बवासीर में सर्जरी ज़रूरी है या दवाओं से राहत मिल सकती है? विकल्प समझें

Information By Dr. Mukesh Sharma     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

बवासीर में दर्द और सूजन शुरू होते ही कई लोगों के मन में एक डर बैठ जाता है,कहीं ऑपरेशन तो नहीं करवाना पड़ेगा?

कोई कहता है कि दवाओं से मस्से ठीक हो जाएंगे, तो कोई सलाह देता है कि एक बार सर्जरी करवा लो, हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।

लेकिन दोनों ही बातें हर मरीज के लिए सही नहीं हैं।

कुछ लोगों को खानपान में बदलाव और दवाओं से काफी राहत मिल जाती है। कुछ को डॉक्टर के क्लिनिक में की जाने वाली छोटी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है। वहीं गंभीर या बार-बार परेशान करने वाली बवासीर में सर्जरी बेहतर विकल्प हो सकती है।

सही इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बवासीर किस प्रकार की है, उसके लक्षण कितने गंभीर हैं और पहले किए गए उपचार से कितना फायदा हुआ है।

दवाओं से बवासीर ठीक हो सकती है या सिर्फ दर्द कम होता है?

इस सवाल का जवाब समझने के लिए बवासीर के लक्षणों और उसकी वास्तविक स्थिति में फर्क करना जरूरी है।

बवासीर में गुदा के आसपास खुजली, सूजन, दर्द, रक्तस्राव या मस्से बाहर निकलने की परेशानी हो सकती है।

हल्की बवासीर में कब्ज कम करने, मल को नरम रखने और शौच के दौरान जोर लगाने से बचने जैसे बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार फाइबर सप्लीमेंट, स्टूल सॉफ्टनर या कुछ समय के लिए दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं भी सुझा सकते हैं।

लेकिन एक बात समझना जरूरी है।

दर्द या जलन कम होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि बाहर निकली बवासीर पूरी तरह खत्म हो गई है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को शौच के दौरान थोड़ा खून आता है और कब्ज रहती है, तो शुरुआती देखभाल से उसके लक्षणों में सुधार हो सकता है।

लेकिन अगर मस्से लगातार बाहर रहते हैं और वापस अंदर नहीं जाते, तो सिर्फ क्रीम या दवा पर्याप्त न हो।

बिना जांच के किसी भी दवा को बवासीर का स्थायी इलाज मानना सही नहीं है।

एक मेडिकल तथ्य: फाइबर से कितनी मदद मिल सकती है?

बवासीर के उपचार में फाइबर का महत्व केवल घरेलू सलाह तक सीमित नहीं है।

American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS) की 2024 clinical guidelines में शामिल सात randomized clinical trials के विश्लेषण में कुल 378 प्रतिभागियों का डेटा देखा गया।

इन अध्ययनों में फाइबर लेने वाले लोगों में बवासीर के लक्षण बने रहने का सापेक्ष जोखिम लगभग 53% कम पाया गया।

हालांकि, दर्द और खुजली जैसे हर लक्षण में समान लाभ नहीं मिला।

यह आंकड़ा बताता है कि कब्ज और मल त्याग की आदतों को सुधारना बवासीर के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। लेकिन इसे बवासीर के पूरी तरह ठीक होने की 53% या किसी अन्य निश्चित सफलता दर के रूप में नहीं समझना चाहिए।

भारतीय खानपान में फाइबर बढ़ाने के लिए दाल, हरी सब्जियां, फल, दलिया और साबुत अनाज शामिल किए जा सकते हैं।

पर्याप्त पानी पीना भी मददगार है, बशर्ते किसी अन्य बीमारी के कारण डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने को न कहा हो।

हर बवासीर में बड़ा ऑपरेशन नहीं होता, बीच के विकल्प भी हैं

बहुत से मरीज सोचते हैं कि अगर दवाओं से आराम नहीं मिला, तो अगला कदम सीधे सर्जरी ही होगा।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।

कुछ मरीजों के लिए डॉक्टर ऐसी प्रक्रियाएं सुझा सकते हैं जो क्लिनिक या outpatient setting में की जाती हैं।

Rubber Band Ligation

इस प्रक्रिया में डॉक्टर अंदरूनी बवासीर के आधार के आसपास एक विशेष रबर बैंड लगाते हैं। इससे प्रभावित ऊतक की रक्त आपूर्ति रुकती है और वह धीरे-धीरे सिकुड़कर अलग हो जाता है।

यह प्रक्रिया मुख्य रूप से कुछ प्रकार की अंदरूनी बवासीर में इस्तेमाल होती है।

Sclerotherapy

इसमें डॉक्टर अंदरूनी बवासीर में एक विशेष दवा का इंजेक्शन देते हैं, जिससे वहां scar tissue बनता है और बवासीर का ऊतक सिकुड़ सकता है।

Infrared Coagulation

इस प्रक्रिया में विशेष infrared उपकरण की मदद से नियंत्रित गर्मी दी जाती है, जिससे प्रभावित ऊतक में बदलाव होता है और बवासीर के लक्षण कम हो सकते हैं।

2024 की ASCRS guidelines के अनुसार, Grade 1 और Grade 2 के अधिकांश मरीजों तथा Grade 3 के कुछ चयनित मरीजों में, शुरुआती इलाज से पर्याप्त राहत न मिलने पर इन प्रक्रियाओं पर विचार किया जा सकता है।

इनके अपने लाभ, सीमाएं और संभावित जटिलताएं हैं। हर प्रक्रिया हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती।

ध्यान रखें: Rubber Band Ligation जैसी प्रक्रिया केवल प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा ही की जानी चाहिए। इसे घर पर करने की कोशिश कभी न करें।

किन परिस्थितियों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है?

मान लीजिए, किसी व्यक्ति को कई महीनों से बवासीर है। पहले केवल शौच के दौरान खून आता था, लेकिन अब मस्से बाहर रहने लगे हैं। बैठने, चलने और सफाई करने में भी परेशानी होती है।

ऐसी स्थिति में डॉक्टर बवासीर के प्रकार और गंभीरता की जांच करके सर्जरी के विकल्प पर चर्चा कर सकते हैं।

खासकर इन स्थितियों में सर्जरी पर विचार किया जा सकता है:

  • बड़ी बाहरी बवासीर से लगातार परेशानी होना।
  • Grade 3 या 4 की अंदरूनी बवासीर के साथ बाहरी बवासीर भी होना।
  • मस्सों का बार-बार या लगातार बाहर रहना।
  • उपयुक्त दवाओं और अन्य प्रक्रियाओं के बाद भी लक्षण बने रहना।
  • कुछ मामलों में बाहरी बवासीर के भीतर दर्दनाक खून का थक्का बनना।

एक प्रमुख सर्जिकल प्रक्रिया Hemorrhoidectomy है, जिसमें प्रभावित बवासीर के ऊतक को हटाया जाता है।

2024 की ASCRS guidelines में कुछ ऐसे मरीजों के लिए इस प्रक्रिया की सिफारिश की गई है जिनमें बाहरी बवासीर या Grade 3-4 की अंदरूनी और बाहरी बवासीर एक साथ मौजूद हों।

लेकिन सिर्फ Grade 3 होने का मतलब यह नहीं कि हर मरीज को ऑपरेशन करवाना ही पड़ेगा।

अंतिम निर्णय डॉक्टर की जांच, लक्षणों और मरीज की व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर होता है।

ऑपरेशन के दर्द से डर लगता है? मरीजों की यह चिंता भी समझें

इंटरनेट पर हेमरॉइड सर्जरी से जुड़े कई प्रकार के अनुभव मिलते हैं। रेडिट पर एक मरीज़ ने कहा है कि उसे सर्जरी को कुछ सालों तक टालना पड़ा क्योंकि उसे सर्जरी के बाद होने वाले दर्द के बारे में डरावनी कहानियाँ मिली थीं। लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसने सर्जरी करा ली और अपने व्यक्तिगत अनुभव के बारे में बताया कि कैसे उसे उसके लक्षणों से राहत मिली। अन्य मरीज़ों ने सर्जरी के बाद दर्द, आँतों की समस्या और दैनिक जीवन की रूटीन में वापस आने में आने वाली चुनौतियों की शिकायत की है।उपरोक्त अनुभवों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि किसी को सर्जरी कराने का फैसला दूसरों की कहानियों के आधार पर नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें दर्द और रक्तस्राव जैसी जटिलताओं का खतरा होता है।

सर्जरी की सलाह मिलने पर डॉक्टर से चार सवाल जरूर पूछें:

  • मेरे लिए सर्जरी क्यों जरूरी मानी जा रही है?
  • क्या कोई कम invasive विकल्प उपलब्ध है?
  • सर्जरी के बाद दर्द और रिकवरी कैसे हो सकते हैं?
  • अगर अभी सर्जरी न कराऊँ तो क्या जोखिम हैं?

इन सवालों के जवाब उपचार का फैसला समझदारी से लेने में मदद कर सकते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार लेना चाहते हैं तो किन बातों का ध्यान रखें?

आयुर्वेद में बवासीर को अर्श कहा जाता है। आयुर्वेदिक देखभाल में पाचन, कब्ज, भोजन और दिनचर्या से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण किया जा सकता है। रोगी आयुर्वेदी दवाओं की मदद से और अपने जीवनशैली के बारे में सलाह लेकर लक्षणों को नियंत्रित करने के तरीके तलाश करते हैं लेकिन यह कहना गलत होगा कि सभी आयुर्वेदी दवाएं हर चरण के हेमरॉइड्स का इलाज करेंगी और न ही यह कि वे सर्जरी की कोई भी ज़रूरत नहीं होगी। जो वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध हैं वे अलग-अलग आयुर्वेदी दवाओं की प्रभावकारिता और सुरक्षा के बारे में नहीं हैं। इसीलिए आयुर्वेदी उपचार शुरू करने से पहले एक उचित निदान और एक डॉक्टर से परामर्श करना ज़रूरी हो जाता है। लगातार रक्तस्राव, गंभीर दर्द और हेमरॉइड्स का बाहर निकलना परामर्श और उपचार को टालना खतरनाक बना देता है।

बार-बार बवासीर परेशान कर रही है? Jiva Ayurveda से सलाह लें

अगर आपने बवासीर के लिए दवाएं या घरेलू उपाय अपनाए हैं, लेकिन दर्द, सूजन, कब्ज या मस्से बाहर आने की परेशानी बार-बार लौटती है, तो केवल अस्थायी राहत पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता।

Jiva Ayurveda में आप योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श लेकर अपनी समस्या, पाचन, कब्ज, खानपान और दैनिक आदतों पर विस्तार से बात कर सकते हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार आयुर्वेदिक देखभाल, आवश्यक जीवनशैली बदलाव और उचित उपचार विकल्पों पर मार्गदर्शन दे सकते हैं। यदि जांच में गंभीर बवासीर या सर्जरी की जरूरत सामने आती है, तो उपयुक्त विशेषज्ञ से उपचार लेना महत्वपूर्ण है।

अगर आप भी समझना चाहते हैं कि आपकी बवासीर में दवाओं से राहत की संभावना है या किसी अन्य उपचार की जरूरत हो सकती है, तो Jiva Ayurveda के डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए फॉर्म भरें। बवासीर के लिए डॉक्टर से सलाह लें और अधिक जानकारी के लिए हमारे नंबर +919266714040 पर संपर्क करें।

बवासीर में सही सवाल केवल यह नहीं है कि ऑपरेशन करवाना चाहिए या नहीं। असली सवाल है,आपकी परेशानी किस प्रकार की है और उसके लिए कौन-सा उपचार सुरक्षित तथा उपयुक्त होगा?

चिकित्सकीय सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। मलद्वार से खून आने की वजह हमेशा बवासीर नहीं होती। तेज दर्द और अधिक रक्तस्राव, विशेषकर पेट दर्द, बुखार या चक्कर के साथ होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

Medical Sources & Research References

  1. American Society of Colon and Rectal Surgeons (ASCRS), Clinical Practice Guidelines, 2024

Research: Management of Hemorrhoids (2024)

Source: https://www.ascrsu.com/ascrs/view/ASCRS-Evidence-Based-Guidelines-and-Expert-Consensus/3982022/0/Management_of_Hemorrhoids__2024_

Content Reference: बवासीर के conservative treatment, फाइबर संबंधी clinical evidence, Rubber Band Ligation तथा Grade 3-4 के चयनित मरीजों में surgical hemorrhoidectomy की सिफारिशें।

Research Finding: सात clinical trials (378 प्रतिभागियों) में फाइबर लेने से persistent symptoms का relative risk लगभग 53% कम पाया गया। यह बवासीर पूरी तरह ठीक होने की सफलता दर नहीं है।

  1. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK), Treatment of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/treatment

Content Reference: घरेलू देखभाल, फाइबर सप्लीमेंट, स्टूल सॉफ्टनर, क्रीम, Sitz Bath, Rubber Band Ligation, Sclerotherapy, Infrared Coagulation और surgical treatment के विकल्प।

  1. NIDDK, Symptoms & Causes of Hemorrhoids

Source: https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/hemorrhoids/symptoms-causes

Content Reference: अंदरूनी और बाहरी बवासीर के लक्षण, कब्ज, मल त्याग के दौरान जोर लगाना और रक्तस्राव संबंधी चेतावनियां।

  1. ASCRS, Hemorrhoids Guideline Summary (Guideline Central)

Source: https://www.guidelinecentral.com/guideline/9150/

Content Reference: Grade 1-2 तथा चयनित Grade 3 के लिए office-based treatment और उपयुक्त Grade 3-4 के मामलों में सर्जरी के चिकित्सकीय निर्णय।

Patient Forum Research

  1. Reddit, r/hemorrhoid

Discussion: Hemorrhoidectomy Recovery - My Full Experience (Now Week 7 Post-Op)

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1rr64ns/hemorrhoidectomy_recovery_my_full_experience_now/

Content Reference: लंबे समय तक बवासीर की सर्जरी टालने, ऑपरेशन के दर्द के डर और बाद में रिकवरी से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव।

  1. Reddit, r/hemorrhoid

Discussion: I am so scared for my hemorrhoid surgery, does anyone have any advice for me?

Source: https://www.reddit.com/r/hemorrhoid/comments/1dmg5va/i_am_so_scared_for_my_hemmoroid_surgery_does/

Content Reference: सर्जरी से पहले मरीजों की चिंता, दर्द का डर, उपचार का फैसला और रिकवरी को लेकर वास्तविक सवाल।

Research Note: Reddit पर साझा किए गए अनुभव व्यक्तिगत हैं। इन्हें किसी उपचार की प्रभावशीलता या सर्जरी की सफलता का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना गया है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Jiva Ayurveda doctor.

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