Diseases Search
Close Button
 
 

Aam Panna पीते समय diabetes patients को क्या ध्यान रखना चाहिए?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

गर्मीयाँ आते ही हर घर में ठंडी और ताज़गी देने वाली चीज़ों की माँग तेज़ी से बढ़ जाती है। इन्हीं में से एक है कच्ची कैरी से बना आम पन्ना जिसे पीकर कड़कती धूप और लू से बहुत राहत मिलती है। लेकिन जैसे ही घर में किसी को शुगर की बीमारी होती है उनके मन में यह सवाल सबसे पहले आता है कि क्या वे इसे पी सकते हैं। डायबिटीज़  के मरीज़ों को अपने खानपान का बहुत ज़्यादा ख्याल रखना पड़ता है क्योंकि ज़रा सी लापरवाही उनके शुगर लेवल को अचानक से बढ़ा सकती है। कच्चे आम में अपने आप में सेहत के कई गुण छुपे होते हैं लेकिन हमारे घरों में आम पन्ना बनाते समय उसमें जो मीठा डाला जाता है वह शुगर के मरीज़ों के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है। आज हम इसी बात पर विस्तार से चर्चा करेंगे कि शुगर के मरीज किस तरह से इस स्वादिष्ट ड्रिंक का मज़ा ले सकते हैं और उन्हें किन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि उनकी सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।

आम पन्ना पीने से शुगर लेवल बढ़ता है या कम होता है?

यह सवाल हर उस इंसान के मन में आता है जो डायबिटीज़ की बीमारी से जूझ रहा है। इसका सीधा सा जवाब इस बात पर टिका है कि आपने इसे बनाने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल किया है। कच्चे आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है जिसका सीधा सा मतलब है कि यह अपने आप में खून में शुगर को बहुत तेजी से नहीं बढ़ाता। लेकिन हमारे घरों में आम पन्ना बनाते समय उसमें भर भरकर चीनी या गुड़ डाला जाता है जिससे इसका स्वाद खट्टा और मीठा हो सके। अगर आप चीनी या गुड़ वाला आम पन्ना पीते हैं तो आपका शुगर लेवल बहुत तेजी से ऊपर जाएगा जो कि आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं अगर आप बिना मीठे के सिर्फ भुना जीरा पुदीना काला नमक और हल्की सी हरी मिर्च डालकर इसे बनाते हैं तो यह आपके शुगर लेवल को बिल्कुल नहीं बढ़ाएगा। इसलिए यह ड्रिंक खुद में बुरी नहीं है बल्कि इसे बनाने का तरीका यह तय करता है कि यह आपके लिए फायदेमंद है या नुकसान देने वाली।

हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डाइटिशियन की मानें तो शुगर के मरीज़ों को गर्मियों के मौसम में खुद को हाइड्रेट रखना बहुत ज़्यादा ज़रूरी होता है और आम पन्ना इसके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे आम में विटामिन सी और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर की ताकत बढ़ाने के साथ साथ पेट के लिए भी बहुत अच्छा होता है। बस उनकी एक ही शर्त होती है कि इसे बनाते समय सफेद चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल भी न किया जाए। अगर आपको मीठे का स्वाद चाहिए ही तो आप अपने डॉक्टर की सलाह लेकर स्टीविया के पत्तों का थोड़ा सा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि इसमें डाला जाने वाला पुदीना और भुना हुआ जीरा पाचन तंत्र को बहुत मजबूत बनाता है। कुल मिलाकर डॉक्टरों की राय में अगर आप इसे सही तरीके और सही मात्रा में पीते हैं तो यह आपको लू से बचाने के साथ साथ शरीर को ठंडक भी देगा।

डायबिटीज़  होने पर आम पन्ना शरीर में कैसे काम करता है?

जब कोई शुगर का मरीज सही तरीके से बना हुआ आम पन्ना पीता है तो यह शरीर में जाते ही कई तरह से काम करना शुरू कर देता है। गर्मियों में पसीने के रास्ते हमारे शरीर से बहुत सारे ज़रूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं जिससे बहुत कमज़ोरी और थकान महसूस होने लगती है। इसमें मौजूद काला नमक और पानी शरीर में जाते ही तुरंत इन तत्वों की कमी को पूरा करते हैं जिससे आपको अंदर से ताज़गी का अहसास होता है। कच्चे आम में पेक्टिन नाम का एक बहुत खास फाइबर पाया जाता है। यह फाइबर पेट में जाकर हमारे पाचन की प्रक्रिया को काफी धीमा कर देता है। इसके धीमे होने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि खून में ग्लूकोज़ बहुत धीरे धीरे घुलता है और शुगर लेवल एकदम से ऊपर नहीं भागता। इसके साथ ही इसमें मौजूद भरपूर विटामिन सी शरीर की नसों को खराब होने से बचाता है और अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करता है जो हर डायबिटीज़  के मरीज के लिए बहुत ज़रूरी है।

आम पन्ना में मौजूद पोषक तत्व डायबिटीज़  में कितने फायदेमंद हैं?

कच्चे आम और घर के देसी मसालों से बने इस ठंडे ड्रिंक में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो शुगर के मरीज़ों की सेहत सुधारने में बहुत मदद करते हैं। आइए इन्हें आसान बिंदुओं में समझते हैं

  • कच्चे आम में पेक्टिन नाम का फाइबर होता है जो शरीर में शुगर के घुलने की गति को बहुत धीमा कर देता है जिससे ब्लड शुगर हमेशा कंट्रोल में रहता है।
  • इसमें विटामिन सी की मात्रा बहुत ज़्यादा पाई जाती है जो शुगर के मरीज़ों की कमज़ोर इम्युनिटी को मजबूत बनाता है और उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाता है।
  • आम पन्ना में पोटैशियम अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है जो दिल की सेहत को दुरुस्त रखता है और ब्लड प्रेशर को अचानक से बढ़ने से रोकता है।
  • इसमें डाला जाने वाला भुना जीरा और पुदीना पेट की गैस और अपच को दूर भगाते हैं क्योंकि शुगर के मरीज़ों का हाजमा अक्सर बहुत कमज़ोर हो जाता है।
  • काले नमक के इस्तेमाल से शरीर को ज़रूरी खनिज मिलते हैं जो गर्मियों में होने वाली थकान और चक्कर आने की समस्या को पूरी तरह दूर कर देते हैं।

किन डायबिटीज़  मरीज़ों का आम पन्ना पीने से शुगर लेवल बढ़ सकता है?

भले ही यह एक बहुत सेहतमंद ड्रिंक है लेकिन कुछ खास स्थितियों में यह शुगर के मरीज़ों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। नीचे दिए गए बिंदुओं से जानिए कि किन्हें इसे पीने से बचना चाहिए

  • जिन मरीज़ों का खाली पेट और खाने के बाद का शुगर लेवल हमेशा बहुत ज़्यादा बढ़ा रहता है उन्हें बिना डॉक्टर से पूछे इसे नहीं पीना चाहिए।
  • जो लोग अच्छे स्वाद के लालच में इसमें सफेद चीनी गुड़ या बहुत सारा शहद मिला लेते हैं उनका शुगर लेवल इसे पीते ही तुरंत बढ़ सकता है।
  • अगर आप बाज़ार में मिलने वाला पैकेट बंद या बोतलों में बिकने वाला आम पन्ना पी रहे हैं तो सावधान हो जाएँ क्योंकि उसमें खराब केमिकल और ढेर सारी चीनी मिली होती है।
  • जिन मरीज़ों को किडनी से जुड़ी कोई भी गंभीर बीमारी है उन्हें इसमें मौजूद ज़्यादा पोटैशियम और नमक से बहुत नुकसान पहुँच सकता है।
  • जो लोग लालच में आकर एक ही दिन में दो या तीन गिलास से ज़्यादा आम पन्ना पी लेते हैं उन्हें भी कैलोरी बढ़ने के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।

डायबिटीज़  में खाली पेट आम पन्ना पीना सही है या नहीं?

बहुत से लोगों को ऐसा लगता है कि सुबह उठकर खाली पेट ठंडी चीज़ें पीने से दिन भर ताजगी बनी रहती है लेकिन शुगर के मरीज़ों के मामले में यह सोचना थोड़ा गलत हो सकता है। कच्चे आम की तासीर भले ही ठंडी हो लेकिन स्वाद में यह काफी खट्टा होता है। सुबह खाली पेट खट्टी चीज़ें पीने से पेट में तेज़ एसिड बन सकता है और सीने में जलन की शिकायत हो सकती है। डायबिटीज़  के मरीज़ों का पेट वैसे भी आम लोगों के मुकाबले थोड़ा नाज़ुक होता है। इसलिए सुबह उठते ही खाली पेट इसे पीने से हमेशा बचना चाहिए। इसे पीने का सबसे सही समय सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच होता है। इसके अलावा आप इसे दोपहर के समय चिलचिलाती धूप से घर आने के कुछ देर बाद भी आराम से पी सकते हैं। उस वक्त यह आपके शरीर के तापमान को नार्मल करने और खतरनाक लू से बचाने में सबसे ज़्यादा असरदार साबित होता है।

क्या रोज आम पन्ना पीना डायबिटीज़  के मरीज़ों के लिए सुरक्षित है?

गर्मियों के मौसम में ठंडी चीज़ें रोज़ पीने का मन करता है लेकिन अगर आपको शुगर की बीमारी है तो आपको थोड़ी सावधानी बरतनी ही होगी। अगर आप अपने घर पर बिल्कुल बिना चीनी के और ताज़े कच्चे आम से इसे बना रहे हैं तो आप इसे आराम से हफ्ते में तीन से चार बार पी सकते हैं। लेकिन इसे अपनी रोज़ाना की पक्की आदत बना लेना बहुत समझदारी का काम नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कच्चे आम में कुदरती रूप से भी थोड़े बहुत कार्बोहाइड्रेट होते हैं और रोज़ाना इसे पीने से आपके पेट में एसिडिटी का स्तर भी काफी बढ़ सकता है। इसके अलावा इसे बनाने में हम काले नमक का इस्तेमाल करते हैं और रोज़ाना नमक का बहुत ज़्यादा सेवन करने से आपका ब्लड प्रेशर ऊपर जा सकता है। शुगर के मरीज़ों को ब्लड प्रेशर की बीमारी बहुत जल्दी घेर लेती है इसलिए बेहतर यही होगा कि आप इसे एक दिन छोड़कर पिएँ।

किन लक्षणों में आम पन्ना पीने से बचना चाहिए?

कुछ शारीरिक परेशानियाँ और लक्षण ऐसे होते हैं जिनमें कच्चे आम से बनी चीज़ों का सेवन आपकी तकलीफ को और ज़्यादा बढ़ा सकता है। आइए देखते हैं कि वे कौन से खास लक्षण हैं

  • अगर आपको सर्दी खाँसी या गले में खराश की शिकायत हो रही है तो खट्टा और ठंडा आम पन्ना पीने से आपका गला और ज़्यादा खराब हो सकता है।
  • जिन लोगों को दिन भर खट्टी डकारें आती हैं या गैस की बहुत भयंकर परेशानी रहती है उन्हें कच्चे आम के सेवन से कुछ दिन दूरी बना लेनी चाहिए।
  • जब आपका शुगर लेवल लगातार ऊपर नीचे भाग रहा हो और किसी भी दवा से कंट्रोल में न आ रहा हो तो इसे पीने का जोखिम बिल्कुल भी नहीं उठाना चाहिए।
  • अगर आपको जोड़ों में दर्द या गठिया की शिकायत रहती है तो जान लें कि खट्टी चीज़ें उस दर्द और सूजन को और ज़्यादा बढ़ा सकती हैं।
  • पेशाब में जलन या किडनी से जुड़ा कोई भी लक्षण दिखने पर भी इसे न पिएँ क्योंकि इसमें मौजूद नमक आपकी परेशानी को बढ़ा सकता है।

आम पन्ना पीते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

अगर आप डायबिटीज़ के मरीज हैं और इस स्वादिष्ट ड्रिंक का पूरा मज़ा लेना चाहते हैं तो आपको कुछ छोटी लेकिन बहुत ज़रूरी बातों को हमेशा अपने ध्यान में रखना चाहिए। सबसे पहली बात तो यह कि इसे बनाने में केवल ताज़े कच्चे आम का ही इस्तेमाल करें न कि बाज़ार में मिलने वाले किसी खराब पाउडर या सीरप का। दूसरी बात चीनी या गुड़ की जगह आप भुने हुए जीरे पुदीने के ताज़े पत्ते और बहुत थोड़े से काले नमक का उपयोग करें जिससे इसका स्वाद भी बढ़ेगा और कोई नुकसान भी नहीं होगा। इसे पीते समय अपने गिलास के आकार का भी पूरा ध्यान रखें। एक छोटा गिलास ही आपके लिए काफी है इसे पानी की तरह भर-भरकर न पिएँ। हमेशा ताज़ा बना हुआ पन्ना ही पिएँ और इसे फ्रिज में कई दिनों तक स्टोर करके रखने की गलती बिल्कुल न करें। इसे ठंडा करने के लिए इसमें बहुत ज़्यादा बर्फ डालने से बचें।

डॉक्टर की सलाह कब लेनी चाहिए?

वैसे तो घर के देसी तरीके से बना यह पेय पूरी तरह सुरक्षित होता है लेकिन फिर भी कुछ मामलों में आपको बिना देर किए अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करनी चाहिए

  • अगर आपने बिना चीनी वाला आम पन्ना पिया और फिर भी आपका शुगर लेवल अचानक से बहुत तेज़ी से बढ़ गया हो।
  • इसे पीने के कुछ ही देर बाद अगर आपको पेट में तेज़ दर्द ऐंठन या फिर लगातार उल्टियाँ होने लगें तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
  • जिन मरीज़ों की किडनी की दवाइयाँ चल रही हैं उन्हें बिना अपने डॉक्टर से पूछे कोई भी नमक वाली या खट्टी चीज़ नहीं खानी चाहिए।
  • अगर आपको इसे पीने के बाद त्वचा पर लाल चकत्ते खुजली या सांस लेने में हल्की सी भी तकलीफ महसूस हो रही हो।
  • जो महिलाएँ गर्भवती हैं और जिन्हें शुगर की शिकायत है उन्हें अपनी डाइट में कोई भी नई चीज़ जोड़ने से पहले अपने डॉक्टर को ज़रूर बताना चाहिए।

डायबिटीज़  में आधुनिक और आयुर्वेदिक नजरिए से आम पन्ना का महत्व

पहलू आधुनिक विज्ञान (एलोपैथी) आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
मुख्य नज़रिया कच्चे आम को फाइबर, विटामिन C और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। कच्चे आम का सेवन व्यक्ति की प्रकृति, मौसम और संतुलित मात्रा के अनुसार करने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य लाभ फाइबर और विटामिन C पाचन, प्रतिरक्षा और समग्र स्वास्थ्य को समर्थन देते हैं। गर्मियों में संतुलित मात्रा में सेवन करने पर शरीर को शीतलता और पाचन में सहायता मिलने की बात कही जाती है।
पाचन पर प्रभाव फाइबर पाचन को बेहतर बनाने और भोजन के बाद ग्लूकोज़ के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। जीरा, काला नमक और अन्य पारंपरिक मसालों के साथ सेवन को पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है।
मधुमेह में सावधानी मधुमेह के रोगियों को मात्रा नियंत्रित रखते हुए और बिना अतिरिक्त चीनी मिलाए सेवन करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद भी व्यक्ति की प्रकृति और स्वास्थ्य के अनुसार सीमित मात्रा में सेवन पर ज़ोर देता है।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण संतुलित आहार और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है। मौसमी, ताज़े और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के नियमित व संतुलित सेवन पर विशेष बल दिया जाता है।

निष्कर्ष

हमारी इस पूरी चर्चा का निचोड़ यही निकलता है कि डायबिटीज़  के मरीज़ों को गर्मियों के मौसम में अपनी मनपसंद चीज़ों से पूरी तरह मुँह मोड़ने की कोई ज़रूरत नहीं है। कच्चे आम का यह लाजवाब और ठंडा शरबत आपके लिए बिल्कुल सुरक्षित है बशर्ते आप इसे बनाने के तरीके में थोड़ा सा बदलाव कर लें। सफेद चीनी गुड़ या किसी भी तरह के मीठे से खुद को पूरी तरह दूर रखें। इसकी जगह प्राकृतिक मसालों जैसे जीरा काला नमक और ताज़े पुदीने का इस्तेमाल करें। यह न सिर्फ आपको गर्मियों की चिलचिलाती धूप और खतरनाक लू से बचाएगा बल्कि आपके पाचन और शरीर की ताकत को भी बढ़ाएगा। बस इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आप इसे कितनी मात्रा में पी रहे हैं। अगर आपके शरीर में कोई भी अटपटी सी दिक्कत महसूस हो तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने में बिल्कुल भी संकोच न करें। सही जानकारी के साथ आप गर्मियों का पूरा आनंद ले सकते हैं।

References

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/diabetes

https://www.who.int/india/diabetes

https://www.healthline.com/health/diabetes

https://www.healthline.com/health/type-2-diabetes

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

बिल्कुल नहीं बाज़ार वाले डिब्बाबंद पन्ना में भारी मात्रा में चीनी और केमिकल होते हैं जो आपका शुगर लेवल तेज़ी से बढ़ा सकते हैं।

गुड़ भी चीनी की तरह ही खून में शुगर लेवल को बढ़ाता है इसलिए डायबिटीज़  में इसका इस्तेमाल भी बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

अगर आपको मीठा पसंद है तो आप अपने डॉक्टर की सलाह लेकर बहुत ही सीमित मात्रा में स्टीविया के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

शुगर के मरीज़ों के लिए एक दिन में एक छोटा गिलास पन्ना पीना ही पर्याप्त और पूरी तरह सुरक्षित होता है।

रात के समय खट्टी और ठंडी चीज़ें पीने से गला खराब हो सकता है और पेट में एसिडिटी भी बढ़ सकती है इसलिए रात में इसे पीने से बचें।

नहीं कच्चे आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है इसलिए सीमित मात्रा में इसे खाने से शुगर लेवल नहीं बढ़ता है।

सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच का समय या तेज़ धूप से घर लौटने के कुछ देर बाद इसे पीना सबसे अच्छा रहता है।

हाँ वे इसे पी सकते हैं लेकिन उन्हें इसमें नमक की मात्रा बहुत कम रखनी चाहिए क्योंकि ज़्यादा नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।

अगर इसे बिना चीनी के बनाया जाए तो इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखता है जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

हाँ गर्मियों में पसीने से निकले नमक और पानी की कमी को पूरा करके यह तुरंत शरीर में ताज़गी और नई ऊर्जा देता है।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us