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उमस में रात की नींद बार-बार क्यों टूट सकती है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

गर्मिओ में या बरसात के मौसम में लोगो को एक बोहोत अजीब अहसास होता है  जब रात में सोने क लिए वह बिस्तर पर जाने के बाद नींद में रहते हैं तो कुछ घंटे बाद आंख खुलने लगती हैं कभी शरीर चिपचिपा महसूस होता है कभी प्यास लगने लगती है कभी कबार किसी स्पष्ट कारण से बेचैनी भी होती है इसका एक बड़ा कारण उमस यानी हवा में नमी का अधिक होना भी हो सकता है जब तापमान के साथ humidity भी बढ़ जाती है और शरीर के लिए अपनी गर्मी बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है इसका सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ सकता है अर्थात sleep quality पर पड़ सकता है|

उमस और नींद का क्या संबंध है

सोने के समय शरीर का तापमान स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम होता है यह बदलाव शरीर को गहरी नींद में ले जाने में मदद करता है ,लेकिन वातावरण में बहुत गर्मी और नमी हो तो शरीर को ठंडा होने परेशान होती है सामान्य कंडीशन में पसीना त्वचा से निकलकर शरीर को ठंडा करता है लेकिन हवा में पहले ही नमी अधिक हो तो पसीना आसानी से evaporate नहीं होता नतीजा यह होता है कि शरीर गर्म और चिपचिपा महसूस होने लगता है यही बेचैनी नींद को बार-बार हल्का करती है

रात को बार-बार आंख खुलने की वजह क्या हो सकती है

वैसे तो काफी कारण है जिनसे आपकी रात को आंख खुल सकती है लेकिन कुछ कारन इस प्रकार है

शरीर का तापमान कम नहीं हो पता

अच्छी नींद के लिए शरीर का तापमान धीरे-धीरे कम होना जरूरी है लेकिन उमस भरे कमरे में शरीर को गर्मी निकालने का कोई तरीका नहीं मिलता|

ज्यादा पसीना और चिपचिपाहट होना

पसीना आने के बावजूद राहत नहीं मिलती शरीर कपड़े या चादर से चिपकने लगता हैं और करवट बदलने में भी आराम नहीं मिलता |

प्यास और हल्का डिहाइड्रेशन होना

हमारे शरीर में डिहाइड्रेशन होने के बाद हमारा मन स्थिर नहीं रहता एवं हमें घबराहट महसूस होने लगती है जिसकी वजह से हमारा शरीर और बेचैन हो उठता है|

कमरा बंद होने पर घुटन जैसा महसूस होना 

अगर कमरे का वेंटिलेशन कम है और हवा का प्रभाव कमरे में कम है,तो हवा का सरकुलेशन कम होने पर कमरा भारी और uncomfortable हो सकता है ऐसे माहौल में सोना मुश्किल हो सकता है खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें गर्मी में नींद आने में दिक्कत होती है |

क्या इससे आपको सुबह थकान महसूस हो सकती है

जी, हां बिल्कुल ऐसा हो सकता है अगर आप रात को सही से ना सोए तो सुबह आपको उठने में दिक्कत आ सकती हैं ,इसी के साथ-साथ जब आपकी नींद बार-बार टूटती है तो आपको क्वालिटी स्लिप मिल नहीं पाती जिसकी वजह से आपको और थकान महसूस हो सकती है सारा दिन, यह बात भी हो सकती है कि आपका शरीर थकान को महसूस करें क्योंकि आपको सही हाइड्रेशन और क्वालिटी स्लिप नहीं मिली हो ,क्योंकि जब हम अपनी थकान को अच्छे से रिकवर नहीं कर पाते हैं तो हम सारा दिन थका थका महसूस करते हैं ,इसी के साथ-साथ और कारण यह भी हो सकते हैं कि आप शरीर से ढीला ढीला महसूस कर रहे हैं और मन में घबराहट है ,बेचैनी है ,और ऐसे लग रहा है कि शरीर में बिल्कुल पानी की कमी हो गई है और इसी के साथ-साथ नींद न लेने से सर में भारीपन होना ,सिर दर्द रहना ,चक्कर आना |

अगर यह परेशानी ठीक ना हो तो आपको क्या हो सकता है 

अगर यह परेशानी ठीक ना हो तो आपको यह संकेत दिखाई दे सकते 

  • तनाव और चिंता
  • insomia
  • पाचन की समस्या 
  • Brain fog
  • क्रोनिक डिहाइड्रेशन 
  • व्याकुलता बढ़ना
  • डिप्रेशन
  • ताकत न रहना 

कुछ बातें जो आपकी मदद कर सकती है 

हाइड्रेशन

ध्यान दे की आपका शरीर में पानी की कमी न हो ,सरे दिन थोड़ा थोड़ा पानी अपनी क्षमता के अनुसार पिए , जिससे आपका पसीना आये भी तो शरीर में पानी की कमी न हो

ठंडी तासीर ले

इसका मतलब यह है की ऐसा भोजन करे जिसकी तासीर ठंडी हो , जैसे की छाछ , लस्सी, सादा खाना जैसे दाल ,हरी सब्जिया , दलिया , दही , सौफ ,खीरा , तरबूज , आनर , संतरा , तोरई ,लोकि आदि |जिससे आपका पित्त न भड़के और आपका पाचन और शरीर प ज्यादा जोर न पड़े  |

सोते समय कमरे में हवा का वेंटिलेशन

अपनी कमरे को बंद करके न सोये अगर आप AC यूज़  करते है तोह बंद कर सकते है जिससे ठंडक का एहसास बढ़े  ,लेकिन अगर आप कूलर का इस्तेमाल करते है , तोह आपको ध्यान रखना है की कूलर से हुमस और भी बढ़ सकती है इसलिए ध्यान दे की हवा निकलने की जगह या खुली हवा के लिए कमरा बंद न करे

ढीले कपड़े पहने

सोते समय ऐसे कपड़े न पहने जिसमे आपको ghutan हो ऐसा करने से आपको गर्मी और ghutan का एहसास और भी ज्यादा हो सकता है इसलिए ढीले और ऐसे कपड़े पहने जो हवा का प्रवाह बनाये रखे |

निष्कर्ष 

ऐसा होना किसी बड़ी बीमारी का लक्षण नहीं है , लेकिन लम्बे समय तक ऐसा होना आपके लिए बोहोत बेकार साबित हो सकता है , दी गयी जानकारी से अगर यह लक्षण कम न हो तो ,फिर किसी अच्छे चिकित्सक को दिखाएँ , और अपनी बीमारी का  उपचार कराये और  कारण जान ने की कोशिश करे की आपको हो क्या रहा है अपनी लक्षणों को नोट करे ताकि आपको एक बेहतर इलाज मिल सके , बार बार नींद खुलना अच्छा संकेत नहीं है यह आपके जीवनशैली को प्रभाभित कर सकता है इसलिए परेशान न हो आज नजदीकी डॉक्टर से सलाह ले | 

References

Effects of thermal environment on sleep and circadian rhythm - PMC

Impact of middle-of-the-night awakenings on health status, activity impairment, and costs - PMC

Why Do I Keep Waking Up at 3 a.m.? Causes and Treatment

Insomnia - NHS

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

तापमान के साथ हवा में नमी बढ़ जाए तो शरीर को ठंडा होने में दिक्कत होती है, यह sleep quality घटाती है और awakenings बढ़ाती है।

सुकून भरी नींद के लिए तापमान का धीरे-धीरे कम होना जरूरी है; उमस में यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है, पसीना और चिपचिपाहट बढ़ती है, प्यास लग सकती है आदि।

हाँ; अगर पसीना आता है पर हवा में नमी अधिक हो तो पसीना जल्दी evaporate नहीं होता, जिससे शरीर चिपचिपा होकर बेचैन हो सकता है।

हल्का डिहाइड्रेशन भी बेचैनी बढ़ा देता है, जो नींद के interruptions बढ़ा सकता है और मानसिक स्थिरता घटा सकता है।

हवा का सर्कुलेशन घटता है, कमरा भारी और असहज लगता है इससे सोना और भी कठिन हो सकता है।

हाँ, बार-बार नींद टूटना sleep deprivation बनाकर सुबह थकान बढ़ा सकता है, दिनभर lethargy और concentration घट सकते हैं।

पसीना, चिपचिपाहट, कठिन करवट, प्यास, बदहज़ालि, हल्का सिरदर्द, चक्कर आदि।

हाँ तनाव और चिंता insomnia को बढ़ाते हैं, especially अगर रात भर बार-बार जागना हो।

पर्याप्त hydration रखें, ठंडी तासीर  वाले खाद्य पदार्थ लें (छाछ, दही, तरबूज आदि), हल्के कपड़े पहनें, कमरे में air flow बनाए रखें, और अगर AC हो तो सही तरीके से चलाएं।

कूलर से humidity बढ़ सकती है; कमरे में हवा के लिए खुली जगह बनाए रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।

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