है।

रोज़ाना अच्छी तरह नहाएं साफ सूती कपड़े पहनें और नहाने के पानी में थोड़ा सा नींबू का रस या फिटकरी मिला लें। एक अच्छे डीओड्रेंट या रोल-ऑन का इस्तेमाल भी बदबू दूर रखता है।

शरीर में ज़्यादा फैट  होने से वह एक इंसुलेटर यानी गर्म परत की तरह काम करता है। इससे शरीर अंदर से जल्दी गर्म हो जाता है और उसे ठंडा करने के लिए पसीना ज़्यादा आता है।

एसी की ठंडी हवा से निकलकर जब आप अचानक गर्म वातावरण में आते हैं तो शरीर तुरंत उस नए तापमान के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाता। इस गर्मी को कम करने के लिए पसीना छूटता है।

सही मात्रा में पानी पीने से शरीर का तापमान कंट्रोल में रहता है और यह पसीने के ज़रिए बाहर निकलने वाले ज़रूरी मिनरल्स की भरपाई भी करता है।

नियमित एक्सरसाइज़ करने से आपका स्टैमिना और फिटनेस बढ़ती है। शरीर छोटे-मोटे कामों का आदी हो जाता है जिससे आगे चलकर हल्की एक्टिविटी में बेवजह पसीना आना कम हो जाता है।

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