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क्या Multivitamin Fatigue का Permanent Solution है?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

अक्सर जब हम दिन भर थका-थका और कमज़ोर महसूस करते हैं, तो सबसे आसान रास्ता एक मल्टीविटामिन (Multivitamin) की गोली खा लेना लगता है। विज्ञापन भी हमें यही बताते हैं कि बस एक गोली खाओ और दिन भर फुर्ती से दौड़ते रहो। शुरुआत में आपको कुछ दिन तक ताकत का एहसास भी होता है। लेकिन क्या यह सही और पक्का तरीका है? बिलकुल नहीं। ये गोलियाँ कुछ समय के लिए शरीर को नकली ऊर्जा दे सकती हैं, लेकिन वे समस्या की जड़ को खत्म नहीं करतीं। जब तक आप यह नहीं समझेंगे कि शरीर अंदर से क्यों टूट रहा है, तब तक कोई भी कृत्रिम डिब्बा स्थायी आराम नहीं दे सकता। लगातार थकान रहना कोई आम बात नहीं, बल्कि अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत है।

दिन भर शरीर में भारीपन और सुस्ती क्यों बनी रहती है?

थकान या फटीग (Fatigue) कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर का अलार्म है जो बताता है कि अंदर कुछ खराब है। इसके पीछे हमारी आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, खराब आदतें और मानसिक दबाव मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं। जब हम जंक फूड खाते हैं और रात में सही नींद नहीं लेते, तो शरीर की बैटरी रीचार्ज नहीं हो पाती। इसके अलावा, घंटों कंप्यूटर के सामने बैठे रहना और शारीरिक मेहनत न करना शरीर को पूरी तरह सुस्त बना देता है। शरीर को चलाने वाली असली ऊर्जा कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे प्लास्टिक के डिब्बे से निकालकर खाया जा सके; यह तो सही खानपान, आराम और सहज प्रक्रिया का नतीजा है।

क्या हर तरह की कमज़ोरी की वजह सिर्फ विटामिन की कमी है?

जी नहीं, थकान का अनुभव हर व्यक्ति के लिए और हर समय एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को भारी शारीरिक मेहनत करने के बाद थकान होती है, जो थोड़ा आराम करने या सोने से ठीक हो जाती है। वहीं, कुछ लोगों को मानसिक थकान होती है उनका दिमाग भारी रहता है और किसी काम में मन नहीं लगता, भले ही वे पूरे दिन कुर्सी पर बैठे रहे हों। तीसरी स्थिति वह होती है जिसमें इंसान सोकर उठने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है और कोई भी मल्टीविटामिन संतुष्टि नहीं देता। इसलिए अपनी परेशानी के सही पैटर्न को पहचानना सबसे ज़रूरी कदम है।

तनाव और दिमागी उलझनें शरीर की ताकत कैसे सोख लेती हैं?

तनाव और चिंता सिर्फ आपकी नींद नहीं चुराते, बल्कि ये आपके शरीर की सारी ऊर्जा को चुपचाप सोख लेते हैं। घबराहट में शरीर में ये बदलाव आते हैं:

  • फाइट और फ्लाइट मोड: तनाव में शरीर लगातार लड़ो या भागो की स्थिति में रहता है, जिससे ऊर्जा तेज़ी से खर्च होती है।
  • कॉर्टिसोल का बढ़ना: स्ट्रेस हार्मोन 'कॉर्टिसोल' शरीर को अंदर से पूरी तरह थका देता है।
  • मांसपेशियों में खिंचाव: घबराहट में शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होता है और वे हमेशा खिंची रहती हैं।
  • दिमाग की थकावट: लगातार सोचने में दिमाग इतनी ऊर्जा लगा देता है कि शरीर सुस्त पड़ जाता है।
  • उथली साँसें: घबराहट में साँसें छोटी हो जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

क्या आपकी लगातार थकान किसी बड़ी बीमारी की घंटी है?

लगातार थकान रहना सिर्फ काम का बोझ नहीं है; यह अंदर पल रही किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकता है:

  • डायबिटीज (शुगर): बहुत ज़्यादा थकान और बार-बार यूरिन आना ब्लड शुगर बढ़ने का शुरुआती लक्षण है।
  • थायराइड की समस्या: थायराइड हार्मोन की कमी से मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, जिससे हमेशा सुस्ती रहती है।
  • एनीमिया (खून की कमी): शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर कोशिकाओं तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जिससे कमज़ोरी आती है।
  • ऑटोइम्यून बीमारियाँ: शरीर का इम्यून सिस्टम जब खुद पर हमला करता है, तो भयंकर थकान होती है।
  • कमज़ोर लिवर: लिवर सही से टॉक्सिन्स बाहर न निकाले, तो शरीर हमेशा थका-थका रहता है।

आयुर्वेद के अनुसार शरीर की ऊर्जा (ओजस) खत्म होने के असली कारण क्या हैं?

आयुर्वेद के अनुसार, लगातार बनी रहने वाली थकान को 'श्रम' या 'क्लैब्य' कहा जाता है। इसके मुख्य कारण ये हैं:

  • ओजस की कमी: जब शरीर की जीवन ऊर्जा (ओजस) कम हो जाती है, तो इंसान अंदर से कमज़ोर महसूस करता है।
  • वात दोष का बढ़ना: वात का स्वभाव चंचल और रूखा होता है। इसके बढ़ने से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं।
  • आम (टॉक्सिन्स) का जमाव: खराब पाचन से बना 'आम' पोषण ले जाने वाली नाड़ियों को ब्लॉक कर देता है।
  • विरुद्ध आहार: दूध के साथ खट्टी चीज़ें या गलत खानपान शरीर की पाचक अग्नि को बुझा देता है।

थकावट दूर कर असली ताकत देने वाली  चमत्कारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

शरीर को अंदर से फौलादी बनाने के लिए आयुर्वेद में 4 सबसे खास जड़ी-बूटियाँ ये हैं:

  • अश्वगंधा: यह तनाव को खत्म करने और नर्वस सिस्टम को मज़बूत बनाने की सबसे बेहतरीन और ताकतवर दवा है।
  • शतावरी: यह शरीर की अंदरूनी कमज़ोरी दूर करती है और खासकर महिलाओं के लिए ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत है।
  • शिलाजीत: इसे पहाड़ों का अमृत कहा जाता है। यह शरीर की एक-एक कोशिका को तुरंत ऊर्जा और प्राकृतिक मिनरल्स देता है।
  • ब्राह्मी: यह दिमाग की थकान को दूर करती है, एकाग्रता बढ़ाती है और मानसिक शांति देकर सुस्ती भगाती है।

आपकी रोज़मर्रा की कौन-सी गलत आदतें आपकी बैटरी डाउन कर रही हैं?

आपकी कुछ अनजाने में की गई आदतें आपके शरीर की ऊर्जा को सोख रही हैं:

  • घंटों बैठे रहना: कुर्सी पर लगातार बैठे रहने से खून का दौरा धीमा पड़ जाता है, जिससे सुस्ती आती है।
  • पानी कम पीना: शरीर में पानी की थोड़ी सी कमी (डिहाइड्रेशन) भी आपकी ऊर्जा को एकदम से गिरा देती है।
  • स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल: देर रात तक मोबाइल देखने से आँखें और दिमाग बुरी तरह थक जाते हैं।
  • धूप से बचना: एसी (AC) कमरों में रहने और धूप न लेने से विटामिन डी घटता है, जो थकान लाता है।
  • नींद की कमी: रात में 7-8 घंटे न सोने से शरीर खुद को रिपेयर नहीं कर पाता।

आपका गलत खानपान शरीर को ऊर्जा देने की बजाय कैसे थका रहा है?

आप अपनी प्लेट में जो रखते हैं, उसका सीधा असर आपकी फुर्ती पर पड़ता है:

  • कारण शरीर पर प्रभाव
    चीनी की अधिकता ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और गिरता है, जिससे थकान और नींद महसूस हो सकती है।
    जंक फूड और मैदा भारीपन बढ़ाते हैं और शरीर को सुस्त महसूस करा सकते हैं।
    अधिक कैफीन कुछ समय की ऊर्जा के बाद थकान और बेचैनी बढ़ सकती है।
    बासी भोजन पाचन पर नकारात्मक असर डाल सकता है और सुस्ती बढ़ा सकता है।
    असंतुलित आहार आवश्यक पोषक तत्वों की कमी से ऊर्जा स्तर घट सकता है।

क्या आपकी रोज़ खाने वाली दवाइयाँ तो आपको सुस्त नहीं बना रहीं?

कई बार आप अच्छी डाइट लेते हैं, फिर भी थके रहते हैं। इसका कारण आपकी दवाइयाँ हो सकती हैं:

  • ब्लड प्रेशर की दवाएँ: बीपी कम करने वाली दवाइयाँ अक्सर दिल की धड़कन धीमी कर इंसान को सुस्त बनाती हैं।
  • एलर्जी की दवाएँ: एंटीहिस्टामिन गोलियाँ शरीर में भारीपन और नींद का एहसास जगाती हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल की गोलियाँ: स्टैटिन (Statins) मांसपेशियों में दर्द और भयंकर थकान पैदा करती हैं।
  • डिप्रेशन की दवाएँ: ये सीधे नर्वस सिस्टम को शांत करती हैं, जिससे हमेशा नींद सी आती रहती है।
  • एसिडिटी की दवाएँ: इनका रोज़ इस्तेमाल पाचन बिगाड़कर शरीर को कमज़ोर कर देता है।

बिना किसी सप्लीमेंट या मल्टीविटामिन के शरीर में ताकत कैसे लाएँ?

अगर आप गोलियों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, तो अपनी रसोई और लाइफस्टाइल में ये बदलाव करें, इनसे आपको असली और नेचुरल एनर्जी मिलेगी:

  • ताज़े फल और मेवे: रोजाना सेब, केला और रात भर भीगे हुए बादाम खाएं। ये विटामिन और ताकत के असली खजाने हैं।
  • सुबह की धूप: कम से कम 20 मिनट के लिए गुनगुनी धूप में जरूर बैठें। यह शरीर को कुदरती तरीके से 'चार्ज' करने का सबसे बेहतरीन तरीका है।
  • थोड़ी देर प्राणायाम करें: रोज सुबह गहरी सांस लेने वाले आसन (जैसे अनुलोम-विलोम) करें। इससे शरीर के कोने-कोने में ऑक्सीजन पहुंचती है और आलस झट से गायब हो जाता है।
  • अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स): अपने खाने में अंकुरित अनाज जरूर शामिल करें। ये पचाने में बेहद आसान होते हैं और शरीर को भरपूर ताकत देते हैं।
  • नींबू-शहद का पानी: सुबह उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और शहद डालकर पिएं। इससे पेट अच्छे से साफ होता है और पूरे दिन शरीर में गजब की फुर्ती बनी रहती है।

शरीर को हमेशा चुस्त और फुर्तीला रखने के लिए रोज़ क्या करें? 

अपनी दिनचर्या में बस ये छोटे-छोटे बदलाव ले आएं, फिर थकान आपके आसपास भी नहीं फटकेगी:

  • सोने का समय: रोज सोने और उठने का एक पक्का समय बना लें। जब हमारे शरीर की अपनी घड़ी सेट हो जाती है, तो आधी से ज्यादा थकान तो वैसे ही खत्म हो जाती है।
  • थोड़ी कसरत जरूर करें: रोज कम से कम 30 मिनट टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। इससे शरीर की नसों में खून का बहाव बढ़िया रहता है और आप पूरे दिन एक्टिव महसूस करते हैं।
  • काम के बीच में थोड़ा रुकें: घंटों एक ही जगह बैठकर काम न करें। हर घंटे में एक बार अपनी जगह से उठकर थोड़ा टहल लें और आँखों को भी थोड़ा आराम दें।
  • रात का खाना हल्का रखें: रात को भारी खाना खाने से बचें। खाना जितना हल्का होगा, शरीर को उसे पचाने में उतनी कम मेहनत लगेगी और वह रात के समय खुद को अंदर से रिपेयर (ठीक) कर पाएगा।
  • थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं: दिन भर में पानी पीते रहें। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय, धीरे-धीरे घूँट-घूँट कर पानी पीना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। 

लगातार कमज़ोरी महसूस होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

घरेलू उपाय के बाद भी समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है:

  • रोज़ के काम न होना: जब थकान इतनी ज़्यादा हो कि आप अपना रोज़ का कोई भी साधारण काम न कर पाएँ।
  • वज़न का गिरना: अगर थकान के साथ-साथ अचानक बिना कुछ किए वज़न बहुत तेज़ी से कम होने लगे।
  • चक्कर और अंधेरा: जब खड़े होने पर अचानक आँखों के आगे अंधेरा छा जाए या भयंकर चक्कर आएँ।
  • साँस फूलना: थोड़ा सा चलने पर ही अगर साँस फूलने लगे या छाती में भारीपन महसूस हो।
  • नींद पूरी न लगना: 8 घंटे सोने के बाद भी अगर सुबह उठकर ऐसा लगे कि आप सोए ही नहीं थे।

शरीर की थकान मिटाने के लिए कुछ आसान आयुर्वेदिक तरीके

शरीर में जान और फुर्ती बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में बहुत ही काम के नुस्खे बताए गए हैं। सबसे असरदार तरीका है 'अभ्यंग', यानी तेल से मालिश। अगर आप रोज नहाने से पहले तिल या सरसों के तेल से अच्छी तरह मालिश करें, तो इससे शरीर की नसें खुलती हैं और खून का बहाव बेहतर होता है।

इसके साथ ही, रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में चुटकी भर हल्दी और एक चम्मच शुद्ध देसी घी डालकर पीना बहुत फायदेमंद होता है। सुबह उठकर तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से पेट की फालतू गर्मी शांत होती है और पेट अच्छे से साफ होता है। इसके अलावा, रोज एक चम्मच च्यवनप्राश खाने से शरीर अंदर से मजबूत बनता है, बीमारियां कम होती हैं और दिन भर की सुस्ती दूर रहती है।

आधुनिक और आयुर्वेदिक इलाज में क्या बड़ा फर्क है?

  • एलोपैथी शरीर को मशीन मानकर सिर्फ कम हुए विटामिन को सिंथेटिक गोलियों से भरने का काम करती है। ये मल्टीविटामिन आपको कुछ समय के लिए ताज़गी तो महसूस कराते हैं, पर जैसे ही आप इन्हें छोड़ते हैं, शरीर फिर थका हुआ महसूस करता है।
  • इसके विपरीत, आयुर्वेदिक उपचार जड़ पर काम करता है। यह दोषों को संतुलित करता है और पाचक अग्नि को ठीक करता है। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ सिर्फ ऊपरी कमज़ोरी नहीं मिटातीं, बल्कि वे शरीर के पाचन को इतना मज़बूत कर देती हैं कि शरीर रोज़ के खाने से ही खुद विटामिन बनाने लगता है।

निष्कर्ष

थकान असल में हमारे शरीर का एक तरीका है यह बताने का कि अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसे दूर करने के लिए सिर्फ मल्टीविटामिन की गोलियां खाते रहना या सिरप पीते रहना कोई पक्का इलाज नहीं है।अगर हम अपने डेली रूटीन में थोड़ा सुधार करें, सही खाना खाएं, टेंशन से दूर रहें और आयुर्वेद के आसान तरीके अपनाएं, तो थकान की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है।

बस इतना याद रखें कि हमारा शरीर कोई केमिकल का डब्बा नहीं है। इसके इशारों को समझें, इसे घर का बना शुद्ध खाना दें और फिर देखें कि कैसे आपके शरीर की फुर्ती वापस लौट आती है। 

References

https://ods.od.nih.gov/factsheets/MVMS-HealthProfessional/

https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC4921591/

https://www.houstonmethodist.org/blog/articles/2022/sep/do-multivitamins-actually-do-anything/

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

FAQs

सिर्फ गोलियों पर निर्भर रहना काफी नहीं है। बिना ज़रूरत इन्हें खाने से लिवर और किडनी पर बेवजह दबाव पड़ता है।

हाँ, पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) शरीर में सुस्ती, चक्कर और भयंकर सिरदर्द का सबसे आम कारण होती है।

बिल्कुल नहीं। यह भयंकर तनाव, खून की कमी या थायराइड की समस्या का एक साफ और शुरुआती संकेत हो सकता है।

रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर पीने से शरीर को ज़बरदस्त ताकत मिलती है।

बिल्कुल नहीं। इनमें मौजूद कैफीन कुछ देर तक जगाती है, पर बाद में शरीर का पानी सोखकर और भी ज़्यादा थका देती है।

चीनी खाने से अचानक एनर्जी आती है, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद ब्लड शुगर गिरने से सुस्ती और ज़्यादा बढ़ जाती है।

उम्र के साथ थोड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन सही खानपान और व्यायाम से बुढ़ापे में भी पूरी फुर्ती बनाए रखी जा सकती है।

हाँ, ताज़े फल, मेवे और हरी सब्ज़ियाँ शरीर को सजीव और प्राकृतिक विटामिन देते हैं, जो गोलियों से कहीं ज़्यादा बेहतर हैं।

हाँ, घबराहट दूर करने के लिए मेडिटेशन और प्राणायाम करने से दिमाग को शांति मिलती है और शरीर की थकान पूरी तरह मिटती है।

नहीं, शरीर में किस विटामिन की कमी है, यह ब्लड टेस्ट के बाद ही पता चलता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें।

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