पीरियड्स के दौरान IBS के लक्षण कुछ लोगों में क्यों बढ़ सकते हैं?

Information By Dr. Kuldeep Solanki     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

पीरियड्स आने से दो-तीन दिन पहले ही पेट फूलने लगता है। कभी कब्ज परेशान करती है, तो कभी अचानक बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। ऊपर से पेट के निचले हिस्से में ऐंठन और कमर दर्द।

अगर आपको पहले से IBS (Irritable Bowel Syndrome) है, तो शायद आपने भी महसूस किया होगा कि महीने के कुछ दिनों में पेट की परेशानी संभालना ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

लेकिन क्या पीरियड्स सचमुच IBS के लक्षण बढ़ा सकते हैं? या यह सामान्य पीरियड क्रैम्प्स और पाचन से जुड़ी परेशानी का असर है?

मेडिकल रिसर्च बताती है कि कुछ महिलाओं में मासिक धर्म के आसपास IBS के लक्षण ज्यादा महसूस हो सकते हैं। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव, आंतों की संवेदनशीलता और Prostaglandins जैसे रसायनों की भूमिका हो सकती है।

पीरियड्स और IBS का आपस में क्या संबंध है?

IBS आंत और मस्तिष्क के बीच होने वाले संकेतों से जुड़ी एक लंबे समय तक रहने वाली समस्या है। इसमें बार-बार पेट दर्द के साथ मल त्याग की आदतों में बदलाव हो सकता है।

कुछ लोगों को दस्त अधिक होते हैं, कुछ को कब्ज रहती है और कुछ में दोनों परेशानियां बारी-बारी से होती हैं।

पीरियड्स के दौरान भी शरीर में कई बदलाव होते हैं। Estrogen और Progesterone जैसे हार्मोन का स्तर पूरे menstrual cycle में बदलता रहता है।

ये बदलाव आंतों की गतिविधि और दर्द महसूस करने की संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

NIDDK के अनुसार, IBS वाली महिलाओं में मासिक धर्म के दिनों में लक्षण अधिक महसूस होते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला को पीरियड्स के दौरान IBS flare-up होगा।

किसी को पीरियड्स शुरू होने से पहले ज्यादा परेशानी होती है, किसी को पहले दो दिनों में, जबकि कुछ महिलाओं को पूरे महीने लक्षण लगभग एक जैसे रहते हैं।

रिसर्च में क्या सामने आया? लगभग आधी महिलाओं में लक्षण बढ़ने की बात

पीरियड्स और IBS के संबंध पर वैज्ञानिक अध्ययन कई वर्षों से किए जा रहे हैं।

1998 में प्रकाशित एक systematic review में पाया गया कि IBS वाली लगभग 50% महिलाओं ने मासिक धर्म के आसपास पेट और आंतों से जुड़े लक्षणों के बढ़ने की शिकायत की थी।

यह आंकड़ा अलग-अलग पुराने अध्ययनों की समीक्षा पर आधारित है। इसे आज की सभी महिलाओं या भारतीय आबादी पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

2015 में प्रकाशित एक अन्य वैज्ञानिक समीक्षा में बताया गया कि IBS वाली महिलाओं को पीरियड्स के समय पेट दर्द, पेट फूलना और दस्त जैसे लक्षण अधिक परेशान कर सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने इसके संभावित कारणों में हार्मोन के स्तर में बदलाव, आंतों की संवेदनशीलता और Prostaglandins की भूमिका पर चर्चा की।

लेकिन यहां एक जरूरी फर्क समझना चाहिए।

पीरियड्स के दौरान IBS के लक्षण बढ़ना और IBS की बीमारी स्थायी रूप से गंभीर हो जाना, दोनों एक जैसी बातें नहीं हैं।

कुछ महिलाओं में ये लक्षण मासिक धर्म समाप्त होने के बाद फिर सामान्य स्तर पर लौट सकते हैं।

पीरियड्स शुरू होते ही बार-बार टॉयलेट क्यों जाना पड़ता है?

कई महिलाओं को पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन अचानक दस्त या बार-बार मल त्याग की शिकायत होती है।

इसके पीछे एक संभावित कारण Prostaglandins हैं।

ये शरीर में बनने वाले रसायन हैं, जो मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय के सिकुड़ने में मदद करते हैं। लेकिन ये आंतों की गतिविधि को भी प्रभावित कर सकते हैं।

इसीलिए कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन के साथ मल त्याग की जरूरत ज्यादा महसूस हो सकती है।

अगर किसी महिला को पहले से IBS-D यानी दस्त प्रधान IBS है, तो यह बदलाव उसके लिए और ज्यादा असुविधाजनक हो सकता है।

मान लीजिए, आप सुबह ऑफिस के लिए निकल रही हैं और पीरियड्स का पहला दिन है। रास्ते में अचानक पेट में मरोड़ शुरू हो जाती है और तुरंत टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है।

ऐसी परेशानी सिर्फ शारीरिक असुविधा नहीं, बल्कि सफर और काम को लेकर तनाव भी बढ़ा सकती है।

हालांकि, बार-बार दस्त होने का कारण हमेशा IBS या पीरियड्स नहीं होता। संक्रमण और दूसरी बीमारियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।

कुछ महिलाओं को दस्त नहीं, बल्कि कब्ज क्यों होती है?

यह सवाल Reddit के IBS forums में भी अक्सर सामने आता है।

एक discussion में कुछ महिलाओं ने बताया कि पीरियड्स आने से लगभग एक सप्ताह पहले उनकी कब्ज बढ़ जाती है। वहीं दूसरी महिलाओं ने पीरियड्स शुरू होते ही दस्त बढ़ने का अनुभव साझा किया।

एक अन्य उपयोगकर्ता ने बताया कि उसे पूरे महीने कब्ज रहती थी, लेकिन पीरियड्स के शुरुआती दिनों में मल त्याग पहले से आसान हो जाता था।

ये अनुभव अलग-अलग हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण बात समझाते हैं: हर महिला की आंतें हार्मोनल बदलावों पर एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं देतीं।

Progesterone सहित कुछ हार्मोनल बदलावों का संबंध आंतों की गति से हो सकता है।

इसलिए कुछ महिलाओं में पीरियड्स से पहले कब्ज और पेट फूलना बढ़ सकता है, जबकि मासिक धर्म शुरू होने पर मल त्याग की आदत बदल सकती है।

केवल कब्ज या दस्त के आधार पर हार्मोन की गड़बड़ी का निदान नहीं किया जा सकता।

अगर आपके लक्षण हर महीने एक खास समय पर बढ़ते हैं, तो उनका रिकॉर्ड रखना ज्यादा उपयोगी होगा।

IBS का दर्द है या Endometriosis? इस अंतर को नजरअंदाज न करें

पीरियड्स के दौरान पेट दर्द होने पर बहुत से लोग उसे सामान्य menstrual cramps समझ लेते हैं।

लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है या हर महीने बढ़ता जा रहा है, तो इसकी दूसरी वजह भी हो सकती है।

Endometriosis एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसे ऊतक शरीर के दूसरे हिस्सों में विकसित होते हैं।

इसमें पीरियड्स के दौरान तेज दर्द, शौच करते समय दर्द, पेट के निचले हिस्से में परेशानी और कभी-कभी आंतों से जुड़े लक्षण हो सकते हैं।

NHS और American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) के अनुसार, Endometriosis और IBS के कुछ लक्षण एक-दूसरे से मिल सकते हैं।

खासतौर पर इन स्थितियों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ से जांच कराएं:

  • पीरियड्स का दर्द इतना तेज हो कि काम या रोजमर्रा की गतिविधियां रुक जाएं।
  • शौच करते समय गहरा दर्द महसूस हो, खासकर पीरियड्स के दौरान।
  • पीरियड्स का दर्द हर महीने बढ़ता जा रहा हो।
  • संबंध बनाने के दौरान या बाद में दर्द होता हो।
  • पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहता हो।

जरूरी बात: हर गंभीर पीरियड क्रैम्प Endometriosis नहीं होता, लेकिन ऐसे लक्षणों को केवल IBS समझकर नजरअंदाज करना भी सही नहीं है।

कुछ महिलाओं में IBS और Endometriosis दोनों समस्याएं एक साथ भी हो सकती हैं।

पीरियड्स के दिनों में IBS को कैसे संभालें?

अगर आपको पता है कि महीने के कुछ दिनों में IBS के लक्षण बढ़ते हैं, तो अपनी दिनचर्या में कुछ व्यावहारिक बदलाव मदद कर सकते हैं।

  • अपने पीरियड्स और IBS के लक्षण साथ में ट्रैक करें

मोबाइल कैलेंडर या डायरी में पीरियड्स की तारीख के साथ पेट दर्द, दस्त, कब्ज और पेट फूलने की शिकायत लिखें।

यह भी देखें कि लक्षण पीरियड्स से कितने दिन पहले शुरू होते हैं और कब कम होते हैं।

लगातार दो-तीन menstrual cycles का रिकॉर्ड डॉक्टर को आपकी परेशानी समझने में मदद कर सकता है।

  • खाने की मात्रा और अपने triggers पर ध्यान दें

पीरियड्स के दौरान IBS बढ़ता है, तो अचानक पूरी diet बदलने की जरूरत नहीं है।

अगर चाय, बहुत ज्यादा कैफीन, दूध या किसी खास भोजन से आपको पहले से परेशानी होती है, तो उन दिनों उसकी मात्रा पर ध्यान दें।

IBS में कुछ लोगों को Soluble Fiber या विशेषज्ञ की सलाह से Low-FODMAP diet से लाभ मिल सकता है। लेकिन सभी के लिए एक ही आहार सही नहीं होता।

  • गर्म सिकाई से ऐंठन में आराम मिल सकता है

पेट के निचले हिस्से में हल्की गर्म सिकाई से पीरियड क्रैम्प्स में राहत मिल सकती है।

हालांकि, यह IBS का इलाज नहीं है। गर्म पानी की बोतल या heating pad को सीधे त्वचा पर न रखें।

  • दवाएं अपनी तरफ से न बदलें

कभी कब्ज और कभी दस्त होने पर बार-बार laxative या दस्त रोकने की दवा लेना परेशानी बढ़ा सकता है।

अगर आपको IBS और पीरियड्स के दौरान अलग-अलग दवाओं की जरूरत पड़ती है, तो डॉक्टर से व्यक्तिगत treatment plan बनवाएं।

किन लक्षणों को केवल पीरियड्स या IBS नहीं समझना चाहिए?

मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द और मल त्याग में बदलाव हो सकते हैं, लेकिन हर नई परेशानी को सामान्य मानना सही नहीं है।

अगर मल में खून दिखाई दे, बिना कोशिश के वजन कम हो, लगातार बुखार या उल्टी हो या पेट में असामान्य रूप से तेज दर्द हो, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

ध्यान रखें कि पीरियड्स के दौरान दिखाई देने वाला योनि से रक्तस्राव और मल में आने वाला खून अलग बातें हैं।

अगर यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि खून कहां से आ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

अचानक असहनीय पेट या पेल्विक दर्द, बेहोशी या गंभीर कमजोरी की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

पीरियड्स के दौरान IBS बार-बार परेशान करता है? Jiva Ayurveda से सलाह लें

अगर हर महीने पीरियड्स के आसपास पेट दर्द, गैस, कब्ज या बार-बार दस्त की परेशानी बढ़ जाती है, तो केवल उन दिनों दवा लेकर काम चलाने के बजाय अपने लक्षणों का पैटर्न समझना जरूरी है।

Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपनी पाचन संबंधी परेशानी, खानपान और दैनिक आदतों को लेकर परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत आहार, जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन और उपयुक्त आयुर्वेदिक देखभाल के विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं। यदि पीरियड्स के दौरान गंभीर पेल्विक दर्द या Endometriosis जैसे लक्षण हों, तो स्त्रीरोग विशेषज्ञ से जांच भी जरूरी है।

अगर IBS के लक्षण हर महीने आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श के लिए फॉर्म भरें और और अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे हमारे नंबर +919266714040 पर। 

पीरियड्स के दौरान पेट की परेशानी बढ़ना कुछ महिलाओं में एक वास्तविक अनुभव है। लेकिन हर बार उसे सामान्य हार्मोनल बदलाव मान लेना सही नहीं है। अपने लक्षणों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर सही चिकित्सकीय सलाह लें।

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। IBS, पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं और Endometriosis के लक्षण मिलते-जुलते हो सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं या आयुर्वेदिक औषधियां शुरू न करें।

Medical Sources & Research References

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Content Reference: IBS में पेट दर्द, दस्त, कब्ज, पेट फूलना और महिलाओं में पीरियड्स के दौरान लक्षणों के बढ़ने की संभावना।

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Source: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/9883927/

Content Reference: पुराने अध्ययनों की समीक्षा में लगभग आधी IBS वाली महिलाओं ने मासिक धर्म के आसपास लक्षणों के बढ़ने की शिकायत की थी। यह सभी महिलाओं पर लागू होने वाला निश्चित अनुमान नहीं है।

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Source: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25788484/

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Content Reference: Endometriosis में गंभीर पीरियड दर्द, शौच के दौरान दर्द और IBS से मिलते-जुलते लक्षण। चिकित्सकीय जांच की जरूरत।

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Content Reference: IBS में Soluble Fiber, Low-FODMAP diet, व्यक्तिगत food triggers और विशेषज्ञ के मार्गदर्शन की भूमिका।

Patient Forum Research

  1. Reddit: r/ibs

Discussion: This One is for the Women: Does Your IBS Flare Up Get Worse Before/During Your Menstrual?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/1itsixg/

Content Reference: पीरियड्स से पहले कब्ज, पीरियड्स के दौरान दस्त और पेट में ऐंठन बढ़ने के व्यक्तिगत अनुभव।

  1. Reddit: r/ibs

Discussion: Anyone's IBS Gets Worse During Their Periods?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/11l45l0/

Content Reference: पीरियड्स से पहले bloating, कब्ज और पीरियड्स शुरू होने पर मल त्याग की आदतों में बदलाव की वास्तविक चिंताएं।

  1. Reddit: r/ibs

Discussion: Advice for IBS + Menstrual Cycles?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/192ykhz/

Content Reference: पीरियड्स के दौरान कभी कब्ज और कभी दस्त होने, सही दवा चुनने की उलझन तथा लक्षणों के कारण दैनिक जीवन प्रभावित होने के अनुभव।

  1. Reddit: r/ibs

Discussion: Period and IBS?

Source: https://www.reddit.com/r/ibs/comments/1wtkswq/

Content Reference: पीरियड्स के शुरुआती दिनों में अचानक दस्त, बार-बार टॉयलेट जाने की परेशानी और Endometriosis के साथ मिलते-जुलते लक्षणों की चर्चा।

Research Note: Reddit पर साझा किए गए अनुभव केवल मरीजों की वास्तविक चिंताओं और सवालों को समझने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। इन्हें वैज्ञानिक प्रमाण, निदान या उपचार संबंधी सलाह का आधार नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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